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उज्जैन वाले बाबा के दरबार में अखाड़ा और चमत्कार दिखने मिलता हे

4 hrs ago
user_Praveen Damor
Praveen Damor
बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
4 hrs ago

उज्जैन वाले बाबा के दरबार में अखाड़ा और चमत्कार दिखने मिलता हे

More news from राजस्थान and nearby areas
  • उज्जैन वाले बाबा के दरबार में अखाड़ा और चमत्कार दिखने मिलता हे
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    उज्जैन वाले बाबा के दरबार में अखाड़ा और चमत्कार दिखने मिलता हे
    user_Praveen Damor
    Praveen Damor
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • कुशलगढ़ में भाजपा का चुनावी शंखनाद, 20 वार्डों में जीत का संकल्प; देर रात तक गूंजा कार्यकर्ताओं का जोश कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने अणु वाटिका में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर चुनावी शंखनाद किया। 11 सितंबर को होने वाले चुनाव में पार्टी ने नगर पालिका के सभी 20 वार्डों में जीत हासिल कर भाजपा का बोर्ड बनाने का लक्ष्य रखा। सम्मेलन की अध्यक्षता राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी 20 वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने का आह्वान किया। भाजपा जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी, पूर्व मंत्री भवानी जोशी, पूर्व संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर, पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओम पालीवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष हकरु भाई मइड़ा, पूर्व पालिका अध्यक्ष रेखा जोशी और चुनाव संयोजक एवं प्रभारी एडवोकेट भगवत पुरी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। भाजपा जिला महामंत्री कान्हींग रावत ने कुशलगढ़ में भाजपा की हैट्रिक का दावा किया, जबकि मंडल अध्यक्ष जिनेंद्र सेठिया ने कार्यकर्ताओं की भीड़ को भाजपा की जीत का संकेत बताया। कार्यक्रम में राजेंद्र पाटीदार, मुकेश अग्रवाल, दीप सिंह वसुनिया, लीला पड़ियार, ललित सोनी, राघवेश चरपोटा, जितेंद्र आहरी, बबलू भाई मइड़ा, महावीर कोठारी, नरेश गाड़िया, रमेशचंद्र तलेसरा, कमलेश कावड़िया, राहुल भटेवरा, आशीष जोशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान अशोक जोशी और जुबेर खान सहित कई लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। संचालन कान्हींग रावत ने किया और आभार नितेश बैरागी ने व्यक्त किया। समापन पर कार्यकर्ताओं ने सभी 20 वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाकर बोर्ड बनाने का संकल्प लिया।
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    कुशलगढ़ में भाजपा का चुनावी शंखनाद, 20 वार्डों में जीत का संकल्प; देर रात तक गूंजा कार्यकर्ताओं का जोश
कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने अणु वाटिका में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर चुनावी शंखनाद किया। 11 सितंबर को होने वाले चुनाव में पार्टी ने नगर पालिका के सभी 20 वार्डों में जीत हासिल कर भाजपा का बोर्ड बनाने का लक्ष्य रखा।
सम्मेलन की अध्यक्षता राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी 20 वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने का आह्वान किया।
भाजपा जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी, पूर्व मंत्री भवानी जोशी, पूर्व संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर, पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओम पालीवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष हकरु भाई मइड़ा, पूर्व पालिका अध्यक्ष रेखा जोशी और चुनाव संयोजक एवं प्रभारी एडवोकेट भगवत पुरी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
भाजपा जिला महामंत्री कान्हींग रावत ने कुशलगढ़ में भाजपा की हैट्रिक का दावा किया, जबकि मंडल अध्यक्ष जिनेंद्र सेठिया ने कार्यकर्ताओं की भीड़ को भाजपा की जीत का संकेत बताया।
