नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही* *किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील* नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही* *किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील* राहुल सेन मांडव मो 9669141814 *धार, 03 अप्रैल 2026।* जिले में विगत दिनों में किसानों द्वारा नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं बड़ी संख्या में सेटेलाइट के माध्यम से दर्ज की गई हैं, जो कि वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पूर्व में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर कृषकों को समझाइश दी गई थी, इसके बावजूद नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार 02 मार्च 2026 को राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। इस दौरान ग्राम धरावरा एवं बागडिया के खेतों में कृषक श्री मुकेश पिता भेरूसिंह, श्री बाबुसिंह पिता दरियाव, श्री पंकज पिता समंदरसिंह, श्री दुलेसिंह पिता रुगनाथ, श्री बाबुसिंह पिता गजेसिंह (ग्राम धरावरा) तथा श्री अनुज पिता प्रदीप जाट (ग्राम बागडिया) द्वारा नरवाई जलाते हुए पाए गए। मौके पर उपस्थित उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया, तहसीलदार श्री दिनेश उईके, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं कोटवार की उपस्थिति में आग को हरे पत्तेदार पौधों एवं गीले बोरों से बुझाया गया तथा संबंधित कृषकों के विरुद्ध पंचनामा बनाकर नोटिस जारी किए गए। इनके विरुद्ध अर्थदंड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम सांभर, नवासा, बामंदा, मनासा, नागदा एवं सादलपुर के भ्रमण के दौरान ग्राम कड़ोला के कृषक श्री मुकेश यादव द्वारा देशी पाटा चलाकर गेहूं के अवशेष को मिट्टी में मिलाने का नवाचार किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने सराहा है और अन्य किसानों से भी इस विधि को अपनाने की अपील की है। *नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान* नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरता एवं जैविक कार्बन में कमी आती है तथा केंचुए जैसे लाभकारी जीव नष्ट हो जाते हैं। जिंक, बोरॉन एवं मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ता है तथा आग फैलने से खेत की मेड़, वृक्ष एवं पशुधन को नुकसान होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार नरवाई जलाने से मिट्टी की ऊपरी सतह का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे कार्बनिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वर्तमान में मिट्टी में कार्बन की मात्रा 0.3 से 0.45 प्रतिशत के बीच है, जबकि अच्छी उर्वरता के लिए यह लगभग 0.70 प्रतिशत होना आवश्यक है। *किसानों के लिए वैकल्पिक उपाय* कृषकों को सलाह दी गई है कि वे फसल अवशेष को जलाने के बजाय कम्पोस्ट या जैविक खाद के रूप में उपयोग करें। अवशेषों को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है तथा मल्चिंग के माध्यम से नमी संरक्षण किया जा सकता है। इसके अलावा रोटावेटर, हैप्पी सीडर, रिवर्स प्लॉउ, मल्चर एवं देशी पाटा जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से अवशेषों को मिट्टी में मिलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और वैकल्पिक उपाय अपनाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही* *किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील* नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही* *किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील* राहुल सेन मांडव मो 9669141814 *धार, 03 अप्रैल 2026।* जिले में विगत दिनों में किसानों द्वारा नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं बड़ी संख्या में सेटेलाइट के माध्यम से दर्ज की गई हैं, जो कि वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पूर्व में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर कृषकों को समझाइश दी गई थी, इसके बावजूद नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार 02 मार्च 2026 को राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। इस दौरान
ग्राम धरावरा एवं बागडिया के खेतों में कृषक श्री मुकेश पिता भेरूसिंह, श्री बाबुसिंह पिता दरियाव, श्री पंकज पिता समंदरसिंह, श्री दुलेसिंह पिता रुगनाथ, श्री बाबुसिंह पिता गजेसिंह (ग्राम धरावरा) तथा श्री अनुज पिता प्रदीप जाट (ग्राम बागडिया) द्वारा नरवाई जलाते हुए पाए गए। मौके पर उपस्थित उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया, तहसीलदार श्री दिनेश उईके, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं कोटवार की उपस्थिति में आग को हरे पत्तेदार पौधों एवं गीले बोरों से बुझाया गया तथा संबंधित कृषकों के विरुद्ध पंचनामा बनाकर नोटिस जारी किए गए। इनके विरुद्ध अर्थदंड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम सांभर, नवासा, बामंदा, मनासा, नागदा एवं सादलपुर के भ्रमण के दौरान ग्राम कड़ोला के कृषक श्री मुकेश यादव द्वारा देशी पाटा चलाकर गेहूं के अवशेष को मिट्टी में मिलाने का नवाचार
किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने सराहा है और अन्य किसानों से भी इस विधि को अपनाने की अपील की है। *नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान* नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरता एवं जैविक कार्बन में कमी आती है तथा केंचुए जैसे लाभकारी जीव नष्ट हो जाते हैं। जिंक, बोरॉन एवं मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ता है तथा आग फैलने से खेत की मेड़, वृक्ष एवं पशुधन को नुकसान होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार नरवाई जलाने से मिट्टी की ऊपरी सतह का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे कार्बनिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वर्तमान में मिट्टी में कार्बन की मात्रा 0.3
से 0.45 प्रतिशत के बीच है, जबकि अच्छी उर्वरता के लिए यह लगभग 0.70 प्रतिशत होना आवश्यक है। *किसानों के लिए वैकल्पिक उपाय* कृषकों को सलाह दी गई है कि वे फसल अवशेष को जलाने के बजाय कम्पोस्ट या जैविक खाद के रूप में उपयोग करें। अवशेषों को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है तथा मल्चिंग के माध्यम से नमी संरक्षण किया जा सकता है। इसके अलावा रोटावेटर, हैप्पी सीडर, रिवर्स प्लॉउ, मल्चर एवं देशी पाटा जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से अवशेषों को मिट्टी में मिलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और वैकल्पिक उपाय अपनाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
- नरवाई जलाने पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही* *किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील* राहुल सेन मांडव मो 9669141814 *धार, 03 अप्रैल 2026।* जिले में विगत दिनों में किसानों द्वारा नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं बड़ी संख्या में सेटेलाइट के माध्यम से दर्ज की गई हैं, जो कि वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पूर्व में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर कृषकों को समझाइश दी गई थी, इसके बावजूद नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार 02 मार्च 2026 को राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। इस दौरान ग्राम धरावरा एवं बागडिया के खेतों में कृषक श्री मुकेश पिता भेरूसिंह, श्री बाबुसिंह पिता दरियाव, श्री पंकज पिता समंदरसिंह, श्री दुलेसिंह पिता रुगनाथ, श्री बाबुसिंह पिता गजेसिंह (ग्राम धरावरा) तथा श्री अनुज पिता प्रदीप जाट (ग्राम बागडिया) द्वारा नरवाई जलाते हुए पाए गए। मौके पर उपस्थित उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया, तहसीलदार श्री दिनेश उईके, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं कोटवार की उपस्थिति में आग को हरे पत्तेदार पौधों एवं गीले बोरों से बुझाया गया तथा संबंधित कृषकों के विरुद्ध पंचनामा बनाकर नोटिस जारी किए गए। इनके विरुद्ध अर्थदंड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम सांभर, नवासा, बामंदा, मनासा, नागदा एवं सादलपुर के भ्रमण के दौरान ग्राम कड़ोला के कृषक श्री मुकेश यादव द्वारा देशी पाटा चलाकर गेहूं के अवशेष को मिट्टी में मिलाने का नवाचार किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने सराहा है और अन्य किसानों से भी इस विधि को अपनाने की अपील की है। *नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान* नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरता एवं जैविक कार्बन में कमी आती है तथा केंचुए जैसे लाभकारी जीव नष्ट हो जाते हैं। जिंक, बोरॉन एवं मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ता है तथा आग फैलने से खेत की मेड़, वृक्ष एवं पशुधन को नुकसान होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार नरवाई जलाने से मिट्टी की ऊपरी सतह का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे कार्बनिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वर्तमान में मिट्टी में कार्बन की मात्रा 0.3 से 0.45 प्रतिशत के बीच है, जबकि अच्छी उर्वरता के लिए यह लगभग 0.70 प्रतिशत होना आवश्यक है। *किसानों के लिए वैकल्पिक उपाय* कृषकों को सलाह दी गई है कि वे फसल अवशेष को जलाने के बजाय कम्पोस्ट या जैविक खाद के रूप में उपयोग करें। अवशेषों को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है तथा मल्चिंग के माध्यम से नमी संरक्षण किया जा सकता है। इसके अलावा रोटावेटर, हैप्पी सीडर, रिवर्स प्लॉउ, मल्चर एवं देशी पाटा जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से अवशेषों को मिट्टी में मिलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और वैकल्पिक उपाय अपनाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।4
- *💥घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर,लोगों ने किया चक्काजाम,मयूरा भारत गैस एजेंसी संचालक पर कालाबाजारी करने के भी आरोप देखें यह खबर नेशनल टीवी चैनल📡 inh24×7 पर लाईव फोनो के साथ* *धार जिला ब्यूरो चीफ* *निलेश शर्मा गुरु* *मो.-7024262788* ज्यादा से ज्यादा शेयर करें,ताकि आमजनता की आवाज सरकार तक पहुंच सके।1
