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केंद्र की बीजेपी सरकार लगातार बहुत गलतियां कर रही है। समझ नहीं आ रहा कि मोदी जी और अमित शाह जी को क्या हो गया है, उनके एक नए बयान के बाद से चौतरफा घमासान मच गया है।
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केंद्र की बीजेपी सरकार लगातार बहुत गलतियां कर रही है। समझ नहीं आ रहा कि मोदी जी और अमित शाह जी को क्या हो गया है, उनके एक नए बयान के बाद से चौतरफा घमासान मच गया है।
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- केंद्र की बीजेपी सरकार लगातार बहुत गलतियां कर रही है। समझ नहीं आ रहा कि मोदी जी और अमित शाह जी को क्या हो गया है, उनके एक नए बयान के बाद से चौतरफा घमासान मच गया है।1
- गोरखपुर में जिला चिकित्सालय और श्री आई केयर (मोगलहा रोड, मोहद्दीपुर) की संयुक्त पहल से जिला कारागार में निरुद्ध 48 बंदियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य बंदियों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाना है। इस अभियान के तहत 30 जून 2026 को वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय सिंह के निर्देशन में जिला कारागार परिसर में आधुनिक उपकरणों की सहायता से विशेष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था। जांच के दौरान निकट व दूर दृष्टि दोष, धुंधली दृष्टि तथा एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित बंदियों की पहचान कर उन्हें आई ड्रॉप, लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप और आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया गया था। जांच के उपरांत चयनित 48 बंदियों को 27 जुलाई 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उच्च गुणवत्ता वाले चश्मे सौंपे गए। ये चश्मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) गोरखपुर डॉ. राजेश झा तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अतुल सिंह के सहयोग से उपलब्ध कराए गए थे। वितरण कार्यक्रम में जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय, जेल अधीक्षक आशीष रंजन और जेलर अरुण कुमार कुशवाहा की उपस्थिति में बंदियों को चश्मे दिए गए, जिस पर बंदियों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जेल प्रशासन के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर बंदियों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। वहीं जेल अधीक्षक आशीष रंजन ने इसे अन्य जनपदों के लिए भी अनुकरणीय पहल बताया। कार्यक्रम का संचालन जेलर अरुण कुमार कुशवाहा ने किया। इस दौरान नरेश कुमार, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय कुमार राय, उप जेलर विजय कुमार, आदित्य कुमार जायसवाल सहित जेल प्रशासन और श्री आई केयर की टीम के सदस्य उपस्थित रहे।1
- पूर्वोत्तर रेलवे मेन्स कांग्रेस का दो दिवसीय 14वां महा अधिवेशन 25 और 26 जुलाई को गोरखपुर के रेलवे ऑडिटोरियम में आयोजित होने जा रहा है। इस अधिवेशन में रेलवे के बढ़ते निजीकरण, पुरानी पेंशन बहाली और रेल कर्मचारियों के शोषण जैसे मुद्दों सहित अनेक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रेलवे के अनेक जोनों से जुड़े कर्मचारी अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।1
- गोरखपुर में 'पूर्वांचल गांधी' डॉ. संपूर्णानंद मल्ल अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने वीसी (VC) पूनम टंडन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- गोरखपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 43, शाहपुर की भाजपा पार्षद ज्ञानती देवी का नामांकन और निर्वाचन निरस्त कर दिया गया है। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 23 जुलाई, गुरुवार को यह फैसला सुनाया है। याचिका में ज्ञानती देवी पर तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाया गया था, जिसे कोर्ट ने सही माना है। फैसले की कॉपी जिला निर्वाचन अधिकारी नगरीय निकाय को भेज दी गई है। वर्ष 2023 के नगरीय निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 43 की सीट महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित थी। पूर्व पार्षद चंद्रशेखर सिंह ने अपनी माता ज्ञानती देवी को भाजपा के टिकट पर इस सीट से चुनाव लड़ाया था। वहीं आम आदमी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने वाली प्रत्याशी अर्चना शुक्ला ने ज्ञानती देवी के नामांकन और निर्वाचन को चुनौती देते हुए जिला जज के समक्ष याचिका दाखिल की थी। बाद में इस वाद को निस्तारण के लिए एडीजे कोर्ट स्थानांतरित किया गया था, जहाँ दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला दिया। इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने जानकारी दी कि वे अभी आदेश का अवलोकन नहीं कर सके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट का जैसा भी आदेश होगा, उसी के अनुरूप आगे की कार्यवाही की जाएगी।1
- गोरखपुर के विश्वविद्यालय गेट पर अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांधकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। अधिवक्ताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में यह विरोध जताया है और छात्रों की माँगों के साथ खड़े रहने का ऐलान किया है।1
- संत कबीर नगर जनपद में महिला संबंधी अपराधों और गैंगस्टर एक्ट के मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना ने पुलिस कार्यालय में अर्दली रूम का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने लंबित व आंशिक विवेचनाओं की बिंदुवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अर्दली रूम में क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा, क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय सहित जनपद के समस्त थाना प्रभारी, थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक, विवेचक, हेडमुहर्रिर और अपराध शाखा के संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान गैंगस्टर अधिनियम तथा महिला संबंधी गंभीर अपराधों—जैसे हत्या, दहेज हत्या, बलात्कार, अपहरण, शीलभंग, छेड़खानी एवं 105 बीएनएस व 109 बीएनएस की धाराओं से संबंधित विवेचनाओं में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने 09 विवेचकों की प्रारंभिक जांच, 01 विवेचक से स्पष्टीकरण तथा 04 विवेचकों से विवेचनाएं थाना से अपराध शाखा को स्थानांतरित करने का आदेश दिया। विवेचकों को भविष्य में शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी गई तथा साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और यक्ष ऐप, E-समन व S-ID प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों के अधिकतम प्रयोग के निर्देश दिए गए। आगामी सावन पर्व के दृष्टिगत जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समस्त थाना प्रभारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी, पैदल गश्त, निरोधात्मक कार्रवाई और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिला संबंधी अपराधों एवं संगठित अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष व गुणवत्तापूर्ण विवेचना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।3
- गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा पूर्वांचल गांधी डॉक्टर संपूर्णानंद मल्ल को अयोग्य ठहराकर निष्कासित कर दिया गया है, जिसे पूरी तरीके से गलत और अमानवीय कृत्य माना जा रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में पूर्वांचल गांधी ने ऐलान किया है कि यदि प्रोफेसर के पद पर उनकी बहाली नहीं की गई, तो वे अगस्त क्रांति के महीने में लखनऊ के राज भवन के सामने तिरंगा उठाकर इस अन्याय और नाइंसाफी के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे।1