गाजीपुर जिले के जखनियां तहसील क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बंदरों के झुंड बाजार की सड़कों, दुकानों और घरों की छतों पर बेखौफ घूम रहे हैं और राहगीरों पर अचानक हमला कर रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और व्यापारियों में भारी दहशत का माहौल है। बंदरों के इन हमलों में अब तक कई लोग घायल भी हो चुके हैं। बंदरों की सक्रियता से व्यापार पर भी सीधा असर पड़ रहा है। ये जानवर दुकानों के भीतर घुसकर न केवल खाद्य सामग्री व अन्य सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि इनके डर से बाजार में ग्राहकों की आवाजाही भी कम हो गई है। लोगों को अब घर या दुकान से बाहर निकलते समय भी सतर्क रहना पड़ रहा है, साथ ही सड़कों पर बंदरों के अचानक आ जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। बाजारवासियों ने इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने आग्रह किया है कि विशेष अभियान चलाकर इन बंदरों को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
गाजीपुर जिले के जखनियां तहसील क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बंदरों के झुंड बाजार की सड़कों, दुकानों और घरों की छतों पर बेखौफ घूम रहे हैं और राहगीरों पर अचानक हमला कर रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और व्यापारियों में भारी दहशत का माहौल है। बंदरों के इन हमलों में अब तक कई लोग घायल भी हो चुके हैं। बंदरों की सक्रियता से व्यापार पर भी सीधा असर पड़ रहा है। ये जानवर दुकानों के भीतर घुसकर न केवल खाद्य सामग्री व अन्य सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि इनके डर से बाजार में ग्राहकों की आवाजाही भी कम हो गई है। लोगों को अब घर या दुकान से बाहर निकलते समय भी सतर्क रहना पड़ रहा है, साथ ही सड़कों पर बंदरों के अचानक आ जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। बाजारवासियों ने इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने आग्रह किया है कि विशेष अभियान चलाकर इन बंदरों को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- जौनपुर के मड़ियाहूं स्थित परसत (बेलवा) में एक सरसों तेल कंपनी में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। आग लगते ही फैक्ट्री परिसर में अचानक अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों तक राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में 50 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद के एक गांव में ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिल पा रही है। बारिश के कारण गांव की सड़कों की हालत बहुत बेकार हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश होने से पहले भी यहाँ की सड़कें बहुत बेकार थीं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर उन्हें कोई मदद नहीं पहुंचाई जा रही है।2
- Uttar Pradesh Mau doharighat Thana Uttar Pradesh gram Chauhan1
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का एक और बड़ा आरक्षण घोटाला सामने आया है, जहां कृषि विभाग में निकाली गई 2,759 पदों की बंपर भर्ती में ओबीसी, दलित (एससी) और एसटी समाज के भाई-बहनों का हक मार लिया गया है। नियम और संवैधानिक आरक्षण के मुताबिक, इन वर्गों को कुल 1,380 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ और सिर्फ 792 पद ही दिए गए हैं। इस तरह सीधे-सीधे इन वंचित वर्गों की 588 नौकरियां डकार ली गई हैं और 588 परिवारों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है; जब-जब नौकरियों की बात आती है, तब-तब वंचित समाज का हक मार लिया जाता है। इससे पहले भी 69,000 शिक्षक भर्ती में भी आरक्षण को लेकर युवाओं को सड़कों पर लाठियां खानी पड़ी थीं।1
- उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। तरवां थाना क्षेत्र के पट्टी भिखारी गांव में तीन महिलाओं और एक पुरुष ने मिलकर एक अकेली महिला के साथ खेत में जमकर मारपीट की। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि छेड़खानी का विरोध करने पर बाजरे के खेत में उसके साथ इस बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद ही इस घटना की असली सच्चाई और मारपीट के स्पष्ट कारणों का पता चल सकेगा।1