उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 27 जून को हुई आरिफ नामक युवक की मौत का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। हसनगंज कस्बे के रहने वाले आरिफ की मौत को शुरुआती तौर पर सड़क दुर्घटना बताया गया था, लेकिन परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे संदिग्ध करार दिया। परिजनों का आरोप है कि आरिफ के शरीर पर मिले चोट के निशान सड़क हादसे से मेल नहीं खाते हैं। इसी संदेह के चलते परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने मामले में निष्पक्ष जांच के लिए शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए आज सुबह 8 बजकर 19 मिनट पर प्रशासन की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच कब्र से शव निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव जिला अस्पताल भेज दिया गया। इस दौरान न्यायिक उपजिलाधिकारी हसनगंज उदयवीर सिंह, संयुक्त अभियोजन अधिकारी मोहम्मद तारिक खान, क्षेत्राधिकारी तेज बहादुर सिंह, सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन श्रीवास्तव और कोतवाली प्रभारी शरद कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरिफ की मौत वास्तव में एक सड़क हादसा थी या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 27 जून को हुई आरिफ नामक युवक की मौत का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। हसनगंज कस्बे के रहने वाले आरिफ की मौत को शुरुआती तौर पर सड़क दुर्घटना बताया गया था, लेकिन परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे संदिग्ध करार दिया। परिजनों का आरोप
है कि आरिफ के शरीर पर मिले चोट के निशान सड़क हादसे से मेल नहीं खाते हैं। इसी संदेह के चलते परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने मामले में निष्पक्ष जांच के लिए शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए आज
सुबह 8 बजकर 19 मिनट पर प्रशासन की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच कब्र से शव निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव जिला अस्पताल भेज दिया गया। इस दौरान न्यायिक उपजिलाधिकारी हसनगंज उदयवीर सिंह, संयुक्त अभियोजन अधिकारी मोहम्मद तारिक खान, क्षेत्राधिकारी तेज बहादुर
सिंह, सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन श्रीवास्तव और कोतवाली प्रभारी शरद कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरिफ की मौत वास्तव में एक सड़क हादसा थी या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।
- उन्नाव में 13 जुलाई को कानपुर–लखनऊ अवध एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने कार्यक्रम स्थल का औचक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके तहत बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास मार्गों की योजना, वीआईपी मूवमेंट और भीड़ नियंत्रण के उपायों का जायजा लिया गया। कार्यक्रम के दौरान यातायात सुचारू रहे, इसके लिए विशेष डायवर्जन प्लान और पार्किंग व्यवस्था की भी पूरी तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के अलावा, कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।4
- कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है। इस वीडियो के माध्यम से संभलपुर बेहटा निवासी विनय पाल ने पुलिस पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि 8 जुलाई को विनय पाल को संज्ञेय अपराध की रोकथाम के तहत नियमानुसार गिरफ्तार कर निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी। सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि अब इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Ramakant1
- कानपुर में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए एक नया लर्निंग वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में प्री-स्कूल स्तर के छात्रों को चित्रों के साथ अक्षरों का मिलान करने और छोटे अक्षरों (lowercase letters) को खोजने का अभ्यास कराया जा रहा है।1
- कानपुर में सबसे बड़े 'डांडिया नाइट 2026' का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय संस्कृति और भारतीय परिधानों पर आधारित यह आयोजन शहर का सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया जा रहा है। इच्छुक व्यक्ति कार्यक्रम के पास प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द आवेदन कर सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में गोडसे के संबंध में एक विवादित बयान सामने आया है। इस टिप्पणी में गोडसे को एक आतंकवादी से भी बड़ा आतंकवादी करार दिया गया है।1
- गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उन्नाव के डीएम घनश्याम मीणा और एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने दबौली गांव का दौरा किया। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का मौके पर पहुंचकर विस्तृत जायजा लिया और चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों को हर संभव सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए। प्रशासन को यह आदेश दिया गया कि यदि स्थिति गंभीर होती है, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तुरंत पहुंचाया जाए। इसके साथ ही, पुलिस बल को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त बढ़ाने के लिए कहा गया है ताकि सुरक्षा बनी रहे। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और नदी के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है। इस दौरान एडीएम सुशील कुमार, एसडीएम सफीपुर और सीओ सफीपुर सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।2
- उन्नाव जिले के फतेहपुर 84 विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाले दबौली बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जिलाधिकारी धनश्याम मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बाढ़ की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को राहत और बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी धनश्याम मीणा ने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, राहत सामग्री, खाद्यान्न और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संवेदनशील इलाकों पर निरंतर निगरानी रखी जाए। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने पुलिस बल को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त करने और प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया। जनता से अपील की गई कि वे जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक न जाएं, बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। इस दौरान उपजिलाधिकारी सफीपुर शिवेंद्र वर्मा, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सफीपुर दीपक यादव सहित राजस्व और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1