जनपद शाहजहांपुर में डॉ. अंकित अग्रवाल अपने मधुर व्यवहार, सरल स्वभाव और बेहतर चिकित्सकीय सेवाओं के कारण मरीजों के बीच एक भरोसेमंद चिकित्सक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। हृदय रोग, डायबिटीज और श्वास रोगों के विशेषज्ञ के तौर पर वे मरीजों को उत्तम उपचार और उचित परामर्श प्रदान करते हैं। डॉ. अग्रवाल का मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। इसी सिद्धांत पर चलते हुए, वे प्रत्येक मरीज की समस्या को गंभीरता से सुनते हैं और उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं। उनके व्यवहार और कार्यशैली से मरीजों में एक विशेष विश्वास देखने को मिलता है, और मरीजों का कहना है कि उनकी सादगी, विनम्रता और समर्पित सेवा भाव उन्हें अन्य चिकित्सकों से अलग बनाता है। कोरोना महामारी के कठिन दौर में, जब संक्रमण के भय से कई लोग घरों में रहने को मजबूर थे, तब भी डॉ. अंकित अग्रवाल ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मरीजों की सेवा जारी रखी। उन्होंने अपने परिवार और स्वयं की चिंता किए बिना अपने क्लीनिक पर पहुंचने वाले अनेक मरीजों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया, जिससे समाज में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना की एक मिसाल पेश हुई।
जनपद शाहजहांपुर में डॉ. अंकित अग्रवाल अपने मधुर व्यवहार, सरल स्वभाव और बेहतर चिकित्सकीय सेवाओं के कारण मरीजों के बीच एक भरोसेमंद चिकित्सक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। हृदय रोग, डायबिटीज और श्वास रोगों के विशेषज्ञ के तौर पर वे मरीजों को उत्तम उपचार और उचित परामर्श प्रदान करते हैं। डॉ. अग्रवाल का मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। इसी सिद्धांत पर चलते हुए, वे प्रत्येक मरीज की समस्या को गंभीरता से सुनते हैं और उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं। उनके व्यवहार और कार्यशैली से मरीजों में एक विशेष विश्वास देखने को मिलता है, और मरीजों का कहना है कि उनकी सादगी, विनम्रता और समर्पित सेवा भाव उन्हें अन्य चिकित्सकों से अलग बनाता है। कोरोना महामारी के कठिन दौर में, जब संक्रमण के भय से कई लोग घरों में रहने को मजबूर थे, तब भी डॉ. अंकित अग्रवाल ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मरीजों की सेवा जारी रखी। उन्होंने अपने परिवार और स्वयं की चिंता किए बिना अपने क्लीनिक पर पहुंचने वाले अनेक मरीजों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया, जिससे समाज में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना की एक मिसाल पेश हुई।
- लखीमपुर खीरी के धार्मिक नगर गोला गोकर्णनाथ में भगवान शिव के वाहन नंदी महाराज की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। "छोटी काशी" के नाम से प्रसिद्ध इस तीर्थस्थल पर प्रतिमा की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस प्रतिमा की स्थापना के साथ ही क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन महत्ता को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- शाहजहाँपुर के खुटार हरनाई में शांतिपूर्ण धरना दे रहे ग्रामीणों, जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थीं, पर लाठीचार्ज के बाद सियासत गरमा गई है। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय विधायक चेतराम पासी ने इस लाठीचार्ज को लेकर DGP से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- शाहजहाँपुर में जनपदीय साइबर टीम और थाना सदर बाजार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक वृद्ध महिला के बैंक खाते से 17 लाख 19 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में वांछित मां-बेटे को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रिंग रोड अंडरपास शहबाजनगर के पास से मोहल्ला चिनौर, थाना सदर बाजार निवासी ऋतिक सिंह (26 वर्ष) और उसकी मां रेखा सिंह (52 वर्ष) को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से करीब 13.15 लाख रुपये की सोने और डायमंड की ज्वेलरी, 36,642 रुपये नगद, एक मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी महिला के रिश्तेदार थे और उनके घर अक्सर आना-जाना था। उन्हें इस बात की जानकारी थी कि वृद्ध महिला को अपनी संपत्ति बेचने के बाद लगभग 52 लाख रुपये मिले हैं। इसी का फायदा उठाते हुए, आरोप है कि उन्होंने महिला के बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर, डेबिट कार्ड और बैंकिंग सुविधाओं का दुरुपयोग किया। एटीएम, यूपीआई, पीओएस और आईएमपीएस के माध्यम से कुल 38 ट्रांजेक्शन करके उन्होंने 17.19 लाख रुपये निकाल लिए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि ठगी की इस रकम से आरोपियों ने विभिन्न ज्वैलर्स से महंगी सोने और डायमंड की ज्वेलरी खरीदी थी, जिनमें से अधिकांश पुलिस ने बरामद कर ली है। शेष रकम अन्य लोगों को दिए जाने की बात सामने आई है, जिसकी जांच अभी जारी है। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार के नेतृत्व में साइबर सेल और थाना सदर बाजार की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया।1
