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महिला बाबा के जाल में कैसे फसती है #newarrivals #india #bharat #virel #virelvideo

14 hrs ago
user_RAJA KUMAR
RAJA KUMAR
पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
14 hrs ago

महिला बाबा के जाल में कैसे फसती है #newarrivals #india #bharat #virel #virelvideo

More news from बिहार and nearby areas
  • Post by RAJA KUMAR
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    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चम्पारण (कोटवा): थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में पारिवारिक विवाद के बीच एक सनसनीखेज और संदिग्ध घटना सामने आई है। यहां दो भाइयों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद एक भाई घायल हो गया, जबकि दूसरे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना ने पुलिस के सामने कई जटिल सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, किस्मत मियां के दो बेटों—फिरोज मियां और कासिम—के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि फिरोज ने कासिम पर गोली चला दी। गोली कासिम के पिछे बगल में लगी, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना ने उस समय और संदिग्ध रूप ले लिया, जब गोलीबारी के बाद फिरोज मियां की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन मृतक के सिर में (कनपटी पर) गोली लगने के साथ-साथ गले पर फंदे के निशान मिलने से मामला उलझ गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि फिरोज ने फंदा लगाया, तो वह खुद को गोली कैसे मार सकता है? और यदि पहले गोली चलाई, तो गले पर फंदे का निशान कैसे आया? इन विरोधाभासी तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम को संदेह के घेरे में ला दिया है। घटनास्थल से एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुई है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि घटना के समय फिरोज ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था, जिससे कई नई आशंकाएं जन्म ले रही हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। एसडीपीओ सदर-2 जितेश पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को विवाद की एक संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। बताया जाता है कि मृतक फिरोज मियां एक मॉल में कार्यरत था। वहीं कासिम नाइट गार्ड का काम करता था। उनके पिता किस्मत मियां नागालैंड पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में कुल तीन भाई हैं, जिनमें फिरोज समेत दो की शादी हो चुकी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है। और कई खुलासे होने बाकी है।
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    लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चम्पारण (कोटवा): थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में पारिवारिक विवाद के बीच एक सनसनीखेज और संदिग्ध घटना सामने आई है। यहां दो भाइयों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद एक भाई घायल हो गया, जबकि दूसरे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना ने पुलिस के सामने कई जटिल सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, किस्मत मियां के दो बेटों—फिरोज मियां और कासिम—के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि फिरोज ने कासिम पर गोली चला दी। गोली कासिम के पिछे बगल में लगी, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
घटना ने उस समय और संदिग्ध रूप ले लिया, जब गोलीबारी के बाद फिरोज मियां की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन मृतक के सिर में (कनपटी पर) गोली लगने के साथ-साथ गले पर फंदे के निशान मिलने से मामला उलझ गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि फिरोज ने फंदा लगाया, तो वह खुद को गोली कैसे मार सकता है? और यदि पहले गोली चलाई, तो गले पर फंदे का निशान कैसे आया? इन विरोधाभासी तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम को संदेह के घेरे में ला दिया है।
घटनास्थल से एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुई है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि घटना के समय फिरोज ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था, जिससे कई नई आशंकाएं जन्म ले रही हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
एसडीपीओ सदर-2 जितेश पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को विवाद की एक संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
बताया जाता है कि मृतक फिरोज मियां एक मॉल में कार्यरत था। वहीं कासिम नाइट गार्ड का काम करता था। उनके पिता किस्मत मियां नागालैंड पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में कुल तीन भाई हैं, जिनमें फिरोज समेत दो की शादी हो चुकी है।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है। और कई खुलासे होने बाकी है।
    user_LOCAL PUBLIC NEWS
    LOCAL PUBLIC NEWS
    Information service activities . कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • नेपाल चाहता है बराबरी वाली शिक्षा… बिहार बढ़ा रहा प्राइवेट स्कूल — बच्चों का भविष्य किस रास्ते जाएगा?” निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #NepalVsBihar #EducationDebate #SchoolSystem #PrivateVsGovernment #EducationModel #BiharNews #NepalNews #EqualityInEducation #StudentFirst #PolicyDebate #EducationCrisis #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
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    नेपाल चाहता है बराबरी वाली शिक्षा… बिहार बढ़ा रहा प्राइवेट स्कूल — बच्चों का भविष्य किस रास्ते जाएगा?”
निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका।
#NepalVsBihar #EducationDebate #SchoolSystem #PrivateVsGovernment #EducationModel #BiharNews #NepalNews #EqualityInEducation #StudentFirst #PolicyDebate #EducationCrisis #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    10 hrs ago
  • *मोतिहारी में सूचना छुपाने पर उठे सवाल, राज्य के वरिष्ठ पत्रकार ने जनसंपर्क पदाधिकारी को घेरा।* मोतिहारी: जिले में जन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आईपीआरडी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। उपराष्ट्रपति के आगमन जैसी महत्वपूर्ण सूचना को आईपीआरडी ग्रुप में साझा न किए जाने को लेकर राज्य के वरिष्ठ पत्रकार रवि कुमार भार्गव ने कड़ा एतराज़ जताया है। रवि कुमार भार्गव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जब सरकारी स्तर पर बड़े कार्यक्रम होते हैं,तो उनकी सूचना सभी पत्रकारों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचनी चाहिए। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ,जिससे यह संदेह पैदा होता है कि कहीं कुछ चुनिंदा लोगों को ही प्राथमिकता तो नहीं दी जा रही। उन्होंने जिलाधिकारी महोदय से मांग किया है कि देश के उपराष्ट्रपति के महत्व हमारे जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी श्री ज्ञानेश्वर कुमार के समक्ष शायद कोई महत्व नहीं रखता है इसलिए उन्होंने ऐसी मुख्य सूचना को आईपीआरडी ग्रुप में शामिल करना उचित नहीं समझा है। जब से जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में ज्ञानेश्वर कुमार मोतिहारी अपनी कार्य भार संभाले हैं, तब से पूर्वी चंपारण में पत्रकारिता की गरिमा का स्तर गिरता गया है। इस पर जिलाधिकारी महोदय अपने स्तर से जांच करते हुए ऐसे पक्षपाती अधिकारी महोदय को जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी के पद से मुक्त करने की कार्रवाई की जानी चाहिए। इनके विरुद्ध में 30 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी महोदय के स्तर पर शिकायत भी दर्ज करवाई गई है जिसकी जांच की जिम्मेदारी उपविक विकास आयुक्त पूर्वी चंपारण को जिलाधिकारी महोदय के द्वारा सौंपा गया है। उन्होंने साफ तौर पर जन सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी से सवाल करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का “सौतेला व्यवहार” क्यों किया जा रहा है? क्या सूचना साझा करने में कोई पक्षपात बरता जा रहा है या फिर यह महज लापरवाही है? सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर जल्द ही जनसंपर्क पदाधिकारी के साथ एक खास मुलाकात भी प्रस्तावित है, जिसमें पत्रकारों के साथ हो रहे व्यवहार और सूचना तंत्र की पारदर्शिता पर सीधी चर्चा की जाएगी। पत्रकारों का कहना है कि अगर समय पर सही जानकारी नहीं मिलेगी, तो निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग प्रभावित होगी। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जनसंपर्क विभाग इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और आगे की रणनीति क्या होगी।
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    *मोतिहारी में सूचना छुपाने पर उठे सवाल, राज्य के वरिष्ठ पत्रकार ने जनसंपर्क पदाधिकारी को घेरा।*
मोतिहारी: जिले में जन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आईपीआरडी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। उपराष्ट्रपति के आगमन जैसी महत्वपूर्ण सूचना को आईपीआरडी ग्रुप में साझा न किए जाने को लेकर राज्य के वरिष्ठ पत्रकार रवि कुमार भार्गव ने कड़ा एतराज़ जताया है।