कार्यक्रम में राजेंद्र पाटीदार, मुकेश अग्रवाल, दीप सिंह वसुनिया, लीला पड़ियार, ललित सोनी, राघवेश चरपोटा, जितेंद्र आहरी, बबलू भाई मइड़ा, महावीर कोठारी, नरेश गाड़िया, रमेशचंद्र तलेसरा, कमलेश कावड़िया, राहुल भटेवरा, आशीष जोशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सम्मेलन के दौरान अशोक जोशी और जुबेर खान सहित कई लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। संचालन कान्हींग रावत ने किया और आभार नितेश बैरागी ने व्यक्त किया। समापन पर कार्यकर्ताओं ने सभी 20 वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाकर बोर्ड बनाने का संकल्प लिया।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • बांसवाड़ा मॉर्निंग योगा ग्रुप ----------------------- में कविता पढ़ते हुए एक योगा ग्रुप के मेंबर विनोद जी
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    बांसवाड़ा मॉर्निंग योगा ग्रुप 
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में कविता पढ़ते हुए एक योगा ग्रुप के मेंबर विनोद जी
    user_Ajay kumar Pandit
    Ajay kumar Pandit
    Photographer Banswara, Rajasthan•
    16 hrs ago
  • कुशलगढ, मुस्लिम समाज ने निकाला बारावफात पर जुलुस ढोल की थाप पर थिरके युवाओं के कदम (ईद-ए-मिलाद-उन-नबी ﷺ) - रहमत का दिन* प्राइम न्यूज राजस्थान ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार सोनी इस्लामी कैलेंडर का तीसरा महीना रबी-उल-अव्वल इस्लाम में बहुत बरकत वाला माना जाता है। इसी महीने की 12 तारीख को पूरी दुनिया में *बारावफात* का त्योहार बड़े ही अदब और एहतराम के साथ मनाया जाता है। इसे *ईद-ए-मिलाद-उन-नबी* भी कहा जाता है। "बारा" का मतलब बारह होता है और "वफात" का मतलब दुनिया से पर्दा फरमाना होता है। इस्लामी तारीख के मुताबिक 12 रबी-उल-अव्वल को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश हुई और इसी तारीख को आपने दुनिया से पर्दा भी किया, इसलिए इस दिन को बारावफात कहा जाता है। आपका जन्म सन 570 ईस्वी में अरब के मक्का शहर में हुआ था। आपके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्ला और वालिदा का नाम हजरत आमना था। *बारावफात क्यों मनाई जाती है?* पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ को इस्लाम में अल्लाह के आखिरी पैगंबर माना जाता है। आपने 63 साल की जिंदगी में पूरी इंसानियत को एक नया रास्ता दिखाया। जब दुनिया में अंधेरा था, बेटियों को जिंदा दफन किया जाता था, गरीबों पर जुल्म होता था, तब आपने अमन, इंसाफ और बराबरी का पैगाम दिया। आपने फरमाया कि सभी इंसान एक ही माँ-बाप की औलाद हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं। औरतों को इज्जत दो, यतीमों के सर पर हाथ रखो, पड़ोसियों का ख्याल रखो चाहे वो किसी भी मजहब का हो। बारावफात उसी रहमत और इंसानियत के पैगाम को याद करने का दिन है। *कैसे मनाते हैं बारावफात?* *1. जुलूस-ए-मोहम्मदी:* बारावफात की सबसे बड़ी पहचान है जुलूस। सुबह फजर की नमाज के बाद से ही बच्चे, जवान और बुजुर्ग हरे झंडे, सफेद टोपी और नए कपड़े पहनकर घरों से निकलते हैं। "आका की आमद मरहबा, सरकार की आमद मरहबा" और "लब्बैक या रसूल अल्लाह" के नारों से पूरा माहौल गूंज उठता है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सागवाड़ा, उदयपुर, जयपुर, अजमेर में बहुत बड़े जुलूस निकलते हैं। *2. सजावट और चिरागां:* इस मुबारक मौके पर मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों और घरों को फूलों, झंडियों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। रात के वक्त चिरागां होता है, जो देखने में बहुत खूबसूरत लगता है। *3. मिलाद शरीफ और सीरत बयान:* मस्जिदों और घरों में मिलाद की महफिलें सजती हैं। उलेमा-ए-कराम पैगंबर साहब की जिंदगी जिसे सीरत-ए-पाक कहा जाता है, पर बयान करते हैं। नात-ख्वां हजरत की शान में नातें पढ़ते हैं और लोग बड़ी खामोशी से सुनते हैं। *4. लंगर, शरबत और खैरात:* इस दिन को रहमत का दिन समझा जाता है। जगह-जगह लंगर लगते हैं। शरबत, मिठाई, बिरयानी और फल बांटे जाते हैं। लोग गरीबों को कपड़े देते हैं, खाना खिलाते हैं और अल्लाह की राह में खर्च करते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया नेक काम कई गुना सवाब देता है। *बारावफात का असली पैगाम क्या है?