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उत्तर प्रदेश के मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित डॉ. विकास सेठ के क्लिनिक/अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मेडिकल सिस्टम और डॉक्टरों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ₹800 फीस जमा करने के बावजूद डॉक्टर डेढ़ घंटे से दो घंटे तक अस्पताल नहीं पहुंचे, जिसके चलते एक 14 दिन के मासूम बच्चे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पीड़ित पिता आसिफ के अनुसार, बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी और परिजनों ने आनन-फानन में काउंटर पर फीस जमा की, जिस पर अस्पताल के मैनेजर ने डॉक्टर के 5 से 10 मिनट में आने का भरोसा दिया था। हालांकि, डॉक्टर नहीं आए और मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा, और अंततः उसकी सांसें थम गईं। मामले की गंभीरता यहीं नहीं थमी; बच्चे की मौत के बाद जब दुखी परिवार ने डॉक्टर से देरी का कारण पूछा और लापरवाही का आरोप लगाया, तो डॉक्टर और उनके स्टाफ ने हमदर्दी दिखाने के बजाय पीड़ितों पर ही धौंस जमाना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने परिवार के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें धमकाया। घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन पीड़ित परिवार ने रो-रोकर बताया कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर मेरठ के सीएमओ रामप्रसाद जी से शिकायत की गई है, जिन्होंने मामले का संज्ञान लेने, एक टीम गठित कर जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है: क्या कुछ रुपयों की फीस एक मासूम की जिंदगी से बढ़कर हो गई? और जब कथित रूप से रक्षक ही भक्षक बन जाए तथा रसूख के दम पर पीड़ितों को धमकाने लगे, तो आम जनता न्याय के लिए कहाँ जाए? अब देखना यह होगा कि इस 'मौत के घर' पर कब और क्या कार्रवाई की जाती है।

1 hr ago
user_Faiz Alam
Faiz Alam
मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश के मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित डॉ. विकास सेठ के क्लिनिक/अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मेडिकल सिस्टम और डॉक्टरों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ₹800 फीस जमा करने के बावजूद डॉक्टर डेढ़ घंटे से दो घंटे तक अस्पताल नहीं पहुंचे, जिसके चलते एक 14 दिन के मासूम बच्चे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पीड़ित पिता आसिफ के

अनुसार, बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी और परिजनों ने आनन-फानन में काउंटर पर फीस जमा की, जिस पर अस्पताल के मैनेजर ने डॉक्टर के 5 से 10 मिनट में आने का भरोसा दिया था। हालांकि, डॉक्टर नहीं आए और मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा, और अंततः उसकी सांसें थम गईं। मामले की गंभीरता यहीं नहीं थमी; बच्चे की मौत के बाद जब दुखी परिवार ने डॉक्टर से देरी का कारण पूछा और लापरवाही का आरोप

लगाया, तो डॉक्टर और उनके स्टाफ ने हमदर्दी दिखाने के बजाय पीड़ितों पर ही धौंस जमाना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने परिवार के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें धमकाया। घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन पीड़ित परिवार ने रो-रोकर बताया कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर मेरठ के सीएमओ रामप्रसाद जी से शिकायत की गई है, जिन्होंने मामले का संज्ञान लेने, एक टीम गठित कर

जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है: क्या कुछ रुपयों की फीस एक मासूम की जिंदगी से बढ़कर हो गई? और जब कथित रूप से रक्षक ही भक्षक बन जाए तथा रसूख के दम पर पीड़ितों को धमकाने लगे, तो आम जनता न्याय के लिए कहाँ जाए? अब देखना यह होगा कि इस 'मौत के घर' पर कब और क्या कार्रवाई की जाती है।

