तिजारा : गर्ल्स कॉलेज निर्माण को लेकर उठी पुनर्वास की मांग तिजारा क्षेत्र में प्रस्तावित गर्ल्स कॉलेज के निर्माण को लेकर जहां आमजन में खुशी का माहौल है, वहीं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी सामने आने लगा है। स्थानीय लोगों ने तिजारा विधायक बालक नाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा और कॉलेज निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, जिस भूमि पर कॉलेज का निर्माण प्रस्तावित है, उसके आसपास करीब 30-40 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस बस्ती में निवास कर रहे हैं और उनके पास वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा बैंक खातों सहित सभी दस्तावेज इसी पते के हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद, एसडीएम तथा विधायक से मांग की है कि इन परिवारों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि कॉलेज स्थल के पास नगर परिषद की लगभग 10 से 15 बीघा खाली जमीन उपलब्ध है, जिसे प्लॉट के रूप में आवंटित कर इन परिवारों को बसाया जा सकता है यदि ऐसा किया जाता है तो एक ओर जहां गर्ल्स कॉलेज के निर्माण में कोई बाधा नहीं आएगी, वहीं दूसरी ओर वर्षों से बसे गरीब परिवारों को भी स्थायी आवास मिल सकेगा।
तिजारा : गर्ल्स कॉलेज निर्माण को लेकर उठी पुनर्वास की मांग तिजारा क्षेत्र में प्रस्तावित गर्ल्स कॉलेज के निर्माण को लेकर जहां आमजन में खुशी का माहौल है, वहीं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी सामने आने लगा है। स्थानीय लोगों ने तिजारा विधायक बालक नाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा और कॉलेज निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, जिस भूमि पर कॉलेज का निर्माण प्रस्तावित है, उसके आसपास करीब 30-40 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस बस्ती में निवास कर रहे हैं और उनके पास वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा बैंक खातों सहित सभी दस्तावेज इसी पते के हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद, एसडीएम तथा विधायक से मांग की है कि इन परिवारों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि कॉलेज स्थल के पास नगर परिषद की लगभग 10 से 15 बीघा खाली जमीन उपलब्ध है, जिसे प्लॉट के रूप में आवंटित कर इन परिवारों को बसाया जा सकता है यदि ऐसा किया जाता है तो एक ओर जहां गर्ल्स कॉलेज के निर्माण में कोई बाधा नहीं आएगी, वहीं दूसरी ओर वर्षों से बसे गरीब परिवारों को भी स्थायी आवास मिल सकेगा।
- अलवर के माधगढ़ की घटना कालूराम रबारी के सर में फंसा दूध का कैन ग्रामीणों ने दिखाई शूज बूझ केन को काटकर बाहर निकाल घनी मत रहेगी कालूराम सुरक्षित है1
- सतना में एंबुलेंस मरीजों के लिए खतरे से खाली नहीं, एंबुलेंस मेंटिनेंस के नाम पर प्रशासन को ठेंगा सतना। एंबुलेंस संविदाकार का आतंक जारी है। इन्हें सिर्फ अपनी कमाई से मतलब है। मरीजों की जान से इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। शुक्रवार की शाम एक एंबुलेंस में कुपोषण से गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चे को रीवा रेफर किया गया। और जिस एंबुलेंस से मासूम को रेफर किया गया उसमें गेट नहीं बंद होता सकता था। एंबुलेंस में तारबाड़ी करके गेट को बंद किया गया। इसके साथ ही एंबुलेंस के अंदर लाइट भी बंद थी। यानी अंधेरे में मासूम को रीवा ले जाया गया। मेंटीनेंस के नाम पर एंबुलेंस संविदाकार केवल अपना कोरम पूरा कर रहे हैं। वही दूसरी ओर मरीजों के जान से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके पूर्व में रामनगर से रेफर मरीज को जिला अस्पताल जिस एंबुलेंस से लाया गया था। उसका भी गेट खोलने के लिए चालक को खिड़की से अंदर जाना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग की ये बड़ी लापरवाही किसी दिन बड़ा हादसा बनकर सामने आएगी।1
- Post by Voice of Labour1
