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कटनी जिले के बड़वारा-देवरीहटाई मार्ग पर शनिवार सुबह डोलोमाइट पत्थरों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गया, जिससे चालक घायल हो गया। यह घटना बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदन ग्राम के पास मुख्य मार्ग पर हुई, जहाँ एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्रत्यदर्शियों के अनुसार, यह ट्रक देवरीहटाई की ओर जा रहा था और सड़क की जर्जर हालत तथा उसमें बने गहरे गड्ढे इस हादसे का मुख्य कारण बने। गड्ढों को बचाने के प्रयास में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा एक वायरल वीडियो क्लिप में भी देखा जा सकता है, जिसमें ट्रक पूरी तरह से पलटा हुआ दिख रहा है। सौभाग्य से, घटना के समय सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रक पलटने से घायल चालक को स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कर बाहर निकाला। उसे मामूली चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। सूचना मिलते ही बड़वारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू बनाने के लिए क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को हटाने की कार्रवाई शुरू की। यह बड़वारा क्षेत्र में जर्जर सड़कों के कारण हुआ कोई पहला हादसा नहीं है। स्थानीय निवासियों में सड़क की खराब हालत को लेकर लंबे समय से आक्रोश है। उन्होंने कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मरम्मत की मांग की है, लेकिन अभी तक सड़क का कार्य शुरू नहीं हुआ है। निवासियों का कहना है कि यह मार्ग खनन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिस पर भारी वाहनों का दबाव रहता है, और खराब सड़कों के कारण यहाँ अक्सर छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन की उदासीनता के कारण आज एक और बड़ा हादसा होते-होते बचा। स्थानीय लोगों ने एक बार फिर प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के गंभीर हादसों को रोका जा सके।

17 hrs ago
user_MADHYA BHARAT NEWS
MADHYA BHARAT NEWS
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago

कटनी जिले के बड़वारा-देवरीहटाई मार्ग पर शनिवार सुबह डोलोमाइट पत्थरों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गया, जिससे चालक घायल हो गया। यह घटना बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदन ग्राम के पास मुख्य मार्ग पर हुई, जहाँ एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्रत्यदर्शियों के अनुसार, यह ट्रक देवरीहटाई की ओर जा रहा था और सड़क की जर्जर हालत तथा उसमें बने गहरे गड्ढे इस हादसे का मुख्य कारण बने। गड्ढों को बचाने के प्रयास में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा एक वायरल वीडियो क्लिप में भी देखा जा सकता है, जिसमें ट्रक पूरी तरह से पलटा हुआ दिख रहा है। सौभाग्य से, घटना के समय सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रक पलटने से घायल चालक को स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कर बाहर निकाला। उसे मामूली चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। सूचना मिलते ही बड़वारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू बनाने के लिए क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को हटाने की कार्रवाई शुरू की। यह बड़वारा क्षेत्र में जर्जर सड़कों के कारण हुआ कोई पहला हादसा नहीं है। स्थानीय निवासियों में सड़क की खराब हालत को लेकर लंबे समय से आक्रोश है। उन्होंने कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मरम्मत की मांग की है, लेकिन अभी तक सड़क का कार्य शुरू नहीं हुआ है। निवासियों का कहना है कि यह मार्ग खनन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिस पर भारी वाहनों का दबाव रहता है, और खराब सड़कों के कारण यहाँ अक्सर छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन की उदासीनता के कारण आज एक और बड़ा हादसा होते-होते बचा। स्थानीय लोगों ने एक बार फिर प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के गंभीर हादसों को रोका जा सके।

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  • संस्कारधानी जबलपुर के प्रसिद्ध ग्वारीघाट में माँ नर्मदा की संध्या आरती के दौरान आस्था, श्रद्धा और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। संध्या होते ही, ग्वारीघाट का पूरा क्षेत्र "नर्मदे हर" के जयघोष और भक्ति गीतों से गूँज उठा। इस दिव्य आरती में अनुमानित रूप से करीब 5 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा के पावन जल में दीप प्रवाहित कर अपनी मनोकामनाएँ व्यक्त कीं। घाट पर सामूहिक आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसने लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। श्रद्धालुओं के लिए घाट के विभिन्न स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई थी, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। संध्या आरती के समय दीपों की रोशनी से जगमगाता नर्मदा तट ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। रिपोर्टिंग के दौरान, ग्वारीघाट के पुजारी से विशेष बातचीत की गई, जिन्होंने माँ नर्मदा की महिमा, ग्वारीघाट के धार्मिक महत्व और यहाँ प्रतिदिन पहुँचने वाले श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। पुजारी द्वारा कही गई कुछ विशेष बातें कैमरे में भी रिकॉर्ड की गई हैं, जो इस धार्मिक स्थल की महत्ता को और अधिक उजागर करती हैं। इस अवसर पर नर्मदा तट के समीप स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर को भी कैमरे में कैद किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सामाजिक समरसता का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ग्वारीघाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का ऐसा संगम है, जहाँ पहुँचकर हर व्यक्ति स्वयं को माँ नर्मदा की कृपा से अभिभूत महसूस करता है। संध्या आरती के समय का यह मनोहारी नज़ारा श्रद्धालुओं के मन में जीवन भर के लिए अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ जाता है।
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    संस्कारधानी जबलपुर के प्रसिद्ध ग्वारीघाट में माँ नर्मदा की संध्या आरती के दौरान आस्था, श्रद्धा और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। संध्या होते ही, ग्वारीघाट का पूरा क्षेत्र "नर्मदे हर" के जयघोष और भक्ति गीतों से गूँज उठा। इस दिव्य आरती में अनुमानित रूप से करीब 5 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा के पावन जल में दीप प्रवाहित कर अपनी मनोकामनाएँ व्यक्त कीं। घाट पर सामूहिक आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसने लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। श्रद्धालुओं के लिए घाट के विभिन्न स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई थी, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। संध्या आरती के समय दीपों की रोशनी से जगमगाता नर्मदा तट ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो।