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  • मेरठ में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे दारोगा प्रकाश चंद्र को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दारोगा ने इन्वेस्टिगेशन के नाम पर यह रिश्वत मांगी थी और इसके लिए कोडवर्ड के रूप में '20 किलो अनार लाना' कहा था, जिसका अर्थ था कि एक किलो अनार ₹10,000 के बराबर है, यानी कुल ₹20,000। यह मामला मुजफ्फरनगर के शामली स्थित घटायन गांव की संगीता से संबंधित है, जिन्होंने आर्थिक तंगी के चलते अपनी जमीन का सौदा गंगानगर के रिश्तेदार नमन चौधरी से किया था। नमन द्वारा एक महीने में रजिस्ट्री न करा पाने और बाद में सौदा रद्द कर अपना एडवांस वापस मांगने पर विवाद बढ़ गया। संगीता के भांजे दीपक ने जब नमन से बात करने का प्रयास किया, तो नमन ने इनकार कर दिया और पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाने के साथ धमकी भी दी। एक पंचायत के जरिए यह तय हुआ कि संगीता की जमीन बिकने पर नमन का एडवांस लौटा दिया जाएगा, जिसे नमन ने स्वीकार भी कर लिया था। हालांकि, बाद में नमन ने पवन कुमार, संगीता और उनके बेटे नवनीत के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी मुकदमे के संदर्भ में 31 मई, 2026 की सुबह गंगानगर थाने में तैनात 1993 बैच के दारोगा प्रकाश चंद्र पुलिस टीम के साथ संगीता के मुजफ्फरनगर स्थित घर पहुंचे थे। दीपक ने गंगानगर थाने जाकर दारोगा प्रकाश चंद्र से मुलाकात की और बताया कि मुकदमा झूठा है, लेकिन दारोगा ने 'सच लिखने' के लिए ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की। दीपक के मोलभाव के बाद, यह राशि पहले ₹1 लाख, फिर ₹50,000 और अंततः 23 जून को ₹20,000 पर तय हुई। एंटी करप्शन टीम को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने पीड़ित से दारोगा को फोन करवाया। दारोगा ने पीड़ित को पुलिस लाइन के गेट नंबर-3 के पास बुलाया, जहां वह अपनी गाड़ी के पास खड़ा था। जैसे ही पीड़ित युवक ने दारोगा को ₹20,000 दिए, टीम ने उसे तत्काल पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, दारोगा प्रकाश चंद्र को सिविल लाइंस थाने लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
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    मेरठ में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे दारोगा प्रकाश चंद्र को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दारोगा ने इन्वेस्टिगेशन के नाम पर यह रिश्वत मांगी थी और इसके लिए कोडवर्ड के रूप में '20 किलो अनार लाना' कहा था, जिसका अर्थ था कि एक किलो अनार ₹10,000 के बराबर है, यानी कुल ₹20,000।

यह मामला मुजफ्फरनगर के शामली स्थित घटायन गांव की संगीता से संबंधित है, जिन्होंने आर्थिक तंगी के चलते अपनी जमीन का सौदा गंगानगर के रिश्तेदार नमन चौधरी से किया था। नमन द्वारा एक महीने में रजिस्ट्री न करा पाने और बाद में सौदा रद्द कर अपना एडवांस वापस मांगने पर विवाद बढ़ गया। संगीता के भांजे दीपक ने जब नमन से बात करने का प्रयास किया, तो नमन ने इनकार कर दिया और पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाने के साथ धमकी भी दी। एक पंचायत के जरिए यह तय हुआ कि संगीता की जमीन बिकने पर नमन का एडवांस लौटा दिया जाएगा, जिसे नमन ने स्वीकार भी कर लिया था। हालांकि, बाद में नमन ने पवन कुमार, संगीता और उनके बेटे नवनीत के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी मुकदमे के संदर्भ में 31 मई, 2026 की सुबह गंगानगर थाने में तैनात 1993 बैच के दारोगा प्रकाश चंद्र पुलिस टीम के साथ संगीता के मुजफ्फरनगर स्थित घर पहुंचे थे। दीपक ने गंगानगर थाने जाकर दारोगा प्रकाश चंद्र से मुलाकात की और बताया कि मुकदमा झूठा है, लेकिन दारोगा ने 'सच लिखने' के लिए ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की। दीपक के मोलभाव के बाद, यह राशि पहले ₹1 लाख, फिर ₹50,000 और अंततः 23 जून को ₹20,000 पर तय हुई।

