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बदायूँ जिले में मिली जानकारी के अनुसार, 0 मंदिरों में चोरी की घटनाएँ हुई हैं। इसके साथ ही, मज़ारों में भी चोरी की वारदातें दर्ज की गई हैं।
रवि मौर्या राज वंश
बदायूँ जिले में मिली जानकारी के अनुसार, 0 मंदिरों में चोरी की घटनाएँ हुई हैं। इसके साथ ही, मज़ारों में भी चोरी की वारदातें दर्ज की गई हैं।
More news from Budaun and nearby areas
- बदायूँ जिले में मिली जानकारी के अनुसार, 0 मंदिरों में चोरी की घटनाएँ हुई हैं। इसके साथ ही, मज़ारों में भी चोरी की वारदातें दर्ज की गई हैं।1
- Post by मनोज कुमार जाटव समाज सेवी1
- बदायूं में एक 'गजबे कांड' की चर्चा है, जहाँ एक नेताजी दंड बैठकी करते हुए दिखे। इस अनोखी घटना को लेकर लोग 'गजबे कांड' बता रहे हैं, जिसका आगे का पूरा विवरण 'फिर बाद में...' के साथ आने का संकेत दिया गया है।1
- बदायूं के बिल्सी नगर में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर दुकान में घुसकर चोरी की यह दूसरी घटना सामने आई है, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। चोरियों की लगातार वारदातों के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो चोरों के हौसले और भी बढ़ेंगे। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस-प्रशासन से तत्काल रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इन लगातार हो रही घटनाओं ने बिल्सी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि चोरों में प्रशासन का कोई खौफ नहीं दिख रहा है।1
- गाँव में 6 से 7 नल खराब होने के कारण ग्रामीण पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इन खराब नलों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। जब ग्रामीण गाँव के प्रधान से बात करते हैं, तो वे केवल 'हाँ, करा देंगे' कहकर टाल देते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। मजबूरी में ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए आधा किलोमीटर दूर गाँव से बाहर जाना पड़ता है, और आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।1
- सम्भल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'कुंदरकी में तुर्कों को हराकर साबित कर दिया कि यहां बाबर राज नहीं, रामराज चलेगा' वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री के मुरादाबाद दौरे के दौरान दिए गए इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए, सांसद बर्क ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री के लिए ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। बर्क ने स्पष्ट किया कि भारत किसी एक धर्म विशेष का देश नहीं है, बल्कि यह महात्मा गांधी, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और खान अब्दुल गफ्फार खान जैसे महान नेताओं के विचारों और आदर्शों पर आधारित राष्ट्र है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और संवैधानिक राष्ट्र है, जहाँ किसी भी धर्म विशेष का राज नहीं चल सकता। सम्भल सांसद बर्क ने कुंदरकी उपचुनाव पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि वह 'इलेक्शन नहीं, सिलेक्शन हुआ था'। उन्होंने आगे कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की जनता स्वयं फैसला लेगी और बेरोजगारी, महंगाई तथा विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत से सत्ता में लाएगी। मुख्यमंत्री के उस बयान पर कि 'समाजवादी पार्टी की साइकिल की हवा निकल चुकी है', बर्क ने इसे मुख्यमंत्री का निजी बयान बताया, यह कहते हुए कि लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णय लेती है और वही तय करेगी कि किसकी राजनीतिक हवा निकली है। राम मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी के मामले में, सांसद बर्क ने दूसरे धर्म के मामलों पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यदि जनता के दान के पैसे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो यह सरासर गलत है। उन्होंने सरकार से बिना किसी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले चुनावों में जनता का आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।1
- उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित गुमानीवाला में जुमे की नमाज़ को लेकर एक विवाद सामने आया है। नमाज़ अदा होने के बाद हिंदू संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने एक नमाज़ी को रोककर उसका आधार कार्ड और पहचान पत्र मांगा। आरोप है कि सिर्फ इसलिए कि वह नमाज़ी बिहार का रहने वाला था, उसे “बाहरी” करार दिया गया। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि वे पिछले करीब छह वर्षों से अपने ही घर में नमाज़ अदा कर रहे हैं और इसकी जानकारी प्रशासन को भी है। उनका कहना है कि नमाज़ पढ़ना हर मुसलमान का धार्मिक अधिकार है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह अकेला हो या जमात के साथ, कानून के दायरे में कहीं भी नमाज़ अदा कर सकता है। समुदाय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्थान को लेकर कोई कानूनी आपत्ति है, तो उसका फैसला प्रशासन और अदालत को करना चाहिए, न कि सड़क पर खड़ी भीड़ को। इस घटना के बाद, यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या अब लोगों को अपने ही घर में इबादत करने के लिए भी भीड़ के सामने अपनी पहचान साबित करनी पड़ेगी।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौसी कैथल गौशाला में स्वच्छता और पशु कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। गौशाला की नियमित रूप से सफाई की जा रही है, और वहां के पशुओं को स्वस्थ तथा अच्छा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही, गौशाला में मौजूद बछड़ों की विशेष देखभाल पर भी ध्यान दिया जा रहा है।1