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*✰जग ने मारे पत्थर तुझको, तूने बांटे फूल रे..✰* "किसान गौरव सम्मान समारोह" अवश्य देखिए 4 जनवरी 2026 को सुबह 10:00 बजे से *SA NEWS* YouTube Channel पर
देव राज
*✰जग ने मारे पत्थर तुझको, तूने बांटे फूल रे..✰* "किसान गौरव सम्मान समारोह" अवश्य देखिए 4 जनवरी 2026 को सुबह 10:00 बजे से *SA NEWS* YouTube Channel पर
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- एक थाना जहां हथकड़ी अपराधियों को नहीं बल्कि दिन के उजाले में भी थाने के दरवाजे पर लगती है।1
- कोरबा पुलिस ने 3 सालों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है1
- डोनल्ड ट्रंप अपनी हठधर्मी पर उतर आया है.... Maduro को न्यूयॉर्क की सड़कों पर वैन के दरवाज़े खुले रखकर घुमाया गया। ये सब इसलिए किया गया ताकि लोग देख सकें। एक देश के राष्ट्रपति का इस तरह का परेड बहुत गलत बात है। इस विश्व में अशांति फैलेगी।1
- ग्राम पंचायत गोरखपुर से ग्राम पंचायत पंडरी पानी जो कि गौरेला, पेंड्रा, मरवाही जिला( छत्तीसगढ़) में गौरेला ब्लाक अंर्तगत जिला पँचायत छेत्र क्रमांक 3 के बैगा आदिवासी बहुल लगभग 7,8 गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ता है सड़क के वर्तमान स्थिति को देख जिला पंचायत सदस्य श्री पवन पैकरा जी जो कि अपने छेत्र में सक्रियता से दौरा करते रहते है उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पूर्व ही संम्बन्धित अधिकारियों को सड़क की जर्जर हालत के विषय मे सूचना दी गई है परंतु अभी तक किसी तरह से मरमत कार्य नही किया गया है जिससे कभी भी भयंकर सड़क हादसों का खतरा होने की संभावना से चिंता जताते हुए पुनः अधिकारियों को चेताया कि आने वाले समय मे जल्द सुधार कार्य नही हुआ तो पूरे छेत्र के ग्रामीणों सहित संम्बन्धित कार्यालय का घेराव किया जाएगा3
- Post by Men of jharkhand1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली (मध्य प्रदेश) उप स्वास्थ्य केंद्र लंघाडोल में सरकारी दवाइयों को आग के हवाले करने का गंभीर आरोप, कार्रवाई अब तक शून्य सिंगरौली जिले के लंघाडोल उप स्वास्थ्य केंद्र से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां पदस्थ नर्स और अन्य स्टाफ ने आपसी मिलीभगत के तहत सरकारी दवाइयों को आग के हवाले कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जिन सरकारी दवाइयों से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों ज़िंदगियां बचाई जा सकती थीं, उन्हें जानबूझकर नष्ट कर दिया गया। इसका सीधा खामियाजा क्षेत्र के आदिवासी और गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यह इलाका आदिवासी बहुल है और जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है, ऐसे में यहां के लोगों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ही एकमात्र सहारा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सरकारी दवाइयों को नष्ट करने के पीछे निजी क्लीनिकों को फायदा पहुंचाने की मंशा है। मरीजों को सरकारी अस्पताल से वापस लौटा दिया जाता है और उन्हें निजी क्लीनिकों में इलाज के लिए भेजा जाता है, जहां दवाइयों और उपचार के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और जिले के कलेक्टर तक की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो किसी नर्स पर और न ही संबंधित स्टाफ पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार पर संज्ञान लेगा, या फिर आदिवासी क्षेत्र के गरीब और मजबूर लोगों की सेहत के साथ इसी तरह खिलवाड़ होता रहेगा। फिलहाल जनता दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।3
- थाना प्रभारी को दिए आवेदन, FIR का मिला आश्वासन,करणी सेना परिवार के प्रवक्ता धीरज सिंह परिहार नें बताया और क्या बोला देखें VIDEO1
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