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दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक अंतर्गत बड़गुआ स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छत का एक हिस्सा स्कूल खुलने से ठीक पहले भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त बच्चे स्कूल नहीं पहुँचे थे। अगर बच्चे मात्र 10 मिनट पहले ही आ जाते, तो पूरे गाँव में मातम छा जाता और एक बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर जाकर जर्जर भवन, गिरे हुए मलबे, बंद पड़े शौचालय और चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया गया। यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।
Pushpendra Lodhi
दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक अंतर्गत बड़गुआ स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छत का एक हिस्सा स्कूल खुलने से ठीक पहले भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त बच्चे स्कूल नहीं पहुँचे थे। अगर बच्चे मात्र 10 मिनट पहले ही आ जाते, तो पूरे गाँव में मातम छा जाता और एक बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर जाकर जर्जर भवन, गिरे हुए मलबे, बंद पड़े शौचालय और चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया गया। यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।
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- दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में ITI कॉलेज को वापस स्थापित करने की मांग को लेकर युवाओं ने लामबंदी शुरू कर दी है। आज आयोजित एक प्रेसवार्ता में स्थानीय युवाओं ने कॉलेज बंद होने और इसके स्थानांतरण को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की। वक्ताओं ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आक्रोशित युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन और कानूनी लड़ाई का रास्ता अपनाएंगे। इसी कड़ी में, 11 जुलाई को नोहटा में राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। कॉलेज को लेकर मचे इस बवाल के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों हो रहा है और क्या यह पूरी कवायद राजनीति से प्रेरित है।1
- दमोह जिले के वन परिक्षेत्र तेगगढ़ के अंतर्गत ग्राम बीजाडोगरी में स्थित एक तालाब में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना मिली है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया और वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश चौरसिया को तत्काल मामले से अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर वन विभाग की टीम को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए तालाब के पास पिंजरा लगा दिया गया है और वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान डिप्टी रेंजर महेंद्र खरे, बीट गार्ड अनवर खान, चौकीदार भजनलाल और प्रवीण सहित वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।1
- दमोह जिले के जबेरा तहसील में एक आदरणीय किसान देखे गए हैं, जो विदेश स्विट्जरलैंड से आकर यहाँ खेती कर रहे हैं।1
- वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर) के मोहली परिक्षेत्र में वन विभाग ने एक घायल बाघिन का रेस्क्यू कर उसे उपचार के लिए जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक (सीडब्ल्यूएचएफ) भेज दिया है। इस बाघिन की उम्र लगभग 15 से 18 माह बताई गई है, और आशंका है कि इसने हाल ही में एक श्रमिक पर हमला किया था। वन विभाग के अनुसार, 5 जुलाई को गश्त के दौरान एक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। मौके पर मौजूद महिला वनरक्षक ने बताया था कि हमलावर बाघ के पंजे छोटे थे, जिसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान शुरू किया। 7 जुलाई को सर्चिंग के दौरान लगभग 15 से 18 माह की एक बाघिन मिली, जिस पर श्रमिक पर हमले की आशंका जताई गई। इसके बाद हाथियों की मदद से लगातार उसकी निगरानी की गई। 8 जुलाई को महावतों और वन अधिकारियों ने पाया कि बाघिन कई दिनों से भूखी थी और उसके पिछले पैरों में चोट के कारण उसे चलने में कठिनाई हो रही थी। इसकी जानकारी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक को दी गई, जिनके निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ एवं पशु चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा और जबलपुर स्थित सीडब्ल्यूएचएफ की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञ दल ने हाथियों की सहायता से बाघिन का पता लगाकर उसे सुरक्षित निश्चेतक किया। प्राथमिक परीक्षण में उसका पेट लगभग खाली पाया गया और पिछले पैरों में सूजन मिली। चिकित्सकों की सलाह पर विस्तृत जांच और उपचार के लिए उसे जबलपुर भेज दिया गया। वन विभाग ने बताया कि बाघिन की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही, क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से जंगल में अकेले नहीं जाने की अपील की गई है।1
- दमोह जिले के बालाकोट क्षेत्र में एक राहगीर पर भालुओं ने हमला कर दिया। इस हमले में माधव सिंह गोंड नामक व्यक्ति घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सागर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उनका इलाज शासन के खर्च पर किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जरारू धाम पहुंचकर 17 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम और दादा गुरुजी के आगमन से संबंधित तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान, मंत्री श्री पटेल ने आयोजन स्थल का दौरा किया और अधिकारियों व आयोजकों से कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मंत्री पटेल ने इस वृक्षारोपण अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया और अधिक से अधिक लोगों की इसमें भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। 17 जुलाई को होने वाले इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।1
- सोशल मीडिया पर एक कॉमेडी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बेटियों को बचाने के विषय पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की गई है। इस वीडियो में कहा गया है कि बेटी को बचाते-बचाते अब ऐसा समय आ गया है कि बेटियों से बचने की जरूरत है। यह कंटेंट मनोरंजन के उद्देश्य से साझा किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघिन के हमले के बाद वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू किया है। बाघिन के लगातार हमले करने का कारण भूख बताया गया है। बाघिन को ट्रेंक्विलाइजर गन के जरिए निश्चेतक किया गया। जांच के दौरान उसके पैरों में सूजन पाई गई और पेट खाली होने की पुष्टि हुई है। इलाज के लिए बाघिन को जबलपुर रेफर कर दिया गया है।1