बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सरैया अंचल के नगर पंचायत सरैया (सादिकपुर) में स्थित राजकीय अस्पताल के बगल की 2 एकड़ 62 डिसमिल जमीन की खरीद-बिक्री पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। वर्तमान में करीब 1.25 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा के बाजार मूल्य वाली इस कीमती जमीन पर कानूनी विवाद गहरा गया है। कोर्ट ने खाता संख्या 8 और खेसरा संख्या 14 की इस भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस जमीन को लेकर करीब तीन दशकों से न्यायालय में विवाद चल रहा है। मामले के अनुसार, अन्य शेयरदार इस जमीन की प्लॉटिंग करके इसे भारी कीमतों पर बेच रहे थे। इसी बीच, दूसरे शेयरदार ने अपने हिस्से पर स्पष्ट दावा ठोकते हुए न्यायालय में वाद दर्ज कराया था। न्यायालय ने 02 सितंबर 2021 की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि इस न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना, मुकदमे के लंबित रहने के दौरान इस संपत्ति का हस्तांतरण, विनिवेश, गिरवी रखना, पट्टे पर देना या किसी भी प्रकार का तृतीय-पक्ष हित सृजित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता जीवेश कुमार ने एक प्रेस वार्ता कर जमीन के खरीदारों को सावधान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शेयरदारों ने भू-माफियाओं के माध्यम से इस जमीन की प्लॉटिंग करवाकर अवैध रूप से ऊंचे दामों पर दर्जनों लोगों के हाथों इसकी बिक्री करवाई है। उन्होंने खरीदारों को सचेत करते हुए कहा कि भू-माफिया अब भी खरीदारों से झूठी बातें कहकर शेष बची जमीन को बेचने की कोशिश में लगे हैं, जो पूरी तरह अवैध है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में भू-माफियाओं के झांसे में न आएं।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सरैया अंचल के नगर पंचायत सरैया (सादिकपुर) में स्थित राजकीय अस्पताल के बगल की 2 एकड़ 62 डिसमिल जमीन की खरीद-बिक्री पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। वर्तमान में करीब 1.25 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा के बाजार मूल्य वाली इस कीमती जमीन पर कानूनी विवाद गहरा गया है। कोर्ट ने खाता संख्या 8 और खेसरा संख्या 14 की इस भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस जमीन को लेकर करीब तीन दशकों से न्यायालय में विवाद चल रहा है। मामले के अनुसार, अन्य शेयरदार इस जमीन की प्लॉटिंग करके इसे भारी कीमतों पर बेच रहे थे। इसी बीच, दूसरे शेयरदार ने अपने हिस्से पर स्पष्ट दावा ठोकते हुए न्यायालय में वाद दर्ज कराया था। न्यायालय ने 02 सितंबर 2021 की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि इस न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना, मुकदमे के लंबित रहने के दौरान इस संपत्ति का हस्तांतरण, विनिवेश, गिरवी रखना, पट्टे पर देना या किसी भी प्रकार का तृतीय-पक्ष हित सृजित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता जीवेश कुमार ने एक प्रेस वार्ता कर जमीन के खरीदारों को सावधान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शेयरदारों ने भू-माफियाओं के माध्यम से इस जमीन की प्लॉटिंग करवाकर अवैध रूप से ऊंचे दामों पर दर्जनों लोगों के हाथों इसकी बिक्री करवाई है। उन्होंने खरीदारों को सचेत करते हुए कहा कि भू-माफिया अब भी खरीदारों से झूठी बातें कहकर शेष बची जमीन को बेचने की कोशिश में लगे हैं, जो पूरी तरह अवैध है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में भू-माफियाओं के झांसे में न आएं।
- मुजफ्फरपुर के करजा थाना क्षेत्र अंतर्गत भटौना गांव में किसानों की सिंचाई के लिए लगाया गया बिजली ट्रांसफॉर्मर एक बार फिर अज्ञात चोरों का निशाना बन गया है। चोरों ने ट्रांसफॉर्मर को खोलकर उसके अंदर लगे कीमती कॉयल और अन्य पार्ट्स चोरी कर लिए हैं। इस चोरी के कारण क्षेत्र के किसानों के सामने धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका सता रही है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस और बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक वर्ष के भीतर भटौना और आसपास के इलाके में करीब 7 से 8 ट्रांसफॉर्मर चोरी हो चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस चोरों को पकड़ने में पूरी तरह विफल रही है। कुछ ग्रामीणों ने बार-बार हो रही इन चोरियों के पीछे बिजली विभाग के ही कुछ कर्मियों की मिलीभगत होने की भी आशंका जताई है, हालांकि इस आरोप की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परेशान ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन तथा बिजली विभाग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने खेतों की सिंचाई के लिए तुरंत नया ट्रांसफॉर्मर लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर में 14 साल पुराना 11 हजार वोल्ट का तार लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इस 11 केवी लाइन में हल्की सी बारिश होने पर भी शॉर्ट सर्किट हो जाता है, जिसके कारण हर महीने ट्रांसफार्मर उड़ रहा है। बिजली की इस लगातार बनी रहने वाली समस्या और बार-बार होने वाली कटौती से त्रस्त होकर स्थानीय जनता बेहद परेशान है।1
- नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश के कारण बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी उफान पर है। बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने से जिले के कटरा, औराई और गायघाट प्रखंड क्षेत्र के निचले इलाकों की बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। बागमती नदी फिलहाल खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है। बाढ़ के इस संकट के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीपा पुल का अप्रोच पानी में डूब जाने के बाद एक बुजुर्ग अपनी धोती खोलकर अपना सामान उसमें बांधते हैं और उसे सिर पर मुरेठा की तरह लपेट लेते हैं। इसके बाद वे बुजुर्ग करीब साढ़े चार फीट गहरे पानी में उतरकर नदी किनारे सड़क तक पहुंचते हैं। बाढ़ की वजह से कई स्कूल परिसर भी पानी में डूब चुके हैं, जिससे छात्रों का वहां पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, गायघाट प्रखंड के बेनीबाद थाने का निचला हिस्सा भी डूबने की कगार पर है और थाने में जब्त गाड़ियां पानी में डूबने लगी हैं। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रखंड स्तर के अधिकारियों को पीपा पुल और पानी की स्थिति को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी के अनुसार, फिलहाल राहत की बात यह है कि रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश नहीं कर पाया है।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर में कोल्हुआ पैगंबरपुर स्थित दादर पुल में एक बड़ा जल स्रोत देखा गया है। इस पुल क्षेत्र में अचानक भारी मात्रा में पानी का बहाव या जल स्रोत (जल सूत) दिखाई देने की खबर सामने आई है।1
- बिहार की राजनीति में एक महिला ने सम्राट चौधरी को सीधी और खुली चुनौती दे दी है। महिला ने सम्राट चौधरी के सामने एक ऐसी बड़ी मांग रख दी है जिससे चारों तरफ भारी हड़कंप मच गया है। इस बड़ी मांग और खुली चुनौती ने बिहार राजनीति में पूरी तरह से खलबली मचा दी है।1
- सिंगापुर शहर साफ हसी शिक्षक शिक्षा स्क्वाश जेवीएम कब्ज जिस्म्बस1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सरैया अंचल के नगर पंचायत सरैया (सादिकपुर) में स्थित राजकीय अस्पताल के बगल की 2 एकड़ 62 डिसमिल जमीन की खरीद-बिक्री पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। वर्तमान में करीब 1.25 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा के बाजार मूल्य वाली इस कीमती जमीन पर कानूनी विवाद गहरा गया है। कोर्ट ने खाता संख्या 8 और खेसरा संख्या 14 की इस भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस जमीन को लेकर करीब तीन दशकों से न्यायालय में विवाद चल रहा है। मामले के अनुसार, अन्य शेयरदार इस जमीन की प्लॉटिंग करके इसे भारी कीमतों पर बेच रहे थे। इसी बीच, दूसरे शेयरदार ने अपने हिस्से पर स्पष्ट दावा ठोकते हुए न्यायालय में वाद दर्ज कराया था। न्यायालय ने 02 सितंबर 2021 की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि इस न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना, मुकदमे के लंबित रहने के दौरान इस संपत्ति का हस्तांतरण, विनिवेश, गिरवी रखना, पट्टे पर देना या किसी भी प्रकार का तृतीय-पक्ष हित सृजित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता जीवेश कुमार ने एक प्रेस वार्ता कर जमीन के खरीदारों को सावधान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शेयरदारों ने भू-माफियाओं के माध्यम से इस जमीन की प्लॉटिंग करवाकर अवैध रूप से ऊंचे दामों पर दर्जनों लोगों के हाथों इसकी बिक्री करवाई है। उन्होंने खरीदारों को सचेत करते हुए कहा कि भू-माफिया अब भी खरीदारों से झूठी बातें कहकर शेष बची जमीन को बेचने की कोशिश में लगे हैं, जो पूरी तरह अवैध है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में भू-माफियाओं के झांसे में न आएं।1
- वैशाली के करताहा में पुलिस ने एक छापेमारी के दौरान भारी खेप जब्त की है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस आरोपी सोनू पासवान की गिरफ्तारी के लिए लगातार उसकी तलाश कर रही है।1