सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व
जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
- लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी का जीवन और उनके कार्य हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'सेवा धर्म' को अपने शासन का मुख्य आधार बनाया। अहिल्याबाई जी ने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक को न्याय और सम्मान प्रदान किया। उनका न्यायप्रिय और लोक-कल्याणकारी मार्ग हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।1
- राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले की खण्डार विधानसभा के अंतर्गत स्थित कुशालीपुरा शहीद स्थल से गुर्जर नेता विजय बैसला ने एक लाइव संबोधन दिया है।1
- चौथ का बरवाड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय शेरसिंहपुरा में रविवार को प्रधानाध्यापक रामधन मीणा के सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय में लगभग 20 वर्षों तक सेवाएँ देने के बाद सेवानिवृत्त हुए मीणा को ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों ने माला पहनाकर और साफा बांधकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रामधन मीणा ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विद्यालय को एक वाटर कूलर भेंट किया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने उनके शिक्षण कार्य, अनुशासन और विद्यालय के विकास में दिए गए योगदान की सराहना की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।1
- ग्राम पंचायत सारसोप के समुद्रपुरा गांव में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त और पीले रंग का पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि हैंडपंप का यह पानी न केवल पीले रंग का है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है, जिससे उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में इसी खराब पानी का इस्तेमाल पीने और अपने घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, समुद्रपुरा के ग्रामीणों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इस समस्या का स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की अपील की है। फ्लोराइड युक्त पीले पानी की समस्या से ग्रामीण गहरे चिंतित हैं।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के ग्राम पांडोला में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक शानदार ढंग से आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर एक भव्य कव्वाली महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने बताया कि इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को और भी भव्य, यादगार और सफल बनाया। उनकी मौजूदगी ने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और समाज तक आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश पहुँचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और ओमप्रकाश टैगोर जी एवं बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मुबारकबाद दी गई।4
- डबल इंजन सरकार ने युवाओं को आश्वस्त किया है कि उन्हें किसी भी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह उनके हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी है।1
- राजस्थान प्रदेश के सवाईमाधोपुर जिले में स्थित खण्डार विधानसभा के कुशालीपुरा शहीद स्थल पर शहीदों की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं।1
- श्योपुर जिले के पांडोला गाँव में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर एक शानदार कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले माननीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से हार्दिक आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से भी सभी को शुभकामनाएं और मुबारकबाद दी गई। इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से यह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन और अधिक भव्य, यादगार व सफल बना, जिसने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश समाज तक पहुंचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष धन्यवाद किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए पूरी उर्स कमेटी और ग्राम पांडोला ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक कहा गया।1
- हिण्डोन स्थित मनीराम पार्क के बयाना मोड पर एक शराबी को बाइक ने टक्कर मार दी।2