फतेहपुर में धोखाधड़ी कर ₹2.51 लाख हड़पने और रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर मानवाधिकार एवं उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रुख अपनाया है। फोरम ने थाना थरियांव पुलिस को प्रार्थना-पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने और विधिक कार्रवाई की मांग की है। ग्राम सहिली (थाना मलवां) निवासी पीड़ित अवधेश कुमार ने शिकायत में बताया कि थाना थरियांव क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी सुमित सिंह ने बहन की शादी का हवाला देकर 29 मार्च 2026 को ₹2.50 लाख उधार लिए थे। इसके बाद 30 मार्च 2026 को भारतीय स्टेट बैंक की राधानगर शाखा का चेक सुमित सिंह के नाम जारी किया गया और अमित सिंह के खाते में ₹1,500 ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इस तरह दोनों ने मिलकर कुल ₹2,51,500 हड़प लिए और बाद में रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। कार्रवाई के लिए पीड़ित थरियांव और मलवां थानों के चक्कर काटता रहा, लेकिन दोनों थानों की पुलिस क्षेत्राधिकार का हवाला देकर उसे एक-दूसरे के पास टालती रही, जिससे अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। शिकायत में बताया गया है कि मुख्य आरोपी पर पहले से ही न्यायालय में गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। वहीं, पीड़ित की मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है, जिसके कारण मेहनत की कमाई डूबने से पूरा परिवार गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। इस मामले पर मानवाधिकार एवं उपभोक्ता फोरम फतेहपुर के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताते हुए कहा कि मेहनत की कमाई हड़पने के बाद भी शिकायत पर कार्रवाई न होना अत्यंत गंभीर विषय है। फोरम ने थरियांव थाना प्रभारी को पत्र भेजकर तुरंत मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
फतेहपुर में धोखाधड़ी कर ₹2.51 लाख हड़पने और रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर मानवाधिकार एवं उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रुख अपनाया है। फोरम ने थाना थरियांव पुलिस को प्रार्थना-पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने और विधिक कार्रवाई की मांग की है। ग्राम सहिली (थाना मलवां) निवासी पीड़ित अवधेश कुमार ने शिकायत में बताया कि थाना थरियांव क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी सुमित सिंह ने बहन की शादी का हवाला देकर 29 मार्च 2026 को ₹2.50 लाख उधार लिए थे। इसके बाद 30 मार्च 2026 को भारतीय स्टेट बैंक की राधानगर शाखा का चेक सुमित सिंह के नाम जारी किया गया और अमित सिंह के खाते में ₹1,500 ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इस तरह दोनों ने मिलकर कुल ₹2,51,500 हड़प लिए और बाद में रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। कार्रवाई के लिए पीड़ित थरियांव और मलवां थानों के चक्कर काटता रहा, लेकिन दोनों थानों की पुलिस क्षेत्राधिकार का हवाला देकर उसे एक-दूसरे के पास टालती रही, जिससे अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। शिकायत में बताया गया है कि मुख्य आरोपी पर पहले से ही न्यायालय में गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। वहीं, पीड़ित की मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है, जिसके कारण मेहनत की कमाई डूबने से पूरा परिवार गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। इस मामले पर मानवाधिकार एवं उपभोक्ता फोरम फतेहपुर के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताते हुए कहा कि मेहनत की कमाई हड़पने के बाद भी शिकायत पर कार्रवाई न होना अत्यंत गंभीर विषय है। फोरम ने थरियांव थाना प्रभारी को पत्र भेजकर तुरंत मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में नगरपालिका कचहरी के पास बेहद बुरा हाल है। भारत क्राइम न्यूज के चीफ एडिटर राजकुमार सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस स्थान पर स्थिति काफी खराब है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विजय सिंह गौर के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में शिक्षा मित्रों की 4 प्रमुख समस्याओं के निस्तारण की पुरजोर मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि शासन द्वारा शिक्षा मित्रों के लिए जारी योजनाओं को लागू करने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं, जिनका अविलंब समाधान किया जाना बेहद जरूरी है। एसोसिएशन द्वारा रखी गई मांगों में पहली मांग 60 वर्ष की सेवा अवधि को पोर्टल पर दर्ज करने तथा 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति व चिकित्सा योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए बीईओ को निर्देशित करने की है। दूसरी मांग में एसबीआई बैंक से एमओयू के