अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे सैकड़ों कर्मचारी, भरी हुंकार अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे सैकड़ों कर्मचारी, भारतीय मजदूर संघ और आंगनवाड़ी सहायिका संघ ने भरी हुंकार ठेका और संविदा श्रमिकों को स्थायी करने की मांग, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन शाजापुर। कर्मचारियों और श्रमिकों के हकों की अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को शाजापुर में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के देशव्यापी आह्वान पर आंगनवाड़ी सहायिका संघ और बीएमएस जिला शाखा शाजापुर के बैनर तले सैकड़ों ठेका, संविदा और नियमित कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज में हुंकार भरी। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने शहर में जोरदार नारेबाजी करते हुए एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां उपस्थित पदाधिकारियों ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के नाम तहसीलदार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें: श्रम कानूनों का सख्ती से पालन: सभी सेक्टरों और श्रमिकों के लिए श्रम कानूनों को बिना किसी छूट के, 'अंत्योदय' की सच्ची भावना के साथ तत्काल लागू किया जाए। लेबर कोड की खामियां दूर हों: नए लागू किए गए 'इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020' तथा 'ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020' में मौजूद उन बिंदुओं का समाधान किया जाए, जिनसे श्रमिकों में चिंता व्याप्त है। पेंशन में हो सम्मानजनक वृद्धि: EPS-95 के अंतर्गत मिलने वाली 1000 रुपए की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7500 रुपए प्रतिमाह किया जाए और इसे महंगाई भत्ते (DA) के साथ जोड़ा जाए। EPF और ESIC की सीमा बढ़े: EPF में अनिवार्य अंशदान के लिए वर्तमान वेतन सीमा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए की जाए। वहीं, ESIC कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 21,000 रुपए से बढ़ाकर 42,000 रुपए प्रति माह की जाए। ठेका और संविदा कर्मी हों पक्के: भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 की मूल भावना का सम्मान करते हुए, वर्षों से काम कर रहे स्कीम वर्कर, ठेका श्रमिकों और संविदा कर्मियों को स्थायी (नियमित) किया जाए। भर्ती से हटे अघोषित रोक: आम भर्ती (General Recruitment) पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए और युवाओं को बिना किसी असुरक्षा के गारंटीड रोजगार दिया जाए। बोनस सीमा में इजाफा: बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत बोनस की पात्रता के लिए कैलकुलेशन सीलिंग 7000 रुपए तथा एलिजिबिलिटी सीलिंग 21,000 रुपए प्रतिमाह में बढ़ोतरी की जाए। त्रिपक्षीय तंत्र हो मजबूत: इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को अविलंब बुलाया जाए और विभिन्न त्रिपक्षीय कमेटियों का पुनर्गठन कर उन्हें श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रभावी बनाया जाए। प्रदर्शन में इन संगठनों की रही मजबूत उपस्थिति इस जंगी प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी ताकत दिखाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री राजेन्द्र वर्मा (राहुल), पश्चिम क्षेत्र विद्युत कर्मचारी महासंघ के संगठन मंत्री अशोक राठौर, जगदीश मीणा, सियाराम पाटीदार, खेमचन्द्र शर्मा, पॉवर इंजीनियर एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश सिंह साहू मौजूद रहे। मातृशक्ति की ओर से आंगनवाड़ी सहायिका संघ, आंगनवाड़ी जिला अध्यक्ष श्रीमती कामिनी सिंह ठाकुर और आशा कार्यकर्ता श्रीमती रेखा मालवीय ने भी मोर्चा संभाला। इसके अलावा राज्य कर्मचारी जिला अध्यक्ष जय शर्मा व मोहन किचोलिया, जायसवाल जी, आउटसोर्स संगठन के जिला अध्यक्ष निर्भयसिंह कराड़ा, कृषिमंडी एवं तुलावटी संघ के पदाधिकारी, पर्यावरण मंच के जिला उपाध्यक्ष लाड़ सिंह गुर्जर, सेवानिवृत्त कर्मचारी हरिशचन्द्र ठोमरे, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, पन्नालाल राठौर, राकेश सौराष्ट्रीय, राजेन्द्र मालवीय, किर्त कुमार, हृदेश कपूर, मनीष शास्त्री सहित समस्त कर्मचारी संघों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुटता का संकल्प लिया। उक्त जानकारी भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री राजेन्द्र वर्मा (राहुल) ने दी।
अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे सैकड़ों कर्मचारी, भरी हुंकार अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे सैकड़ों कर्मचारी, भारतीय मजदूर संघ और आंगनवाड़ी सहायिका संघ ने भरी हुंकार ठेका और संविदा श्रमिकों को स्थायी करने की मांग, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन शाजापुर। कर्मचारियों और श्रमिकों के हकों की अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को शाजापुर में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के देशव्यापी आह्वान पर आंगनवाड़ी सहायिका संघ और बीएमएस जिला शाखा शाजापुर के बैनर तले सैकड़ों ठेका, संविदा और नियमित कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज में हुंकार भरी। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने शहर में जोरदार नारेबाजी करते हुए एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां उपस्थित पदाधिकारियों ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के नाम तहसीलदार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख
मांगें: श्रम कानूनों का सख्ती से पालन: सभी सेक्टरों और श्रमिकों के लिए श्रम कानूनों को बिना किसी छूट के, 'अंत्योदय' की सच्ची भावना के साथ तत्काल लागू किया जाए। लेबर कोड की खामियां दूर हों: नए लागू किए गए 'इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020' तथा 'ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020' में मौजूद उन बिंदुओं का समाधान किया जाए, जिनसे श्रमिकों में चिंता व्याप्त है। पेंशन में हो सम्मानजनक वृद्धि: EPS-95 के अंतर्गत मिलने वाली 1000 रुपए की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7500 रुपए प्रतिमाह किया जाए और इसे महंगाई भत्ते (DA) के साथ जोड़ा जाए। EPF और ESIC की सीमा बढ़े: EPF में अनिवार्य अंशदान के लिए वर्तमान वेतन सीमा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए की जाए। वहीं, ESIC कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 21,000 रुपए से बढ़ाकर 42,000 रुपए प्रति माह की जाए। ठेका और संविदा कर्मी हों पक्के:
भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 की मूल भावना का सम्मान करते हुए, वर्षों से काम कर रहे स्कीम वर्कर, ठेका श्रमिकों और संविदा कर्मियों को स्थायी (नियमित) किया जाए। भर्ती से हटे अघोषित रोक: आम भर्ती (General Recruitment) पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए और युवाओं को बिना किसी असुरक्षा के गारंटीड रोजगार दिया जाए। बोनस सीमा में इजाफा: बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत बोनस की पात्रता के लिए कैलकुलेशन सीलिंग 7000 रुपए तथा एलिजिबिलिटी सीलिंग 21,000 रुपए प्रतिमाह में बढ़ोतरी की जाए। त्रिपक्षीय तंत्र हो मजबूत: इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को अविलंब बुलाया जाए और विभिन्न त्रिपक्षीय कमेटियों का पुनर्गठन कर उन्हें श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रभावी बनाया जाए। प्रदर्शन में इन संगठनों की रही मजबूत उपस्थिति इस जंगी प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी ताकत दिखाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय मजदूर संघ के
जिला मंत्री राजेन्द्र वर्मा (राहुल), पश्चिम क्षेत्र विद्युत कर्मचारी महासंघ के संगठन मंत्री अशोक राठौर, जगदीश मीणा, सियाराम पाटीदार, खेमचन्द्र शर्मा, पॉवर इंजीनियर एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश सिंह साहू मौजूद रहे। मातृशक्ति की ओर से आंगनवाड़ी सहायिका संघ, आंगनवाड़ी जिला अध्यक्ष श्रीमती कामिनी सिंह ठाकुर और आशा कार्यकर्ता श्रीमती रेखा मालवीय ने भी मोर्चा संभाला। इसके अलावा राज्य कर्मचारी जिला अध्यक्ष जय शर्मा व मोहन किचोलिया, जायसवाल जी, आउटसोर्स संगठन के जिला अध्यक्ष निर्भयसिंह कराड़ा, कृषिमंडी एवं तुलावटी संघ के पदाधिकारी, पर्यावरण मंच के जिला उपाध्यक्ष लाड़ सिंह गुर्जर, सेवानिवृत्त कर्मचारी हरिशचन्द्र ठोमरे, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, पन्नालाल राठौर, राकेश सौराष्ट्रीय, राजेन्द्र मालवीय, किर्त कुमार, हृदेश कपूर, मनीष शास्त्री सहित समस्त कर्मचारी संघों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुटता का संकल्प लिया। उक्त जानकारी भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री राजेन्द्र वर्मा (राहुल) ने दी।