* बारावफात सिर्फ झंडे लगाने और जुलूस निकालने का नाम नहीं है। इसका असली मकसद है पैगंबर साहब की बताई हुई बातों पर अमल करना। आज दुनिया में नफरत, झूठ और धोखा बढ़ रहा है। ऐसे में आप ﷺ का पैगाम और भी जरूरी हो जाता है। आपने कहा - "तुम में से बेहतरीन वो है जिसका अखलाक सबसे अच्छा है।" अगर हम सच में आपसे मोहब्बत करते हैं तो हमें सच बोलना होगा, वादा निभाना होगा, किसी का दिल नहीं दुखाना होगा। *वागड़ में गंगा-जमुनी तहजीब* डूंगरपुर और बांसवाड़ा के वागड़ क्षेत्र में बारावफात पर एक खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। जुलूस जब निकलता है तो कई जगह हिंदू भाई भी पानी और शरबत की सबील लगाते हैं। यह हमारे देश की गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की सबसे बड़ी मिसाल है। अंत में यही कहना है कि बारावफात हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाती है। आओ इस दिन हम यह अहद करें कि हम नफरत को मिटाकर मोहब्बत फैलाएंगे। बारावफात के जुलूस में कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह मय जाप्ता तैनात रहा वहीं पुरे कुशलगढ़ कस्बे में शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकाला गया
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    कुशलगढ, मुस्लिम समाज ने निकाला बारावफात पर जुलुस 
ढोल की थाप पर थिरके युवाओं के कदम (ईद-ए-मिलाद-उन-नबी ﷺ) - रहमत का दिन*
प्राइम न्यूज राजस्थान 
ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार सोनी 
इस्लामी कैलेंडर का तीसरा महीना रबी-उल-अव्वल इस्लाम में बहुत बरकत वाला माना जाता है। इसी महीने की 12 तारीख को पूरी दुनिया में *बारावफात* का त्योहार बड़े ही अदब और एहतराम के साथ मनाया जाता है। इसे *ईद-ए-मिलाद-उन-नबी* भी कहा जाता है।
"बारा" का मतलब बारह होता है और "वफात" का मतलब दुनिया से पर्दा फरमाना होता है। इस्लामी तारीख के मुताबिक 12 रबी-उल-अव्वल को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश हुई और इसी तारीख को आपने दुनिया से पर्दा भी किया, इसलिए इस दिन को बारावफात कहा जाता है। आपका जन्म सन 570 ईस्वी में अरब के मक्का शहर में हुआ था। आपके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्ला और वालिदा का नाम हजरत आमना था।
*बारावफात क्यों मनाई जाती है?*
पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ को इस्लाम में अल्लाह के आखिरी पैगंबर माना जाता है। आपने 63 साल की जिंदगी में पूरी इंसानियत को एक नया रास्ता दिखाया। जब दुनिया में अंधेरा था, बेटियों को जिंदा दफन किया जाता था, गरीबों पर जुल्म होता था, तब आपने अमन, इंसाफ और बराबरी का पैगाम दिया।
आपने फरमाया कि सभी इंसान एक ही माँ-बाप की औलाद हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं। औरतों को इज्जत दो, यतीमों के सर पर हाथ रखो, पड़ोसियों का ख्याल रखो चाहे वो किसी भी मजहब का हो। बारावफात उसी रहमत और इंसानियत के पैगाम को याद करने का दिन है।
*कैसे मनाते हैं बारावफात?*
*1. जुलूस-ए-मोहम्मदी:* बारावफात की सबसे बड़ी पहचान है जुलूस। सुबह फजर की नमाज के बाद से ही बच्चे, जवान और बुजुर्ग हरे झंडे, सफेद टोपी और नए कपड़े पहनकर घरों से निकलते हैं। "आका की आमद मरहबा, सरकार की आमद मरहबा" और "लब्बैक या रसूल अल्लाह" के नारों से पूरा माहौल गूंज उठता है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सागवाड़ा, उदयपुर, जयपुर, अजमेर में बहुत बड़े जुलूस निकलते हैं।
*2. सजावट और चिरागां:* इस मुबारक मौके पर मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों और घरों को फूलों, झंडियों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। रात के वक्त चिरागां होता है, जो देखने में बहुत खूबसूरत लगता है।
*3. मिलाद शरीफ और सीरत बयान:* मस्जिदों और घरों में मिलाद की महफिलें सजती हैं। उलेमा-ए-कराम पैगंबर साहब की जिंदगी जिसे सीरत-ए-पाक कहा जाता है, पर बयान करते हैं। नात-ख्वां हजरत की शान में नातें पढ़ते हैं और लोग बड़ी खामोशी से सुनते हैं।
*4. लंगर, शरबत और खैरात:* इस दिन को रहमत का दिन समझा जाता है। जगह-जगह लंगर लगते हैं। शरबत, मिठाई, बिरयानी और फल बांटे जाते हैं। लोग गरीबों को कपड़े देते हैं, खाना खिलाते हैं और अल्लाह की राह में खर्च करते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया नेक काम कई गुना सवाब देता है।
