अजमेर पुलिस की ईमानदारी! CCTV से ढूंढकर लौटाया बुजुर्ग दंपति का खोया बैग अजमेर के केंद्रीय बस स्टैंड पर एक बार फिर पुलिस की मुस्तैदी और ईमानदारी देखने को मिली। दिल्ली से आए बुजुर्ग दंपति दरगाह जियारत के बाद खाटू श्याम जी के लिए रवाना हो रहे थे, तभी वे बैटरी रिक्शा में अपना बैग भूल गए। बैग गुम होने का पता चलते ही दंपति घबरा गए और मौके पर मौजूद यातायात पुलिस से मदद मांगी। हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल महेंद्र मीणा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और रिक्शा की पहचान की। इसके बाद हाथीभाटा क्षेत्र से बैग को सुरक्षित बरामद कर दंपति को सौंप दिया गया। अपना खोया सामान वापस मिलने पर दंपति के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने अजमेर पुलिस का आभार जताया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अजमेर पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय तत्पर और सजग है।
अजमेर पुलिस की ईमानदारी! CCTV से ढूंढकर लौटाया बुजुर्ग दंपति का खोया बैग अजमेर के केंद्रीय बस स्टैंड पर एक बार फिर पुलिस की मुस्तैदी और ईमानदारी देखने को मिली। दिल्ली से आए बुजुर्ग दंपति दरगाह जियारत के बाद खाटू श्याम जी के लिए रवाना हो रहे थे, तभी वे बैटरी रिक्शा में अपना बैग भूल गए। बैग गुम होने का पता चलते ही दंपति घबरा गए और मौके पर मौजूद यातायात पुलिस से मदद मांगी। हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल महेंद्र मीणा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और रिक्शा की पहचान की। इसके बाद हाथीभाटा क्षेत्र से बैग को सुरक्षित बरामद कर दंपति को सौंप दिया गया। अपना खोया सामान वापस मिलने पर दंपति के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने अजमेर पुलिस का आभार जताया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अजमेर पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय तत्पर और सजग है।
- आपके पास लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग में डाल रहा हूं अपनी खुद की घरवाली का मेरी घरवाली कैसे था पहले वीडियो डाल रहा हूं जिंदगी में आपको और वीडियो दिखाना चाहता वहां की मेरे पास इतना रिकॉर्डिंग है नहीं की लड़की कैसे तरीके से होते हैं इसलिए मैं आपके माध्यम से सोशल मीडिया की तरफ से अब तक नहीं वीडियो पहुंचाना चाहता हूं कृपया करके यह वीडियो ज्यादा से ज्यादा शेयर करें2
- Post by Kailash Fulwari1
- अजमेर के केंद्रीय बस स्टैंड पर एक बार फिर पुलिस की मुस्तैदी और ईमानदारी देखने को मिली। दिल्ली से आए बुजुर्ग दंपति दरगाह जियारत के बाद खाटू श्याम जी के लिए रवाना हो रहे थे, तभी वे बैटरी रिक्शा में अपना बैग भूल गए। बैग गुम होने का पता चलते ही दंपति घबरा गए और मौके पर मौजूद यातायात पुलिस से मदद मांगी। हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल महेंद्र मीणा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और रिक्शा की पहचान की। इसके बाद हाथीभाटा क्षेत्र से बैग को सुरक्षित बरामद कर दंपति को सौंप दिया गया। अपना खोया सामान वापस मिलने पर दंपति के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने अजमेर पुलिस का आभार जताया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अजमेर पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय तत्पर और सजग है।1
- अजमेर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे संपत्ति चोरी के मामले का खुलासा किया है। रेलवे परिसर में लगातार AC पाइप चोरी की शिकायतों के बाद RPF ने विशेष टीम का गठन किया और निगरानी बढ़ाई। गश्त के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से रेलवे के AC पाइप बरामद किए गए हैं। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। RPF की इस कार्रवाई से रेलवे परिसर में हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- अजमेर के पहाड़गंज क्षेत्र में सीता गौशाला के सामने स्थित एक ई-रिक्शा की दुकान में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि दुकान में खड़ी एक स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में सूचना पर दमकल और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।1
- राजस्थान में पत्थर बन रहा 9 साल का बच्चा: डॉक्टर बोले-प्रदेश में यह दुर्लभ बीमारी का पहला केस; कोई इलाज नहीं जैसलमेर में एक 9 साल के बच्चे में चिकित्सा जगत में बेहद दुर्लभ मानी जाने वाली बीमारी एफओपी (Fibrodysplasia Ossificans Progressiva) का पहला केस सामने आया है. इस बीमारी में मांसपेशियां, टेंडन्स और लिगामेंट्स धीरे-धीरे हड्डियों में बदलने लगते हैं, जिससे शरीर की गतिशीलता सीमित हो जाती है. जैसलमेर में एक 9 साल के बच्चे में चिकित्सा जगत में बेहद दुर्लभ मानी जाने वाली बीमारी एफओपी (Fibrodysplasia Ossificans Progressiva) का पहला केस सामने आया है. इस बीमारी में मांसपेशियां Muscles), टेंडन्स (Tendons) और लिगामेंट्स (Ligaments) धीरे-धीरे हड्डियों (Bones) में बदलने लगते हैं, जिससे शरीर की गतिशीलता सीमित हो जाती है. एफओपी एक जीन संबंधी विकार है और विश्व स्तर पर इसके मरीजों की संख्या बहुत कम है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज मौजूद नहीं है. इसका उपचार केवल लक्षणों को नियंत्रित करने और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने पर केंद्रित होता है. आकाश हेल्थकेयर के डॉ. राकेश पंडित बता रहे हैं इस बीमारी से जुड़ी जरूरी बातें. क्या है एफओपी? एफओपी में शरीर की मांसपेशियां और लिगामेंट्स असामान्य रूप से हड्डी में परिवर्तित हो जाती हैं. इसका अर्थ है कि चोट या सूजन वाली जगह पर नई हड्डी बन सकती है. समय के साथ, यह प्रक्रिया शरीर की सामान्य गतिविधियों को प्रभावित कर देती है. मरीजों की हड्डियां कठोर हो जाती हैं और शरीर की गति सीमित हो जाती है.1
- Post by Moinuddin Khan स्वाधीन भारत1
- Post by Kailash Fulwari1