- *👉📡 बेटमा - बेटमा में हनुमान जन्मोत्सव की धूम✍️* *👉📡 बेटमा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया✍️* *👉📡 बदीपुरा स्थित प्राचीन बालाजी मंदिर पर हुआ बड़े भंडारे का आयोजन----✍️* *👉📡 खबरें देखें सबसे पहले खबर भारत 360न्यूज लाइव MP/CG/UP अब अपने डीजीयाना केबल के सेटप बाक्स के चैनल नंबर 365 के साथ ही OTT--OYSTS-- PLAY प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है ✍️* *👉📡 साथ ही देखे खबरें यूट्यूब फेसबुक लाइव पर भी✍️* *👉📡 खबर भारत 360न्यूज रिपोर्टर - रणजीत मंडलोई ✍️* *👉📡 टीम प्रेस क्लब बेटमा✍️*1
- मध्यप्रदेश के महू में सामने आए हनीट्रैप मामले ने अब नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। दिन में ठगी और रात में शिकार बनाने की इस कहानी ने इलाके में सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा है कि मऊ के इस हनीट्रैप केस में आरोपियों का तरीका बेहद शातिर था। दिन के समय ये लोग अलग-अलग तरीकों से पैसे ऐंठते थे, जबकि रात में लोगों को जाल में फंसाकर अपना शिकार बनाते थे। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, एक पेंटर से करीब 27 हजार रुपये की ठगी की गई। वहीं, रात में एक रिटायर्ड अधिकारी को निशाना बनाया गया। मामले में एक और पीड़ित थाने पहुंचा है, जिससे साफ है कि यह गिरोह लगातार कई लोगों को अपना शिकार बना रहा था।1
- भीम जन्मभूमि में बढ़ा विवाद: प्रशासक नियुक्त करने की मांग, 5000 कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन की चेतावनी महू (इंदौर)। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जन्मस्थली भीम जन्मभूमि महू में स्मारक समिति को लेकर विवाद तेज हो गया है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी के सदस्यों ने प्रशासन से संस्था में तत्काल प्रशासक नियुक्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में जारी प्रेस नोट में समिति के पदाधिकारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस नोट के अनुसार, स्मारक समिति के दो तिहाई सदस्य पिछले तीन वर्षों से कथित फर्जी समिति को हटाने और न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार ज्ञापन, धरना और प्रदर्शन किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे अनुयायियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समिति के सदस्यों का आरोप है कि संस्था में आर्थिक अनियमितताओं, अवैध वसूली और प्रशासनिक मनमानी के मामले सामने आए हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, महाराष्ट्र से आए अनुयायियों से कथित रूप से अवैध वसूली और विवाद की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। मामला हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ तक पहुंच चुका है, जहां रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके अब तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो डॉ. आंबेडकर जयंती के दिन 5000 कार्यकर्ताओं के साथ भीम जन्मभूमि पर दीप जलाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा और देशभर में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। साथ ही भीम जन्मभूमि से मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली तक पदयात्रा निकालने की भी तैयारी की जा रही है। सदस्यों ने जिला कलेक्टर इंदौर से मांग की है कि विवाद को देखते हुए संस्था में प्रशासक नियुक्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि करोड़ों अनुयायियों की आस्था के केंद्र भीम जन्मभूमि की गरिमा बनी रहे।4
- Post by Dinesh Chandra Rathore1
- मुख्य आरोपी भावना भार्गव और उसके दो साथी गिरफ्तार....सेना के पूर्व सैनिक को बनाया था शिकार.... आरोपियों ने केलोद में सुनसान जगह बुलाकर 2 लाख रुपये की मांग की, पुलिस ने किया गिरफ्तार.... डेटिंग एप के जरिए लोगों को फंसाते थे, बड़गोंदा थाना क्षेत्र में मामला दर्ज... महू शहर में सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले एक संगठित हनी ट्रैप गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह में शामिल एक युवती अपने साथियों के साथ मिलकर पहले लोगों से दोस्ती करती, फिर सुनसान जगह बुलाकर उन्हें फंसाकर मोटी रकम वसूलती थी।1
- मध्य प्रदेश के राज्यपाल के स्वागत के लिए मांडू नगर परिषद का सफाई अभियान सिर्फ रॉड पर रॉड साफ वही नालिया उफान पर राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/विश्व पर्यटक स्थल मांडू में 4 अप्रैल को मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के स्वागत के लिए मांडव नगर परिषद के द्वारा रॉड की सफाई की जा रही है वही वही मांडू नगर परिषद की रॉड से लगी नालिया ओवर फुल ओर गंदगी भरी साफ दिखाई दे रही है मध्यप्रदेश के राज्यपाल के स्वागत के लिए मात्र सिर्फ मांडू की सड़कों को ही चमकाया जा रहा है वही नालियों की स्थिति बहुत ही बेकार है अगर देखा जाए तो स्थिति यह दिख रही है कि दूल्हा अंदर से कितना भी काला हो उसे मेकअप से सुंदर दिखाने की कोशिश की जा रही है हालत यह है कि रॉड साफ और नालिया गंदी के से भरी4