सर्पदंश से महिला की हालत गंभीरः झाड़-फूंक के बाद बिगड़ी तबीयत, बागपत जिला अस्पताल में भर्ती बागपत के गाजियाबाद की एक महिला को सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक कराना महंगा पड गया। तबीयत बिगड़ने पर उसे बागपत के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहा उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी मे उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद जनपद के लोनी स्थित इरशाद नगर निवासी 56 वर्षीय मोमीना पत्नी मोहम्मद अंसार की गुरुवार सुबह लगभग पांच बजे तबीयत बिगड गई। परिजनों को सर्पदंश का संदेह हुआ। वे उसे लोनी के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन चिकित्सक ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कहीं और उपचार कराने की सलाह दी। इसके बाद परिजन मोमीना को बागपत के थाना चांदीनगर क्षेत्र के ग्राम खट्टा ले गए। उन्हें जानकारी मिली थी कि यहा ब्रजपाल नामक व्यक्ति सर्पदंश का देसी तरीके से उपचार करता है। महिला का झाड़-फूंक और पारंपरिक उपचार कराया गया, लेकिन परिजनो के अनुसार, इससे उसकी हालत मे सुधार नही हुआ, बल्कि तबीयत और बिगड गई। हालत अधिक नाजुक होने पर परिजन उसे तत्काल बागपत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। गुरुवार दोपहर लगभग 11 बजकर 58 मिनट पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तुरंत आपातकालीन उपचार शुरू किया और महिला को निगरानी में रखा। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है और सभी आवश्यक उपचार दिए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने सर्पदंश की स्थिति मे झाड़-फूंक पर निर्भर न रहकर तुरंत नजदीकी अस्पताल में वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार कराने की सलाह दी है।
सर्पदंश से महिला की हालत गंभीरः झाड़-फूंक के बाद बिगड़ी तबीयत, बागपत जिला अस्पताल में भर्ती बागपत के गाजियाबाद की एक महिला को सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक कराना महंगा पड गया। तबीयत बिगड़ने पर उसे बागपत के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहा उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी मे उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद जनपद के लोनी स्थित इरशाद नगर निवासी 56 वर्षीय मोमीना पत्नी मोहम्मद अंसार की गुरुवार सुबह लगभग पांच बजे तबीयत बिगड गई। परिजनों को सर्पदंश का संदेह हुआ। वे उसे लोनी के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन चिकित्सक ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कहीं और उपचार कराने की सलाह दी। इसके बाद परिजन मोमीना को बागपत के थाना चांदीनगर क्षेत्र के ग्राम खट्टा ले गए। उन्हें जानकारी मिली थी कि यहा ब्रजपाल नामक व्यक्ति सर्पदंश का देसी तरीके से उपचार करता है। महिला का झाड़-फूंक और पारंपरिक उपचार कराया गया, लेकिन परिजनो के अनुसार, इससे उसकी हालत मे सुधार नही हुआ, बल्कि तबीयत और बिगड गई। हालत अधिक नाजुक होने पर परिजन उसे तत्काल बागपत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। गुरुवार दोपहर लगभग 11 बजकर 58 मिनट पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तुरंत आपातकालीन उपचार शुरू किया और महिला को निगरानी में रखा। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है और सभी आवश्यक उपचार दिए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने सर्पदंश की स्थिति मे झाड़-फूंक पर निर्भर न रहकर तुरंत नजदीकी अस्पताल में वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार कराने की सलाह दी है।
- दर्दनाक सड़क हादसा: मुरथल से लौट रहे 2 युवकों की मौत, 4 गंभीर घायल BAGHPAT DESK : बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गुरुवार सुबह करीब 4 बजे एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना ट्योढ़ी गांव के पास हुई। हादसा उस समय हुआ जब हरियाणा के मुरथल से पार्टी कर लौट रही एक सेंट्रो कार सड़क किनारे खड़े केलों से भरे पिकअप वाहन से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार युवक फंस गए। लोनी निवासी रिहान और इरशाद की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार साहिल, सागर, नईम और राजा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने तीन घायलों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें दिल्ली के हायर सेंटर रेफर कर दिया, जबकि एक घायल का इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि घायल लोगों को उपचार के लिए भेजा गया है और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे से हटवा दिया गया है। पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।1
