कमीशन के 3 लाख रुपये को लेकर वकीलों के दो पक्षों में हुई जूतम पैजार ,जमकर हुई मारपीट,बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने करायी सुलह....... हरियाणा के रेवाड़ी में वकीलों के बीच कमीशन को लेकर जूते चल गए। एक दूसरे को नीचे पटक पटक कर मारा गया। वकीलों के दो पक्षों में 3 लाख रुपए के कमीशन पर विवाद हुआ था। दुर्घटना के केस में 30 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश हुए तो केस में वकालतनामा देने वाले दो वकीलों के समूह में अपने हक को लेकर लड़ाई हुई l एक ही मामले में दो वकीलों का वकालतनामा जानकारी के अनुसार कोर्ट ने एक दुर्घटना मामले के केस में 30 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए थे। पहले इस मामले में एक पक्ष के वकील का वकालत नामा था, लेकिन इसी मामले में दूसरे पक्ष के एक वकील ने भी वकालतनामा दे दिया। इसी को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। दोनों पक्षों के वकील इसी बात को लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए l वहीं बार एसोसिएशन प्रधान बोले- मामला निपटा दिया गया है l रेवाड़ी बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र का बयान आया है कि झगड़ा जैसी कोई बात नहीं है। दो वकीलों के बीच कुछ गलतफहमी थी। जिसे लेकर मामूली विवाद हुआ था। दोनों पक्षों को बैठाकर कल ही मामला निपटा दिया था। अब दोनों के बीच ऐसी कोई बात नहीं है। कुछ लोगों ने उसकी वीडियो बनाकर डाल दी होगी। ऐसी छोटी मोटी बातों को तवज्जो देना ठीक नहीं है........
कमीशन के 3 लाख रुपये को लेकर वकीलों के दो पक्षों में हुई जूतम पैजार ,जमकर हुई मारपीट,बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने करायी सुलह....... हरियाणा के रेवाड़ी में वकीलों के बीच कमीशन को लेकर जूते चल गए। एक दूसरे को नीचे पटक पटक कर मारा गया। वकीलों के दो पक्षों में 3 लाख रुपए के कमीशन पर विवाद हुआ था। दुर्घटना के केस में 30 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश हुए तो केस में वकालतनामा देने वाले दो वकीलों के समूह में अपने हक को लेकर लड़ाई हुई l एक ही मामले में दो वकीलों का वकालतनामा जानकारी के अनुसार कोर्ट ने एक दुर्घटना मामले के केस में 30 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए थे। पहले इस मामले में एक पक्ष के वकील का वकालत नामा था, लेकिन इसी मामले में दूसरे पक्ष के एक वकील ने भी वकालतनामा दे दिया। इसी को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। दोनों पक्षों के वकील इसी बात को लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए l वहीं बार एसोसिएशन प्रधान बोले- मामला निपटा दिया गया है l रेवाड़ी बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र का बयान आया है कि झगड़ा जैसी कोई बात नहीं है। दो वकीलों के बीच कुछ गलतफहमी थी। जिसे लेकर मामूली विवाद हुआ था। दोनों पक्षों को बैठाकर कल ही मामला निपटा दिया था। अब दोनों के बीच ऐसी कोई बात नहीं है। कुछ लोगों ने उसकी वीडियो बनाकर डाल दी होगी। ऐसी छोटी मोटी बातों को तवज्जो देना ठीक नहीं है........
