भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद पहला संदेश , आंदोलन का अपडेट और आगे की रणनीति। झारखंड के छात्र आंदोलनों (JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितता और पेपर लीक विरोध प्रदर्शन) में वर्तमान में सबसे बड़े और प्रमुख छात्र नेता के रूप में Devendra Nath Mahto (देवेंद्र नाथ महतो) उभरे हैं। उन्होंने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबा आमरण अनशन (भूख हड़ताल) किया था, जिसके बाद सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द करने जैसे बड़े फैसले लिए। [1, 2, 3] छात्र आंदोलन और नेता देवेंद्र नाथ महतो मुख्य चेहरा: JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ हुए आंदोलन की अगुवाई Devendra Nath Mahto ने मुख्य रूप से की है। [1] आंदोलन का केंद्र: रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस छात्र क्रांति का मुख्य केंद्र रहा है। [1] अन्य नेता: इस संघर्ष में रविंद्र पासवाऩ (Ravindra Paswan) और संजय मेहता (Sanjay Mehta) जैसे अन्य छात्र नेता भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद पहला संदेश , आंदोलन का अपडेट और आगे की रणनीति। झारखंड के छात्र आंदोलनों (JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितता और पेपर लीक विरोध प्रदर्शन) में वर्तमान में सबसे बड़े और प्रमुख छात्र नेता के रूप में Devendra Nath Mahto (देवेंद्र नाथ महतो) उभरे हैं। उन्होंने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबा आमरण अनशन (भूख हड़ताल) किया था, जिसके बाद सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द करने जैसे बड़े फैसले लिए। [1, 2, 3] छात्र आंदोलन और नेता देवेंद्र नाथ महतो मुख्य चेहरा: JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ हुए आंदोलन की अगुवाई Devendra Nath Mahto ने मुख्य रूप से की है। [1] आंदोलन का केंद्र: रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस छात्र क्रांति का मुख्य केंद्र रहा है। [1] अन्य नेता: इस संघर्ष में रविंद्र पासवाऩ (Ravindra Paswan) और संजय मेहता (Sanjay Mehta) जैसे अन्य छात्र नेता भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
- ये वीडियो आज के युग में चल रहे जनता के प्रति छल,धोखा,उचित विकास से कोसो दुर सोच,विचार पर आधारित है l आज के दौर में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ पात्र लोगों तक पूरी तरह इसलिए नहीं पहुँच पा रहा है क्योंकि बिचौलियों की घुसपैठ, जटिल कागजी प्रक्रियाएँ, डिजिटल साक्षरता की कमी और जानकारी का अभाव मुख्य बाधाएँ बनी हुई हैं। मुख्य समस्याएँ और कारण जानकारी का अभाव: कई लोगों को अपने अधिकारों और चालू योजनाओं का पता नहीं होता है। भ्रष्टाचार और बिचौलिए: सरकारी मदद और सब्सिडी के बीच में लोग पैसा खा जाते हैं। जटिल प्रक्रिया: फॉर्म भरना और कागजात बनवाना बहुत कठिन और लंबा काम होता है। डिजिटल दूरी: इंटरनेट और स्मार्टफोन न होने से ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पाते हैं। गलत पहचान: कई बार अपात्र लोग फायदा ले जाते हैं और असली हकदार छूट जाते हैं। सुधार के उपाय पारदर्शिता लाना: हर योजना की जानकारी ऑनलाइन और साफ होनी चाहिए। सरल नियम: फॉर्म और कागजात के नियम आसान होने चाहिए। जागरूकता शिविर: गाँवों और शहरों में लोगों को योजनाओं की जानकारी देनी चाहिए। सीधे खाते में पैसे: डीबीटी (DBT) से पैसे सीधे बैंक खाते में आने चाहिए।1
- BIHAR GIRL'S FIERY RESPONSE AMID CJP PROTEST GOES VIRAL, INTERNET REACTS BIHAR GIRL'S FIERY RESPONSE AMID CJP PROTEST GOES VIRAL, INTERNET REACTS1
- नयाबांध स्कूल से सोलर प्लेट चोरी, थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग इस संबंध में आज मंगलवार पांच बजे शाम को विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय गुप्ता ने बताया की रंका प्रखंड के कटरा पंचायत अंतर्गत नयाबांध-सिरोई कला स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय से एक सोलर प्लेट चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव देवनारायण साव सहित विद्यालय के शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने आज मंगलवार शाम पांच बजे रंका थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर चोरी की घटना की जानकारी दी है। आवेदन में बताया गया है कि जिला परिषद के माध्यम से वर्ष 2024 में विद्यालय परिसर में सोलर प्लेट एवं समरसेबल पंप लगाया गया था। विद्यालय में कुल तीन सोलर प्लेट लगाए गए थे, जिससे