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केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सरकार द्वारा दिल्ली आंदोलन के दौरान एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाने के वादे के बावजूद, कोई कानून नहीं बनाया गया है। किसानों का आरोप है कि घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% नहीं है, बल्कि A2 प्लस FL प्लस 50% है, जिसे वे पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध मानते हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, खाद, डीजल, बीज और कीटनाशकों की आसमान छूती कीमतों के बावजूद एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है। इसी आक्रोश के चलते, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हजारों गांवों में एमएसपी घोषणा प्रपत्र की प्रतियां जलाई गईं। मुरैना जिले के कैलारस उपखंड में ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा जैसे कई गांवों में अब तक प्रतियों का दहन हो चुका है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और ब्रजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। जिले के अन्य स्थानों से भी प्रतियों के दहन की कार्रवाई के समाचार प्राप्त हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा।

1 hr ago
user_Lokesh shukla
Lokesh shukla
कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सरकार द्वारा दिल्ली आंदोलन के दौरान एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाने के वादे के बावजूद, कोई कानून नहीं बनाया गया है। किसानों का आरोप है कि घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% नहीं है, बल्कि A2 प्लस FL प्लस 50% है, जिसे वे पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध मानते हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, खाद, डीजल, बीज और कीटनाशकों की आसमान छूती कीमतों के बावजूद एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है। इसी आक्रोश के चलते, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हजारों गांवों में एमएसपी घोषणा प्रपत्र की प्रतियां जलाई गईं। मुरैना जिले के कैलारस उपखंड में ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा जैसे कई गांवों में अब तक प्रतियों का दहन हो चुका है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और ब्रजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। जिले के अन्य स्थानों से भी प्रतियों के दहन की कार्रवाई के समाचार प्राप्त हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा।

  • user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश
    😤
    24 min ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सरकार द्वारा दिल्ली आंदोलन के दौरान एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाने के वादे के बावजूद, कोई कानून नहीं बनाया गया है। किसानों का आरोप है कि घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% नहीं है, बल्कि A2 प्लस FL प्लस 50% है, जिसे वे पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध मानते हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, खाद, डीजल, बीज और कीटनाशकों की आसमान छूती कीमतों के बावजूद एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है। इसी आक्रोश के चलते, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हजारों गांवों में एमएसपी घोषणा प्रपत्र की प्रतियां जलाई गईं। मुरैना जिले के कैलारस उपखंड में ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा जैसे कई गांवों में अब तक प्रतियों का दहन हो चुका है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और ब्रजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। जिले के अन्य स्थानों से भी प्रतियों के दहन की कार्रवाई के समाचार प्राप्त हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा।
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    केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सरकार द्वारा दिल्ली आंदोलन के दौरान एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाने के वादे के बावजूद, कोई कानून नहीं बनाया गया है। किसानों का आरोप है कि घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% नहीं है, बल्कि A2 प्लस FL प्लस 50% है, जिसे वे पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध मानते हैं।

किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, खाद, डीजल, बीज और कीटनाशकों की आसमान छूती कीमतों के बावजूद एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है। इसी आक्रोश के चलते, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हजारों गांवों में एमएसपी घोषणा प्रपत्र की प्रतियां जलाई गईं। मुरैना जिले के कैलारस उपखंड में ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा जैसे कई गांवों में अब तक प्रतियों का दहन हो चुका है।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और ब्रजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। जिले के अन्य स्थानों से भी प्रतियों के दहन की कार्रवाई के समाचार प्राप्त हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • केंद्र सरकार द्वारा खरीफ की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के हजारों गांवों में एमएसपी के घोषणा परिपत्र की प्रतियां जलाई जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि दिल्ली आंदोलन के दौरान सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी की गारंटी का कानून बनाने का वायदा किया था, लेकिन वह इस कानून को नहीं बना रही है। साथ ही, किसानों के अनुसार, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% एमएसपी भी घोषित नहीं किया गया है; इसके बजाय वर्तमान में A2 प्लस FL प्लस 50% का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, जिसे किसान 'पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध' बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है — खाद महंगा हो गया है और उपलब्ध नहीं है, डीजल की कीमतें बढ़ी हैं, और बीज तथा कीटनाशकों के दाम आसमान छू रहे हैं। लागत में कई गुना वृद्धि के बावजूद, एमएसपी को स्वामीनाथन की सिफारिशों के अनुरूप घोषित नहीं किया गया है। इसी क्रम में, कैलारस के ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा सहित जिले के अन्य स्थानों पर भी घोषणा पत्रों की प्रतियां जलाई गईं। इस कार्रवाई का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और बृजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से जारी है और किसानों ने इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया है। यह जानकारी मध्य प्रदेश किसान सभा कैलारस के गया राम सिंह धाकड़ द्वारा प्रेषित की गई है।
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    केंद्र सरकार द्वारा खरीफ की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के हजारों गांवों में एमएसपी के घोषणा परिपत्र की प्रतियां जलाई जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि दिल्ली आंदोलन के दौरान सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी की गारंटी का कानून बनाने का वायदा किया था, लेकिन वह इस कानून को नहीं बना रही है। साथ ही, किसानों के अनुसार, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% एमएसपी भी घोषित नहीं किया गया है; इसके बजाय वर्तमान में A2 प्लस FL प्लस 50% का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, जिसे किसान 'पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध' बता रहे हैं।

किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है — खाद महंगा हो गया है और उपलब्ध नहीं है, डीजल की कीमतें बढ़ी हैं, और बीज तथा कीटनाशकों के दाम आसमान छू रहे हैं। लागत में कई गुना वृद्धि के बावजूद, एमएसपी को स्वामीनाथन की सिफारिशों के अनुरूप घोषित नहीं किया गया है। इसी क्रम में, कैलारस के ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा सहित जिले के अन्य स्थानों पर भी घोषणा पत्रों की प्रतियां जलाई गईं।

इस कार्रवाई का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और बृजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से जारी है और किसानों ने इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया है। यह जानकारी मध्य प्रदेश किसान सभा कैलारस के गया राम सिंह धाकड़ द्वारा प्रेषित की गई है।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    21 min ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित जटावार गाँव में नलियाँ बंद पड़ी हैं। यह समस्या जिले के जटावार गाँव में सामने आई है।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित जटावार गाँव में नलियाँ बंद पड़ी हैं। यह समस्या जिले के जटावार गाँव में सामने आई है।
    user_Dheeraj Baghel
    Dheeraj Baghel
    Sabalgarh, Morena•
    11 hrs ago
  • पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित सरमथुरा में, 1 जून 2026 को दोपहर 12 बजे सैकड़ों की संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रबुद्ध जन, युवा और छात्र-छात्राएं एकत्रित होकर उपखंड कार्यालय सरमथुरा में उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपेंगे। यह ज्ञापन सरमथुरा उपखंड अधिकारी द्वारा कथित तौर पर मारवाड़ी भाषा थोपे जाने के विरोध में सौंपा जाएगा। यह विरोध प्रदर्शन बसेड़ी, बाड़ी और सैपऊ के बाद हो रहा है, जहाँ पहले भी इसी तरह की गतिविधियां हुई हैं। आयोजकों ने सभी की उपस्थिति का सादर आह्वान किया है, ताकि इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई जा सके।
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    पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित सरमथुरा में, 1 जून 2026 को दोपहर 12 बजे सैकड़ों की संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रबुद्ध जन, युवा और छात्र-छात्राएं एकत्रित होकर उपखंड कार्यालय सरमथुरा में उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपेंगे। यह ज्ञापन सरमथुरा उपखंड अधिकारी द्वारा कथित तौर पर मारवाड़ी भाषा थोपे जाने के विरोध में सौंपा जाएगा।

