दमोह जिले के हटा विकासखंड के हिनौता गाँव में लगभग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नवीन स्कूल भवन के लोकार्पण समारोह में निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर विवाद सामने आया है। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गोपाल पटेल ने मंच से ही भवन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेकेदार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों पर करोड़ों खर्च करती है, लेकिन निर्माण एजेंसियों की लापरवाही से सरकारी मंशा विफल हो रही है। मंडल अध्यक्ष गोपाल पटेल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि वर्तमान में कई सरकारी भवन गुणवत्ता से समझौता करके बनाए जा रहे हैं। उन्होंने अंग्रेजों के समय के भवनों की मजबूती का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि उनकी उम्र आज भी बरकरार है, जबकि नए भवनों की आयु 10-20 साल भी नहीं होती। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी निर्माण कार्यों की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, पटेल ने कार्यक्रम के शिलालेख और आमंत्रण पत्र में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम पटेल का नाम शामिल न किए जाने पर भी अपनी नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग की भवन शाखा द्वारा किया गया है, जिसके पास क्षेत्र में अन्य शैक्षणिक भवनों के निर्माण की भी जिम्मेदारी है। विभाग में उपयंत्री का पद खाली होने और एसडीओ के तबादले के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी प्रभावित होने की बात भी सामने आई है, वहीं संबंधित ठेकेदार का नाम पहले भी अनियमितताओं के मामलों में चर्चा में रह चुका है। मंच से यह मुद्दा उठने के बाद, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हटा विधायक उमा देवी खटीक ने भी भवन की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक आवश्यक सुधार कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक भवन का हैंडओवर स्वीकार न किया जाए। विधायक ने जोर देकर कहा कि सरकारी धन के उपयोग में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस सार्वजनिक विवाद के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विभागीय निगरानी और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं, और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग भवन में सुधार कराता है या पूरे मामले की गहन जांच कराता है।
दमोह जिले के हटा विकासखंड के हिनौता गाँव में लगभग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नवीन स्कूल भवन के लोकार्पण समारोह में निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर विवाद सामने आया है। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गोपाल पटेल ने मंच से ही भवन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेकेदार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों पर करोड़ों खर्च करती है, लेकिन निर्माण एजेंसियों की लापरवाही से सरकारी मंशा विफल हो रही है। मंडल अध्यक्ष गोपाल पटेल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि वर्तमान में कई सरकारी भवन गुणवत्ता से समझौता करके बनाए जा रहे हैं। उन्होंने अंग्रेजों के समय के भवनों की मजबूती का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि उनकी उम्र आज भी बरकरार है, जबकि नए भवनों की आयु 10-20 साल भी नहीं होती। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी निर्माण कार्यों की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, पटेल ने कार्यक्रम के शिलालेख और आमंत्रण पत्र में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम पटेल का नाम शामिल न किए जाने पर भी अपनी नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग की भवन शाखा द्वारा किया गया है, जिसके पास क्षेत्र में अन्य शैक्षणिक भवनों के निर्माण की भी जिम्मेदारी है। विभाग में उपयंत्री का पद खाली होने और एसडीओ के तबादले के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी प्रभावित होने की बात भी सामने आई है, वहीं संबंधित ठेकेदार का नाम पहले भी अनियमितताओं के मामलों में चर्चा में रह चुका है। मंच से यह मुद्दा उठने के बाद, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हटा विधायक उमा देवी खटीक ने भी भवन की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक आवश्यक सुधार कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक भवन का हैंडओवर स्वीकार न किया जाए। विधायक ने जोर देकर कहा कि सरकारी धन के उपयोग में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस सार्वजनिक विवाद के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विभागीय निगरानी और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं, और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग भवन में सुधार कराता है या पूरे मामले की गहन जांच कराता है।
- आंध्र प्रदेश में एक 49 वर्षीय पुजारी ने दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने का दावा किया, जिसके बाद उन्होंने पहाड़ की चोटी से छलांग लगा दी। इस घटना में पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई।1