रवि कुमार भार्गव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जब सरकारी स्तर पर बड़े कार्यक्रम होते हैं,तो उनकी सूचना सभी पत्रकारों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचनी चाहिए। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ,जिससे यह संदेह पैदा होता है कि कहीं कुछ चुनिंदा लोगों को ही प्राथमिकता तो नहीं दी जा रही। उन्होंने जिलाधिकारी महोदय से मांग किया है कि देश के उपराष्ट्रपति के महत्व हमारे जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी श्री ज्ञानेश्वर कुमार के समक्ष शायद कोई महत्व नहीं रखता है इसलिए उन्होंने ऐसी मुख्य सूचना को आईपीआरडी ग्रुप में शामिल करना उचित नहीं समझा है। जब से जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में ज्ञानेश्वर कुमार मोतिहारी अपनी कार्य भार संभाले हैं, तब से पूर्वी चंपारण में पत्रकारिता की गरिमा का स्तर गिरता गया है। इस पर जिलाधिकारी महोदय अपने स्तर से जांच करते हुए ऐसे पक्षपाती अधिकारी महोदय को जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी के पद से मुक्त करने की कार्रवाई की जानी चाहिए। इनके विरुद्ध में 30 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी महोदय के स्तर पर शिकायत भी दर्ज करवाई गई है जिसकी जांच की जिम्मेदारी उपविक विकास आयुक्त पूर्वी चंपारण को जिलाधिकारी महोदय के द्वारा सौंपा गया है।
उन्होंने साफ तौर पर जन सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी से सवाल करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का “सौतेला व्यवहार” क्यों किया जा रहा है? क्या सूचना साझा करने में कोई पक्षपात बरता जा रहा है या फिर यह महज लापरवाही है?
सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर जल्द ही जनसंपर्क पदाधिकारी के साथ एक खास मुलाकात भी प्रस्तावित है, जिसमें पत्रकारों के साथ हो रहे व्यवहार और सूचना तंत्र की पारदर्शिता पर सीधी चर्चा की जाएगी। पत्रकारों का कहना है कि अगर समय पर सही जानकारी नहीं मिलेगी, तो निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग प्रभावित होगी।
फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जनसंपर्क विभाग इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और आगे की रणनीति क्या होगी।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • शराबबंदी पर लौरिया विधायक विनय बिहारी ने क्या कुछ कहा आप भी सुनकर हैरान हो जाएंगे। शराबबंदी कानून में समीक्षा की बात कह कर उन्होंने इस कानून के बारे में साफ-साफ संकेत दे दिया है उन्होंने कहा कि इस फेलियर कानून पर सरकार को पुनः विचार करना चाहिए। वहीं उन्होंने हजारों लीटर शराब को जमींदोज कर सरकार भूमि के उर्वरा शक्ति को खत्म कर रही है। जो कहीं से भी उचित नहीं है। जिन्हें शराब बनाना नहीं आता वह शराब बना रहे और पीने वालों की लगातार मोटे हो रहे हैं। मैं शराब नहीं पिता और नाचता हूं फिर भी मैं जो देख रहा हूं वह समझ से परे है। एक तो सरकार के रेवेन्यू मारी जा रही है दूसरा शराब कहीं बंद नहीं है।
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    शराबबंदी पर लौरिया विधायक विनय बिहारी ने क्या कुछ कहा आप भी सुनकर हैरान हो जाएंगे। शराबबंदी कानून में समीक्षा की बात कह कर उन्होंने इस कानून के बारे में साफ-साफ संकेत दे दिया है उन्होंने कहा कि इस फेलियर कानून पर सरकार को पुनः विचार करना चाहिए। वहीं उन्होंने हजारों लीटर शराब को जमींदोज कर सरकार भूमि के उर्वरा शक्ति को खत्म कर रही है। जो कहीं से भी उचित नहीं है। जिन्हें शराब बनाना नहीं आता वह शराब बना रहे और पीने वालों की लगातार मोटे हो रहे हैं। मैं शराब नहीं पिता और नाचता हूं फिर भी मैं जो देख रहा हूं वह समझ से परे है। एक तो सरकार के रेवेन्यू मारी जा रही है दूसरा शराब कहीं बंद नहीं है।