*बारावफात का असली पैगाम क्या है?*
बारावफात सिर्फ झंडे लगाने और जुलूस निकालने का नाम नहीं है। इसका असली मकसद है पैगंबर साहब की बताई हुई बातों पर अमल करना। आज दुनिया में नफरत, झूठ और धोखा बढ़ रहा है। ऐसे में आप ﷺ का पैगाम और भी जरूरी हो जाता है।
आपने कहा - "तुम में से बेहतरीन वो है जिसका अखलाक सबसे अच्छा है।" अगर हम सच में आपसे मोहब्बत करते हैं तो हमें सच बोलना होगा, वादा निभाना होगा, किसी का दिल नहीं दुखाना होगा।
*वागड़ में गंगा-जमुनी तहजीब*
डूंगरपुर और बांसवाड़ा के वागड़ क्षेत्र में बारावफात पर एक खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। जुलूस जब निकलता है तो कई जगह हिंदू भाई भी पानी और शरबत की सबील लगाते हैं। यह हमारे देश की गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की सबसे बड़ी मिसाल है।
अंत में यही कहना है कि बारावफात हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाती है। आओ इस दिन हम यह अहद करें कि हम नफरत को मिटाकर मोहब्बत फैलाएंगे। बारावफात के जुलूस में कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह मय जाप्ता तैनात रहा वहीं पुरे कुशलगढ़ कस्बे में शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकाला गया
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 min ago
  • सालमगढ़ विद्यालय को मिली बड़ी सौगात, दो कक्षा-कक्ष और इंटरलॉकिंग कार्य स्वीकृत *सालमगढ़ विद्यालय को मिली बड़ी सौगात, दो कक्षा-कक्ष और इंटरलॉकिंग कार्य स्वीकृत* नवज्योति, सालमगढ़। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, सालमगढ़ को बड़ी सौगात मिली है। ग्रामीणों की मांग पर विद्यालय में दो कक्षा-कक्ष एवं प्रार्थना सभा स्थल पर इंटरलॉकिंग कार्य की स्वीकृति जारी की गई है।ग्रामीणों की मांग को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री हेमंत मीणा द्वारा यह स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है और ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में संस्था प्रधान मुकेश कुमार साहू ने बताया कि इन कार्यों से विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और विद्यालय के आधारभूत ढांचे में सुधार होगा। इस काम को करवाने में भगवान लाल अहारी का पूर्ण योगदान रहा
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    सालमगढ़ विद्यालय को मिली बड़ी सौगात, दो कक्षा-कक्ष और इंटरलॉकिंग कार्य स्वीकृत
*सालमगढ़ विद्यालय को मिली बड़ी सौगात, दो कक्षा-कक्ष और इंटरलॉकिंग कार्य स्वीकृत*
नवज्योति, सालमगढ़। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, सालमगढ़ को बड़ी सौगात मिली है। ग्रामीणों की मांग पर विद्यालय में दो कक्षा-कक्ष एवं प्रार्थना सभा स्थल पर इंटरलॉकिंग कार्य की स्वीकृति जारी की गई है।ग्रामीणों की मांग को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री हेमंत मीणा द्वारा यह स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है और ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस संबंध में संस्था प्रधान मुकेश कुमार साहू ने बताया कि इन कार्यों से विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और विद्यालय के आधारभूत ढांचे में सुधार होगा। इस काम को करवाने में भगवान लाल अहारी का पूर्ण योगदान रहा
    user_User3132
    User3132
    दलोट, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • आसपुर में सड़कों पर गंदगी की हालत होली चोक से मुख्य मार्ग बस स्टैंड पर गंदगी पसरी
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    आसपुर में सड़कों पर गंदगी की हालत 
होली चोक से मुख्य मार्ग बस स्टैंड पर गंदगी पसरी
    user_वागड़ NEWS 24
    वागड़ NEWS 24