रिपोर्टिंग के दौरान, ग्वारीघाट के पुजारी से विशेष बातचीत की गई, जिन्होंने माँ नर्मदा की महिमा, ग्वारीघाट के धार्मिक महत्व और यहाँ प्रतिदिन पहुँचने वाले श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। पुजारी द्वारा कही गई कुछ विशेष बातें कैमरे में भी रिकॉर्ड की गई हैं, जो इस धार्मिक स्थल की महत्ता को और अधिक उजागर करती हैं। इस अवसर पर नर्मदा तट के समीप स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर को भी कैमरे में कैद किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सामाजिक समरसता का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

ग्वारीघाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का ऐसा संगम है, जहाँ पहुँचकर हर व्यक्ति स्वयं को माँ नर्मदा की कृपा से अभिभूत महसूस करता है। संध्या आरती के समय का यह मनोहारी नज़ारा श्रद्धालुओं के मन में जीवन भर के लिए अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ जाता है।
    user_पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी तालाब के गहराकरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में, एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि "सरकारी तालाब" के नाम पर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालाब से खोदी गई मिट्टी का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे तालाब के जल संवर्धन और जनहित के मूल उद्देश्य का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए सरकारी तालाब के इस इस्तेमाल पर अपनी आपत्ति जताई है। इंटरव्यू में यह भी बताया गया है कि तालाब की खुदाई में लगी जेसीबी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के बजाय निजी तौर पर किया जा रहा है, जो इस पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों और इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति ने इस पूरे मामले के मूल्यांकन की मांग की है, ताकि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले की गहन जांच हो और यदि तालाब की खुदाई की जा रही है, तो वह केवल नियमानुसार और जनहित में ही होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। हालांकि, इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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    मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी तालाब के गहराकरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में, एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि "सरकारी तालाब" के नाम पर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालाब से खोदी गई मिट्टी का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे तालाब के जल संवर्धन और जनहित के मूल उद्देश्य का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए सरकारी तालाब के इस इस्तेमाल पर अपनी आपत्ति जताई है।

इंटरव्यू में यह भी बताया गया है कि तालाब की खुदाई में लगी जेसीबी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के बजाय निजी तौर पर किया जा रहा है, जो इस पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों और इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति ने इस पूरे मामले के मूल्यांकन की मांग की है, ताकि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले की गहन जांच हो और यदि तालाब की खुदाई की जा रही है, तो वह केवल नियमानुसार और जनहित में ही होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। हालांकि, इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शाजापुर में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत हो गई। इस घटना को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और कालापीपर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुलाण चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, कुलाण चौधरी ने मृतक मनीष मीणा के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी बात कही है।
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    शाजापुर में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत हो गई। इस घटना को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और कालापीपर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुलाण चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, कुलाण चौधरी ने मृतक मनीष मीणा के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी बात कही है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    8 hrs ago
  • सतना जिले के अमरपाटन में नारायण मोबाइल शॉप ग्राहकों के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह दुकान सतना रोड पर संजय किराना स्टोर के ठीक सामने स्थित है। ग्राहक अपने मोबाइल की मरम्मत के लिए नारायण त्रिपाठी से 7225812343 पर संपर्क कर सकते हैं।
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    सतना जिले के अमरपाटन में नारायण मोबाइल शॉप ग्राहकों के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह दुकान सतना रोड पर संजय किराना स्टोर के ठीक सामने स्थित है। ग्राहक अपने मोबाइल की मरम्मत के लिए नारायण त्रिपाठी से 7225812343 पर संपर्क कर सकते हैं।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एयर कंडीशनर (AC) की मरम्मत के नाम पर एक "बड़ा खेल" खेले जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आनंद ट्रेडर्स फर्नीचर एंड हार्डवेयर रामपुर बघेलान को 14 AC की मरम्मत का आदेश नस्ती क्रमांक 2 के माध्यम से दिनांक 31 मार्च 2026 को जारी किया गया था। इस कार्य के लिए बिल क्रमांक 968 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के तहत कुल ₹23,954 का भुगतान किया गया। भुगतान विवरण के अनुसार, इसमें 14 AC की सर्विसिंग के लिए ₹9,800 (प्रत्येक AC के लिए ₹700), 3 AC में गैस रिफिलिंग के लिए ₹10,500 (प्रत्येक AC के लिए ₹3,500) और ₹3,654 का वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल है। सरकारी अस्पताल में AC रिपेयरिंग के इस बिल को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई जानने की मांग उठ रही है।
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    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एयर कंडीशनर (AC) की मरम्मत के नाम पर एक "बड़ा खेल" खेले जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आनंद ट्रेडर्स फर्नीचर एंड हार्डवेयर रामपुर बघेलान को 14 AC की मरम्मत का आदेश नस्ती क्रमांक 2 के माध्यम से दिनांक 31 मार्च 2026 को जारी किया गया था। इस कार्य के लिए बिल क्रमांक 968 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के तहत कुल ₹23,954 का भुगतान किया गया।

