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किशनगढ़ नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड भाजपा के मनेंद्र सिंह खंगारोत बने नए उपसभापति, कांग्रेस के महेंद्र यादव को 10 मत से हराया मनेंद्र सिंह को 35 मत, जबकि कांग्रेस के महेंद्र यादव को 25 मत मिले रिटर्निंग अधिकारी अनिल कुमार चौधरी ने काउंटिंग के बाद मनेंद्र सिंह के विजयी होने की घोषणा उपसभापति चुनाव में कांग्रेस के 21 पार्षदों के साथ 4 अन्य पार्षदों का भी मिला समर्थन ओबीसी मोर्चा प्रदेश मंत्री सुभाष चौधरी के नेतृत्व में जीत की हासिल जबकि सभापति चुनाव में कांग्रेस के दो पार्षदों ने की थी क्रॉस वोटिंग सभापति पद पर राजकुमार बड़जात्या की जीत के बाद उपसभापति पद भी भाजपा के खाते में बाड़ेबंदी से लौटे पार्षद अपने-अपने घरों के लिए हुए रवाना
सतपाल सिंह चौहान
किशनगढ़ नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड भाजपा के मनेंद्र सिंह खंगारोत बने नए उपसभापति, कांग्रेस के महेंद्र यादव को 10 मत से हराया मनेंद्र सिंह को 35 मत, जबकि कांग्रेस के महेंद्र यादव को 25 मत मिले रिटर्निंग अधिकारी अनिल कुमार चौधरी ने काउंटिंग के बाद मनेंद्र सिंह के विजयी होने की घोषणा उपसभापति चुनाव में कांग्रेस के 21 पार्षदों के साथ 4 अन्य पार्षदों का भी मिला समर्थन ओबीसी मोर्चा प्रदेश मंत्री सुभाष चौधरी के नेतृत्व में जीत की हासिल जबकि सभापति चुनाव में कांग्रेस के दो पार्षदों ने की थी क्रॉस वोटिंग सभापति पद पर राजकुमार बड़जात्या की जीत के बाद उपसभापति पद भी भाजपा के खाते में बाड़ेबंदी से लौटे पार्षद अपने-अपने घरों के लिए हुए रवाना
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- जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार, तीसरे दिन फोन आया तो गांव में काम करते मिले रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव का मामला: जेब में मिली पर्ची के आधार पर शव की पहचान बताई, बेटे ने अस्पताल में आपत्ति भी जताई थी पुष्कर में पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा, परिजन ने अंतिम संस्कार कर तीसरे की रस्म भी कर दी; बाद में पिंचोलिया गांव में जिंदा मिले नाथूराम रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जेब में मिली एक पर्ची के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान नाथूराम रैगर के रूप में करते हुए उसके बेटे तिलोक राम को सौंप दिया। बेटे का कहना है कि उसने अस्पताल में शव देखकर पुलिस और वार्ड बॉय को बताया था कि शव उसके पिता का नहीं है, लेकिन पर्ची में नाम होने की बात कहकर उसे शव की पहचान करने को कहा गया। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव उसे सौंप दिया गया। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। तिलोक राम ने बताया कि उसकी मां ने शाम को फोन कर कहा था कि उसके पिता का शव मिला है। इसके बाद उसने फोन करने वाले नंबर पर संपर्क किया। फोन पर उसकी बात पुष्कर थाने के हेड कॉन्स्टेबल शक्ति सिंह से हुई। वह राजकीय चिकित्सालय पुष्कर पहुंचा और शव देखकर पुलिस को बताया कि यह उसके पिता नहीं हैं। इसके बावजूद जेब से मिली पर्ची में नाथूराम का नाम होने की बात कही गई। तिलोक राम ने बताया कि उसके पिता पिछले कई महीनों से घर से बाहर रहते थे और घर में भी उनकी ज्यादा नहीं बनती थी। इसी कारण वह शव को लेकर असमंजस में था। अगले दिन पुलिस की मौजूदगी में राजकीय चिकित्सालय पुष्कर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव तिलोक राम को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार ने समाज की रीति के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। तीसरे दिन एक परिचित का फोन आया कि उसके पिता नाथूराम पिंचोलिया गांव में काम कर रहे हैं। यह सुनकर तिलोक राम परिवार के साथ पिंचोलिया पहुंचा, जहां नाथूराम जीवित मिले और उनके साथ काम कर रहे थे। परिजन उन्हें घर लेकर आए। तिलोक राम का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की गलती के कारण किसी अन्य व्यक्ति के शव का उसके पिता के नाम पर अंतिम संस्कार हो गया। वहीं थाना अधिकारी अशोक बिशु ने बताया कि शव की जेब से मिली पर्ची के आधार पर परिजनों से संपर्क किया गया था। बेटे द्वारा पहचान किए जाने के बाद पोस्टमार्टम कर शव सौंपा गया। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर अज्ञात शवों और लापता व्यक्तियों के लिए अलग सेवाएं उपलब्ध होने का उल्लेख है। जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार, तीसरे दिन फोन आया तो गांव में काम करते मिले रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव का मामला: जेब में मिली पर्ची के आधार पर शव की पहचान बताई, बेटे ने अस्पताल में आपत्ति भी जताई थी पुष्कर में पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा, परिजन ने अंतिम संस्कार कर तीसरे की रस्म भी कर दी; बाद में पिंचोलिया गांव में जिंदा मिले नाथूराम रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जेब में मिली एक पर्ची के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान नाथूराम रैगर के रूप में करते हुए उसके बेटे तिलोक राम को सौंप दिया। बेटे का कहना है कि उसने अस्पताल में शव देखकर पुलिस और वार्ड बॉय को बताया था कि शव उसके पिता का नहीं है, लेकिन पर्ची में नाम होने की बात कहकर उसे शव की पहचान करने को कहा गया। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव उसे सौंप दिया गया। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। तिलोक राम ने बताया कि उसकी मां ने शाम को फोन कर कहा था कि उसके पिता का शव मिला है। इसके बाद उसने फोन करने वाले नंबर पर संपर्क किया। फोन पर उसकी बात पुष्कर थाने के हेड कॉन्स्टेबल शक्ति सिंह से हुई। वह राजकीय चिकित्सालय पुष्कर पहुंचा और शव देखकर पुलिस को बताया कि यह उसके पिता नहीं हैं। इसके बावजूद जेब से मिली पर्ची में नाथूराम का नाम होने की बात कही गई। तिलोक राम ने बताया कि उसके पिता पिछले कई महीनों से घर से बाहर रहते थे और घर में भी उनकी ज्यादा नहीं बनती थी। इसी कारण वह शव को लेकर असमंजस में था। अगले दिन पुलिस की मौजूदगी में राजकीय चिकित्सालय पुष्कर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव तिलोक राम को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार ने समाज की रीति के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। तीसरे दिन एक परिचित का फोन आया कि उसके पिता नाथूराम पिंचोलिया गांव में काम कर रहे हैं। यह सुनकर तिलोक राम परिवार के साथ पिंचोलिया पहुंचा, जहां नाथूराम जीवित मिले और उनके साथ काम कर रहे थे। परिजन उन्हें घर लेकर आए। तिलोक राम का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की गलती के कारण किसी अन्य व्यक्ति के शव का उसके पिता के नाम पर अंतिम संस्कार हो गया। वहीं थाना अधिकारी अशोक बिशु ने बताया कि शव की जेब से मिली पर्ची के आधार पर परिजनों से संपर्क किया गया था। बेटे द्वारा पहचान किए जाने के बाद पोस्टमार्टम कर शव सौंपा गया। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर अज्ञात शवों और लापता व्यक्तियों के लिए अलग सेवाएं उपलब्ध होने का उल्लेख है। जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार, तीसरे दिन फोन आया तो गांव में काम करते मिले रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव का मामला: जेब में मिली पर्ची के आधार पर शव की पहचान बताई, बेटे ने अस्पताल में आपत्ति भी जताई थी पुष्कर में पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा, परिजन ने अंतिम संस्कार कर तीसरे की रस्म भी कर दी; 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