पोर्टर की पोल खोल (पार्ट 6) - 5-स्टार रेटिंग का ढोंग और डिस्टेंस का असली खेल! | Porter Rating vs Distance Scam नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों, मैं अरविंद कुमार 'अपना कार्गो पार्टनर' से! 🚚 पोर्टर की पोल खोल सीरीज के पार्ट 6 में आज हम पर्दाफाश कर रहे हैं उस 'रेटिंग' के सबसे बड़े ढोंग का, जिसके भरोसे आप दिन-रात अपनी जान खपाते हैं। भाई, हर ड्राइवर सोचता है कि अगर मेरी रेटिंग 5-स्टार है, तो कंपनी सबसे पहले आर्डर मुझे देगी। लेकिन असलियत क्या है? मान लीजिए एक ड्राइवर 500 मीटर दूर खड़ा है जिसकी रेटिंग 4.8 है, और दूसरा 1 किलोमीटर दूर खड़ा है जिसकी रेटिंग 5.0 है। जब दोनों एक साथ आर्डर एक्सेप्ट करते हैं, तो ट्रिप 5-स्टार वाले को नहीं बल्कि 500 मीटर पास वाले (4.8 रेटिंग) को मिलती है! साफ बात है—कंपनी का एल्गोरिदम रेटिंग नहीं, सिर्फ 'डिस्टेंस' देखता है! रेटिंग का यह झुनझुना सिर्फ ड्राइवरों को उलझाने के लिए है। वीडियो को पूरा देखें और समझें इस फर्जीवाड़े को। 👀 और हाँ, कल पार्ट 7 देखना मत भूलना! उसमें हम बात करेंगे उस पैसे की—जो न तो कस्टमर ने दिया और न पोर्टर कंपनी ने! आपका कितना पैसा डूबा है, नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताना! चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें ताकि अगली पोल सीधे आप तक पहुँचे। जय हिंद, जय भारत! 🇮🇳
पोर्टर की पोल खोल (पार्ट 6) - 5-स्टार रेटिंग का ढोंग और डिस्टेंस का असली खेल! | Porter Rating vs Distance Scam नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों, मैं अरविंद कुमार 'अपना कार्गो पार्टनर' से! 🚚 पोर्टर की पोल खोल सीरीज के पार्ट 6 में आज हम पर्दाफाश कर रहे हैं उस 'रेटिंग' के सबसे बड़े ढोंग का, जिसके भरोसे आप दिन-रात अपनी जान खपाते हैं। भाई, हर ड्राइवर सोचता है कि अगर मेरी रेटिंग 5-स्टार है, तो कंपनी सबसे पहले आर्डर मुझे देगी। लेकिन असलियत क्या है? मान लीजिए एक ड्राइवर 500 मीटर दूर खड़ा है जिसकी रेटिंग 4.8 है, और दूसरा 1 किलोमीटर दूर खड़ा है जिसकी रेटिंग 5.0 है। जब दोनों एक साथ आर्डर एक्सेप्ट करते हैं, तो ट्रिप 5-स्टार वाले को नहीं बल्कि 500 मीटर पास वाले (4.8 रेटिंग) को मिलती है! साफ बात है—कंपनी का एल्गोरिदम रेटिंग नहीं, सिर्फ 'डिस्टेंस' देखता है! रेटिंग का यह झुनझुना सिर्फ ड्राइवरों को उलझाने के लिए है। वीडियो को पूरा देखें और समझें इस फर्जीवाड़े को। 👀 और हाँ, कल पार्ट 7 देखना मत भूलना! उसमें हम बात करेंगे उस पैसे की—जो न तो कस्टमर ने दिया और न पोर्टर कंपनी ने! आपका कितना पैसा डूबा है, नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताना! चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें ताकि अगली पोल सीधे आप तक पहुँचे। जय हिंद, जय भारत! 🇮🇳
- गाजियाबाद के कनावनी में किसानों की महापंचायत जुटी है। मुद्दा है जमीन के मुआवजे का। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन के बदले उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा और उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जमीन उनकी आजीविका का आधार है, लेकिन जमीन लिए जाने के बाद मिलने वाला मुआवजा उनकी मांग और वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इसी मांग को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। अब किसानों ने महापंचायत के जरिए अपनी आवाज बुलंद की है। किसानों की मांग है कि जीडीए उनकी बात सुने, मुआवजे की राशि बढ़ाई जाए और जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों में किसानों के साथ पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से फैसला लिया जाए। महापंचायत में किसान एकजुट होकर प्रशासन और जीडीए से सवाल कर रहे हैं—आखिर उनकी जमीन का उचित मूल्य उन्हें कब मिलेगा?4
- चोरी की घटना का खुलासा, एक अभियुक्त गिरफ्तार; चोरी के आभूषण बरामद गाजियाबाद। पुलिस आयुक्त गाजियाबाद के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वाट टीम ग्रामीण जोन एवं थाना भोजपुर पुलिस टीम को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने चोरी की घटना को अंजाम देने के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से चोरी किए गए आभूषण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के आभूषण बरामद किए। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस द्वारा अभियुक्त से पूछताछ कर चोरी की अन्य घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में स्वाट टीम ग्रामीण जोन और थाना भोजपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को अहम सफलता माना जा रहा है। बाइट: श्री भास्कर वर्मा, सहायक पुलिस आयुक्त, मोदीनगर।2