- नीमराना औद्योगिक क्षेत्र के बिचपुरी रोड स्थित एक अवैध कबाड़ गोदाम में 24 अप्रैल शनिवार शाम अचानक लगी भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और कई धमाकों की आवाज से आसपास का इलाका दहल उठा। घटना के समय गोदाम में मजदूर परफ्यूम की शीशियां तोड़ने का काम कर रहे थे। इसी दौरान ज्वलनशील केमिकल के संपर्क में आने से आग भड़क गई। देखते ही देखते आग ने विस्फोटक रूप ले लिया और वहां मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में 2 बच्चियों सहित 4 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 2 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद गोदाम में रखे केमिकल ड्रम और कबाड़ सामग्री के कारण लगातार धमाके होते रहे। इससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं कोटपूतली बहरोड जिला कलेक्टर अर्पणा गुप्ता और पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह, नीमराना उपखंड अधिकारी महेंद्र यादव,तहसीलदार विक्रम सिंह, नीमराना एडिशनल एसपी सुरेश खींची,डीएसपी चारुल गुप्ता, नीमराना थाना प्रभारी राजेश मीणा, शाहजहांपुर थाना प्रभारी प्रक्रिता चौधरी जापानी जोन चौकी प्रभारी मनोहर लाल मीणा सहित पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। राहत कार्य शुक्रवार रात्रि को भी जारी रहा। देर रात्रि को जले हुए चार लोगों के शव निकाले गए। जिनको बहरोड अस्पताल में डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोदाम कृषि भूमि पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। यहां भारी मात्रा में ज्वलनशील और केमिकल युक्त कबाड़ रखा हुआ था, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्र में अवैध गोदामों और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चार लोग जिंदा जले, कर रहे जांच- एसपी सतवीर सिंह कोटपूतली बहरोड एसपी सतवीर सिंह ने बताया की नीमराना के मोल्हडिया गाँव मे कबाड़ के गोदाम में भीषण आग में चार लोगों की मौत हो गई है। जिसकी जांच की जा रही है किस आग कैसे लगी । साथ ही मरने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। गोदाम में काम करने वाले लोगो से पूछताछ की जा रही है की कहाँ कहाँ के मजदूर हाडसे के दौरान काम कर रहे थे । आगजनी पर आधा दर्जन दमकलों ने तीन घण्टे बाद आग पर काबू आया । आग लगने के बाद आस पास के इलाके को पुलिस प्रशासन ने खाली कराया ताकि कोई बड़ी घटना ना हो । नीमराना क्षेत्र में जगह जगह पर बने अवैध गोदाम प्रशासन की शिथिलता के कारण हाईवे के किनारे सैकड़ो की संख्या में अवैध रूप से कबाड़ के गोदाम बने हुए हैं। आगजनी की घटना 29 29 मार्च को बहरोड के गुंती 23और 24 मार्च को घीलौट, 4 फरवरी और 3 जनवरी को नेशनल हाईवे पर केमिकल से भरे टैंकर में भीषण आगजनी की घटना हो चुकी है। हाईवे पर बने अवैध रूप से कबाड़ गोदाम पर प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है जिससे आए दिन बड़े हादसे हो रहे। प्रशासन की कार्रवाई केवल हादसे के दौरान सीमित रह जाती है। हाईवे किनारे एवं औद्योगिक क्षेत्र में काफी जगह पर अवैध रूप से कृषि भूमि पर कबाड़ के गोदाम बने हैं लेकिन प्रशासन का कबाड़ गोदाम संचालक पर कोई लगाम नहीं होता है। जिससे आए दिन बड़े हादसे हो रहे है।4
- Post by महेंद्र सिंह3
- हमारे नजदीक में लगे प्रेशर प्लांट टुकुर द्वारा किए जाने प्रदोष वाले प्रदूषण से हमारे क्षेत्र के आसपास के लोगों को जीना मुश्किल हो गया है प्रेशर पॉइंट से निकलने वाली धूल के कारण समय पर खाना पका पाते हैं नहीं खा पाते हैं और मिट्टी की वजह से हमारे स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ रहा है यह धूल हमारे फेफड़ों में जन्म देती है जिससे हमको सांस लेने में समस्या होती है कृपया हमारे उच्च अधिकारियों की जिला एवं तहसील लोक अधिकारियों से निवेदन है उसे पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें और उनका कानून और नियम के तहत कैसे प्लान संचालित करने की आदेश दें1
- 22 अप्रैल बुधवारको को मेंबर ऑफ पार्लियामेंट राज्यसभा सांसद छत्तीसगढ़ बहन फूलों देवी नेताम अपने राजस्थान के दो दिवसीय पारिवारिक दौरे के उपरांत परिवार के साथ जयपुर पधारी इस अवसर पर सांसद महोदय फूलों देवी नेताम जी अपने परिवार के साथ मेरे जयपुर निवास सी स्कीम पर भी पधारी जहां पर सांसद महोदय फूलों देवी नेताम जी का और परिवारजनों का साफे बांधकर माला पहनाकर जोरदार स्वागत सत्कार किया फूलों देवी नेताम लगातार दूसरी बार सांसद हैं छत्तीसगढ़ से शुक्रिया सांसद महोदय.......... आबिद कागजी नेशनल कोऑर्डिनेटर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग मध्य प्रदेश प्रभारी ================= पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग1
- मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र अलवर की खबर जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें 🙏🙏🙏1
- में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। बताया जा रहा है कि पाइपलाइन का काम चल रहा था, तभी अचानक मिट्टी धरक गई, जिससे एक मजदूर उसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और काम कर रहे अन्य मजदूरों में दहशत फैल गई।1