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हरियाणा के रेवाड़ी में एक व्यक्ति को जवानी में किए गए अपराध, जिसमें गोलियां चलाने का मामला शामिल था, के लिए अब 85 साल की उम्र में सजा मिली है।
Rajbala
हरियाणा के रेवाड़ी में एक व्यक्ति को जवानी में किए गए अपराध, जिसमें गोलियां चलाने का मामला शामिल था, के लिए अब 85 साल की उम्र में सजा मिली है।
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- ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अनुभव भ्रमण कार्यक्रम के तहत नूंह (मेवात) जिले के सरपंचों का एक दल हरियाणा के फरूखनगर खंड के गांव पातली हाजीपुर पहुंचा। गांव पहुंचने पर सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल हाजीपुर और उनकी टीम ने सभी मेहमानों का फूल-मालाएं पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अध्यक्ष धर्मपाल हाजीपुर ने आए हुए सरपंचों को गांव के रिकॉर्ड विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा दिया, जो माननीय मंत्री जी के विशेष सहयोग और पंचायत की सजगता से करीब ₹8.5 करोड़ की लागत से करवाए गए हैं। इन विकास कार्यों में एक आधुनिक और भव्य सामुदायिक केंद्र (कम्युनिटी सेंटर), पार्क, पक्की सड़कें, 40 कंप्यूटरों वाली डिजिटल लाइब्रेरी (जिसमें छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग सेक्शन हैं), आंगनवाड़ी केंद्र और किसानों की सुविधा के लिए खेत-खलिहान रास्तों का पक्का निर्माण शामिल है। सरपंचों ने गांव के सामुदायिक केंद्र और सर छोटू राम खेल ग्राउंड का भी निरीक्षण किया, जहां सोलर पैनल जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं। नूंह से आए सरपंच गांव के सामुदायिक केंद्र की भव्यता देखकर हैरान रह गए। उन्होंने खुले दिल से धर्मपाल हाजीपुर के काम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसा बेहतरीन और अनुकरणीय विकास उन्होंने पूरे मेवात क्षेत्र में नहीं देखा। सरपंच चौधरी धर्मपाल हाजीपुर ने बताया कि सरकार विकास के लिए बजट देती है, लेकिन उसे ईमानदारी और योजनाबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना सरपंचों का काम है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक सरपंच खुद जागरूक होकर सरकार से अपने हक की मांग नहीं करेंगे, तब तक गांवों का कायाकल्प संभव नहीं है। आए हुए सरपंचों ने कहा कि वे इस दौरे से बहुत कुछ सीख कर जा रहे हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर काम करवाने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर नरेश बीडीपीओ, ग्राम सचिव अनिल, जुडौला सरपंच शिशात शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि सुरेन्द्र डाबोदा, राजबीर पंच, ललीत पंच, तेजराम यादव, आजाद सिंह, जगदीश, रामभक्त, सुनील कुमार, ओमप्रकाश यादव सहित पंचायती राज विभाग के अधिकारियों और हाजीपुर व आसपास के गांवों के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।4
- एक गाने को प्रस्तुत किया गया है, जिसके हर एक शब्द को अत्यंत सार्थक बताया जा रहा है। यह गाना विशेष रूप से पेंशनधारी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अद्भुत संदेश देता है। सभी श्रोताओं से इसे अवश्य सुनने का आग्रह किया गया है, ताकि वे इसे सुनकर अच्छा महसूस कर सकें।1
- अलवर के सोडावास के समीप मुंडवाड़ा कला स्थित शिवालय धाम पर सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन चल रहा है। कथावाचक देवादास महाराज ने भगवान कृष्ण द्वारा गोपियों के साथ रचाए गए महारास और अत्याचारी कंस के वध का मार्मिक वर्णन किया। महाराज देवादास ने इसके बाद उद्धव चरित्र का वृतांत सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने उद्धव को गोपियों के पास ज्ञान देने के लिए भेजा था, लेकिन वहाँ उद्धव भगवान कृष्ण के प्रति गोपियों के अथाह प्रेम को देखकर भावविभोर हो गए। मथुरा लौटकर उद्धव ने भगवान को गोपियों के इस अद्वितीय प्रेम से अवगत कराया। इस श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में महिलाएं, बच्चे और वृद्धजनों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ भाग लिया, और मंदिर के पुजारी घनश्याम दास ने सभी श्रद्धालुओं का सत्कार किया।2
- यह संदेश पाठकों से पूछता है कि क्या उन्होंने कभी ठंडा नारियल पानी पिया है। इसके साथ ही, यह उन्हें एक 'ज़रूरी वीडियो' देखने का आग्रह करता है।1
- यह संदेश उन लोगों के लिए है जो बुजुर्गों और विशेष रूप से अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करते हैं, और यह मानते हैं कि वे हमेशा जवान रहेंगे। पोस्ट में कहा गया है कि 'नजरें उठा के देखिए जर्जर मकान पर', और इस बात पर जोर दिया गया है कि 'जाएंगी उम्र ऐसे ही सबकी ढलान पर', जिसका अर्थ है कि हर व्यक्ति को वृद्धावस्था का सामना करना ही है। यह संदेश सभी से इसे सुनने और महसूस करने का आग्रह करता है, ताकि वे बुजुर्गों के प्रति आदर भाव रख सकें।1
- रेवाड़ी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक महिला के ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने महिला हत्याकांड का खुलासा किया।1
- एक घटना में, लोगों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़की से कूदने पर मजबूर होना पड़ा। यह स्थिति इतनी भयावह थी कि उन्हें अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह खतरनाक कदम उठाना पड़ा, जो उस समय की दहशत को दर्शाता है।1