तहत शिक्षा मित्रों का खाता खुलवाने के लिए शीघ्र निर्देश जारी करने की बात कही गई है। वहीं, तीसरी मांग के तहत शासनादेश के अनुसार विवाहित महिला शिक्षा मित्रों का उनके मूल विद्यालय के आसपास स्थानांतरण करने की मांग रखी गई है, जबकि चौथी मांग में जनपद के 6 शिक्षा मित्रों के रोके गए मानदेय को बहाल कर अतिशीघ्र भुगतान कराने की मांग उठाई गई है। एसोसिएशन ने इन सभी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष विजय सिंह गौर के साथ जिला कोषाध्यक्ष गजेंद्र सिंह और जिला महामंत्री शिव कुमार यादव भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- फतेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर के गेट नंबर-1 के पास स्थित सामुदायिक शौचालय इन दिनों बदहाली और अव्यवस्था का शिकार है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण शौचालय के भीतर और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे उठने वाली तीखी दुर्गंध के कारण कचहरी में अपने मुकदमों व अन्य कार्यों के लिए आने वाले फरियादियों, राहगीरों और दिनभर न्यायिक कार्यों में व्यस्त रहने वाले अधिवक्ताओं का बैठना तक मुश्किल हो गया है। कचहरी में घंटों बैठकर सुनवाई का इंतजार करने वाले लोग नाक पर रूमाल रखने को मजबूर हैं, वहीं अधिवक्ता भी नाक बंद करके अपने दायित्व निभाने को विवश हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी कार्यालयों में बैठकर सब ठीक होने का दावा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार "स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत" अभियान की बात करती है, वहीं जिला मुख्यालय के इस शौचालय की दुर्दशा जमीनी हकीकत बयां कर रही है। हैरानी की बात यह भी है कि जिलाधिकारी का काफिला रोजाना इसी मार्ग से गुजरता है, फिर भी अब तक सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वे अभी अवकाश पर हैं और अगले दिन ही जानकारी दे पाएंगे। इस जवाब से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है कि अधिकारी के अवकाश पर होने से अनिवार्य सफाई व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। परेशान अधिवक्ताओं और नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय की तत्काल विशेष सफाई कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।1
- फतेहपुर के जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान भाजपा विधायक राजेंद्र पटेल के खिलाफ जनता का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विधायक पर "वोट नहीं दिया तो काम नहीं करेंगे" जैसी बदले की भावना से राजनीति करने और संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। क्षेत्र के ग्राम पंचायत चिल्ली से लेकर खादरा, जाफरपुर सिथर्रा और घनश्यामपुर तक विधायक की कार्यशैली और उनके करीबियों के कारनामों से जनता में बेहद नाराजगी है। आक्रोशित जनता अब कई गांवों में उन्हें अपने कार्यक्रमों से वापस लौटने पर मजबूर कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक सरकारी मंशा के विपरीत ग्राम चौपाल छोड़कर अपने चहेतों के घरों में समय बिताते हैं। ग्राम पंचायत चिल्ली में पूरी जनता चौपाल में उनका इंतजार करती रही, लेकिन वे किसी खास व्यक्ति के घर जाकर बैठ गए। ग्राम पंचायत खादरा में मुख्य मार्ग पर पुलिया और नाली का निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने चौपाल में विधायक को जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्राम पंचायत घनश्यामपुर में कागजी विकास का सबसे बड़ा विरोधाभास देखने को मिला, जहां दिव्यांग उपकरण वितरण कार्यक्रम को गांव की बजाय जहानाबाद के एक निजी ट्रेडर्स (भगवती प्रसाद ट्रेडर्स) में गुपचुप तरीके से निपटा दिया गया और फेसबुक पर फर्जी दावा कर दिया गया कि इसे घनश्यामपुर के मजरा दुर्गापुर में बांटा गया है। इसके अलावा, जाफरपुर सिथर्रा ग्राम पंचायत में विधायक की शह पर एक महिला नेत्री द्वारा समानांतर सत्ता चलाने, लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाकर दलाली व अवैध वसूली करने और ऐतिहासिक तालाब को खुदवाकर करोड़ों की मिट्टी अवैध रूप से बेचने जैसे बेहद गंभीर आरोप भी लग रहे हैं। विधायक के इस पक्षपातपूर्ण रवैये, दलाली और भ्रष्टाचार के कारण अब क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भाजपा का इन्हें दोबारा टिकट देना आत्मघाती कदम होगा? जनता अब खुलेआम पूर्व विधायक जयकुमार सिंह जैकी के दिनों को याद कर रही है, क्योंकि लोगों का मानना है कि राजेंद्र पटेल के कार्यकाल में हुए आक्रोश, दलाली और पक्षपात ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जहानाबाद की जनता अब पूरी तरह से बदलाव के मूड में दिख रही है।4
