अखिलेश यादव ने संविधान पर सवाल उठाते हुए कहा: "कानून हैं, फिर भी भेदभाव और अन्याय जारी" लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत का संविधान और मौजूदा कानून कितने भी मजबूत क्यों न हों, समाज में समय-समय पर भेदभाव और अन्याय की घटनाएं जारी रहती हैं। उन्होंने कहा, "संविधान और हमारे तमाम कानून है इसके बाद भी भेदभाव और अन्याय होता है समय-समय पर।"यह बयान ऐसे समय में आया है जब अखिलेश यादव लगातार भाजपा सरकार पर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के साथ भेदभाव, आरक्षण के हनन और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। हाल के बयानों में उन्होंने दावा किया है कि भाजपा संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को नजरअंदाज करती है, पीडीए वर्ग को दूसरी श्रेणी का नागरिक मानती है और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर जुमला चलाती है। अखिलेश यादव ने बार-बार जोर दिया है कि संविधान पीडीए समाज के लिए "भाग्य का ग्रंथ" है, जो आरक्षण, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक न्याय की गारंटी देता है। लेकिन वर्तमान शासन में असमानता, उत्पीड़न और अन्याय बढ़ा है। उन्होंने हाल ही में गणतंत्र दिवस पर संविधान की रक्षा का संकल्प लिया और कहा कि भाजपा का व्यवहार अक्सर असंवैधानिक होता है।यह बयान विपक्षी दलों के बीच संविधान बचाओ अभियान और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए एकजुटता के आधार पर भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की रणनीति पर काम कर रही है।
अखिलेश यादव ने संविधान पर सवाल उठाते हुए कहा: "कानून हैं, फिर भी भेदभाव और अन्याय जारी" लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत का संविधान और मौजूदा कानून कितने भी मजबूत क्यों न हों, समाज में समय-समय पर भेदभाव और अन्याय की घटनाएं जारी रहती हैं। उन्होंने कहा, "संविधान और हमारे तमाम कानून है इसके बाद भी भेदभाव और अन्याय होता है समय-समय पर।"यह बयान ऐसे समय में आया है जब अखिलेश यादव लगातार भाजपा सरकार पर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के साथ भेदभाव, आरक्षण के हनन और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। हाल के बयानों में उन्होंने दावा किया है कि भाजपा संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को नजरअंदाज करती है, पीडीए वर्ग को दूसरी श्रेणी का नागरिक मानती है और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर जुमला चलाती है। अखिलेश यादव ने बार-बार जोर दिया है कि संविधान पीडीए समाज के लिए "भाग्य का ग्रंथ" है, जो आरक्षण, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक न्याय की गारंटी देता है। लेकिन वर्तमान शासन में असमानता, उत्पीड़न और अन्याय बढ़ा है। उन्होंने हाल ही में गणतंत्र दिवस पर संविधान की रक्षा का संकल्प लिया और कहा कि भाजपा का व्यवहार अक्सर असंवैधानिक होता है।यह बयान विपक्षी दलों के बीच संविधान बचाओ अभियान और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए एकजुटता के आधार पर भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की रणनीति पर काम कर रही है।
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- एम्स रायबरेली में 7वें राष्ट्रीय तंबाकू या स्वास्थ्य सम्मेलन का शुभारंभ थीम: “तंबाकू या स्वास्थ्य: यह आपका चुनाव है” – तंबाकू नियंत्रण पर जोर रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा आज 7वें राष्ट्रीय तंबाकू या स्वास्थ्य सम्मेलन (7th NCTOH-2026) की शुरुआत प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाओं के साथ हुई। सम्मेलन 30 जनवरी से 1 फरवरी तक चलेगा। मुख्य थीम है – “तंबाकू या स्वास्थ्य: यह आपका चुनाव है”। यह भारत में तंबाकू नियंत्रण नीतियों को मजबूत करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने का बड़ा प्रयास है।कार्यक्रम की शुरुआत छह प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाओं से हुई l आयोजन अध्यक्ष डॉ. भोला नाथ ने सबका स्वागत किया और थीम पर बात की। एम्स रायबरेली की डीन प्रो. डॉ. नीरज कुमारी ने तंबाकू के खतरों पर जोर दिया। डॉ. राणा जे. सिंह (वाइटल स्ट्रेटेजीज़) ने इसे गंभीर बीमारियों का बड़ा कारण बताते हुए सबके प्रयासों की बात की। ले. कर्नल अखिलेश कुमार सिंह ने तंबाकू कंपनियों की धोखाधड़ी वाली मार्केटिंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कर्नल यू.