    user_Vinay Kumar
    Vinay Kumar
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • जिला बेतिया थाना नौतन बरियारपुर वार्ड नंबर 7 का यह नल जल चालू नहीं हो रहा है केवल नाम का लगाया गया है
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    जिला बेतिया थाना नौतन बरियारपुर वार्ड नंबर 7 का यह नल जल चालू नहीं हो रहा है केवल नाम का लगाया गया है
    user_बिहार वाला टुनटुन जी
    बिहार वाला टुनटुन जी
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
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    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    22 hrs ago
  • जब अपने ही गैरों के साथ खड़े होने लगें… तो समझ लो समाज अंदर से टूट चुका है…" समाज के अंदर एक खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है… जहां अपने ही लोग, अपने के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। छोटी-छोटी रंजिशों में लोग इतना गिर जाते हैं कि गैरों का साथ देकर अपने को ही कमजोर कर देते हैं। यह सिर्फ एक घटना नहीं… बल्कि एक सोच बन चुकी है, जो धीरे-धीरे पूरे समाज को अंदर से तोड़ रही है। अगर आज नहीं समझे… तो कल बहुत देर हो जाएगी। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #समाज #सामाजिक_एकता #गांव_की_सच्चाई #अपना_पराया #समाज_टूट_रहा_है #इंसानियत #मौकापरस्ती #सच्ची_बात #ग्राउंड_रिपोर्ट #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
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    जब अपने ही गैरों के साथ खड़े होने लगें… तो समझ लो समाज अंदर से टूट चुका है…"
समाज के अंदर एक खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है… जहां अपने ही लोग, अपने के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। छोटी-छोटी रंजिशों में लोग इतना गिर जाते हैं कि गैरों का साथ देकर अपने को ही कमजोर कर देते हैं।
यह सिर्फ एक घटना नहीं… बल्कि एक सोच बन चुकी है, जो धीरे-धीरे पूरे समाज को अंदर से तोड़ रही है। अगर आज नहीं समझे… तो कल बहुत देर हो जाएगी।
निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका।
#समाज #सामाजिक_एकता #गांव_की_सच्चाई #अपना_पराया #समाज_टूट_रहा_है #इंसानियत #मौकापरस्ती #सच्ची_बात #ग्राउंड_रिपोर्ट #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया। *--यह कहानी सिर्फ एक इतिहास नहीं है… यह प्रेम, त्याग, दर्द और आशा की सबसे गहरी कहानी है।* (सुशील कुमार ठाकुर राज्य कोऑर्डिनेटर दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मुजफ्फरपुर बिहार) मुजफ्फरपुर 05 अप्रैल 2026 मुजफ्फरपुर:-रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया आइए इसे दिल से महसूस करते हुए समझते हैंlGood Friday – दर्द और बलिदान का दिन।उस दिन, Jesus Christ को लोगों ने गलत समझा, उनका अपमान किया, और उन्हें क्रूस (सलीब) पर चढ़ा दिया। उनके हाथों और पैरों में कीलें ठोंकी गईं।उनके सिर पर काँटों का ताज रखा गया।लोग उनका मज़ाक उड़ा रहे थे।फिर भी…उन्होंने कहा: “पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।यह प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण था —जब दर्द में भी उन्होंने नफरत नहीं, बल्कि माफी दी।आख़िरकार, उन्होंने प्राण त्याग दिए।धरती पर अंधेरा छा गया… मानो सब कुछ खत्म हो गया हो। शनिवार – खामोशी और इंतज़ार यीशु मसीह के शरीर को कब्र (समाधि) में रखा गया एक बड़ा पत्थर उस कब्र के मुंह पर लगा दिया गया।