रायबरेली के नगर पंचायत नसीराबाद में एक दिहाड़ी मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने का मामला सामने आया है। नसीराबाद के वार्ड नंबर-2, मोहल्ला डेला निवासी राम सिंह (35), जो कि छोटेलाल के पुत्र थे, बुधवार सुबह मजदूरी के लिए घर से निकले थे। शाम करीब 6 बजे धान की रोपाई कर लौट रही कुछ महिलाओं ने नहर की पटरी के पास उनका शव देखा। महिलाओं की सूचना पर पहुंचे मोहल्ले के युवक गौरव ने मृतक की पहचान सुनिश्चित की और फिर राम सिंह की पत्नी श्यामकली को घटना की जानकारी दी। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजन पुलिस को सूचित किए बिना ही शव को सीधे अपने घर ले आए, जहां शव रात भर रखा रहा। गुरुवार सुबह परिजनों ने मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना नसीराबाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रायबरेली भेज दिया। इसके साथ ही जिला मुख्यालय से पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक राम सिंह अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी श्यामकली और तीन छोटे बच्चों—आर्यन (10 वर्ष), प्रीति (8 वर्ष) व रोमांस (6 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और मौत के सही व वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
रायबरेली के नगर पंचायत नसीराबाद में एक दिहाड़ी मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने का मामला सामने आया है। नसीराबाद के वार्ड नंबर-2, मोहल्ला डेला निवासी राम सिंह (35), जो कि छोटेलाल के पुत्र थे, बुधवार सुबह मजदूरी के लिए घर से निकले थे। शाम करीब 6 बजे धान की रोपाई कर लौट रही कुछ महिलाओं ने नहर की पटरी के पास उनका शव देखा। महिलाओं की सूचना पर पहुंचे मोहल्ले के युवक गौरव ने मृतक की पहचान सुनिश्चित की और फिर राम सिंह की पत्नी श्यामकली को घटना की जानकारी दी। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजन पुलिस को सूचित किए बिना ही शव को सीधे अपने घर ले आए, जहां शव रात भर रखा रहा। गुरुवार सुबह परिजनों ने मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना नसीराबाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रायबरेली भेज दिया। इसके साथ ही जिला मुख्यालय से पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक राम सिंह अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी श्यामकली और तीन छोटे बच्चों—आर्यन (10 वर्ष), प्रीति (8 वर्ष) व रोमांस (6 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और मौत के सही व वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
- रायबरेली के नगर पंचायत नसीराबाद में एक दिहाड़ी मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने का मामला सामने आया है। नसीराबाद के वार्ड नंबर-2, मोहल्ला डेला निवासी राम सिंह (35), जो कि छोटेलाल के पुत्र थे, बुधवार सुबह मजदूरी के लिए घर से निकले थे। शाम करीब 6 बजे धान की रोपाई कर लौट रही कुछ महिलाओं ने नहर की पटरी के पास उनका शव देखा। महिलाओं की सूचना पर पहुंचे मोहल्ले के युवक गौरव ने मृतक की पहचान सुनिश्चित की और फिर राम सिंह की पत्नी श्यामकली को घटना की जानकारी दी। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजन पुलिस को सूचित किए बिना ही शव को सीधे अपने घर ले आए, जहां शव रात भर रखा रहा। गुरुवार सुबह परिजनों ने मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना नसीराबाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रायबरेली भेज दिया। इसके साथ ही जिला मुख्यालय से पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक राम सिंह अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी श्यामकली और तीन छोटे बच्चों—आर्यन (10 वर्ष), प्रीति (8 वर्ष) व रोमांस (6 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और मौत के सही व वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में रायबरेली के शहीद चौक पर आम आदमी पार्टी (आप) की जिला कार्यकारिणी की ओर से दो दिवसीय प्रदर्शन और पैदल मार्च निकाला गया। प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्र मोहन सिंह की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और सड़कों पर उतरकर सोनम वांगचुक की मांगों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर लद्दाख के पर्यावरण और संस्कृति को बचाने के इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्र मोहन सिंह ने केंद्र सरकार की संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर पेपर लीक, नीट धांधली और अग्निवीर जैसी योजनाओं से बर्बाद हो रहे करोड़ों युवाओं की आवाज को दबाने का गंभीर आरोप लगाया। सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संवेदनहीन भाजपा सरकार नहीं पसीजेगी। यह पैदल मार्च दो दिनों तक अलग-अलग मार्गों से होकर गुजरा। पहले दिन 15 जुलाई को सुबह लगभग 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक विशाल मार्च निकाला गया, जो शहीद चौक डिग्री कॉलेज चौराहा से शुरू होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और वहां से वापस आकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तब्दील हो गया। अगले दिन यह पैदल मार्च बस अड्डा चौराहा से शुरू होकर दीवानी गेट, सरकारी अस्पताल, सुपरमार्केट, घंटाघर और खोया मंडी से होते हुए वापस मछली बाजार चौराहा, चौहान मार्केट और कोतवाली के सामने से गुजरते हुए वापस बस अड्डे पर आकर समाप्त हुआ। इस दो दिवसीय प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता रामू दादा, जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष रवि द्विवेदी, सतीश सोनकर, पुनीत एडवोकेट, दीपक गुप्ता, अमरेंद्र सिंह, पीके सिंह, विकास श्रीवास्तव और विकास वर्मा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुस्तैदी से डटे रहे।1