एन. राय ने आर्थिक नुकसान पर प्रकाश डाला। डॉ. सौरभ पॉल के धन्यवाद से समाप्त हुआ। कार्यशालाओं में तंबाकू छोड़ने, कंपनियों की चालों, मुंह के कैंसर जांच, NTCP कार्यक्रम, काउंसलिंग और डेटा से कानून मजबूत करने पर ट्रेनिंग दी गई। इंटरएक्टिव चर्चाओं में तनाव, साथियों का प्रभाव और भ्रांतियों पर बात हुई। तंबाकू के नुकसान जैसे मुंह का कैंसर, जल्दी बुढ़ापा, बांझपन, संक्रमण का खतरा, काम में कमी आदि की तुलना की गई। समाधान में स्कूल कार्यक्रम, COTPA शिक्षा, स्वस्थ तरीके, डिजिटल मदद, 5 A’s सलाह, निकोटीन थेरेपी और निरंतर सहयोग पर फोकस रहा। स्वास्थ्य मंत्रालय, वाइटल स्ट्रेटेजीज़, कई एम्स और 24+ राज्यों के विशेषज्ञ शामिल हुए। 300 से ज्यादा प्रतिभागी सक्रिय हैं।यह सम्मेलन तंबाकू मुक्त भारत के लिए मजबूत कदम है।1
- रायबरेली के सालोन बसंत गज बाजार रामलीला मैदान में हिंदू संघ सम्मेलन संपन्न हुआ1
- रायबरेली।सपा विधायक राहुल लोधी ने सताव ब्लॉक के अटौरा बुजुर्ग गांव पहुंचकर दिवंगत रोहित रैदास के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही लेखपाल से बात कर सरकारी स्तर पर मिलने वाली हर संभव मदद दिलाने के निर्देश दिए। रोहित अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पिता अस्वस्थ हैं, भाई छोटे हैं, ऐसे में यह मदद परिवार के लिए बड़ा सहारा बनी। नेता वही जो जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा हो, वही सच्चा जनप्रतिनिधि। स्थान -रायबरेली1
- *जम्मू-कश्मीर के वारवान किश्तवाड़ में भयानक बर्फीला तूफ़ान, हिमस्खलन का भयावह मंजर स्थानीय युवक ने कैमरे में कैद किया। पिछले कई दिनों से इस तरह के एवलांच की भविष्यवाणी की जा रही थी।*1
- फतेहपुर | ललौली थाना क्षेत्र में अवैध खनन का खेल जारी आढ़ावल गांव में बिना खंड/परमिट बैलगाड़ी से मोरम निकासी ललौली थाना क्षेत्र के आढ़ावल गांव में बिना वैध खंड/परमिट के बैलगाड़ियों से मोरम निकाली जा रही है। खनन नियमों को ताक पर रखकर यह काम लंबे समय से चल रहा है, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ट्रैक्टरों से बाहर बिक्री, राजस्व को भारी चपत निकाली गई मोरम को ट्रैक्टरों में भरकर आसपास के क्षेत्रों में खुलेआम बेचा जा रहा है। इससे सरकार को रॉयल्टी व टैक्स के रूप में मिलने वाला राजस्व प्रभावित हो रहा है, वहीं वैध खनन करने वालों के साथ भी अन्याय हो रहा है। गांव की सड़कें बर्बाद, स्थानीय व्यक्ति पर आरोप ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। आरोप है कि ललौली का ही रहने वाला एक व्यक्ति इस पूरे अवैध काम को संचालित कर रहा है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की है।1
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- अखिलेश यादव ने संविधान पर सवाल उठाते हुए कहा: "कानून हैं, फिर भी भेदभाव और अन्याय जारी" लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत का संविधान और मौजूदा कानून कितने भी मजबूत क्यों न हों, समाज में समय-समय पर भेदभाव और अन्याय की घटनाएं जारी रहती हैं। उन्होंने कहा, "संविधान और हमारे तमाम कानून है इसके बाद भी भेदभाव और अन्याय होता है समय-समय पर।"यह बयान ऐसे समय में आया है जब अखिलेश यादव लगातार भाजपा सरकार पर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के साथ भेदभाव, आरक्षण के हनन और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। हाल के बयानों में उन्होंने दावा किया है कि भाजपा संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को नजरअंदाज करती है, पीडीए वर्ग को दूसरी श्रेणी का नागरिक मानती है और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर जुमला चलाती है। अखिलेश यादव ने बार-बार जोर दिया है कि संविधान पीडीए समाज के लिए "भाग्य का ग्रंथ" है, जो आरक्षण, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक न्याय की गारंटी देता है। लेकिन वर्तमान शासन में असमानता, उत्पीड़न और अन्याय बढ़ा है। उन्होंने हाल ही में गणतंत्र दिवस पर संविधान की रक्षा का संकल्प लिया और कहा कि भाजपा का व्यवहार अक्सर असंवैधानिक होता है।यह बयान विपक्षी दलों के बीच संविधान बचाओ अभियान और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए एकजुटता के आधार पर भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की रणनीति पर काम कर रही है।1