फतेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर के गेट नंबर-1 के पास स्थित सामुदायिक शौचालय इन दिनों बदहाली और अव्यवस्था का शिकार है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण शौचालय के भीतर और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे उठने वाली तीखी दुर्गंध के कारण कचहरी में अपने मुकदमों व अन्य कार्यों के लिए आने वाले फरियादियों, राहगीरों और दिनभर न्यायिक कार्यों में व्यस्त रहने वाले अधिवक्ताओं का बैठना तक मुश्किल हो गया है। कचहरी में घंटों बैठकर सुनवाई का इंतजार करने वाले लोग नाक पर रूमाल रखने को मजबूर हैं, वहीं अधिवक्ता भी नाक बंद करके अपने दायित्व निभाने को विवश हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी कार्यालयों में बैठकर सब ठीक होने का दावा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार "स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत" अभियान की बात करती है, वहीं जिला मुख्यालय के इस शौचालय की दुर्दशा जमीनी हकीकत बयां कर रही है। हैरानी की बात यह भी है कि जिलाधिकारी का काफिला रोजाना इसी मार्ग से गुजरता है, फिर भी अब तक सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वे अभी अवकाश पर हैं और अगले दिन ही जानकारी दे पाएंगे। इस जवाब से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है कि अधिकारी के अवकाश पर होने से अनिवार्य सफाई व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। परेशान अधिवक्ताओं और नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय की तत्काल विशेष सफाई कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
फतेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर के गेट नंबर-1 के पास स्थित सामुदायिक शौचालय इन दिनों बदहाली और अव्यवस्था का शिकार है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण शौचालय के भीतर और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे उठने वाली तीखी दुर्गंध के कारण कचहरी में अपने मुकदमों व अन्य कार्यों के लिए आने वाले फरियादियों, राहगीरों और दिनभर न्यायिक कार्यों में व्यस्त रहने वाले अधिवक्ताओं का बैठना तक मुश्किल हो गया है। कचहरी में घंटों बैठकर सुनवाई का इंतजार करने वाले लोग नाक पर रूमाल रखने को मजबूर हैं, वहीं अधिवक्ता भी नाक बंद करके अपने दायित्व निभाने को विवश हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी कार्यालयों में बैठकर सब ठीक होने का दावा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार "स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत" अभियान की बात करती है, वहीं जिला मुख्यालय के इस शौचालय की दुर्दशा जमीनी हकीकत बयां कर रही है। हैरानी की बात यह भी है कि जिलाधिकारी का काफिला रोजाना इसी मार्ग से गुजरता है, फिर भी अब तक सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वे अभी अवकाश पर हैं और अगले दिन ही जानकारी दे पाएंगे। इस जवाब से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है कि अधिकारी के अवकाश पर होने से अनिवार्य सफाई व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। परेशान अधिवक्ताओं और नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय की तत्काल विशेष सफाई कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
- फतेहपुर में धोखाधड़ी कर ₹2.51 लाख हड़पने और रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर मानवाधिकार एवं उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रुख अपनाया है। फोरम ने थाना थरियांव पुलिस को प्रार्थना-पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने और विधिक कार्रवाई की मांग की है। ग्राम सहिली (थाना मलवां) निवासी पीड़ित अवधेश कुमार ने शिकायत में बताया कि थाना थरियांव क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी सुमित सिंह ने बहन की शादी का हवाला देकर 29 मार्च 2026 को ₹2.50 लाख उधार लिए थे। इसके बाद 30 मार्च 2026 को भारतीय स्टेट बैंक की राधानगर शाखा का चेक सुमित सिंह के नाम जारी किया गया और अमित सिंह के खाते में ₹1,500 ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इस तरह दोनों ने मिलकर कुल ₹2,51,500 हड़प लिए और बाद में रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। कार्रवाई के लिए पीड़ित थरियांव और मलवां थानों के चक्कर काटता रहा, लेकिन दोनों थानों की पुलिस क्षेत्राधिकार का हवाला देकर उसे एक-दूसरे के पास टालती रही, जिससे अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। शिकायत में बताया गया है कि मुख्य आरोपी पर पहले से ही न्यायालय में गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। वहीं, पीड़ित की मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है, जिसके कारण मेहनत की कमाई डूबने से पूरा परिवार गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। इस मामले पर मानवाधिकार एवं उपभोक्ता फोरम फतेहपुर के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताते हुए कहा कि मेहनत की कमाई हड़पने के बाद भी शिकायत पर कार्रवाई न होना अत्यंत गंभीर विषय है। फोरम ने थरियांव थाना प्रभारी को पत्र भेजकर तुरंत मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- रायबरेली के ऊंचाहार नगर पंचायत मुख्य चौराहा पर आज दिनांक 16/07/2026 को दुर्गा सुपरमार्ट बचत बाजार का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्री मनीष वर्मा जी ने सुपरमार्ट का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र गुप्ता (पुत्र श्री प्रमोद गुप्ता, पूर्व चेयरमैन ऊँचाहार रायबरेली) को भी सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ।1