- Post by Sanket Chaturvedi1
- कमीशन के 3 लाख रुपये को लेकर वकीलों के दो पक्षों में हुई जूतम पैजार ,जमकर हुई मारपीट,बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने करायी सुलह....... हरियाणा के रेवाड़ी में वकीलों के बीच कमीशन को लेकर जूते चल गए। एक दूसरे को नीचे पटक पटक कर मारा गया। वकीलों के दो पक्षों में 3 लाख रुपए के कमीशन पर विवाद हुआ था। दुर्घटना के केस में 30 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश हुए तो केस में वकालतनामा देने वाले दो वकीलों के समूह में अपने हक को लेकर लड़ाई हुई l एक ही मामले में दो वकीलों का वकालतनामा जानकारी के अनुसार कोर्ट ने एक दुर्घटना मामले के केस में 30 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए थे। पहले इस मामले में एक पक्ष के वकील का वकालत नामा था, लेकिन इसी मामले में दूसरे पक्ष के एक वकील ने भी वकालतनामा दे दिया। इसी को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। दोनों पक्षों के वकील इसी बात को लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए l वहीं बार एसोसिएशन प्रधान बोले- मामला निपटा दिया गया है l रेवाड़ी बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र का बयान आया है कि झगड़ा जैसी कोई बात नहीं है। दो वकीलों के बीच कुछ गलतफहमी थी। जिसे लेकर मामूली विवाद हुआ था। दोनों पक्षों को बैठाकर कल ही मामला निपटा दिया था। अब दोनों के बीच ऐसी कोई बात नहीं है। कुछ लोगों ने उसकी वीडियो बनाकर डाल दी होगी। ऐसी छोटी मोटी बातों को तवज्जो देना ठीक नहीं है........1
- मंगोलपुरी थाना क्षेत्र में मोहित नाम के युवक की चाकू मार कर हत्या की पुलिस ने मामला दर्ज किया1
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- एनएसई अनलिस्टेड शेयर फ्रॉड: 22 करोड़ की ठगी, जांच एजेंसियों पर लापरवाही के आरोप राजधानी दिल्ली से एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के अनलिस्टेड शेयरों में निवेश के नाम पर करीब 22 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों पर गंभीर लापरवाही और निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों को मोटे मुनाफे का झांसा देकर बड़ी रकम एकत्र की और बाद में धोखाधड़ी कर पैसे हड़प लिए। परिवार का कहना है कि यह राशि उनकी निजी नहीं थी, बल्कि कई निवेशकों की मेहनत की कमाई थी, जिसे उन्होंने भरोसे के आधार पर निवेश के लिए सौंपा था। मामले को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप है कि छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार शिकायतों और दबाव के बाद 21 नवंबर को आखिरकार मुख्य आरोपियों स्नेह कीर्ति नागदा और कीर्ति नागदा के खिलाफ एफआईआर संख्या 140/25 दर्ज की गई। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के दो महीने बाद भी जांच में कोई खास प्रगति नहीं हो सकी है। पीड़ितों का कहना है कि जांच न तो निष्पक्ष तरीके से हो रही है और न ही पारदर्शी ढंग से। उनका आरोप है कि इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ रही है, जिनके रसूख के चलते आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही। परिवार का यह भी दावा है कि मुख्य आरोपी पहले भी इस तरह के कई मामलों में शामिल रहे हैं और उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं, लेकिन हर बार वे किसी न किसी तरह बच निकलते हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि शिकायतकर्ताओं को अब तक एफआईआर की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि यह उनका कानूनी अधिकार है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय दिलाने के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें आरोपी जैसा व्यवहार झेलना पड़ रहा है। इसके साथ ही जांच को आगे बढ़ाने के बदले कुछ अनुचित आर्थिक अपेक्षाओं के संकेत देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ितों ने खास तौर पर आईएफएसओ द्वारका यूनिट पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मामले में कोई सार्थक प्रगति नहीं हो रही है। उनका कहना है कि निवेशकों का लगातार दबाव बढ़ रहा है और पूरा परिवार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी बात सार्वजनिक की, जिसमें अभिषेक सांगल ने जांच एजेंसियों से निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की अपील की। अब देखना यह होगा कि इतने गंभीर आरोपों के बाद जांच एजेंसियां कब तक हरकत में आती हैं और पीड़ितों को न्याय मिल पाता है या नहीं।1
- Post by Azad Dastak News1
- एक नाइजीरियाई नागरिक ‘हैंडसम हंक’ बनकर दिल्ली की महिलाओं से दोस्ती करता। फिर उन्हें महंगे गिफ्ट और हजारों पाउंड भेजने का झांसा देकर ठग लेता। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने आरोपी कुलीबेली अमारा (32) को बुराड़ी से दबोच लिया है। साथ ही उसे ट्रांजेक्शन के लिए फर्जी बैंक अकाउंट देने वाले अंश ओबेरॉय (22), कुणाल (31) और एक 16 वर्षीय नाबालिग को भी पकड़ लिया है। आरोपियों के पास 22 मोबाइल फोन,14 सिम कार्ड (3 यूके के सिम सहित), बैंक दस्तावेज और डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं।1
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