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आज एक नई आरसीसी (RCC) सड़क का उद्घाटन किया गया है, जिसकी लागत 50 लाख रुपये है। इस सड़क को अपने वार्ड में जनता-जनार्दन को समर्पित कर दिया गया है।
आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
आज एक नई आरसीसी (RCC) सड़क का उद्घाटन किया गया है, जिसकी लागत 50 लाख रुपये है। इस सड़क को अपने वार्ड में जनता-जनार्दन को समर्पित कर दिया गया है।
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- अयोध्या में केवल चढ़ावे की चोरी ही नहीं, बल्कि जमीनों की भी चोरी का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि कुसुम पाठक और हरीश पाठक नाम के व्यक्तियों ने 'चंदा चोर पार्टी' से जुड़े दो लोगों को एक जमीन दो करोड़ रुपये में बेची थी। हैरानी की बात यह है कि इसी जमीन को ट्रस्ट ने उन दो व्यक्तियों से महज अठारह करोड़ रुपये में खरीद लिया। इस पूरी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप, ट्रस्ट ने 'चंदा चोर पार्टी' से जुड़े उन दोनों लोगों को केवल 10 मिनट के भीतर सोलह करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया।1
- आज एक नई आरसीसी (RCC) सड़क का उद्घाटन किया गया है, जिसकी लागत 50 लाख रुपये है। इस सड़क को अपने वार्ड में जनता-जनार्दन को समर्पित कर दिया गया है।1
- अरविंद केजरीवाल ने एक बयान में चंदा चोरी को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चंदा चोरी एक 'महापाप' है। केजरीवाल ने आगे यह भी कहा कि जो लोग इस तरह के कृत्यों को अंजाम देते हैं, वे 'राक्षस' प्रवृत्ति के हैं।1
- Post by Vikas kumar1
- अयोध्या जिले की रामनगरी में स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवत दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार के बीच एक हृदयस्पर्शी दृश्य सामने आया। इस कतार में एक भक्त के कंधे पर बैठे एक नन्हे बालक ने अपने बगल में खड़े एक अन्य श्रद्धालु द्वारा प्रसाद खोलते ही उसे चुपके-चुपके चख लिया। इस मनमोहक क्षण को देखकर यह कथन एक बार फिर सत्य साबित हो गया कि "ना जाने किस भेष में नारायण मिल जाए"। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी दिखा।1
- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर में जहां उत्साह और आस्था का माहौल था, वहीं अब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे को लेकर एक नए विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि एक आम आदमी पार्टी के नेता द्वारा एसआईटी के समक्ष कुछ साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट से संबंधित मामलों पर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते संबंधित पक्षों में खलबली मची हुई है। आरोपों के अनुसार, भाजपा सरकार के कार्यकाल में जिस भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया गया था, उसी से जुड़े चढ़ावे में कुछ वर्षों के भीतर बड़े पैमाने पर लूट का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं, और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्तर पर जांच और तथ्यों की पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान गबन से जुड़े मामले में नामजद आठों आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने अभी तक इन आरोपियों की रिमांड नहीं ली है, जिसका कारण मोहर्रम की छुट्टी बताई गई है। अब सोमवार को फिर से पेशी होगी और पुलिस कस्टडी की मांग करने का प्रयास करेगी। इस मामले में आरोपियों से 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। अयोध्या निवासियों और आम जनता में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह करोड़ों का घोटाला है, जिसमें सनातनियों का पैसा सनातनियों द्वारा ही लूटा गया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी में इस लूट का असली मास्टरमाइंड कौन है। जनता की मांग है कि अगर पारदर्शिता लानी है तो सभी आठों लोगों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। लोगों का यह भी मानना है कि यह सब केवल दिखावा है, असली लोग कोई और हैं जिन्हें बचाया जा रहा है, और इन गिरफ्तार किए गए लोगों को बचाव में मोहरा बनाया गया है, क्योंकि सच्चाई कुछ और ही है।1
- सभी सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया गया है।1