एंटी करप्शन टीम को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने पीड़ित से दारोगा को फोन करवाया। दारोगा ने पीड़ित को पुलिस लाइन के गेट नंबर-3 के पास बुलाया, जहां वह अपनी गाड़ी के पास खड़ा था। जैसे ही पीड़ित युवक ने दारोगा को ₹20,000 दिए, टीम ने उसे तत्काल पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, दारोगा प्रकाश चंद्र को सिविल लाइंस थाने लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
    user_Faiz Alam
    Faiz Alam
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ऑर्किड होटल रुड़की रोड पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन की एक भव्य जनपदीय सभा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस सभा के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही समाज की एकजुटता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ। स्वर्णकार समाज ने देश के विकास और व्यापारिक हितों को लेकर संकल्प भी लिया।
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    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ऑर्किड होटल रुड़की रोड पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन की एक भव्य जनपदीय सभा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस सभा के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही समाज की एकजुटता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ। स्वर्णकार समाज ने देश के विकास और व्यापारिक हितों को लेकर संकल्प भी लिया।
    user_Mohd Waseem
    Mohd Waseem
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मो. याकूब अंसारी मेरठ जिले की सरधना तहसील के नवाब गड़ी गांव के निवासी हैं।
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    मो. याकूब अंसारी मेरठ जिले की सरधना तहसील के नवाब गड़ी गांव के निवासी हैं।
    user_SONU DISH TV = 📡
    SONU DISH TV = 📡
    Handloom Weaver सरधना, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • अमित सैनी रोहतकिया का नया गाना जारी हो गया है, जिसका शीर्षक 'सैनीयो का खेल कभी बेल कभी जेल' है।
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    अमित सैनी रोहतकिया का नया गाना जारी हो गया है, जिसका शीर्षक 'सैनीयो का खेल कभी बेल कभी जेल' है।
    user_Abhishek saini
    Abhishek saini
    Singer सरधना, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • एक छोटी बालिका ने बड़ी बेबाकी से एक महत्वपूर्ण बात कही है, जिसमें उसने उन लोगों को सीधा संदेश दिया है जो 'एक मोदी' से परेशान हैं। बालिका ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर वे एक मोदी से समस्या महसूस करते हैं, तो उन्हें एक बार राष्ट्र स्वयंसेवक (RSS) के खेमे में आकर देखना चाहिए। यह चुनौती भरा बयान मूल पाठ में बार-बार दोहराया गया है।
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    एक छोटी बालिका ने बड़ी बेबाकी से एक महत्वपूर्ण बात कही है, जिसमें उसने उन लोगों को सीधा संदेश दिया है जो 'एक मोदी' से परेशान हैं। बालिका ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर वे एक मोदी से समस्या महसूस करते हैं, तो उन्हें एक बार राष्ट्र स्वयंसेवक (RSS) के खेमे में आकर देखना चाहिए। यह चुनौती भरा बयान मूल पाठ में बार-बार दोहराया गया है।
    user_PARUL SIROHI BC MEERUT
    PARUL SIROHI BC MEERUT
    सरधना, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • जनपद हापुड़ में बुधवार को ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद विद्यालयों में एक बार फिर से रौनक लौट आई। बाबूगढ़ छावनी स्थित डिपो रोड पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के निकट स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल में नए सत्र के पहले दिन छात्र-छात्राओं का विशेष स्वागत किया गया। विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों का शिक्षिकाओं ने रोली-टीका लगाकर, मिठाई और चॉकलेट वितरित कर स्वागत किया। इस स्वागत समारोह से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे विद्यालय का वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण बन गया। इस अवसर पर विद्यालय की संचालिका डॉ. स्वाति वर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शुरुआती 10 बच्चों को निशुल्क प्रवेश की सुविधा प्रदान की जाएगी। विद्यालय में प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा समय-समय पर विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए कंप्यूटर शिक्षा की भी व्यवस्था की गई है। डॉ. वर्मा ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आह्वान किया और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की।
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    जनपद हापुड़ में बुधवार को ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद विद्यालयों में एक बार फिर से रौनक लौट आई। बाबूगढ़ छावनी स्थित डिपो रोड पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के निकट स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल में नए सत्र के पहले दिन छात्र-छात्राओं का विशेष स्वागत किया गया।

विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों का शिक्षिकाओं ने रोली-टीका लगाकर, मिठाई और चॉकलेट वितरित कर स्वागत किया। इस स्वागत समारोह से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे विद्यालय का वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण बन गया।

इस अवसर पर विद्यालय की संचालिका डॉ. स्वाति वर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शुरुआती 10 बच्चों को निशुल्क प्रवेश की सुविधा प्रदान की जाएगी। विद्यालय में प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा समय-समय पर विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए कंप्यूटर शिक्षा की भी व्यवस्था की गई है।