- रायबरेली में डॉक्टर अमित सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में डॉक्टरों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बैनर तले चिकित्सकों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और गुरुवार को जिलेभर में निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक बंद रखकर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया। इस हड़ताल के कारण निजी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं, जबकि जिला अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आईएमए ने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आईएमए के डॉ. ब्रजेश सिंह ने कहा कि डॉक्टर अमित सिंह की गिरफ्तारी से चिकित्सकों के बीच डर और आक्रोश का माहौल बन गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि डॉक्टरों के प्रति ऐसा ही माहौल बना रहा, तो वे अस्पताल बंद करने को मजबूर होंगे। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन की आगे की रणनीति बैठक के बाद तय की जाएगी।1
- रायबरेली के डलमऊ में रायबरेली-डलमऊ-फतेहपुर मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हल्की बारिश होते ही इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाते हैं, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों को भी इन गड्ढों से निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सड़क की इस बेहद खराब हालत के कारण यहाँ घंटों लंबा जाम लगना अब आम बात हो गई है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन इस समस्या पर पूरी तरह से मौन साधे बैठा है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है और आखिर कब तक यह मार्ग इसी बदहाल स्थिति में रहेगा। इसके साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि क्या इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण के लिए कोई बजट आवंटित नहीं है, या फिर जानबूझकर इसकी मरम्मत में देरी की जा रही है।1
- रायबरेली के ऊंचाहार नगर पंचायत मुख्य चौराहा पर आज दिनांक 16/07/2026 को दुर्गा सुपरमार्ट बचत बाजार का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्री मनीष वर्मा जी ने सुपरमार्ट का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र गुप्ता (पुत्र श्री प्रमोद गुप्ता, पूर्व चेयरमैन ऊँचाहार रायबरेली) को भी सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यहाँ एक युवक ने दावा किया है कि बोतल में भरवाए गए ईंधन में पेट्रोल और इथेनॉल की परतें अलग-अलग साफ नजर आ रही हैं। युवक का आरोप है कि इस ईंधन के इस्तेमाल से उसकी नई मोटरसाइकिल का इंजन सीज हो गया है। उसका कहना है कि ईंधन में इथेनॉल की मात्रा लगभग पेट्रोल के बराबर ही दिखाई दे रही है। जब पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत की, तो पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने उसकी बात मानने और शिकायत दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया।1
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक में प्रदेश सरकार के 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक ब्लॉक स्तरीय रैली और गोष्ठी का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार, 16 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय डीह प्रथम में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस समारोह के दौरान डीह विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान में न्याय पंचायत के प्राथमिक विद्यालय डीह प्रथम, प्राथमिक विद्यालय डीह द्वितीय, उच्च प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर और रोखा के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार ने अपने संबोधन में बेसिक शिक्षा विभाग में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'स्कूल चलो अभियान' को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के चरित्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण कार्य बताया, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि एक दशक पहले सरकारी विद्यालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं थी, लेकिन 'कायाकल्प' योजना के माध्यम से अब स्कूलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया गया है।1
- रायबरेली जनपद के रोहनिया ब्लॉक अंतर्गत कांजी मजरे कमालपुर में ग्रामीणों की सजगता से पुलिस ने लगभग एक कुंतल गांजा पकड़ा है। इस मामले में पुलिस द्वारा प्रधान पति को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, जैसे ही प्रधान पति को हिरासत में लिया गया, उसके समर्थक और गुर्गे मौके से कई बोरी गांजा लेकर भागने में सफल रहे। इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस पूरे मामले को रफा-दफा करने की फिराक में जुटी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सफेद पोशों के भारी दबाव के कारण इस मामले में कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी। फिलहाल मौके पर पुलिस बल मौजूद है।1