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाने में आगामी त्योहारों के मद्देनजर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी भाईचारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार शाम 5 बजे के करीब थाना मोहन बड़ोदिया परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। थाना प्रभारी भीमसिंह के नेतृत्व में बैठक आयोजित की, बैठक की अध्यक्षता मोहन बड़ोदिया तहसीलदार श्रीमती दिव्या जैन,नायब तहसीलदार मुकेश गुप्ता की उपस्थिति में होली, धुलेंडी, रंगपंचमी और रमजान माह के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी भीमसिंह पटेल ने कहा कि सभी त्योहार आपसी प्रेम और सद्भाव के प्रतीक हैं। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अतिक्रमण का मुद्दा,सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों का मुद्दा उठा1
- अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे सैकड़ों कर्मचारी, भारतीय मजदूर संघ और आंगनवाड़ी सहायिका संघ ने भरी हुंकार ठेका और संविदा श्रमिकों को स्थायी करने की मांग, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन शाजापुर। कर्मचारियों और श्रमिकों के हकों की अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को शाजापुर में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के देशव्यापी आह्वान पर आंगनवाड़ी सहायिका संघ और बीएमएस जिला शाखा शाजापुर के बैनर तले सैकड़ों ठेका, संविदा और नियमित कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज में हुंकार भरी। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने शहर में जोरदार नारेबाजी करते हुए एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां उपस्थित पदाधिकारियों ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के नाम तहसीलदार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें: श्रम कानूनों का सख्ती से पालन: सभी सेक्टरों और श्रमिकों के लिए श्रम कानूनों को बिना किसी छूट के, 'अंत्योदय' की सच्ची भावना के साथ तत्काल लागू किया जाए। लेबर कोड की खामियां दूर हों: नए लागू किए गए 'इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020' तथा 'ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020' में मौजूद उन बिंदुओं का समाधान किया जाए, जिनसे श्रमिकों में चिंता व्याप्त है। पेंशन में हो सम्मानजनक वृद्धि: EPS-95 के अंतर्गत मिलने वाली 1000 रुपए की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7500 रुपए प्रतिमाह किया जाए और इसे महंगाई भत्ते (DA) के साथ जोड़ा जाए। EPF और ESIC की सीमा बढ़े: EPF में अनिवार्य अंशदान के लिए वर्तमान वेतन सीमा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए की जाए। वहीं, ESIC कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 21,000 रुपए से बढ़ाकर 42,000 रुपए प्रति माह की जाए। ठेका और संविदा कर्मी हों पक्के: भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 की मूल भावना का सम्मान करते हुए, वर्षों से काम कर रहे स्कीम वर्कर, ठेका श्रमिकों और संविदा कर्मियों को स्थायी (नियमित) किया जाए। भर्ती से हटे अघोषित रोक: आम भर्ती (General Recruitment) पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए और युवाओं को बिना किसी असुरक्षा के गारंटीड रोजगार दिया जाए। बोनस सीमा में इजाफा: बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत बोनस की पात्रता के लिए कैलकुलेशन सीलिंग 7000 रुपए तथा एलिजिबिलिटी सीलिंग 21,000 रुपए प्रतिमाह में बढ़ोतरी की जाए। त्रिपक्षीय तंत्र हो मजबूत: इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को अविलंब बुलाया जाए और विभिन्न त्रिपक्षीय कमेटियों का पुनर्गठन कर उन्हें श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रभावी बनाया जाए। प्रदर्शन में इन संगठनों की रही मजबूत उपस्थिति इस जंगी प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी ताकत दिखाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री राजेन्द्र वर्मा (राहुल), पश्चिम क्षेत्र विद्युत कर्मचारी महासंघ के संगठन मंत्री अशोक राठौर, जगदीश मीणा, सियाराम पाटीदार, खेमचन्द्र शर्मा, पॉवर इंजीनियर एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश सिंह साहू मौजूद रहे। मातृशक्ति की ओर से आंगनवाड़ी सहायिका संघ, आंगनवाड़ी जिला अध्यक्ष श्रीमती कामिनी सिंह ठाकुर और आशा कार्यकर्ता श्रीमती रेखा मालवीय ने भी मोर्चा संभाला। इसके अलावा राज्य कर्मचारी जिला अध्यक्ष जय शर्मा व मोहन किचोलिया, जायसवाल जी, आउटसोर्स संगठन के जिला अध्यक्ष निर्भयसिंह कराड़ा, कृषिमंडी एवं तुलावटी संघ के पदाधिकारी, पर्यावरण मंच के जिला उपाध्यक्ष लाड़ सिंह गुर्जर, सेवानिवृत्त कर्मचारी हरिशचन्द्र ठोमरे, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, पन्नालाल राठौर, राकेश सौराष्ट्रीय, राजेन्द्र मालवीय, किर्त कुमार, हृदेश कपूर, मनीष शास्त्री सहित समस्त कर्मचारी संघों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुटता का संकल्प लिया। उक्त जानकारी भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री राजेन्द्र वर्मा (राहुल) ने दी।4