भुगतान विवरण के अनुसार, इसमें 14 AC की सर्विसिंग के लिए ₹9,800 (प्रत्येक AC के लिए ₹700), 3 AC में गैस रिफिलिंग के लिए ₹10,500 (प्रत्येक AC के लिए ₹3,500) और ₹3,654 का वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल है। सरकारी अस्पताल में AC रिपेयरिंग के इस बिल को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई जानने की मांग उठ रही है।
    user_प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    Lawyer रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।
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    एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!
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    क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!क्या होगी कार्यवाही बने रहिए SNT News Pinch के साथ!
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    16 hrs ago
  • सतना जिला अस्पताल को लेकर एक कटाक्षपूर्ण टिप्पणी सामने आई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि वहाँ 'विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं' प्रदान की जाती हैं। इस संदर्भ में लोगों से तंज कसते हुए मुस्कुराने को कहा गया है, क्योंकि वे सतना जिला अस्पताल में हैं।
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    सतना जिला अस्पताल को लेकर एक कटाक्षपूर्ण टिप्पणी सामने आई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि वहाँ 'विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं' प्रदान की जाती हैं। इस संदर्भ में लोगों से तंज कसते हुए मुस्कुराने को कहा गया है, क्योंकि वे सतना जिला अस्पताल में हैं।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    9 hrs ago
  • सतना रेलवे स्टेशन पर 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत चल रहे पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के कार्य के दौरान वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पेड़ों को धराशायी किया जा रहा है, और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इन कटाइयों को दिखाते हुए विकास के लिए प्रकृति की बलि देने के एकमात्र विकल्प पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। एक यूजर ने तंज कसते हुए टिप्पणी की कि विकास के नाम पर हरियाली का खात्मा हो रहा है, और फिर खानापूर्ति के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियान चलाए जाते हैं, जो अक्सर रखरखाव के अभाव में मुरझा जाते हैं। सतना में विकास परियोजनाओं के चलते पेड़ों की कटाई का यह कोई नया मामला नहीं है; इससे पहले खजुराहो-पन्ना रेल परियोजना जैसी योजनाओं में भी बड़े पैमाने पर वृक्षों के कटाव को लेकर विवाद हो चुका है। इस घटना ने एक बार फिर पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) और विकास कार्यों में पेड़ों को बचाने के विकल्पों पर चर्चा छेड़ दी है, जिससे यह मुख्य सवाल उठ रहा है कि क्या विकास की परियोजनाओं को पेड़ों को बचाते हुए डिज़ाइन नहीं किया जा सकता, और काटे जा रहे इन पेड़ों की भरपाई आखिर कब और कैसे होगी।
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    सतना रेलवे स्टेशन पर 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत चल रहे पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के कार्य के दौरान वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पेड़ों को धराशायी किया जा रहा है, और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इन कटाइयों को दिखाते हुए विकास के लिए प्रकृति की बलि देने के एकमात्र विकल्प पर सवाल उठा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। एक यूजर ने तंज कसते हुए टिप्पणी की कि विकास के नाम पर हरियाली का खात्मा हो रहा है, और फिर खानापूर्ति के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियान चलाए जाते हैं, जो अक्सर रखरखाव के अभाव में मुरझा जाते हैं।

सतना में विकास परियोजनाओं के चलते पेड़ों की कटाई का यह कोई नया मामला नहीं है; इससे पहले खजुराहो-पन्ना रेल परियोजना जैसी योजनाओं में भी बड़े पैमाने पर वृक्षों के कटाव को लेकर विवाद हो चुका है। इस घटना ने एक बार फिर पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) और विकास कार्यों में पेड़ों को बचाने के विकल्पों पर चर्चा छेड़ दी है, जिससे यह मुख्य सवाल उठ रहा है कि क्या विकास की परियोजनाओं को पेड़ों को बचाते हुए डिज़ाइन नहीं किया जा सकता, और काटे जा रहे इन पेड़ों की भरपाई आखिर कब और कैसे होगी।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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