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक में प्रदेश सरकार के 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक ब्लॉक स्तरीय रैली और गोष्ठी का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार, 16 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय डीह प्रथम में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस समारोह के दौरान डीह विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान में न्याय पंचायत के प्राथमिक विद्यालय डीह प्रथम, प्राथमिक विद्यालय डीह द्वितीय, उच्च प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर और रोखा के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार ने अपने संबोधन में बेसिक शिक्षा विभाग में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'स्कूल चलो अभियान' को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के चरित्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण कार्य बताया, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि एक दशक पहले सरकारी विद्यालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं थी, लेकिन 'कायाकल्प' योजना के माध्यम से अब स्कूलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यहाँ एक युवक ने दावा किया है कि बोतल में भरवाए गए ईंधन में पेट्रोल और इथेनॉल की परतें अलग-अलग साफ नजर आ रही हैं। युवक का आरोप है कि इस ईंधन के इस्तेमाल से उसकी नई मोटरसाइकिल का इंजन सीज हो गया है। उसका कहना है कि ईंधन में इथेनॉल की मात्रा लगभग पेट्रोल के बराबर ही दिखाई दे रही है। जब पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत की, तो पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने उसकी बात मानने और शिकायत दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में रायबरेली के शहीद चौक पर आम आदमी पार्टी (आप) की जिला कार्यकारिणी की ओर से दो दिवसीय प्रदर्शन और पैदल मार्च निकाला गया। प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्र मोहन सिंह की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और सड़कों पर उतरकर सोनम वांगचुक की मांगों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर लद्दाख के पर्यावरण और संस्कृति को बचाने के इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्र मोहन सिंह ने केंद्र सरकार की संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर पेपर लीक, नीट धांधली और अग्निवीर जैसी योजनाओं से बर्बाद हो रहे करोड़ों युवाओं की आवाज को दबाने का गंभीर आरोप लगाया। सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संवेदनहीन भाजपा सरकार नहीं पसीजेगी। यह पैदल मार्च दो दिनों तक अलग-अलग मार्गों से होकर गुजरा। पहले दिन 15 जुलाई को सुबह लगभग 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक विशाल मार्च निकाला गया, जो शहीद चौक डिग्री कॉलेज चौराहा से शुरू होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और वहां से वापस आकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तब्दील हो गया। अगले दिन यह पैदल मार्च बस अड्डा चौराहा से शुरू होकर दीवानी गेट, सरकारी अस्पताल, सुपरमार्केट, घंटाघर और खोया मंडी से होते हुए वापस मछली बाजार चौराहा, चौहान मार्केट और कोतवाली के सामने से गुजरते हुए वापस बस अड्डे पर आकर समाप्त हुआ। इस दो दिवसीय प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता रामू दादा, जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष रवि द्विवेदी, सतीश सोनकर, पुनीत एडवोकेट, दीपक गुप्ता, अमरेंद्र सिंह, पीके सिंह, विकास श्रीवास्तव और विकास वर्मा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुस्तैदी से डटे रहे।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली में महाराजगंज रोड स्थित अत्याधुनिक वाहन यार्ड का पुलिस मुख्यालय लखनऊ की टीम ने निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में तैयार किए गए इस यार्ड में पुलिस द्वारा जब्त और सीज किए गए वाहनों को पूरी सुरक्षा के साथ रखा जाता है। निरीक्षण के दौरान टीम ने यहाँ मौजूद आधुनिक सुविधाओं और सुव्यवस्थित रिकॉर्ड व्यवस्था की सराहना की। लखनऊ से आई टीम ने रायबरेली मॉडल का विशेष रूप से अध्ययन किया ताकि इसी तर्ज पर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी अत्याधुनिक वाहन यार्ड विकसित किए जा सकें। इसके लिए टीम ने यहाँ की पूरी कार्यप्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई है।1
- रायबरेली में डॉक्टर अमित सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में आईएमए के आह्वान पर जिलेभर के निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक बंद रहे। डॉक्टरों ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। हड़ताल के चलते जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। आईएमए ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- उन्नाव के पुरवा में नया या पुराना एसी लगवाने और उसकी सर्विसिंग के लिए संपर्क किया जा सकता है। यहाँ 1 टन और 1.5 टन क्षमता वाले स्प्लिट और विंडो दोनों प्रकार के पुराने एसी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यदि आप नया एसी खरीद रहे हैं, तो भी उसे लगवाने के लिए इनसे संपर्क कर सकते हैं। सर्विसिंग के साथ-साथ एसी से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान यहाँ प्रदान किया जाएगा। नया या पुराना एसी लेने अथवा फिटिंग के लिए तुरंत संपर्क करने की अपील की गई है।2
- रायबरेली जिले के डीह थाना क्षेत्र के रेवरी सैदपुर गांव में खेत में काम कर रहे एक युवक को सांप ने डस लिया। यह घटना 16 जुलाई 2026 को सुबह करीब 8:00 बजे की है, जब रेवरी सैदपुर गांव निवासी कवि कुमार अपने खेत में कृषि कार्य कर रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सांप के डसने के बाद कवि कुमार की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी हुई, वे तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डीह लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल रायबरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया।1