- थाना प्रभारी खुद पहुंचे अस्पताल । मोहन बड़ोदिया ग्राम जमलाय के पास लगभग सात आठ बजे के करीब बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भीम सिंह पटेल व अन्य पुलिस घटना स्थल पर पहुंचे और घायलों को मोहन बड़ोदिया सीएससी केंद्र लाया गया जहां डॉक्टर द्वारा उपचार जारी है घायल हुए व्यक्तियों की पहचान गिरिराज पिता प्रेम सिंह निवासी कोलूखेड़ी और कृष्ण पाल पिता हरिसिंह ग्राम कोलूखेड़ी से हुई है थाना प्रभारी ने बताया कि घायलों से पूछताछ कर आगामी कार्रवाई की जाएगी मोहन बड़ोदिया से मुकेश बामनिया के रिपोर्ट1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सहयोगी पत्रकार संगठन ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, *इकलेरा के सरपंच पर अभद्रता मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप की निष्पक्ष जांच व पत्रकारों की सुरक्षा की मांग* । रिपोर्टर सुमित सेन राजगढ़ - नरसिंहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत इकलेरा में तीन यूट्यूबरों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें इकलेरा के सरपंच श्रवण कुमार युट्यूबरो को सारेआम कानुन हाथ में लेकर युटयुबरों को पीटते दिखाई दे रहे हैं वहीं इसी गांव के नवदुनिया प्रतिनिधि संजय सिंह के घर में भी कुछ अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट व तोड़फोड़ करने की घटना सामना आई है जिसको लेकर संजय सिंह ने थाने में आवेदन दिया है बुधवार को राजगढ़ जिला मुख्यालय पर इस संबंध में सहयोगी पत्रकार संगठन जिला राजगढ़ (म.प्र.) द्वारा जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। *जिले में फर्जी पत्रकारों की मान्यता और कार्यशैली की भी हो जांच* ,, गौरतलब है कि सहयोगी पत्रकार संगठन द्वारा ज्ञापन देने का उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा व भविष्य में कभी भी किसी निष्पक्ष और सच्चे पत्रकार पर कोई हमला न हों , और क्षेत्र में कवरेज के दौरान वह सुरक्षित रहे, इसी उद्देश्य से ज्ञापन दिया गया, ज्ञापन के माध्यम से राजगढ़ कलेक्टर से आग्रह किया गया है कि जिले में अगर कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ मेंब्लैकमेलिंग या अन्य अवैध काम करता पाया जाता है तो उनकी भी जांच हो और उन पर भी कार्रवाई हो, वहीं जिस प्रकार सरपंच श्रवणकुमार ने युटयुबरों को पीटा है वह गलत है इसमें कौन दोषी है कौन निर्दोष है,इसकी भी निष्पक्ष जांच हो और दोषी पर कार्रवाई हो ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 23 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे ग्राम इकलेरा में सरपंच श्रवण पाटीदार द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर बीच बाजार एवं अन्य स्थानों पर यूट्यूबरों के साथ मारपीट की गई तथा उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई इस घटना से कहीं ना कहीं निष्पक्ष रूप से पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है पत्रकारों का कहना है कि वे ग्राम पंचायत से जुड़े विकास कार्यों एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उनके साथ यह घटना घटित हुई, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी सरपंच के खिलाफ वैधानिक धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। पत्रकार संगठन ने विश्वास जताया है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।1
- माकड़ोंन उज्जैन की दूध तलाई स्थित ट्रांसपोर्ट व्यवसायी जिसमें अशोक रोडवेज,जयपुर गोल्डन और खंडेलवाल के नाम से अनाज की दुकान पर बीती रात चोरों ने ताले तोड़े,इन दुकानों से गल्ले में रखी नगदी चिल्लर तक बटोर ले गए,वहीं अशोक रोडवेज से कॉपर वायर का बंडल चुरा ले गए,, यह घटना बीती रात देवास गेट थाना क्षेत्र के दूध तलाई में घटित हुई,चोरी छोटी या बड़ी विषय यह ना होकर बात तो यह है कि 8 दिन में दूसरी बार शहर के बीचों-बीच और थानों से लगे इलाकों में चोरी हुई है दूधतलाई रेलवे स्टेशन और देवास गेट थाने से नजदीकी है वहीं इससे पूर्व की बात करें तो कोतवाली थाना क्षेत्र के से चंद कदमों की दूरी पर एक मेडिकल शॉप और सतीगेट स्थित नमकीन व्यवसायी के यहां भी चोरों ने ताले चटकाए थे,कुल मिलाकर चोरों की गेंग जिम्मेदारों से ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है,,1
- Post by Mr Imtiyaz khan1
- 📡 *_साधना प्लस न्यूज_* *निपानिया और चौसला में विद्युत विभाग ने की कुर्की जब्ती की कार्यवाही* *गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट* 📱 *9584097180*1