    Local News Reporter आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बेनेश्वर धाम के महंत अच्युतानंदजी महाराज पहुंचे कुआं, शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस बेनेश्वर धाम के महंत अच्युतानंदजी महाराज पहुंचे कुआं, शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस हर खबर वागड़ कुआं/ डूंगरपुर। कुआं गांव निवासी प्राची पुत्री अशोक कुमार कलाल का महज 18 वर्ष की उम्र में 17 अगस्त को निधन हो गया। युवा अवस्था में हुए इस असामयिक निधन से कुआं गांव सहित कलाल समाज में शोक की लहर है। परिवार के साथ समाजजन भी इस दुखद घटना से गमगीन हैं। निधन की सूचना पर बेनेश्वर धाम के महंत अच्युतानंदजी महाराज कुआं पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। महंतजी ने परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य रखने तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते हुए कहा कि असमय किसी अपने को खोने का दुख बेहद पीड़ादायक होता है। ऐसे समय में समाज और परिजनों का साथ ही सबसे बड़ा संबल होता है। 18 वर्षीय प्राची के निधन से गांव और समाज में शोक का माहौल है। ग्रामीणों एवं समाजजनों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
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    बेनेश्वर धाम के महंत अच्युतानंदजी महाराज पहुंचे कुआं, शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस
बेनेश्वर धाम के महंत अच्युतानंदजी महाराज पहुंचे कुआं, शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस
हर खबर वागड़ 
कुआं/ डूंगरपुर। कुआं गांव निवासी प्राची पुत्री अशोक कुमार कलाल का महज 18 वर्ष की उम्र में 17 अगस्त को निधन हो गया। युवा अवस्था में हुए इस असामयिक निधन से कुआं गांव सहित कलाल समाज में शोक की लहर है। परिवार के साथ समाजजन भी इस दुखद घटना से गमगीन हैं।
निधन की सूचना पर बेनेश्वर धाम के महंत अच्युतानंदजी महाराज कुआं पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। महंतजी ने परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य रखने तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते हुए कहा कि असमय किसी अपने को खोने का दुख बेहद पीड़ादायक होता है। ऐसे समय में समाज और परिजनों का साथ ही सबसे बड़ा संबल होता है।
18 वर्षीय प्राची के निधन से गांव और समाज में शोक का माहौल है। ग्रामीणों एवं समाजजनों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • प्रदोष पर नीलकंठ महादेव मंदिर में गूंजे शिव भजन, 108 दीपों से हुई महाआरती पिण्डारमा। प्रदोष व्रत के पावन अवसर पर पिण्डारमा के नीलकंठ महादेव मंदिर में भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। शाम को महिला भजन मंडली ने ढोलक, मंजीरे और झांझ की थाप पर शिव भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे मंदिर परिसर शिवभक्ति में डूब गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान नीलकंठ महादेव के विशेष रुद्राभिषेक एवं श्रृंगार से हुई। इसके बाद "शिव शंकर चले कैलाश", "डम डम डमरू बाजे" और "भोले की बारात" जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। प्रदोष काल में 108 दीपों से भगवान नीलकंठ महादेव की महाआरती की गई। मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और विशेष भोग अर्पित किया। आरती के बाद भक्तों को फल एवं प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे। देर रात तक चले भक्तिमय आयोजन से पूरा क्षेत्र शिवमय बना रहा।
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    प्रदोष पर नीलकंठ महादेव मंदिर में गूंजे शिव भजन, 108 दीपों से हुई महाआरती
पिण्डारमा। प्रदोष व्रत के पावन अवसर पर पिण्डारमा के नीलकंठ महादेव मंदिर में भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। शाम को महिला भजन मंडली ने ढोलक, मंजीरे और झांझ की थाप पर शिव भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे मंदिर परिसर शिवभक्ति में डूब गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान नीलकंठ महादेव के विशेष रुद्राभिषेक एवं श्रृंगार से हुई। इसके बाद "शिव शंकर चले कैलाश", "डम डम डमरू बाजे" और "भोले की बारात" जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।
प्रदोष काल में 108 दीपों से भगवान नीलकंठ महादेव की महाआरती की गई। मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और विशेष भोग अर्पित किया। आरती के बाद भक्तों को फल एवं प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे। देर रात तक चले भक्तिमय आयोजन से पूरा क्षेत्र शिवमय बना रहा।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    15 hrs ago
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