- रायबरेली के डलमऊ में रायबरेली-डलमऊ-फतेहपुर मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हल्की बारिश होते ही इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाते हैं, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों को भी इन गड्ढों से निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सड़क की इस बेहद खराब हालत के कारण यहाँ घंटों लंबा जाम लगना अब आम बात हो गई है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन इस समस्या पर पूरी तरह से मौन साधे बैठा है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है और आखिर कब तक यह मार्ग इसी बदहाल स्थिति में रहेगा। इसके साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि क्या इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण के लिए कोई बजट आवंटित नहीं है, या फिर जानबूझकर इसकी मरम्मत में देरी की जा रही है।1
- उन्नाव के बीघापुर विकास खण्ड के ग्राम सभा रायपुर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक, संगीतमय सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में कानपुर से आए आचार्य पंडित शरद मिश्रा ने अपनी मधुर वाणी से संगीतमय सुंदरकांड पाठ की प्रस्तुति दी। इसके बाद आयोजित भंडारे में हजारों भक्तों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस पूरे कार्यक्रम का सफल आयोजन सिद्धेश्वर धाम के प्रबंधक विमल शुक्ल और उनके परिवार द्वारा किया गया। इस धार्मिक कार्य में ज्ञानेश्वर धाम भक्त मंडली रायपुर के भक्तों ने दिल से सहयोग किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान राम नरेश शुक्ल, संजीव मोहन द्विवेदी, गोल्ड इण्डिया के पत्रकार रजनू शुक्ला, राजेश शुक्ल, सुमित वर्मा, मुन्ना लाल अवस्थी, रीतेश द्विवेदी, संदीप सोनी, पत्रकार हेमन्त अवस्थी, पत्रकार दीपक अवस्थी, अकुल तिवारी, लाला त्रिवेदी, अरूण कुमार मिश्र, पत्रकार दीपांशु अवस्थी, अमन विश्वकर्मा, पवन द्विवेदी और चेतन शुक्ल सहित कई प्रमुख लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।2
- रायबरेली के नगर पंचायत नसीराबाद में एक दिहाड़ी मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने का मामला सामने आया है। नसीराबाद के वार्ड नंबर-2, मोहल्ला डेला निवासी राम सिंह (35), जो कि छोटेलाल के पुत्र थे, बुधवार सुबह मजदूरी के लिए घर से निकले थे। शाम करीब 6 बजे धान की रोपाई कर लौट रही कुछ महिलाओं ने नहर की पटरी के पास उनका शव देखा। महिलाओं की सूचना पर पहुंचे मोहल्ले के युवक गौरव ने मृतक की पहचान सुनिश्चित की और फिर राम सिंह की पत्नी श्यामकली को घटना की जानकारी दी। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजन पुलिस को सूचित किए बिना ही शव को सीधे अपने घर ले आए, जहां शव रात भर रखा रहा। गुरुवार सुबह परिजनों ने मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना नसीराबाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रायबरेली भेज दिया। इसके साथ ही जिला मुख्यालय से पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक राम सिंह अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी श्यामकली और तीन छोटे बच्चों—आर्यन (10 वर्ष), प्रीति (8 वर्ष) व रोमांस (6 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और मौत के सही व वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।1
- फतेहपुर के जिला अस्पताल में रक्त की कमी को देखते हुए इंडियन रेडक्रास सोसाइटी की ओर से बुधवार को जिला अस्पताल रक्तकेन्द्र में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इंडियन रेडक्रास सोसाइटी उत्तर प्रदेश के चेयरमैन व कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में समाजसेवियों और आम लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान कुल 6 यूनिट रक्तदान किया गया, जबकि 10 अन्य लोगों ने भविष्य में आयोजित होने वाले शिविरों में रक्तदान के लिए अपना पंजीकरण कराया। रक्तदान करने वालों में विनय कुमार अग्रहरि, बचपन डे केयर सेंटर से पवन तिवारी, जैविक कृषक वीरेंद्र यादव, अतुल कुमार गुप्ता, अरशद रजा और नरेश कुमार शामिल रहे, जिन्हें चेयरमैन डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रेडक्रास सोसाइटी के सचिव अजीत सिंह, कार्यकारिणी सदस्य संजय कुमार श्रीवास्तव, प्रबंध समिति सदस्य उमेश कुमार श्रीवास्तव, सुरेश कुमार श्रीवास्तव और पुनीत वीर विक्रम उपस्थित थे। इसके अलावा जिला अस्पताल रक्तकेन्द्र से डॉ. अभिषेक सिंह, अशोक शुक्ल, बृजकिशोर, अखिलेश कुमार, दिव्या वर्मा, दीपाली वर्मा, पूजा तिवारी और अजय कुमार ने शिविर को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने रक्तदान को महादान बताते हुए युवाओं से इसमें बढ़-चढ़कर आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले में रक्त की जरूरत को पूरा करने के लिए रेडक्रास आगे भी इस तरह के शिविर आयोजित करता रहेगा। इस शिविर के आयोजन से जिला अस्पताल में रक्त की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सकेगी।1