यह विरोध प्रदर्शन बसेड़ी, बाड़ी और सैपऊ के बाद हो रहा है, जहाँ पहले भी इसी तरह की गतिविधियां हुई हैं। आयोजकों ने सभी की उपस्थिति का सादर आह्वान किया है, ताकि इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई जा सके।
    user_Bahid Khan
    Bahid Khan
    Local News Reporter सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • धौलपुर जिले के सैंपऊ विक्रमपुरा के समीप खेतों में एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी अनूप यादव और थानाधिकारी प्रमेन्द्र रावत अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। सीआई प्रमेन्द्र रावत फिलहाल शव की शिनाख्त के प्रयास कर रहे हैं। यह पूरी घटना सैंपऊ थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
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    धौलपुर जिले के सैंपऊ विक्रमपुरा के समीप खेतों में एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी अनूप यादव और थानाधिकारी प्रमेन्द्र रावत अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। सीआई प्रमेन्द्र रावत फिलहाल शव की शिनाख्त के प्रयास कर रहे हैं। यह पूरी घटना सैंपऊ थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
    user_रोहित वर्मा
    रोहित वर्मा
    Farmer Bari, Dholpur•
    5 hrs ago
  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "पेट्रोल बचाओ, पर्यावरण बचाओ" अभियान से प्रेरित होकर, ग्लोबल यूथ फाउंडेशन ने बाड़ी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम प्रदेश महामंत्री प्रशांत शर्मा के सानिध्य में संपन्न हुआ, जहाँ फाउंडेशन की टीम ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चलाकर ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री प्रशांत शर्मा ने जोर देकर कहा कि ईंधन की बचत में योगदान देना देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उनके अनुसार, इससे प्रदूषण में कमी आएगी और देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने प्रधानमंत्री के आह्वान का पूरी तरह समर्थन किया और ईंधन बचत तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। ग्लोबल यूथ फाउंडेशन ने प्रदेश महामंत्री प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में एक ईवी रैली निकालकर ईंधन बचत के इस संदेश को प्रभावी ढंग से पहुँचाया।
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    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "पेट्रोल बचाओ, पर्यावरण बचाओ" अभियान से प्रेरित होकर, ग्लोबल यूथ फाउंडेशन ने बाड़ी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम प्रदेश महामंत्री प्रशांत शर्मा के सानिध्य में संपन्न हुआ, जहाँ फाउंडेशन की टीम ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चलाकर ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री प्रशांत शर्मा ने जोर देकर कहा कि ईंधन की बचत में योगदान देना देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उनके अनुसार, इससे प्रदूषण में कमी आएगी और देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने प्रधानमंत्री के आह्वान का पूरी तरह समर्थन किया और ईंधन बचत तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। ग्लोबल यूथ फाउंडेशन ने प्रदेश महामंत्री प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में एक ईवी रैली निकालकर ईंधन बचत के इस संदेश को प्रभावी ढंग से पहुँचाया।
    user_प्रशांत शर्मा
    प्रशांत शर्मा
    Local News Reporter Bari, Dholpur•
    7 hrs ago
  • मुरैना जिले के जौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत थरा गंभीर जलभराव की समस्या से त्रस्त है, जहाँ जल निकासी की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए मुरैना कलेक्टर, जनपद पंचायत सीईओ और प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना तक गुहार लगाई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही गाँव में गंदा पानी जमा है, जिससे आम रास्ते, किसानों की निजी भूमि और रिहायशी क्षेत्र भर गए हैं। बरसात के दौरान स्थिति और भयावह होने की आशंका है, जहाँ जलभराव का पानी घरों तक पहुँचने से जहरीले जीव-जंतु और साँप आने का खतरा है। गंदगी के कारण संक्रामक और जानलेवा बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीण माधव सिंह रावत ने बताया कि जल निकासी के अभाव में रास्तों पर कीचड़ और पानी भरा रहने से आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं, और अब तक 8 से 10 लोग बाइक फिसलने से घायल हो चुके हैं, जिनमें से कई के पैर में फ्रैक्चर भी हुए हैं। किसान विशंभर सिंह रावत ने बताया कि उनकी निजी कृषि भूमि में लगातार पानी भरे रहने से फसल उत्पादन नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण उदय सिंह रावत ने चेतावनी दी कि जलभराव के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है, और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में ग्रामीणों को गाँव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि गंदे पानी के कारण कई घरों के बोरवेल और पेयजल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे भूजल में गंदा पानी मिलने और पीने के पानी की समस्या के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम पंचायत थरा के सरपंच रसाल सिंह रावत ने भी इस बात की पुष्टि की कि पंचायत और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर, जनपद पंचायत सीईओ और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्थायी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह समस्या लगातार विकराल रूप ले रही है। अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बरसात शुरू होने से पहले गाँव में स्थायी नाला निर्माण और अन्य आवश्यक जल निकासी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ, ताकि इस गंभीर समस्या से लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
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    मुरैना जिले के जौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत थरा गंभीर जलभराव की समस्या से त्रस्त है, जहाँ जल निकासी की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए मुरैना कलेक्टर, जनपद पंचायत सीईओ और प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना तक गुहार लगाई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही गाँव में गंदा पानी जमा है, जिससे आम रास्ते, किसानों की निजी भूमि और रिहायशी क्षेत्र भर गए हैं। बरसात के दौरान स्थिति और भयावह होने की आशंका है, जहाँ जलभराव का पानी घरों तक पहुँचने से जहरीले जीव-जंतु और साँप आने का खतरा है। गंदगी के कारण संक्रामक और जानलेवा बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीण माधव सिंह रावत ने बताया कि जल निकासी के अभाव में रास्तों पर कीचड़ और पानी भरा रहने से आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं, और अब तक 8 से 10 लोग बाइक फिसलने से घायल हो चुके हैं, जिनमें से कई के पैर में फ्रैक्चर भी हुए हैं।

