नागौर शहर के श्री गोपीनाथ जी के मंदिर में चल रहे अखंड ताल सप्ताह का आज पाँचवाँ दिन है। इस पवित्र आयोजन में शहर की विभिन्न भजन मंडलियाँ उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रही हैं। महिलाओं के लिए भजन गाने का समय दोपहर 2 बजे से रात 10:30 बजे तक निर्धारित है, वहीं पुरुष भक्त रात 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगातार भजन प्रस्तुत करते हैं। यह अखंड ताल सप्ताह पिछले 70 वर्षों से पुरुषोत्तम मास में अनवरत रूप से आयोजित होता आ रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्षों पहले इसे खड़ी ताल सप्ताह के रूप में मनाया जाता था, लेकिन समय के साथ इसके आयोजन के तरीकों में बदलाव होते रहे हैं। इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिन में तीन बार प्रसाद वितरण भी किया जाता है। आयोजन में लड्डू गोपाल और श्री गोपीनाथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है, जिसकी झाँकी भक्तों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। श्री गोपीनाथ और लड्डू गोपाल की मनमोहक छवि देखने लायक है, जिसके दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। इस पूरे आयोजन को सभी मोहल्लेवासी मिलकर सफलतापूर्वक संपन्न करते हैं।
नागौर शहर के श्री गोपीनाथ जी के मंदिर में चल रहे अखंड ताल सप्ताह का आज पाँचवाँ दिन है। इस पवित्र आयोजन में शहर की विभिन्न भजन मंडलियाँ उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रही हैं। महिलाओं के लिए भजन गाने का समय दोपहर 2 बजे से रात 10:30 बजे तक निर्धारित है, वहीं पुरुष भक्त रात 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगातार भजन प्रस्तुत करते हैं। यह अखंड ताल सप्ताह पिछले 70 वर्षों से पुरुषोत्तम मास में अनवरत रूप से आयोजित होता आ रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्षों पहले इसे खड़ी ताल सप्ताह के रूप में मनाया जाता था, लेकिन समय के साथ इसके आयोजन के तरीकों में बदलाव होते रहे हैं। इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिन में तीन बार प्रसाद वितरण भी किया जाता है। आयोजन में लड्डू गोपाल और श्री गोपीनाथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है, जिसकी झाँकी भक्तों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। श्री गोपीनाथ और लड्डू गोपाल की मनमोहक छवि देखने लायक है, जिसके दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। इस पूरे आयोजन को सभी मोहल्लेवासी मिलकर सफलतापूर्वक संपन्न करते हैं।
- नागौर शहर के श्री गोपीनाथ जी के मंदिर में चल रहे अखंड ताल सप्ताह का आज पाँचवाँ दिन है। इस पवित्र आयोजन में शहर की विभिन्न भजन मंडलियाँ उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रही हैं। महिलाओं के लिए भजन गाने का समय दोपहर 2 बजे से रात 10:30 बजे तक निर्धारित है, वहीं पुरुष भक्त रात 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगातार भजन प्रस्तुत करते हैं। यह अखंड ताल सप्ताह पिछले 70 वर्षों से पुरुषोत्तम मास में अनवरत रूप से आयोजित होता आ रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्षों पहले इसे खड़ी ताल सप्ताह के रूप में मनाया जाता था, लेकिन समय के साथ इसके आयोजन के तरीकों में बदलाव होते रहे हैं। इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिन में तीन बार प्रसाद वितरण भी किया जाता है। आयोजन में लड्डू गोपाल और श्री गोपीनाथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है, जिसकी झाँकी भक्तों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। श्री गोपीनाथ और लड्डू गोपाल की मनमोहक छवि देखने लायक है, जिसके दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। इस पूरे आयोजन को सभी मोहल्लेवासी मिलकर सफलतापूर्वक संपन्न करते हैं।1
- काले झंडे प्रकरण से जुड़े मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसके तहत कुचामन थानाधिकारी सतपाल सियाग को निलंबित कर दिया गया है।1
- नागौर के रियांबड़ी में राज्य सरकार के 'वंदे गंगाजल संरक्षण अभियान-2026' के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम हुआ। शनिवार को रियांबड़ी पुलिस चौकी के पीछे स्थित आसान नाड़ी पर आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सफाई कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली। नागौर के रियांबड़ी में राज्य सरकार के 'वंदे गंगाजल संरक्षण अभियान-2026' के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम हुआ। शनिवार को रियांबड़ी पुलिस चौकी के पीछे स्थित आसान नाड़ी पर आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सफाई कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने कार्यक्रम में जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। सुखाड़िया ने वर्षा जल संचयन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी, नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र और पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व सफाई कर्मियों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने आसान नाड़ी क्षेत्र में स्वच्छता का संदेश दिया और जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने का आह्वान किया। उपस्थित लोगों को जल का अनावश्यक दुरुपयोग न करने, वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण करने और आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान "जल है तो कल है" और "जल जीवन है" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। नगर पालिका के सफाई कर्मियों ने नाड़ी क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ते जल संकट को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को जल बचाने के लिए सकारात्मक प्रयास करने चाहिए। अधिकारियों ने आमजन से वर्षा जल संग्रहण, जल स्रोतों की सुरक्षा और स्वच्छता को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने जल संरक्षण अभियान को सफल बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।1
- रिया बड़ी नगर पालिका में 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, जल संचय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित करना है। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार रिया बड़ी उपखंड में इस जन अभियान का शुभारंभ उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। रिया बड़ी उपखंड अधिकारी ने दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आरंभ सरोवर पूजन और पौधरोपण के साथ हुआ। मुख्य उपखंड अधिकारी विनीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जिस भाव से गंगा के जल का वंदन किया जाता है, उसी भाव से हर जल स्रोत का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल को गंगा का जल मानते हुए उसका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि जल संरक्षण राम नाम के स्मरण से कम नहीं है और यह इंसान की ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। विनीत कुमार ने यह भी बताया कि पहले गांवों में लोग सामूहिक रूप से जल संरक्षण करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने समाज से मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़कर जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार, नगर पालिका एग्जीक्यूटिव ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष गिरधारी लाल सैनी, पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव, अशोक कुमार माली, राहुल भाटी, अभिषेक माली, मुकेश धारु, सुनील दगदी और समस्त नरेगा स्टाफ व मजदूर लोग उपस्थित रहे।2
- नागौर जिले के लाडपुरा गांव में एक भगतमाल कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर सुखदेवजी महाराज कुचेरा ने मीडिया से बातचीत की।1
- Post by Khushal Parihar Khushal Pariha1
- “हमारे अंदर तो घमंड नहीं है 6 बार चुनाव जीत गया मैं” हनुमान बेनीवाल ने भैराणा धाम में खुलकर बोला…. “हमारे अंदर तो घमंड नहीं है 6 बार चुनाव जीत गया मैं” हनुमान बेनीवाल ने भैराणा धाम में खुलकर बोला….1
- रियांबड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दो दिवसीय पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा का शुभारंभ सोमवार को चारभुजानाथ मंदिर से अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने पूरे मार्ग को भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय बना दिया। परिक्रमा की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके बाद श्रद्धालु हाथों में ध्वज-पताकाएं लिए भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्गभर हरिकीर्तन, भजन संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा, जिससे श्रद्धालुओं में इस पुरुषोत्तम मास परिक्रमा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए परिक्रमा मार्ग पर विभिन्न पड़ावों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिनमें छाया, शुद्ध पेयजल, भोजन प्रसादी और रात्रि विश्राम शामिल थे। आयोजन समिति और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस आयोजन में ब्रह्म समुदाय सेवा समिति रियांबड़ी के अध्यक्ष एडवोकेट रामकिशोर तिवाड़ी, बजरंगगढ़ सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद राठी, श्याम सुंदर रुणवाल, विनोद कुमार गौड़, जुगल किशोर मणिहार, देवी सिंह बडगूजर, राजेश पाराशर, मिठ्ठू लाल सोनी, कैलाश नागर और बबलू पाराशर सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी तथा श्रद्धालु मौजूद रहे। नगर परिक्रमा के दौरान, श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और लोककल्याण की कामना की। इस दो दिवसीय परिक्रमा के आरंभ के साथ ही पूरे रियांबड़ी शहर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल छा गया।2