- शाहजहाँपुर में सदर बाजार थाना पुलिस और साइबर टीम ने एक वृद्ध महिला के बैंक खाते से हुई 17.19 लाख रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने अपनी रिश्तेदारी का फायदा उठाते हुए पीड़िता के बैंक खाते से जुड़े डेबिट कार्ड और सिम का दुरुपयोग किया। उन्होंने एटीएम, यूपीआई, पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) और आईएमपीएस (तत्काल भुगतान सेवा) के माध्यम से कुल 38 लेनदेन कर यह रकम निकाली। ठगी के पैसे से आरोपितों ने सोने और हीरे की ज्वेलरी खरीदी थी। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 13.15 लाख रुपये मूल्य की सोने-हीरे की ज्वेलरी, तीन मोबाइल फोन, पीड़िता का डेबिट कार्ड और 36,642 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस इस मामले में अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।1
- शाहजहांपुर में जिले के नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने शनिवार, 20 जून को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी और मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी के साथ मिलकर नगर निगम क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन प्लैनेटोरियम, मल्टीलेवल कार पार्किंग, गांधी भवन के जीर्णोद्धार कार्य और निर्माणाधीन हॉकी क्लब की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएँ। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत मल्टीलेवल कार पार्किंग परियोजना के लिए मूल रूप से ₹1323.90 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के तहत मुख्य भवन, लिफ्ट, फायर फाइटिंग व्यवस्था, गार्ड रूम, पार्किंग और स्ट्रीट लाइट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल का निर्माण कार्य समाप्त हो गया है, जबकि चिनाई का कार्य अभी भी प्रगति पर है। इस परियोजना को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रमुख सचिव ने राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत बन रहे प्लैनेटोरियम का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि ₹2037.37 लाख की स्वीकृत लागत वाली इस परियोजना में मुख्य भवन, लिफ्ट, फायर फाइटिंग प्रणाली, पम्प रूम, स्ट्रीट लाइट और लैंडस्केपिंग का काम किया जा रहा है। वर्तमान में इसकी भौतिक प्रगति लगभग 60 प्रतिशत है। परिसर में एक विशेष ग्राउंड ग्लो एरिया भी विकसित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। यहाँ अत्याधुनिक वैज्ञानिक गतिविधियों और आकर्षणों के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ विज्ञान संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, भवन के प्रत्येक तल पर उपलब्ध हॉलों का उपयोग जनसुविधाओं के अनुरूप किया जाएगा, जहाँ आधुनिक जिम, लाइब्रेरी और साइबर कैफे स्थापित करने की योजना है। नागरिकों की सुविधा के लिए परिसर में दो अतिरिक्त प्रवेश द्वार भी बनाए जाएँगे, जिससे आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा। इसके उपरांत, प्रमुख सचिव ने गांधी भवन के जीर्णोद्धार कार्य और निर्माणाधीन हॉकी क्लब का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शाहजहांपुर को एक आधुनिक और बहुउद्देशीय सुविधाओं से युक्त महत्वपूर्ण केंद्र प्राप्त होगा। इससे शिक्षा, पर्यटन, खेल और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही नागरिकों को बेहतर और उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के समय संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।4
- शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार क्षेत्र में एक वृद्ध महिला के साथ हुई धोखाधड़ी और चोरी के मामले का पुलिस ने सफल अनावरण किया है। इस संबंध में, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने इस सफल कार्रवाई की जानकारी एक बयान के माध्यम से दी।1
- एक वृद्ध महिला के साथ हुई ₹17.19 लाख की साइबर ठगी का खुलासा किया गया है। इस मामले में पुलिस ने एक मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद लाखों रुपये की ज्वेलरी और नकदी भी बरामद की गई है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के पेपरलेस रजिस्ट्री के फैसले के विरोध में शाहजहांपुर के अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। शनिवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के बैनर तले जलालाबाद, तिलहर, पुवायां, कलान और सदर तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना से मुलाकात कर 4 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बैनामा सहित सभी रजिस्ट्री को पेपरलेस किए जाने के निर्णय की कड़ी निंदा और विरोध किया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार के इस फैसले से अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प विक्रेता जैसे लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार पेपरलेस बैनामा रजिस्ट्री से संबंधित संपूर्ण सर्कुलर को तत्काल वापस ले। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मुलाकात के दौरान सेंट्रल बार एसोसिएशन शाहजहांपुर के अध्यक्ष सरनाम सिंह यादव, महासचिव नंदकिशोर राजेश अवस्थी, बार एसोसिएशन तिलहर के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह और महासचिव राहुल देव सागर, बार एसोसिएशन जलालाबाद के अध्यक्ष अनिल कुमार और महासचिव अमित सिंह परमार, बार एसोसिएशन पुवायां के अध्यक्ष अजय पांडे और महासचिव गौरव शुक्ला, तथा बार एसोसिएशन कलान के अध्यक्ष रामचंद्र शाक्य और महासचिव ओम शरण यादव सहित कई अधिवक्तागण उपस्थित थे।4