किसान विशंभर सिंह रावत ने बताया कि उनकी निजी कृषि भूमि में लगातार पानी भरे रहने से फसल उत्पादन नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण उदय सिंह रावत ने चेतावनी दी कि जलभराव के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है, और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में ग्रामीणों को गाँव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि गंदे पानी के कारण कई घरों के बोरवेल और पेयजल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे भूजल में गंदा पानी मिलने और पीने के पानी की समस्या के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

ग्राम पंचायत थरा के सरपंच रसाल सिंह रावत ने भी इस बात की पुष्टि की कि पंचायत और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर, जनपद पंचायत सीईओ और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्थायी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह समस्या लगातार विकराल रूप ले रही है। अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बरसात शुरू होने से पहले गाँव में स्थायी नाला निर्माण और अन्य आवश्यक जल निकासी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ, ताकि इस गंभीर समस्या से लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • यह पोस्ट चेतावनी देती है कि सत्ता की बुलंदियाँ क्षणभंगुर होती हैं, क्योंकि जिस डाल पर बैठकर कोई अपनी ताकत का प्रदर्शन करता है, वह कभी भी टूट सकती है। इसमें बताया गया है कि वास्तविक शक्ति जनता के विश्वास में निहित है। जो लोग घमंड में आकर जनता के इस विश्वास को भूल जाते हैं, समय उन्हें इसकी याद दिलाता है। इसी घमंड का परिणाम है कि बंगाल में TMC के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। पोस्ट एक बार फिर दोहराती है कि सच्ची ताकत जनता का विश्वास ही है, और जो लोग इसे घमंड में आकर अनदेखा करते हैं, उन्हें समय अवश्य इसकी याद दिलाता है।
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    यह पोस्ट चेतावनी देती है कि सत्ता की बुलंदियाँ क्षणभंगुर होती हैं, क्योंकि जिस डाल पर बैठकर कोई अपनी ताकत का प्रदर्शन करता है, वह कभी भी टूट सकती है। इसमें बताया गया है कि वास्तविक शक्ति जनता के विश्वास में निहित है। जो लोग घमंड में आकर जनता के इस विश्वास को भूल जाते हैं, समय उन्हें इसकी याद दिलाता है। इसी घमंड का परिणाम है कि बंगाल में TMC के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। पोस्ट एक बार फिर दोहराती है कि सच्ची ताकत जनता का विश्वास ही है, और जो लोग इसे घमंड में आकर अनदेखा करते हैं, उन्हें समय अवश्य इसकी याद दिलाता है।
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    12 min ago
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