- Sonipat News: क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में मंदिर जाने के लिए भी कुछ शुभ समय क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में मंदिर जाने के लिए भी कुछ शुभ समय बताए गए हैं? मान्यता है कि देव दर्शन केवल पूजा नहीं, बल्कि मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम भी है। शास्त्रों के अनुसार, मंदिर जाने का सबसे शुभ समय सुबह ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय तक माना जाता है। इस समय वातावरण शांत और सात्विक होता है, जिससे मन एकाग्र होकर भगवान का ध्यान लगाने में सहायता मिलती है। अगर सुबह मंदिर जाना संभव न हो, तो संध्या काल यानी आरती के समय भी दर्शन को शुभ माना जाता है। वहीं मान्यताओं के अनुसार दोपहर का समय भगवान के विश्राम का माना जाता है, इसलिए कई मंदिरों में इस दौरान कपाट बंद रहते हैं। कहा जाता है कि मंदिर जाते समय समय से ज्यादा जरूरी मन की श्रद्धा और विचारों की पवित्रता होती है। श्रद्धा के साथ किए गए दर्शन मन को शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करते हैं।1
- दिल्ली: स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर, कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने कहा #WATCH | दिल्ली: स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर, कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पेलेट गन का इस्तेमाल खास हालात में किया जा सकता है। सबसे पहले, क्या 20 जुलाई को शांति से प्रोटेस्ट करने वालों ने सच में ऐसे खास हालात बनाए थे?... ऐसी कोई सिचुएशन नहीं थी जिसके लिए पेलेट गन का इस्तेमाल करना सही था.... सुप्रीम कोर्ट को ध्यान से देखना चाहिए था कि क्या हालात सच में ऐसे एक्शन को सही ठहराते हैं जिससे किसी की आंखों की रोशनी चली गई हो। दूसरा पॉइंट यह है: क्या किसी भी हालात में शांति से प्रोटेस्ट करने वालों के खिलाफ पेलेट गन का इस्तेमाल किया जा सकता है?... आखिर में, होम मिनिस्टर सुपरविज़न और ऑर्डर जारी करने के लिए ज़िम्मेदार थे... सुप्रीम कोर्ट को भी इन मामलों पर सीरियसली और सख्ती से सोचने की ज़रूरत है, न कि सिर्फ रबर-स्टैंपिंग या ऐसे कदमों को सपोर्ट करने की।" वे आगे कहते हैं, "विपक्ष अपना काम कर रहा है। उसका काम सिर्फ़ सवाल पूछना और सरकार को ज़िम्मेदार ठहराना है। मैंने देखा कि पार्लियामेंट में चर्चा हो रही थी। इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि 20 जुलाई को ऑर्डर किसने जारी किए, और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के बर्ताव और उन पर हुई ज़्यादती के लिए कौन ज़िम्मेदार होगा? ज़ाहिर है, होम मिनिस्टर को इस मामले पर जवाब देना चाहिए।"1
- विश्व मानव कल्याण संघ बिजनौर के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों द्वारा प्रयास गौ रक्षक आहवान बिजनौर में 27.7.2026 गो सुरक्षा आवाह्न अभियान के अंतर्गत डीएम जस जीत कौर जिला बिजनौर को विज्ञापन देने जाते हुए गौ रक्षक।1
- सर्पदंश से महिला की हालत गंभीरः झाड़-फूंक के बाद बिगड़ी तबीयत, बागपत जिला अस्पताल में भर्ती बागपत के गाजियाबाद की एक महिला को सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक कराना महंगा पड गया। तबीयत बिगड़ने पर उसे बागपत के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहा उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी मे उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद जनपद के लोनी स्थित इरशाद नगर निवासी 56 वर्षीय मोमीना पत्नी मोहम्मद अंसार की गुरुवार सुबह लगभग पांच बजे तबीयत बिगड गई। परिजनों को सर्पदंश का संदेह हुआ। वे उसे लोनी के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन चिकित्सक ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कहीं और उपचार कराने की सलाह दी। इसके बाद परिजन मोमीना को बागपत के थाना चांदीनगर क्षेत्र के ग्राम खट्टा ले गए। उन्हें जानकारी मिली थी कि यहा ब्रजपाल नामक व्यक्ति सर्पदंश का देसी तरीके से उपचार करता है। महिला का झाड़-फूंक और पारंपरिक उपचार कराया गया, लेकिन परिजनो के अनुसार, इससे उसकी हालत मे सुधार नही हुआ, बल्कि तबीयत और बिगड गई। हालत अधिक नाजुक होने पर परिजन उसे तत्काल बागपत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। गुरुवार दोपहर लगभग 11 बजकर 58 मिनट पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तुरंत आपातकालीन उपचार शुरू किया और महिला को निगरानी में रखा। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है और सभी आवश्यक उपचार दिए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने सर्पदंश की स्थिति मे झाड़-फूंक पर निर्भर न रहकर तुरंत नजदीकी अस्पताल में वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार कराने की सलाह दी है।1