*संत जेवियर कॉलेज, महुआडांड़ में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया* महुआडांड़। 10 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संत जेवियर कॉलेज, महुआडांड़ में यह दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अधिकारों तथा समाज के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं के सम्मान और समानता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, समाज, राजनीति, विज्ञान और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं और समाज के विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर महाविद्यालय की महिला प्राध्यापक प्रो. सुरभि सिंहा द्वारा लिखित पुस्तक “इनसाइट एंड इंट्यूशन” का विमोचन भी किया गया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की प्रगति महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्यारी कुजूर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से बताया कि शिक्षा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर महिलाएँ हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। उनके प्रेरणादायक विचारों से उपस्थित सभी लोग अत्यंत प्रेरित हुए। इस अवसर पर महाविद्यालय की महिला प्राध्यापकों—सि. चन्द्रोदय, प्रो. शालिनी, प्रो. मनीषा, प्रो. शेफाली, प्रो. रोज़ी, प्रो. सुरभि, प्रो. शिल्पी, प्रो. अंजली, प्रो. स्वाति, प्रो. अंकिता, प्रो. मोनिका, प्रो. अदिति, प्रो. बसंती, प्रो. अनीभा तथा प्रो. रैचेल—को सम्मानपूर्वक सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महिला शिक्षकेतर कर्मचारियों—सरोज, प्रेमा, नीलम, अरुणा, दीपिका, अंकिता दीदी, क्रिस्टिना दीदी तथा सुनीता दीदी—को भी उनके समर्पण और महाविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। अंत में प्रो. शिल्पी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह आयोजन महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को समाज तक पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
*संत जेवियर कॉलेज, महुआडांड़ में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया* महुआडांड़। 10 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संत जेवियर कॉलेज, महुआडांड़ में यह दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अधिकारों तथा समाज के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं के सम्मान और समानता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, समाज, राजनीति, विज्ञान और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं और समाज के विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर महाविद्यालय की महिला प्राध्यापक प्रो. सुरभि सिंहा द्वारा लिखित पुस्तक “इनसाइट एंड इंट्यूशन” का विमोचन भी किया गया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की प्रगति महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्यारी कुजूर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से बताया कि शिक्षा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर महिलाएँ हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। उनके प्रेरणादायक विचारों से उपस्थित सभी लोग अत्यंत प्रेरित हुए। इस अवसर पर महाविद्यालय की महिला प्राध्यापकों—सि. चन्द्रोदय, प्रो. शालिनी, प्रो. मनीषा, प्रो. शेफाली, प्रो. रोज़ी, प्रो. सुरभि, प्रो. शिल्पी, प्रो. अंजली, प्रो. स्वाति, प्रो. अंकिता, प्रो. मोनिका, प्रो. अदिति, प्रो. बसंती, प्रो. अनीभा तथा प्रो. रैचेल—को सम्मानपूर्वक सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महिला शिक्षकेतर कर्मचारियों—सरोज, प्रेमा, नीलम, अरुणा, दीपिका, अंकिता दीदी, क्रिस्टिना दीदी तथा सुनीता दीदी—को भी उनके समर्पण और महाविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। अंत में प्रो. शिल्पी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह आयोजन महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को समाज तक पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
- बरवाडीह/लातेहार: बेतला नेशनल पार्क स्थित एनआईसी सम्मेलन हॉल में बुधवार 11 मार्च 2026 को एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला सह “नेचर ऑफ मीडिया कॉन्क्लेव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पलामू टाइगर रिजर्व द्वारा वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहयोग से “बातचीत करें–संवाद करें–संरक्षण करें” थीम पर किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष और वन्यजीव अपराध से जुड़े मुद्दों पर मीडिया की भूमिका को मजबूत करना था। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे प्रतिभागियों के पंजीकरण और किट वितरण के साथ हुई। इसके बाद अभिषेक चौबे ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दों को समाज तक सही और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मीडिया की भूमिका बेहद अहम है। परिचय सत्र में विभिन्न मीडिया संस्थानों से आए पत्रकारों और विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र निदेशक सह मुख्य वन संरक्षक (पलामू टाइगर रिजर्व) एस.