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नूरपुर से भूषण शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर सामान्य है, जहाँ सत्ता पक्ष उपलब्धियों को दर्शाता है और विपक्ष कमियों को उजागर करता है। इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच कुछ तथ्यों पर गंभीर विचार आवश्यक है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार को लगभग चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान सरकार को आर्थिक चुनौतियों, कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों, प्राकृतिक आपदाओं और विकास कार्यों को लेकर कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इन विषयों पर सरकार की आलोचना और समर्थन दोनों प्राप्त हुए हैं। हालांकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अब तक सरकार के किसी मंत्री, विधायक अथवा स्वयं मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई ऐसा बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने नहीं आया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मचाई हो। आज के दौर में यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोप अक्सर सरकारों की छवि को प्रभावित करते हैं, और कई राज्यों में घोटालों की चर्चा उपलब्धियों से अधिक होती है। ऐसे माहौल में यदि कोई सरकार अपने पूरे कार्यकाल में अपेक्षाकृत साफ छवि बनाए रखने में सफल रहती है तो इसे एक सकारात्मक उपलब्धि माना जाना चाहिए। इसी संदर्भ में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता का विषय भी उल्लेखनीय है। पिछले कुछ वर्षों में देश के अनेक राज्यों में पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं, और हिमाचल प्रदेश में भी अतीत में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए थे। लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बड़े स्तर पर पेपर लीक अथवा भर्ती में ऐसी अनियमितताओं की घटनाएँ सामने नहीं आई हैं, जिन्होंने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हों। युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विषय पर नियंत्रण बनाए रखना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह किसी भी सरकार की नीयत और प्रशासनिक क्षमता का आकलन दर्शाता है। हालांकि, केवल ईमानदार छवि ही किसी सरकार की सफलता का अंतिम प्रमाण नहीं हो सकती। जनता रोजगार के अवसर, बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएँ और तेज विकास भी चाहती है। इन सभी क्षेत्रों में सरकार के प्रदर्शन का मूल्यांकन होना स्वाभाविक है और होना भी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में जनता का निर्णय केवल छवि के आधार पर नहीं, बल्कि कार्यों के आधार पर भी तय होता है। फिर भी, यह स्वीकार करना होगा कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे मजबूत आधार होती है। जब शासन व्यवस्था पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप न हों और भर्ती प्रक्रियाओं पर युवाओं का विश्वास बना रहे, तो जनता का भरोसा स्वाभाविक रूप से बढ़ता है, और यही भरोसा किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज होंगी, सरकार अपनी उपलब्धियाँ बताएगी, विपक्ष सवाल उठाएगा और जनता दोनों का मूल्यांकन करेगी। वर्तमान परिस्थितियों में यह कहना गलत नहीं होगा कि सुक्खू सरकार की सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी उसकी अपेक्षाकृत साफ-सुथरी छवि, पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार के बड़े आरोपों से दूर रहना है, क्योंकि लोकतंत्र में विकास के साथ ईमानदारी भी उतनी ही आवश्यक है, और एक साफ छवि भी किसी उपलब्धि से कम नहीं।

5 hrs ago
user_भूषण शर्मा
भूषण शर्मा
नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
5 hrs ago
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नूरपुर से भूषण शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर सामान्य है, जहाँ सत्ता पक्ष उपलब्धियों को दर्शाता है और विपक्ष कमियों को उजागर करता है। इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच कुछ तथ्यों पर गंभीर विचार आवश्यक है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार को लगभग चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान सरकार को आर्थिक चुनौतियों, कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों, प्राकृतिक आपदाओं और विकास कार्यों को लेकर कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इन विषयों पर सरकार की आलोचना और समर्थन दोनों प्राप्त हुए हैं। हालांकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अब तक सरकार के किसी मंत्री, विधायक अथवा स्वयं मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई ऐसा बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने नहीं आया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मचाई हो। आज के दौर में यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोप अक्सर सरकारों की छवि को प्रभावित करते हैं, और कई राज्यों में घोटालों की चर्चा उपलब्धियों से अधिक होती है। ऐसे माहौल में यदि कोई सरकार अपने पूरे कार्यकाल में अपेक्षाकृत साफ छवि बनाए रखने में सफल रहती है तो इसे एक सकारात्मक उपलब्धि माना जाना चाहिए। इसी संदर्भ में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता का विषय भी उल्लेखनीय है। पिछले कुछ वर्षों में देश के अनेक राज्यों में पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं, और हिमाचल प्रदेश में भी अतीत में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए थे। लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बड़े स्तर पर पेपर लीक अथवा भर्ती में ऐसी अनियमितताओं की घटनाएँ सामने नहीं आई हैं, जिन्होंने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हों। युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विषय पर नियंत्रण बनाए रखना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह किसी भी सरकार की नीयत और प्रशासनिक क्षमता का आकलन दर्शाता है। हालांकि, केवल ईमानदार छवि ही किसी सरकार की सफलता का अंतिम प्रमाण नहीं हो सकती। जनता रोजगार के अवसर, बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएँ और तेज विकास भी चाहती है। इन सभी क्षेत्रों में सरकार के प्रदर्शन का मूल्यांकन होना स्वाभाविक है और होना भी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में जनता का निर्णय केवल छवि के आधार पर नहीं, बल्कि कार्यों के आधार पर भी तय होता है। फिर भी, यह स्वीकार करना होगा कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे मजबूत आधार होती है। जब शासन व्यवस्था पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप न हों और भर्ती प्रक्रियाओं पर युवाओं का विश्वास बना रहे, तो जनता का भरोसा स्वाभाविक रूप से बढ़ता है, और यही भरोसा किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज होंगी, सरकार अपनी उपलब्धियाँ बताएगी, विपक्ष सवाल उठाएगा और जनता दोनों का मूल्यांकन करेगी। वर्तमान परिस्थितियों में यह कहना गलत नहीं होगा कि सुक्खू सरकार की सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी उसकी अपेक्षाकृत साफ-सुथरी छवि, पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार के बड़े आरोपों से दूर रहना है, क्योंकि लोकतंत्र में विकास के साथ ईमानदारी भी उतनी ही आवश्यक है, और एक साफ छवि भी किसी उपलब्धि से कम नहीं।