- सी न्यूज़ भारत 16 जुलाई 2026 को लखनऊ के ताजमहल होटल में दिखाई देगा।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोर की अपने घर की मरम्मत करते समय विद्युत करंट लगने से दुखद मौत हो गई, जिससे उसके परिवार में गहरा मातम छा गया है। जानकारी के अनुसार, पुरा दफाई निवासी 16 वर्षीय संदीप गौड़ अपने छोटे भाई के साथ घर का मरम्मत कार्य कर रहा था। इसी दौरान वह घर के ऊपर से गुजर रहे एक विद्युत तार की चपेट में आ गया और अचेत हो गया। परिवार के सदस्य तुरंत संदीप को गोटेगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मृतक की सूचना पुलिस थाने में भेजी गई, जिसके बाद पुलिस ने अस्पताल पहुँचकर पंचनामा की कार्यवाही पूरी की और डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस इस पूरे मामले की जाँच कर रही है।1
- छतरपुर के घुवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा डालने तथा अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ करने के आरोप में सहायक सचिव सहित 35 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घुवारा पुलिस चौकी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत यह प्रकरण दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब 1 बजे मढ़ीखेरा पंचायत के सहायक सचिव थुबना अहिरवार के साथ लगभग 35 लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुवारा पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आनंद यादव एवं नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की गई और अस्पताल की शासकीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के संबंध में पुलिस ने बुधवार दोपहर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी थुबना अहिरवार सहित अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। अब इस मामले में यह देखना होगा कि सहायक सचिव के विरुद्ध कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के द्वारा प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- दमोह जिले के हटा विकासखंड के हिनौता गाँव में लगभग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नवीन स्कूल भवन के लोकार्पण समारोह में निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर विवाद सामने आया है। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गोपाल पटेल ने मंच से ही भवन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेकेदार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों पर करोड़ों खर्च करती है, लेकिन निर्माण एजेंसियों की लापरवाही से सरकारी मंशा विफल हो रही है। मंडल अध्यक्ष गोपाल पटेल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि वर्तमान में कई सरकारी भवन गुणवत्ता से समझौता करके बनाए जा रहे हैं। उन्होंने अंग्रेजों के समय के भवनों की मजबूती का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि उनकी उम्र आज भी बरकरार है, जबकि नए भवनों की आयु 10-20 साल भी नहीं होती। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी निर्माण कार्यों की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, पटेल ने कार्यक्रम के शिलालेख और आमंत्रण पत्र में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम पटेल का नाम शामिल न किए जाने पर भी अपनी नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग की भवन शाखा द्वारा किया गया है, जिसके पास क्षेत्र में अन्य शैक्षणिक भवनों के निर्माण की भी जिम्मेदारी है। विभाग में उपयंत्री का पद खाली होने और एसडीओ के तबादले के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी प्रभावित होने की बात भी सामने आई है, वहीं संबंधित ठेकेदार का नाम पहले भी अनियमितताओं के मामलों में चर्चा में रह चुका है। मंच से यह मुद्दा उठने के बाद, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हटा विधायक उमा देवी खटीक ने भी भवन की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक आवश्यक सुधार कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक भवन का हैंडओवर स्वीकार न किया जाए। विधायक ने जोर देकर कहा कि सरकारी धन के उपयोग में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस सार्वजनिक विवाद के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विभागीय निगरानी और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं, और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग भवन में सुधार कराता है या पूरे मामले की गहन जांच कराता है।1
- गोटेगांव पुलिस ने एक शराब कारोबारी के साथ हुई मारपीट के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने के अपने अभियान के तहत की है। गोटेगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध उनकी कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी।1
- सागर जिले के बीना स्थित शासकीय पीजी कॉलेज में प्रभारी मुख्य लिपिक अनिता रोहित ने प्रभारी प्राचार्य रेखा बरेठिया के खिलाफ एसडीओपी से शिकायत दर्ज कराई है। अनिता रोहित ने आरोप लगाया है कि प्रभारी प्राचार्य रेखा बरेठिया ने जबरन उनके घर में प्रवेश किया, उनके साथ अभद्रता की, और उन्हें झूठे मामले में फंसाने के साथ-साथ मकान खाली कराने की धमकी भी दी है। दूसरी ओर, प्रभारी प्राचार्य रेखा बरेठिया ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनके अनुसार, वह अनिता रोहित से बातचीत करने के लिए गई थीं, लेकिन घर के बाहर ही उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। यह पूरा मामला एसडीओपी तक पहुँच गया है, और इस घटना से संबंधित एक वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया है।1