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हनुमान जन्मोत्सव पर अति प्राचीन मंदिरों सहित अन्य स्थानों पर हुए धार्मिक आयोजन, पानसेमल नगर सहित ग्रामीण इलाको में हनुमान जन्मोत्सव पर धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुए। नगर के गायत्री मंदिर,दुर्गा मंदिर,शिव टेकडी,बालक उत्कृष्ट विद्यालय के निकट स्थित हनुमान मंदिरों सहित ग्राम जलगोन,आमदा,दौंडवाडा, कांसुल,जूनापानी,खड़की सहित आसपास के ग्रामों में बाबा बजरंग का प्रकटोत्सव मनाया गया।अलग अलग स्थानों पर प्रतिमाओं का श्रृंगार कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। बाबूलाल गजानंद अग्रवाल ने जानकारी दी कि करीब 20 वर्षों से गायत्री मंदिर में सभी के सहयोग से हनुमान जन्मोत्सव पर प्रसादी वितरण कर रहे हैं। सुबह 7 बजे से चोला चढ़ाकर आरती पूजन के बाद भक्तों को चावल,चूरमा,बूंदी,मिठाई ओर गुड चना प्रसादी दी जाती है।ग्राम खड़की में बरगद के पेड़ के नीचे स्थित हनुमान मंदिर में 1998 से प्रसादी वितरण की जा रही है।जिसमे समस्त ग्रामीण एवं जय बजरंग क्रिकेट क्लब खड़की का विशेष सहयोग रहता है।ग्राम दौंडवाडा में चिंता हरण हनुमान मंदिर में भी भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ।नगर के श्रद्धालुओं ने भूतिया हनुमान,रामगढ़ स्थित हनुमान मंदिर सहित अन्य स्थानों पर दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

21 hrs ago
user_सतीश केवट
सतीश केवट
Local News Reporter पानसेमल, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
21 hrs ago

हनुमान जन्मोत्सव पर अति प्राचीन मंदिरों सहित अन्य स्थानों पर हुए धार्मिक आयोजन, पानसेमल नगर सहित ग्रामीण इलाको में हनुमान जन्मोत्सव पर धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुए। नगर के गायत्री मंदिर,दुर्गा मंदिर,शिव टेकडी,बालक उत्कृष्ट विद्यालय के निकट स्थित हनुमान मंदिरों सहित ग्राम जलगोन,आमदा,दौंडवाडा, कांसुल,जूनापानी,खड़की सहित आसपास के ग्रामों में बाबा बजरंग का प्रकटोत्सव मनाया गया।अलग अलग स्थानों पर प्रतिमाओं का श्रृंगार कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। बाबूलाल गजानंद अग्रवाल ने जानकारी दी कि करीब 20 वर्षों से गायत्री मंदिर में सभी के सहयोग से हनुमान जन्मोत्सव पर प्रसादी वितरण कर रहे हैं। सुबह 7 बजे से चोला चढ़ाकर आरती पूजन के बाद भक्तों को चावल,चूरमा,बूंदी,मिठाई ओर गुड चना प्रसादी दी जाती है।ग्राम खड़की में बरगद के पेड़ के नीचे स्थित हनुमान मंदिर में 1998 से प्रसादी वितरण की जा रही है।जिसमे समस्त ग्रामीण एवं जय बजरंग क्रिकेट क्लब खड़की का विशेष सहयोग रहता है।ग्राम दौंडवाडा में चिंता हरण हनुमान मंदिर में भी भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ।नगर के श्रद्धालुओं ने भूतिया हनुमान,रामगढ़ स्थित हनुमान मंदिर सहित अन्य स्थानों पर दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

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  • पानसेमल थाना क्षेत्र में शुक्रवार एक महिला का कुएं से रेस्क्यू किया था जिसे FRV स्टाफ,पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से निकालकर अस्पताल पहुंचाया था ।
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    पानसेमल थाना क्षेत्र में शुक्रवार एक महिला का कुएं से रेस्क्यू किया था जिसे FRV स्टाफ,पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से निकालकर अस्पताल पहुंचाया था ।
    user_सतीश केवट
    सतीश केवट
    Local News Reporter पानसेमल, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    46 min ago
  • 10 करोड़ की फिरौती और फायरिंग : खरगोन पुलिस ने फर्जी गैंग का किया पर्दाफाश, गैंग का नाम लेकर करोड़ों की वसूली का था गेम प्लान, पुलिस ने 15 दिन में किया खेल खत्म
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    10 करोड़ की फिरौती और फायरिंग : खरगोन पुलिस ने फर्जी गैंग का किया पर्दाफाश, गैंग का नाम लेकर करोड़ों की वसूली का था गेम प्लान, पुलिस ने 15 दिन में किया खेल खत्म
    user_Panth bhatia
    Panth bhatia
    Sendhwa, Barwani•
    1 hr ago
