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दमोह जिले के वन परिक्षेत्र तेगगढ़ के अंतर्गत ग्राम बीजाडोगरी में स्थित एक तालाब में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना मिली है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया और वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश चौरसिया को तत्काल मामले से अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर वन विभाग की टीम को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए तालाब के पास पिंजरा लगा दिया गया है और वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान डिप्टी रेंजर महेंद्र खरे, बीट गार्ड अनवर खान, चौकीदार भजनलाल और प्रवीण सहित वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।
भगवत सिंह लोधी पत्रकार
दमोह जिले के वन परिक्षेत्र तेगगढ़ के अंतर्गत ग्राम बीजाडोगरी में स्थित एक तालाब में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना मिली है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया और वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश चौरसिया को तत्काल मामले से अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर वन विभाग की टीम को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए तालाब के पास पिंजरा लगा दिया गया है और वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान डिप्टी रेंजर महेंद्र खरे, बीट गार्ड अनवर खान, चौकीदार भजनलाल और प्रवीण सहित वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।
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- दमोह शहर के तीन गुल्ली चौराहा स्थित एक स्पा सेंटर पर गुरुवार शाम कोतवाली पुलिस ने अवैध देह व्यापार की सूचना मिलने के बाद छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने मौके से तीन युवक और तीन युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा सीएसपी एच.आर. पांडे के मार्गदर्शन में, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार और एएसआई सविता रजक के नेतृत्व में की गई। सीएसपी एच.आर. पांडे ने बताया कि देह व्यापार की सूचना के आधार पर गठित टीम ने दबिश देकर भगवानदास, अंकुर और पप्पू नामक तीन युवकों को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा, वहीं तीन युवतियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में रीवा निवासी मुहम्मद आफताब अली स्पा सेंटर का संचालक सामने आया है। पुलिस ने संचालक सहित कुल सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने स्पा सेंटर से अनैतिक गतिविधियों से संबंधित संदेहास्पद सामग्री भी जब्त की है। मामले में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के साथ हुई जघन्य और शर्मनाक वारदात के विरोध में जबलपुर के मालवीय चौक पर एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने किया, जिन्होंने पीड़िता के लिए शीघ्र न्याय और दोषियों को कठोरतम दंड दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई। इस घटना ने मानवता और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कैंडल मार्च केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज द्वारा बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए उठाई गई सामूहिक आवाज़ है। इस घिनौनी घटना के बाद पूरे जिले में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन, संगठित अपराधियों और अवैध होटलों के नेटवर्क की मिलीभगत को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आयोजकों ने मांग की है कि राजस्थान की इस घटना के बाद एक नया कानून बनना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी हैवानियत को रोका जा सके। यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बेटियाँ सुरक्षित होंगी, तभी समाज सुरक्षित होगा और इस तरह के अपराधों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाना अनिवार्य है।4
- जबलपुर के एकता मार्केट से तिलहरी, बिलहरी और गोराबाजार तक नौ अलग-अलग एंट्री पॉइंट्स से डंपरों का आवागमन जारी है। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से इन भारी वाहनों का संचालन हो रहा है। एकता मार्केट में यातायात पुलिस की पॉइंट ड्यूटी होने के बावजूद इन डंपरों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन डंपरों की वजह से कोई बड़ी दुर्घटना घटती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर यातायात प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।1
- जबलपुर के एक भक्त ने धर्म संगठन के बाबा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हुए उन्हें ही अपना एकमात्र सहारा बताया है। भक्त का मानना है कि दुनिया मतलबी है और केवल बाबा ही सच्चे हैं। इस श्रद्धा भाव के साथ भक्त ने राधे-राधे का उद्घोष किया है।1
- सागर जिले के गौरझामर कस्बे में साफ-सफाई की बदतर स्थिति सामने आई है। 20 वार्डों वाले इस बड़े कस्बे के वार्ड 10 में गंदगी का आलम वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है, जहां स्थानीय निवासी जल निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। वार्ड 10 के रहवासी वर्षों से इस समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और अपनी फरियाद लेकर पंचायतों से लेकर विधायक और मंत्री तक के पास जा चुके हैं। बावजूद इसके, स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। निवासियों का आरोप है कि यह क्षेत्र अनुसूचित जाति बाहुल्य होने के कारण ही यहां सफाई व्यवस्था की उपेक्षा की जा रही है।3
- दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक अंतर्गत बड़गुआ स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छत का एक हिस्सा स्कूल खुलने से ठीक पहले भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त बच्चे स्कूल नहीं पहुँचे थे। अगर बच्चे मात्र 10 मिनट पहले ही आ जाते, तो पूरे गाँव में मातम छा जाता और एक बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर जाकर जर्जर भवन, गिरे हुए मलबे, बंद पड़े शौचालय और चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया गया। यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।1