सैनिक पहरा दे रहे थे।उस दिन उनके शिष्य दुख और डर में थे। उन्हें लगा – “अब सब खत्म हो गया…यह दिन था:शांति का उदासी का और टूटे हुए विश्वास का Easter Sunday – जीत और जीवन का दिन तीसरे दिन… रविवार की सुबह कुछ महिलाएं कब्र पर गईं…लेकिन उन्होंने जो देखा, वह चौंकाने वाला था:पत्थर हट चुका था।कब्र खाली थी एक स्वर्गदूत ने कहा:वह यहाँ नहीं है… वह जी उठे हैं!”और सच में…Jesus Christ मृतकों में से जीवित हो गए थे!यह कहानी हमें क्या सिखाती है?Good Friday सिखाता है: त्याग,माफी,सच्चा प्रेमEaster सिखाता है:आशा कभी नहीं मरती,बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।मौत के बाद भी जीवन है (आत्मिक अर्थ में) आसान शब्दों में पूरी कहानी Friday → दर्द और बलिदान Saturday → खामोशी और इंतज़ार Sunday → खुशी और जीत ।दिल को छूने वाली बात जब सबने सोचा कि सब खत्म हो गया…तभी भगवान ने सबसे बड़ा चमत्कार किया।इसलिए Easter सिर्फ एक त्योहार नहीं है…यह संदेश है कि अंधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, रोशनी जरूर आती है।
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    रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया।
*--यह कहानी सिर्फ एक इतिहास नहीं है… यह प्रेम, त्याग, दर्द और आशा की सबसे गहरी कहानी है।*
(सुशील कुमार ठाकुर राज्य कोऑर्डिनेटर दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मुजफ्फरपुर बिहार)
मुजफ्फरपुर 05 अप्रैल 2026 
मुजफ्फरपुर:-रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया
आइए इसे दिल से महसूस करते हुए समझते हैंlGood Friday – दर्द और बलिदान का दिन।उस दिन, Jesus Christ को लोगों ने गलत समझा, उनका अपमान किया, और उन्हें क्रूस (सलीब) पर चढ़ा दिया।
उनके हाथों और पैरों में कीलें ठोंकी गईं।उनके सिर पर काँटों का ताज रखा गया।लोग उनका मज़ाक उड़ा रहे थे।फिर भी…उन्होंने कहा: “पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।यह प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण था —जब दर्द में भी उन्होंने नफरत नहीं, बल्कि माफी दी।आख़िरकार, उन्होंने प्राण त्याग दिए।धरती पर अंधेरा छा गया… मानो सब कुछ खत्म हो गया हो। शनिवार – खामोशी और इंतज़ार यीशु मसीह के शरीर को कब्र (समाधि) में रखा गया
एक बड़ा पत्थर उस कब्र के मुंह पर लगा दिया गया।सैनिक पहरा दे रहे थे।उस दिन उनके शिष्य दुख और डर में थे। उन्हें लगा – “अब सब खत्म हो गया…यह दिन था:शांति का उदासी का और टूटे हुए विश्वास का Easter Sunday – जीत और जीवन का दिन तीसरे दिन… रविवार की सुबह कुछ महिलाएं कब्र पर गईं…लेकिन उन्होंने जो देखा, वह चौंकाने वाला था:पत्थर हट चुका था।कब्र खाली थी एक स्वर्गदूत ने कहा:वह यहाँ नहीं है… वह जी उठे हैं!”और सच में…Jesus Christ मृतकों में से जीवित हो गए थे!यह कहानी हमें क्या सिखाती है?Good Friday सिखाता है:
त्याग,माफी,सच्चा प्रेमEaster सिखाता है:आशा कभी नहीं मरती,बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।मौत के बाद भी जीवन है (आत्मिक अर्थ में)
आसान शब्दों में पूरी कहानी
Friday → दर्द और बलिदान 
Saturday → खामोशी और इंतज़ार Sunday → खुशी और जीत ।दिल को छूने वाली बात जब सबने सोचा कि सब खत्म हो गया…तभी भगवान ने सबसे बड़ा चमत्कार किया।इसलिए Easter सिर्फ एक त्योहार नहीं है…यह संदेश है कि अंधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, रोशनी जरूर आती है।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
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