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मेरठ के सरधना क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या स्थानीय लोगों के लिए रोज़मर्रा की परेशानी का सबब बनी हुई है। क्षेत्र की सड़कों पर लगातार जाम लगा रहता है, जिससे राहगीरों और निवासियों को आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अंजली मलिक
मेरठ के सरधना क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या स्थानीय लोगों के लिए रोज़मर्रा की परेशानी का सबब बनी हुई है। क्षेत्र की सड़कों पर लगातार जाम लगा रहता है, जिससे राहगीरों और निवासियों को आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में श्री अखिलेश यादव का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मेरठ बार एसोसिएशन के प्रांगण में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजवादी अधिवक्ता सभा के सम्मानित साथियों ने मिलकर अखिलेश यादव जी के जन्मदिन को उत्साह के साथ मनाया। इस कार्यक्रम का आयोजन नेत्रपाल सिंह कोल एडवोकेट, जो समाजवादी अधिवक्ता सभा मेरठ के जिला अध्यक्ष हैं, द्वारा किया गया।1
- 19 तारीख वाली जैतून का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित डॉ. विकास सेठ के क्लिनिक/अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मेडिकल सिस्टम और डॉक्टरों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ₹800 फीस जमा करने के बावजूद डॉक्टर डेढ़ घंटे से दो घंटे तक अस्पताल नहीं पहुंचे, जिसके चलते एक 14 दिन के मासूम बच्चे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पीड़ित पिता आसिफ के अनुसार, बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी और परिजनों ने आनन-फानन में काउंटर पर फीस जमा की, जिस पर अस्पताल के मैनेजर ने डॉक्टर के 5 से 10 मिनट में आने का भरोसा दिया था। हालांकि, डॉक्टर नहीं आए और मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा, और अंततः उसकी सांसें थम गईं। मामले की गंभीरता यहीं नहीं थमी; बच्चे की मौत के बाद जब दुखी परिवार ने डॉक्टर से देरी का कारण पूछा और लापरवाही का आरोप लगाया, तो डॉक्टर और उनके स्टाफ ने हमदर्दी दिखाने के बजाय पीड़ितों पर ही धौंस जमाना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने परिवार के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें धमकाया। घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन पीड़ित परिवार ने रो-रोकर बताया कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर मेरठ के सीएमओ रामप्रसाद जी से शिकायत की गई है, जिन्होंने मामले का संज्ञान लेने, एक टीम गठित कर जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है: क्या कुछ रुपयों की फीस एक मासूम की जिंदगी से बढ़कर हो गई? और जब कथित रूप से रक्षक ही भक्षक बन जाए तथा रसूख के दम पर पीड़ितों को धमकाने लगे, तो आम जनता न्याय के लिए कहाँ जाए? अब देखना यह होगा कि इस 'मौत के घर' पर कब और क्या कार्रवाई की जाती है।4
- मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में दिल्ली रोड पर स्थित एक अस्पताल में उपचार के दौरान 14 दिन के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद, बच्चे के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उन्होंने स्थिति को शांत कराया। क्षेत्राधिकारी ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि उन्हें अस्पताल में बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों द्वारा हंगामे की जानकारी मिली थी। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और परिजनों से प्राप्त शिकायत के आधार पर नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- मुजफ्फरनगर में एक सब-इंस्पेक्टर को कथित रूप से ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की सूचना मिली है, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने की बात कही है। अधिकारियों के बयान के अनुसार, फ़िलहाल जांच जारी है और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना या इस मामले के संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।1
- मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना द्वारा आमजन को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे अवैध धन की वसूली और साइबर ठगी करने वाले एक शातिर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियुक्त ₹20,000 के पुरस्कार घोषित अपराधियों की सूची में शामिल था। इस गिरफ्तारी के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जानकारी दी है।1
- मुजफ्फरनगर में एक सब-इंस्पेक्टर को कथित तौर पर ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की सूचना सामने आने के बाद, पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच जारी है और इसके पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना या इस संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि जांच पूरी होने के उपरांत ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी साझा की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मंगलवार को एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए लखनऊ-बहराइच नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे पूरे इलाके में गहमागहमी बढ़ गई। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके परिणामस्वरूप रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को कुछ समय के लिए पीछे हटना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम रामनगर आनंद कुमार तिवारी और सीओ गरिमा पंत अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और नेशनल हाईवे पर यातायात को बहाल कराया। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।1