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सोशल मीडिया पर एक कॉमेडी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बेटियों को बचाने के विषय पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की गई है। इस वीडियो में कहा गया है कि बेटी को बचाते-बचाते अब ऐसा समय आ गया है कि बेटियों से बचने की जरूरत है। यह कंटेंट मनोरंजन के उद्देश्य से साझा किया गया है।
Rahul Lakhera
सोशल मीडिया पर एक कॉमेडी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बेटियों को बचाने के विषय पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की गई है। इस वीडियो में कहा गया है कि बेटी को बचाते-बचाते अब ऐसा समय आ गया है कि बेटियों से बचने की जरूरत है। यह कंटेंट मनोरंजन के उद्देश्य से साझा किया गया है।
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- कटनी में हाल ही में सामने आए एक भाषण के वायरल वीडियो ने क्षेत्र में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। इस वीडियो में एक नेता द्वारा कटनी को एक साधारण कस्बा बताते हुए यह दावा किया गया कि यहाँ मंडला, डिंडोरी और सतना की तुलना में भी कम विकास हुआ है। इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर भारी नाराजगी और हैरानी का माहौल है। इस बयान को लेकर जनता की ओर से तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि संबंधित नेता का परिवार लंबे समय से सत्ता के केंद्र में रहा है। इन नेता के पिता मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, माताजी कटनी नगर निगम में महापौर रहीं और स्वयं ये नेता भी राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में भी ये विधायक हैं और इनके छोटे भाई नगर निगम कटनी के अध्यक्ष पद पर आसीन हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जो परिवार वर्षों से सत्ता और पदों पर काबिज रहा, वही अब विकास की कमी पर कैसे सवाल उठा सकता है। स्थानीय लोग इस विरोधाभास से आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि यदि इतने प्रभावशाली पदों पर रहने के बावजूद विकास नहीं हुआ, तो अब जनता को किससे उम्मीद रखनी चाहिए। यह स्थिति जनता के बीच भारी उपहास और अविश्वास का विषय बनी हुई है।1
- कटनी प्राकृतिक सुंदरता, गौरवशाली इतिहास और गहरी आस्था का एक अद्भुत संगम है। यहाँ के शांत घाट, मनमोहक मंदिर और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह लेती है, जहाँ जिले का हर स्थान अपनी एक अलग पहचान रखता है। विशेष रूप से कटनी का पावन राम मंदिर यहाँ की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। जय श्री राम!1
- दमोह जिले के वन परिक्षेत्र तेगगढ़ के अंतर्गत ग्राम बीजाडोगरी में स्थित एक तालाब में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना मिली है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया और वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश चौरसिया को तत्काल मामले से अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर वन विभाग की टीम को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए तालाब के पास पिंजरा लगा दिया गया है और वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान डिप्टी रेंजर महेंद्र खरे, बीट गार्ड अनवर खान, चौकीदार भजनलाल और प्रवीण सहित वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।1
- मध्य प्रदेश के कटनी में गौवंश के साथ कथित अप्राकृतिक कृत्य से जुड़ा एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद शहर में हड़कंप मच गया है। इस वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मामले में एक बुजुर्ग व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जिससे कथित अप्राकृतिक कृत्य के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।2
- दमोह जिले के जबेरा तहसील में एक आदरणीय किसान देखे गए हैं, जो विदेश स्विट्जरलैंड से आकर यहाँ खेती कर रहे हैं।1
- कटनी जिले के माधव नगर क्षेत्र में एक घटना हुई है, जिसके कारण इलाके में काफी बवाल मच गया है। इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताया जा रहा है।2
- मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघिन के हमले के बाद वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू किया है। बाघिन के लगातार हमले करने का कारण भूख बताया गया है। बाघिन को ट्रेंक्विलाइजर गन के जरिए निश्चेतक किया गया। जांच के दौरान उसके पैरों में सूजन पाई गई और पेट खाली होने की पुष्टि हुई है। इलाज के लिए बाघिन को जबलपुर रेफर कर दिया गया है।1
- नेशनल मीडिया प्रेस क्लब की कानपुर इकाई के पत्रकारों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर एकजुटता दिखाते हुए शहर में एक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च के बाद, प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया, जिसमें पत्रकार हितों की मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की गई। ज्ञापन में प्रमुख रूप से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, दुर्घटना बीमा और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं को उपलब्ध कराने सहित कुल सात मांगों को शामिल किया गया था। पत्रकारों ने इस दौरान जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने के लिए पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों की उपस्थिति रही, जिन्होंने एक स्वर में अपनी सभी मांगों के तत्काल निराकरण की मांग की।2
- दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक अंतर्गत बड़गुआ स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छत का एक हिस्सा स्कूल खुलने से ठीक पहले भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त बच्चे स्कूल नहीं पहुँचे थे। अगर बच्चे मात्र 10 मिनट पहले ही आ जाते, तो पूरे गाँव में मातम छा जाता और एक बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर जाकर जर्जर भवन, गिरे हुए मलबे, बंद पड़े शौचालय और चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया गया। यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।1