आर. नटेश ने कहा कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज और मीडिया की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि पलामू टाइगर रिजर्व जैव विविधता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसके संरक्षण के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। मुख्य अतिथि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक झारखंड रवि रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वन्यजीवों से जुड़ी खबरों को जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और अनावश्यक भय या भ्रम की स्थिति न बने। तकनीकी सत्र में अंकित ठाकुर ने झारखंड में हाथी गलियारों और “राइट ऑफ पैसेज” पहल पर प्रस्तुति दी। वहीं संचार विशेषज्ञ विराट सिंह ने मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी घटनाओं की संवेदनशील रिपोर्टिंग पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा केके शर्मा ने मीडिया में वन्यजीव अपराध की रिपोर्टिंग के दौरान आने वाले जोखिम और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।कार्यशाला के दौरान पत्रकारों के साथ समूह अभ्यास भी कराया गया, जिसमें मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं की रिपोर्टिंग से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। इस अवसर पर वन विभाग के कई अधिकारी, जिनमें डीएफओ कुमार आशीष, गारू वन क्षेत्र पदाधिकारी सह बेतला प्रभारी उमेश कुमार दुबे, पश्चिमी वन क्षेत्र पदाधिकारी अजय कुमार टोप्पो, वनपाल संतोष कुमार सिंह तथा पर्यटन पदाधिकारी विवेक तिवारी सहित कई वनकर्मी उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न मीडिया संस्थानों से आए पत्रकारों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के समापन के बाद प्रतिभागियों को पलामू टाइगर रिजर्व का क्षेत्र भ्रमण भी कराया गया, जिससे उन्हें वन्यजीव संरक्षण के जमीनी पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला। इस कॉन्क्लेव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रशासन, मीडिया और समाज के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग बेहद जरूरी है। — रिपोर्ट: अकरम अंसारी, बरवाडीह1
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- चंदवा। थाना क्षेत्र के इंदिरा गांधी चौक स्थित रांची-डालटेनगंज मुख्य पथ राष्ट्रीय राजमार्ग 39, जिला परिषद बस स्टैंड के पास एक भीषण सड़क हादसे में एक वृद्ध व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गयी। मृतक की पहचान महेश्वर मुंडा उम्र लगभग 55 वर्ष खुटकट्टी हुटाप, चंदवा निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वृद्ध व्यक्ति राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क पर पैदल पार कर रहा था, इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही बस राजरथ की चपेट में आ गया। हादसा इतना जबरदस्त था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गयी। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गयी और इसकी सूचना स्थानीय चंदवा पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही चंदवा थाना प्रभारी रणधीर कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे,और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मृतक की शिनाख्त कर आवश्यक कार्रवाई हेतु मामले की जांच में जुट गयी है। वहीं बताते चले कि चंदवा प्रखंड के इंदिरा गांधी चौक चारों तरफ से यात्रियों के लिए गाड़ीयों का आना-जाना लगा रहता है,परंतु आने-जाने वाले बस हो, या छोटी गाड़ीयां बस स्टैंड रहने के बावजूद भी कोई भी यात्री बस रांची-डालटेनगंज मार्ग हो या रांची-चतरा मार्ग हो, अपने स्टैंड में जाकर खड़ी नहीं होती है। सभी बसें जल्दी बाजी में सड़क के किनारे ही खड़ी होकर यात्रियों को उतारती है और फिर यात्रियों को बस में भरकर रवाना हो जाती है । स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ-साथ परिवहन विभाग भी इस पर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है, जिससे यह घटना आज घटीत हुआ है। और आने वाले दिनों में अगर यही स्थिति बनी रही तो कभी भी बड़ी घटना हो सकता है। राजरथ बस गाड़ी संख्या JH19A-8805 जो रांची से डालटेनगंज तक चलती है से दुर्घटना घटी है। राजरथ बस को चंदवा पुलिस अपने कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई में जुट गयी है। वहीं मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।3
- मंईयां सम्मान योजना का पैसा नहीं मिलने के कारण होली भी अच्छे से नहीं बना पाई दादी1
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- लातेहार: जिले के दो प्रेमी युगल ने मंदिर में शादी रचाकर अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया। जानकारी के अनुसार प्रेमी रूपेश कुमार रवि, पिता सुकन राम, ग्राम हुंडरा, थाना हेरहंज, जिला लातेहार तथा प्रेमिका सुनम कुमारी, पिता नरेश भुइयां, ग्राम हरिजन टोला बालूमाथ, पोस्ट व थाना बालूमाथ, जिला लातेहार, झारखंड की निवासी हैं।दोनों प्रेमी युगल ने बताया कि वे घर से निकलकर हेरहंज प्रखंड स्थित नवादा हनुमान मंदिर में दिनांक 11 मार्च (बुधवार) को विधि-विधान से विवाह कर लिए। इसके बाद दोनों लातेहार कोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने शपथ पत्र बनवाकर अपने वैवाहिक संबंध को कानूनी रूप से मान्यता दी।प्रेमी युगल ने बताया कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से शादी की है और अब वे कानूनी रूप से पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों ने साथ जीने और मरने की कसमें खाई तथा समाज से उनके रिश्ते को स्वीकार करने की अपील की है।1