विद्यालय में पिने का पानी एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए विस्तृत व्यवस्था की जाती थी। बताया गया कि 16 अगस्त 2026 की रात अज्ञात चोरों ने विद्यालय परिसर में लगे तीन सोलर प्लेटों में से एक सोलर प्लेट चोरी कर लिया। विद्यालय 17 अगस्त को खुलने के बाद विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने सोलर प्लेट गायब पाया, जिसके बाद चोरी की जानकारी सामने आई। घटना से विद्यालय प्रबंधन में चिंता का माहौल है। समिति के सदस्यों ने आज मंगलवार पांच बजे शाम को रंका थाना प्रभारी से मामले की जांच कर अज्ञात चोरों का पता लगाने, चोरी हुए सोलर प्लेट को बरामद करने तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- डंडई में 30 किमी दूर नंगे पांव यात्रा कर 5 हजार कांवरियों ने शिव को चढ़ाया जल पुजारी बोले- लगभग 23 वर्ष पूर्व जमीन से निकला था शिवलिंग, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़ डंडई में 30 किमी दूर नंगे पांव यात्रा कर 5 हजार कांवरियों ने शिव को चढ़ाया जल पुजारी बोले- लगभग 23 वर्ष पूर्व जमीन से निकला था शिवलिंग, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़1
- Daltonganj Shahpur mein pul banne wala masin bah gaya 😭😭😭😭 14/08/2026 ko video hai Daltonganj Shahpur mein pul banne wala machine Bah Gaya Hai😂😂😭😭1
- जरूरतमंद PVTG परिवारों के बीच बांटी गई पोषाहार सामग्री, 55 परिवारों को मिला पोषण का सहारा चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनिया। प्रखंड क्षेत्र के लोगों को मंगलवार को सहभागी शिक्षण केंद्र संस्था की ओर से विशेष रूप से चिन्हित PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) परिवारों के बीच पोषाहार सामग्री का वितरण किया गया। प्रखंड स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में कुल 55 असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक परिवार को देशी चना 5 किलो, अरहर दाल 5 किलो, मूंग दाल 2 किलो, मूंगफली दाना 2 किलो, देशी गुड़ 4 किलो, सोयाचंक (बड़ी) 2 किलो, सरसों तेल 3 लीटर और नमक 2 किलो प्रदान किया गया। पोषाहार सामग्री का वितरण प्रखंड विकास पदाधिकारी सुबोध कुमार एवं पंचायती राज पदाधिकारी मिथिलेश कुमार की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में सहभागी शिक्षण केंद्र के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रंजीत कुमार तथा पंचायत कोऑर्डिनेटर लव कुमार के नेतृत्व में वितरण कार्य संपन्न कराया गया। संस्था की ओर से बताया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद PVTG परिवारों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है, ताकि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके और कुपोषण की समस्या को कम किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान लोगों को संतुलित आहार और बेहतर पोषण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। आयोजकों ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों तक पोषण संबंधी सहयोग पहुंचाने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।1
- धुरकी प्रखण्ड के रक्सी पंचायत के कुम्बाकाला गांव में कई वर्षों से सड़क जड़जर ग्रामीणों में भारी आक्रोष धुरकी प्रखण्ड के रक्सी पंचायत के कुम्बाकाला गांव में कई वर्षों से सड़क जड़जर ग्रामीणों में भारी आक्रोष1
- भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद पहला संदेश , आंदोलन का अपडेट और आगे की रणनीति। झारखंड के छात्र आंदोलनों (JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितता और पेपर लीक विरोध प्रदर्शन) में वर्तमान में सबसे बड़े और प्रमुख छात्र नेता के रूप में Devendra Nath Mahto (देवेंद्र नाथ महतो) उभरे हैं। उन्होंने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबा आमरण अनशन (भूख हड़ताल) किया था, जिसके बाद सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द करने जैसे बड़े फैसले लिए। [1, 2, 3] छात्र आंदोलन और नेता देवेंद्र नाथ महतो मुख्य चेहरा: JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ हुए आंदोलन की अगुवाई Devendra Nath Mahto ने मुख्य रूप से की है। [1] आंदोलन का केंद्र: रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस छात्र क्रांति का मुख्य केंद्र रहा है। [1] अन्य नेता: इस संघर्ष में रविंद्र पासवाऩ (Ravindra Paswan) और संजय मेहता (Sanjay Mehta) जैसे अन्य छात्र नेता भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।1