  • पानसेमल क्षेत्र अंतर्गत खड़की रोड स्थित भरत सिंह राजपूत के कुएं में ग्राम गोंगवाड़ा निवासी वनदु पति गुटिया बारेला (उम्र लगभग 40 वर्ष) द्वारा रात्रि में कूदने की घटना सामने आई। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल स्थानीय ग्रामीणों, डायल-112 वाहन स्टाफ एवं पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर महिला का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पानसेमल में भर्ती कराया गया। रेस्क्यू के समय महिला की स्थिति सामान्य थी एवं वह बातचीत कर रही थी। उपचार के दौरान महिला की हाइपोथर्मिया के परिणामस्वरूप हृदय एवं श्वसन विफलता होने से मृत्यु हो गई। प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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    पानसेमल क्षेत्र अंतर्गत खड़की रोड स्थित भरत सिंह राजपूत के कुएं में ग्राम गोंगवाड़ा निवासी वनदु पति गुटिया बारेला (उम्र लगभग 40 वर्ष) द्वारा रात्रि में कूदने की घटना सामने आई। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल स्थानीय ग्रामीणों, डायल-112 वाहन स्टाफ एवं पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर महिला का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पानसेमल में भर्ती कराया गया।
रेस्क्यू के समय महिला की स्थिति सामान्य थी एवं वह बातचीत कर रही थी। उपचार के दौरान महिला की हाइपोथर्मिया के परिणामस्वरूप हृदय एवं श्वसन विफलता होने से मृत्यु हो गई।
प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_Hemant Nagziriya
    Hemant Nagziriya
    News Anchor बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जिला अलीराजपुर मध्य प्रदेश के सांडवा तहसील में कई गांव में आले के साथ बारिश हुआ
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    जिला अलीराजपुर मध्य प्रदेश के सांडवा तहसील में कई गांव में आले के साथ बारिश हुआ
    user_Media samaj sevak
    Media samaj sevak
    Farmer Alirajpur, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • Post by रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
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    Post by रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    user_रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • v
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    v
    user_जुंजाणी आवाज तहसील भीनमाल जिला
    जुंजाणी आवाज तहसील भीनमाल जिला
    Farmer राणापुर, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही* *किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील* राहुल सेन मांडव मो 9669141814 *धार, 03 अप्रैल 2026।* जिले में विगत दिनों में किसानों द्वारा नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं बड़ी संख्या में सेटेलाइट के माध्यम से दर्ज की गई हैं, जो कि वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पूर्व में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर कृषकों को समझाइश दी गई थी, इसके बावजूद नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार 02 मार्च 2026 को राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। इस दौरान ग्राम धरावरा एवं बागडिया के खेतों में कृषक श्री मुकेश पिता भेरूसिंह, श्री बाबुसिंह पिता दरियाव, श्री पंकज पिता समंदरसिंह, श्री दुलेसिंह पिता रुगनाथ, श्री बाबुसिंह पिता गजेसिंह (ग्राम धरावरा) तथा श्री अनुज पिता प्रदीप जाट (ग्राम बागडिया) द्वारा नरवाई जलाते हुए पाए गए। मौके पर उपस्थित उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया, तहसीलदार श्री दिनेश उईके, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं कोटवार की उपस्थिति में आग को हरे पत्तेदार पौधों एवं गीले बोरों से बुझाया गया तथा संबंधित कृषकों के विरुद्ध पंचनामा बनाकर नोटिस जारी किए गए। इनके विरुद्ध अर्थदंड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम सांभर, नवासा, बामंदा, मनासा, नागदा एवं सादलपुर के भ्रमण के दौरान ग्राम कड़ोला के कृषक श्री मुकेश यादव द्वारा देशी पाटा चलाकर गेहूं के अवशेष को मिट्टी में मिलाने का नवाचार किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने सराहा है और अन्य किसानों से भी इस विधि को अपनाने की अपील की है। *नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान* नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरता एवं जैविक कार्बन में कमी आती है तथा केंचुए जैसे लाभकारी जीव नष्ट हो जाते हैं। जिंक, बोरॉन एवं मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ता है तथा आग फैलने से खेत की मेड़, वृक्ष एवं पशुधन को नुकसान होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार नरवाई जलाने से मिट्टी की ऊपरी सतह का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे कार्बनिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वर्तमान में मिट्टी में कार्बन की मात्रा 0.3 से 0.45 प्रतिशत के बीच है, जबकि अच्छी उर्वरता के लिए यह लगभग 0.70 प्रतिशत होना आवश्यक है। *किसानों के लिए वैकल्पिक उपाय* कृषकों को सलाह दी गई है कि वे फसल अवशेष को जलाने के बजाय कम्पोस्ट या जैविक खाद के रूप में उपयोग करें। अवशेषों को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है तथा मल्चिंग के माध्यम से नमी संरक्षण किया जा सकता है। इसके अलावा रोटावेटर, हैप्पी सीडर, रिवर्स प्लॉउ, मल्चर एवं देशी पाटा जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से अवशेषों को मिट्टी में मिलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और वैकल्पिक उपाय अपनाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