- कलछीना के पास SWAT टीम के हत्थे चढ़ा शातिर चोर, चोरी के जेवरात बरामद। जनपद गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए स्वाट टीम ग्रामीण जोन और भोजपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर चोर को कलछीना के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।गिरफ्तार आरोपी की पहचान हापुड़ के धौलाना थाना क्षेत्र के गांव देहरा निवासी आरिफ उर्फ काला के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, 25 अगस्त को भोजपुर क्षेत्र में एक मकान का ताला तोड़कर आभूषण और नकदी चोरी की गई थी। मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ने सूचना के आधार पर आरोपी को दबोच लिया।तलाशी के दौरान उसके पास से सोने के मंगलसूत्र, टीका, कंठीमाला, नथ, अंगूठियां, गले के आभूषण और कानों की बालियां बरामद हुईं। वहीं चांदी की पाजेब, पायल, गले का सेट, मंगलसूत्र और बिछुए भी मिले हैं।पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने सुक्कन गढ़ी और अमराला गांव में चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। जांच में आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के विभिन्न थानों में चोरी और लूट के कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।पुलिस अब बरामद जेवरों को अन्य चोरी की घटनाओं से जोड़कर जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। *दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र में अनुभवी एवं फ्रेशियर पत्रकारों की भर्ती शुरू। दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र में जुड़ने और समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे। समीर चौधरी 9528754757 *2
- पोर्टर की पोल खोल (पार्ट 6) - 5-स्टार रेटिंग का ढोंग और डिस्टेंस का असली खेल! | Porter Rating vs Distance Scam नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों, मैं अरविंद कुमार 'अपना कार्गो पार्टनर' से! 🚚 पोर्टर की पोल खोल सीरीज के पार्ट 6 में आज हम पर्दाफाश कर रहे हैं उस 'रेटिंग' के सबसे बड़े ढोंग का, जिसके भरोसे आप दिन-रात अपनी जान खपाते हैं। भाई, हर ड्राइवर सोचता है कि अगर मेरी रेटिंग 5-स्टार है, तो कंपनी सबसे पहले आर्डर मुझे देगी। लेकिन असलियत क्या है? मान लीजिए एक ड्राइवर 500 मीटर दूर खड़ा है जिसकी रेटिंग 4.8 है, और दूसरा 1 किलोमीटर दूर खड़ा है जिसकी रेटिंग 5.0 है। जब दोनों एक साथ आर्डर एक्सेप्ट करते हैं, तो ट्रिप 5-स्टार वाले को नहीं बल्कि 500 मीटर पास वाले (4.8 रेटिंग) को मिलती है! साफ बात है—कंपनी का एल्गोरिदम रेटिंग नहीं, सिर्फ 'डिस्टेंस' देखता है! रेटिंग का यह झुनझुना सिर्फ ड्राइवरों को उलझाने के लिए है। वीडियो को पूरा देखें और समझें इस फर्जीवाड़े को। 👀 और हाँ, कल पार्ट 7 देखना मत भूलना! उसमें हम बात करेंगे उस पैसे की—जो न तो कस्टमर ने दिया और न पोर्टर कंपनी ने! आपका कितना पैसा डूबा है, नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताना! चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें ताकि अगली पोल सीधे आप तक पहुँचे। जय हिंद, जय भारत! 🇮🇳1
- बिजली विभाग के कर्मचारियों को मिलनी चाहिए सेफ्टी। वीरेंद्र पत्रका कर्मचारी के लिए मांग हैलाइनमैन की जान सस्ती है क्या? मुरादनगर बिजली विभाग की लापरवाही पर बड़ा सवाल—बिना सुरक्षा उपकरणों के मौत के मुहाने पर कर्मचारी! मुरादनगर। विद्युत वितरण खंड 33/11 डिवीजन मुरादनगर में विद्युत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल सिर्फ बिजली की लाइनों के रखरखाव का नहीं, बल्कि उन लाइनमैनों की जिंदगी का है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर विभाग की विद्युत व्यवस्था को सुचारु रखने का काम करते हैं। आखिर लाइनमैन की जिंदगी इतनी सस्ती क्यों समझी जा रही है? क्या विभाग के पास अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सेफ्टी उपकरण उपलब्ध कराने का इंतजाम नहीं है? अगर उपकरण उपलब्ध हैं तो क्या उनका नियमित इस्तेमाल और निगरानी सुनिश्चित की जा रही है? और अगर नहीं हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? विद्युत विभाग की HT और LT लाइनों पर पहले भी दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं और कई विद्युत कर्मचारियों की जान जाने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे हादसों के बावजूद यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी रह जाती है तो यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। लाइनमैन जब ऊंचाई पर विद्युत लाइनों पर काम करता है, तब उसके हाथ में सिर्फ औजार नहीं बल्कि उसकी जिंदगी की जिम्मेदारी भी होती है। उसे हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, इंसुलेटेड दस्ताने, सेफ्टी शूज सहित निर्धारित सुरक्षा उपकरण और सुरक्षित कार्यप्रणाली मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कभी यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से निरीक्षण किया कि मैदान में काम करने वाले प्रत्येक लाइनमैन के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं या नहीं? सरकार विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने की बात करती है, लेकिन व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा ही सवालों के घेरे में हो तो जवाबदेही तय होना जरूरी है। एक लाइनमैन के पीछे उसका परिवार होता है—बीवी, बच्चे और माता-पिता। आखिर उनकी जिंदगी की कीमत कौन तय करेगा? मुरादनगर विद्युत डिवीजन में कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर विभागीय अधिकारियों और शासन को गंभीरता से संज्ञान लेकर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, उनके इस्तेमाल और सुरक्षा मानकों की जांच करानी चाहिए, ताकि अगली दुर्घटना के बाद सिर्फ अफसोस और जांच की औपचारिकता न रह जाए। विद्युत विभाग से सीधे सवाल - क्या 33/11 डिवीजन मुरादनगर में तैनात प्रत्येक लाइनमैन को विभाग द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं? - अगर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं, तो क्या विभागीय अधिकारी यह जांच करते हैं कि लाइनमैन वास्तव में ड्यूटी के दौरान उनका इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं? - क्या लाइनमैनों को HT और LT लाइनों पर काम करने से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया और आवश्यक परमिट का पालन कराया जाता है? - क्या विद्युत लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नियमित सेफ्टी ऑडिट और सुरक्षा निरीक्षण किया जाता है? - क्या विभाग के पास प्रत्येक लाइनमैन को उपलब्ध कराए गए सुरक्षा उपकरणों का रिकॉर्ड मौजूद है? - क्या पुराने, खराब या एक्सपायर हो चुके सुरक्षा उपकरणों को समय पर बदला जाता है? - HT और LT लाइनों पर पूर्व में हुई दुर्घटनाओं के बाद विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था में क्या ठोस सुधार किए? - अगर पूर्व की दुर्घटनाओं में कर्मचारियों की जान जा चुकी है, तो उनसे सबक लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई? - क्या विभागीय अधिकारी मौके पर जाकर यह सत्यापित करते हैं कि लाइनमैन सुरक्षित परिस्थितियों में काम कर रहे हैं? - क्या किसी कर्मचारी को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न होने की स्थिति में जोखिम भरे कार्य से इनकार करने का अधिकार और संरक्षण दिया गया है? - अगर सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की तय होगी? - क्या शासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारी मुरादनगर डिवीजन की सुरक्षा व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराने के लिए तैयार हैं? सबसे बड़ा सवाल जब बिजली विभाग का एक लाइनमैन अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों घरों को रोशन करता है, तो उसकी अपनी जिंदगी की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?1
- मोदीनगर में असामाजिक तत्वों ने खंडित की साईं बाबा की मूर्ति, लोगों में भारी आक्रोश, जल्द गिरफ्तारी की मांग। गाजियाबाद :- मोदीनगर थाना क्षेत्र स्थित बेगमाबाद के एक मंदिर में, असामाजिक तत्वों द्वारा साईं बाबा की मूर्ति खंडित करने का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही सुदर्शन राष्ट्र निर्माण के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पवन आर्य और मंदिर कमेटी के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोग और मंदिर कमेटी के प्रतिनिधि तत्काल मोदीनगर थाने पहुंचे, और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। पवन आर्य और श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की दोबारा न हो, इसके लिए क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है।1
- गाजियाबाद में शातिर चोर आरिफ गिरफ्तार, लाखों के जेवरात बरामद। गाजियाबाद :-भोजपुर थाना पुलिस और स्वाट टीम ग्रामीण जोन ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 25 अगस्त को दर्ज शिकायत के बाद की गई कार्रवाई में आरोपी आरिफ उर्फ काला को पकड़ा गया है। 27 वर्षीय आरिफ हापुड़ जिले के धौलाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इसमें मंगलसूत्र, टीका, अंगूठी, गले का सेट, बालियां और पाजेब शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने सुक्कन गढ़ी और अमराला गांव से इन आभूषणों की चोरी की थी। जांच में सामने आया है कि आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर, हापुड़ के धौलाना व पिलखुवा, तथा मेरठ के सरधना और सरूरपुर थानों में चोरी व लूट के कई मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- इन कलयुगी बेटों को देखिए दो बेटों ने बीच सड़क पर अपने ही पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी। इन कलयुगी बेटों को देखिए जमीन के विवाद में दो बेटों ने बीच सड़क पर अपने ही पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि बेटे अपनी मां अंजना राउत के नाम की जमीन बेचने से नाराज थे। इसी बात को लेकर दोनों बेटों ने बीच सड़क पर पिता के साथ मारपीट की। वीडियो महाराष्ट्र के इंदापुर का है।1