मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के ग्राम पांडोला में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक शानदार ढंग से आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर एक भव्य कव्वाली महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने बताया कि इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को और भी भव्य, यादगार और सफल बनाया। उनकी मौजूदगी ने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और समाज तक आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश पहुँचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और ओमप्रकाश टैगोर जी एवं बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मुबारकबाद दी गई।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के ग्राम पांडोला में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक शानदार ढंग से आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर एक भव्य कव्वाली महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित अन्य
गणमान्य अतिथियों ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने बताया कि इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को और भी भव्य, यादगार और सफल बनाया। उनकी मौजूदगी ने महफ़िल की
शान में चार चांद लगा दिए और समाज तक आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश पहुँचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाई। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और ओमप्रकाश टैगोर जी एवं बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मुबारकबाद दी गई।
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के ग्राम पांडोला में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक शानदार ढंग से आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर एक भव्य कव्वाली महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने बताया कि इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को और भी भव्य, यादगार और सफल बनाया। उनकी मौजूदगी ने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और समाज तक आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश पहुँचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और ओमप्रकाश टैगोर जी एवं बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मुबारकबाद दी गई।4
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित जटावार गाँव में नलियाँ बंद पड़ी हैं। यह समस्या जिले के जटावार गाँव में सामने आई है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड की ग्राम पंचायत आंगई में नालियों का गंदा पानी सड़क के ऊपर बह रहा है। यह स्थिति नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुई है। इस गंदे पानी के कारण आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंगई क्षेत्र में नालियां पूरी तरह से भर चुकी हैं, जिससे गंदा पानी लगातार सड़क पर फैल रहा है।1
- सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सरकार द्वारा दिल्ली आंदोलन के दौरान एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाने के वादे के बावजूद, कोई कानून नहीं बनाया गया है। किसानों का आरोप है कि घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% नहीं है, बल्कि A2 प्लस FL प्लस 50% है, जिसे वे पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध मानते हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, खाद, डीजल, बीज और कीटनाशकों की आसमान छूती कीमतों के बावजूद एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है। इसी आक्रोश के चलते, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हजारों गांवों में एमएसपी घोषणा प्रपत्र की प्रतियां जलाई गईं। मुरैना जिले के कैलारस उपखंड में ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा जैसे कई गांवों में अब तक प्रतियों का दहन हो चुका है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और ब्रजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। जिले के अन्य स्थानों से भी प्रतियों के दहन की कार्रवाई के समाचार प्राप्त हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा।1
- लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी का जीवन और उनके कार्य हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'सेवा धर्म' को अपने शासन का मुख्य आधार बनाया। अहिल्याबाई जी ने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक को न्याय और सम्मान प्रदान किया। उनका न्यायप्रिय और लोक-कल्याणकारी मार्ग हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।1
- गंगापुर सिटी स्थित माई इंदरगढ़ दरबार में एक भव्य जागरण और चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर देवी-देवताओं के जयकारों से गूंज उठा। इस भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित भगवती जागरण में उपस्थित सभी श्रोतागण झूमते हुए नजर आए। महोत्सव के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी का वितरण किया गया।1
- श्योपुर जिले के पांडोला गाँव में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर एक शानदार कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले माननीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से हार्दिक आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से भी सभी को शुभकामनाएं और मुबारकबाद दी गई। इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से यह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन और अधिक भव्य, यादगार व सफल बना, जिसने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश समाज तक पहुंचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष धन्यवाद किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए पूरी उर्स कमेटी और ग्राम पांडोला ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक कहा गया।1