डॉ. वर्मा ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आह्वान किया और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की।
    user_Amit Kumar
    Amit Kumar
    हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के गंजबासौदा नगर में आज फल सब्जी विक्रेताओं ने अनुविभागीय अधिकारी अनुभा जैन को एक ज्ञापन सौंपकर उन्हें स्थायी स्थान आवंटित करने की मांग की है। विक्रेताओं ने ज्ञापन में अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए बताया कि वे पहले पुराने मेला ग्राउंड में अपना व्यापार करते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां से हटाकर नवीन मेला ग्राउंड में स्थान दिया था। हालांकि, कुछ समय बाद प्रशासन ने उन्हें नवीन मेला ग्राउंड से हटाकर पुराना गल्ला मंडी में व्यापार करने का निर्देश दिया। जब फल सब्जी विक्रेताओं ने पुराना गल्ला मंडी में अपना व्यापार शुरू किया, तो उन्हें एक बार फिर वहां से भी हटने के लिए कहा गया। इसी के चलते, सभी फल सब्जी विक्रेताओं ने अपनी समस्याओं के समाधान और एक स्थायी स्थान के आवंटन की मांग को लेकर यह ज्ञापन प्रस्तुत किया है।
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    मध्य प्रदेश के गंजबासौदा नगर में आज फल सब्जी विक्रेताओं ने अनुविभागीय अधिकारी अनुभा जैन को एक ज्ञापन सौंपकर उन्हें स्थायी स्थान आवंटित करने की मांग की है। विक्रेताओं ने ज्ञापन में अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए बताया कि वे पहले पुराने मेला ग्राउंड में अपना व्यापार करते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां से हटाकर नवीन मेला ग्राउंड में स्थान दिया था।

हालांकि, कुछ समय बाद प्रशासन ने उन्हें नवीन मेला ग्राउंड से हटाकर पुराना गल्ला मंडी में व्यापार करने का निर्देश दिया। जब फल सब्जी विक्रेताओं ने पुराना गल्ला मंडी में अपना व्यापार शुरू किया, तो उन्हें एक बार फिर वहां से भी हटने के लिए कहा गया। इसी के चलते, सभी फल सब्जी विक्रेताओं ने अपनी समस्याओं के समाधान और एक स्थायी स्थान के आवंटन की मांग को लेकर यह ज्ञापन प्रस्तुत किया है।
    user_Ground News 24x7
    Ground News 24x7
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मेरठ में आगामी कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। यात्रा से पहले पुलिस ने डीजे संचालकों पर शिकंजा कसा है, जिसमें अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की उत्तेजक, भड़काऊ या आपत्तिजनक टिप्पणी करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। हालांकि डीजे के बिना कावड़ यात्रा को अधूरा माना जाता है और राजनीतिक दल भी इसका समर्थन करते रहे हैं, लेकिन कई बार डीजे के कारण यात्रा में व्यवधान पैदा हुआ है। पुलिस की इस सख्ती का कारण अतीत में हुए हादसे हैं, जहाँ डीजे के अत्यधिक चौड़े और ऊँचे होने की वजह से कई शिव भक्त कावड़ियों को अपनी जान भी गँवानी पड़ी है।
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    उत्तर प्रदेश के मेरठ में आगामी कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। यात्रा से पहले पुलिस ने डीजे संचालकों पर शिकंजा कसा है, जिसमें अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की उत्तेजक, भड़काऊ या आपत्तिजनक टिप्पणी करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

हालांकि डीजे के बिना कावड़ यात्रा को अधूरा माना जाता है और राजनीतिक दल भी इसका समर्थन करते रहे हैं, लेकिन कई बार डीजे के कारण यात्रा में व्यवधान पैदा हुआ है। पुलिस की इस सख्ती का कारण अतीत में हुए हादसे हैं, जहाँ डीजे के अत्यधिक चौड़े और ऊँचे होने की वजह से कई शिव भक्त कावड़ियों को अपनी जान भी गँवानी पड़ी है।
    user_Mohd Waseem
    Mohd Waseem
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखते हुए देश के संविधान की एकरूपता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह प्रश्न किया है कि जब संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है, तो फिर हमारे मंदिरों के दानपात्रों में जमा होने वाला पैसा बाहर क्यों चला जाता है। प्रो. कुलश्रेष्ठ ने इस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि संविधान एक है, तो इस तरह का भेदभाव क्यों किया जाता है।
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    प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखते हुए देश के संविधान की एकरूपता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह प्रश्न किया है कि जब संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है, तो फिर हमारे मंदिरों के दानपात्रों में जमा होने वाला पैसा बाहर क्यों चला जाता है। प्रो. कुलश्रेष्ठ ने इस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि संविधान एक है, तो इस तरह का भेदभाव क्यों किया जाता है।
    user_PARUL SIROHI BC MEERUT
    PARUL SIROHI BC MEERUT
    सरधना, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
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