अररिया के भरगामा सैफगंज–सुकेला निर्माणाधीन मुख्य सड़क पर बेलसारा वितरणी नहर पर पुल निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने सिंचाई (कोसी) विभाग की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी जताई है। लोगों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के बावजूद विभाग नए पुल का निर्माण कराने के बजाय पुराने और जर्जर पुल की मरम्मत कर केवल औपचारिकता पूरी कर रहा है। मामले को लेकर स्थानीय सांसद सहित संबंधित वरीय अधिकारियों से भी शिकायत की गई है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता यशवंत कुणाल उर्फ सुमन सिंह ने बताया कि बेलसारा वितरणी नहर पर बना पुराना पुल काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत इस स्थान पर नया पुल बनना प्रस्तावित है, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का हवाला देते हुए नए पुल के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इसके स्थान पर केवल पुराने पुल के पंख (विंग वॉल) का निर्माण कर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग बिना किसी भौतिक सत्यापन के यह निर्णय ले रहा है, जिससे भविष्य में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माणाधीन सड़क की चौड़ाई 18 फीट से अधिक है, जबकि पुराने पुल की चौड़ाई महज 10 फीट के आसपास है। यदि इस पुल को चौड़ा नहीं किया गया तो सड़क चौड़ी होने के बावजूद पुल संकरा रह जाएगा, जिससे एक समय में केवल एक ही दिशा से वाहन गुजर सकेंगे। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अभी तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया तो बाद में दोबारा सरकारी राशि खर्च करनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग से इस स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर सड़क की चौड़ाई के अनुरूप ही नए पुल का निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अररिया के भरगामा सैफगंज–सुकेला निर्माणाधीन मुख्य सड़क पर बेलसारा वितरणी नहर पर पुल निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने सिंचाई (कोसी) विभाग की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी जताई है। लोगों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के बावजूद विभाग नए पुल का निर्माण कराने के बजाय पुराने और जर्जर पुल की मरम्मत कर केवल औपचारिकता पूरी कर रहा है। मामले को लेकर स्थानीय सांसद सहित संबंधित वरीय अधिकारियों से भी शिकायत की गई है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता यशवंत कुणाल उर्फ सुमन सिंह ने बताया कि बेलसारा वितरणी नहर पर बना पुराना पुल काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत इस स्थान पर नया पुल बनना प्रस्तावित है, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का हवाला देते हुए नए पुल के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इसके स्थान पर केवल पुराने पुल के पंख (विंग वॉल) का निर्माण कर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग बिना किसी भौतिक सत्यापन के यह निर्णय ले रहा है, जिससे भविष्य में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माणाधीन सड़क की चौड़ाई 18 फीट से अधिक है, जबकि पुराने पुल की चौड़ाई महज 10 फीट के आसपास है। यदि इस पुल को चौड़ा नहीं किया गया तो सड़क चौड़ी होने के बावजूद पुल संकरा रह जाएगा, जिससे एक समय में केवल एक ही दिशा से वाहन गुजर सकेंगे। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अभी तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया तो बाद में दोबारा सरकारी राशि खर्च करनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग से इस स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर सड़क की चौड़ाई के अनुरूप ही नए पुल का निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।
- अररिया में नगर परिषद द्वारा कूड़ा फेंकने के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं और कड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर फैसल जावेद यासीन के नेतृत्व में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें आक्रोशित लोगों ने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। 'नदी बचाओ' और 'स्वच्छ अररिया' की मांग के साथ दमहेली और बांसबारी जैसे क्षेत्रों के लोग इस गंभीर मुद्दे को लेकर नगर परिषद के खिलाफ लामबंद हैं।1
- बिहार के अररिया जिले के कुर्साकाटा प्रखंड स्थित जगदीशपुर पंचायत के नए खंधे का दृश्य सामने आया है। इस दौरान बंटी कुमार, मिथुन और छोटू सहित अन्य लोग एक साथ मिलकर इस पुराने स्थान पर मौजूद दिखे।1
- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस मुद्दे पर अपना आक्रोश जताते हुए छात्रों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और मामले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।1
- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर की और सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा व्यक्त किया।1
- बिहार के अररिया जिले के कुर्साकाटा से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आरती नाम की एक महिला अपने डेढ़ वर्ष के मासूम बच्चे को घर पर ही छोड़कर अचानक कहीं चली गई। बताया गया है कि महिला ने घर से भागने के दौरान अपने पति को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इस घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे और दुख में है, जिसे सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से बयां किया जा रहा है।1
- अररिया जिला के नगर परिषद क्षेत्र जोगबनी में बाल विवाह मुक्त भारत, नशामुक्त भारत, मानव तस्करी, बाल श्रम और बाल यौनशोषण के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में रेल पुलिस जोगबनी, आरपीएफ जोगबनी, जिला पुलिस जोगबनी और एसएसबी एफ कंपनी जोगबनी का भरपूर सहयोग मिला। इस जागरूकता अभियान में चंडीगढ़ (पंजाब) के छात्र प्रशांत कुमार व आदर्श जयसवाल और नोएडा के आदित्य कश्यप भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये वे छात्र हैं जो छुट्टी में घर आए हैं और जिन्हें किसी मान्यता प्राप्त गैर सरकारी संगठन में तीस दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण लेना है। इन छात्रों द्वारा मंदिरों, धर्मगुरुओं और विद्यालयों में बैनर-पोस्टर लगाकर समाज को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को सजग करना और इससे प्रभावित बच्चों व सरवाइवर्स को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो या किसी बच्चे की सुरक्षा दांव पर हो, तो जिला पदाधिकारी अररिया के जिला नियंत्रण कक्ष के आधिकारिक नंबर 06453-222309 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। "सुरक्षित बचपन – सुरक्षित भविष्य" और "हर बच्चे का अधिकार – सुरक्षा, शिक्षा, सहभागिता और सम्मान" के संकल्प के साथ अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया गया है।1
- अररिया पुलिस ने एनएच-327 पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। यह सफलता पुलिस की अपराध नियंत्रण और शराबबंदी के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी के बाद स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा है, क्योंकि एनएच-327 जैसे प्रमुख मार्ग पर तस्करी की यह बड़ी खेप पकड़ी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- अररिया के फारबिसगंज में गैस बंद करते समय अचानक गैस रेगुलेटर फटने से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बुजुर्ग गैस बंद कर रहे थे, तभी अचानक रेगुलेटर फट गया। हादसे के बाद बुजुर्ग की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद संबंधित गैस एजेंसी ने अपने कर्मी को मौके पर भेजकर हादसे की पुष्टि की है।1