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    नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही*
*किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील*
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
*धार, 03 अप्रैल 2026।* जिले में विगत दिनों में किसानों द्वारा नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं बड़ी संख्या में सेटेलाइट के माध्यम से दर्ज की गई हैं, जो कि वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पूर्व में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर कृषकों को समझाइश दी गई थी, इसके बावजूद नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार 02 मार्च 2026 को राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। इस दौरान ग्राम धरावरा एवं बागडिया के खेतों में कृषक श्री मुकेश पिता भेरूसिंह, श्री बाबुसिंह पिता दरियाव, श्री पंकज पिता समंदरसिंह, श्री दुलेसिंह पिता रुगनाथ, श्री बाबुसिंह पिता गजेसिंह (ग्राम धरावरा) तथा श्री अनुज पिता प्रदीप जाट (ग्राम बागडिया) द्वारा नरवाई जलाते हुए पाए गए। मौके पर उपस्थित उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया, तहसीलदार श्री दिनेश उईके, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं कोटवार की उपस्थिति में आग को हरे पत्तेदार पौधों एवं गीले बोरों से बुझाया गया तथा संबंधित कृषकों के विरुद्ध पंचनामा बनाकर नोटिस जारी किए गए। इनके विरुद्ध अर्थदंड वसूली की कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में ग्राम सांभर, नवासा, बामंदा, मनासा, नागदा एवं सादलपुर के भ्रमण के दौरान ग्राम कड़ोला के कृषक श्री मुकेश यादव द्वारा देशी पाटा चलाकर गेहूं के अवशेष को मिट्टी में मिलाने का नवाचार किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने सराहा है और अन्य किसानों से भी इस विधि को अपनाने की अपील की है।
*नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान*
नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरता एवं जैविक कार्बन में कमी आती है तथा केंचुए जैसे लाभकारी जीव नष्ट हो जाते हैं। जिंक, बोरॉन एवं मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ता है तथा आग फैलने से खेत की मेड़, वृक्ष एवं पशुधन को नुकसान होने की संभावना रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार नरवाई जलाने से मिट्टी की ऊपरी सतह का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे कार्बनिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वर्तमान में मिट्टी में कार्बन की मात्रा 0.3 से 0.45 प्रतिशत के बीच है, जबकि अच्छी उर्वरता के लिए यह लगभग 0.70 प्रतिशत होना आवश्यक है।
*किसानों के लिए वैकल्पिक उपाय*
कृषकों को सलाह दी गई है कि वे फसल अवशेष को जलाने के बजाय कम्पोस्ट या जैविक खाद के रूप में उपयोग करें। अवशेषों को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है तथा मल्चिंग के माध्यम से नमी संरक्षण किया जा सकता है। इसके अलावा रोटावेटर, हैप्पी सीडर, रिवर्स प्लॉउ, मल्चर एवं देशी पाटा जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से अवशेषों को मिट्टी में मिलाया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और वैकल्पिक उपाय अपनाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
    user_राहुल सेन मांडव
    राहुल सेन मांडव
    Barber Dhar, Madhya Pradesh•
    41 min ago
  • पानसेमल क्षेत्र में बिजली गिरने से नारियल के पेड़ में अचानक आग लग गई जिससे की अफरा तफरी का माहौल बन गया था लेकिन ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई।
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    पानसेमल क्षेत्र में बिजली गिरने से नारियल के पेड़ में अचानक आग लग गई जिससे की अफरा तफरी का माहौल बन गया था लेकिन ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई।
    user_सतीश केवट
    सतीश केवट
    Local News Reporter पानसेमल, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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