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  • नूरपुर शहर में लगातार सामने आ रही पेयजल समस्या को लेकर नगर परिषद ने पहल तेज कर दी है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन की अध्यक्षता में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आनंद वलोरिया से मुलाकात की। इस दौरान शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें बरसात के मौसम से पहले पुरानी पाइपलाइन बदलने और पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। अध्यक्ष नीति महाजन ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान बार-बार पाइपलाइन टूटने के कारण शहर में लगातार 16 दिनों तक पेयजल आपूर्ति बाधित रही थी, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए बरसात शुरू होने से पहले सभी जर्जर और पुरानी पाइपलाइन को बदल दिया जाए। बैठक के दौरान पेयजल संकट से जुड़े सभी मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद वलोरिया ने नगर परिषद को आश्वासन दिया है कि शहर की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बरसात से पहले पुरानी पाइपलाइन को बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी तरह के पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
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    नूरपुर शहर में लगातार सामने आ रही पेयजल समस्या को लेकर नगर परिषद ने पहल तेज कर दी है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन की अध्यक्षता में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आनंद वलोरिया से मुलाकात की। इस दौरान शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें बरसात के मौसम से पहले पुरानी पाइपलाइन बदलने और पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

अध्यक्ष नीति महाजन ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान बार-बार पाइपलाइन टूटने के कारण शहर में लगातार 16 दिनों तक पेयजल आपूर्ति बाधित रही थी, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए बरसात शुरू होने से पहले सभी जर्जर और पुरानी पाइपलाइन को बदल दिया जाए।

बैठक के दौरान पेयजल संकट से जुड़े सभी मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद वलोरिया ने नगर परिषद को आश्वासन दिया है कि शहर की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बरसात से पहले पुरानी पाइपलाइन को बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी तरह के पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • चम्बा जिले की विधानसभा के गारम पंचायत चमबी के अकेरा और अच्छेड गांवों में स्थापित पानी की पाइपलाइन की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
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    चम्बा जिले की विधानसभा के गारम पंचायत चमबी के अकेरा और अच्छेड गांवों में स्थापित पानी की पाइपलाइन की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
    user_Abdul rheman
    Abdul rheman
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मंदोली का मशहूर दो दिवसीय दंगल शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दंगल की सबसे बड़ी माली के लिए पहलवान सिकंदर शेख और पहलवान मोनू के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबला हुआ। इस दौरान, पहलवान सिकंदर शेख ने मोनू पहलवान को पराजित कर बड़ी माली पर अपना कब्जा जमा लिया। मुकाबले के दौरान दोनों पहलवानों ने जबरदस्त दावपेच का प्रदर्शन किया।
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    मंदोली का मशहूर दो दिवसीय दंगल शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दंगल की सबसे बड़ी माली के लिए पहलवान सिकंदर शेख और पहलवान मोनू के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबला हुआ। इस दौरान, पहलवान सिकंदर शेख ने मोनू पहलवान को पराजित कर बड़ी माली पर अपना कब्जा जमा लिया। मुकाबले के दौरान दोनों पहलवानों ने जबरदस्त दावपेच का प्रदर्शन किया।
    user_Surinder Minhas
    Surinder Minhas
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सुजानपुर की ग्राम पंचायत भटेड में HRTC की बसों की बदहाल स्थिति यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आज सुबह शिमला जा रही HRTC की एक बस का प्रेशर पाइप अचानक फट गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गनीमत रही कि बस चालक की सूझबूझ से समय रहते बस को सुरक्षित रोक लिया गया, जिसके कारण सभी यात्री सुरक्षित रहे। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि क्षेत्र में अक्सर पुरानी और जर्जर बसें भेजी जाती हैं, जिनमें आए दिन तकनीकी खराबी सामने आती रहती है। यह स्थिति यात्रियों के लिए भारी परेशानी के साथ-साथ जान-माल का भी खतरा बनी हुई है। इस घटना से प्रभावित यात्रियों में सुभाष, अभय, सुनीता, गौरव, सुमन, विधि चंद, हुक्म चंद, मीना, अक्षिता, मनीषा, कपिल, सुदेश, सुरेंद्र ठाकुर, राकेश आदि शामिल थे, जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। इलाका वासियों और यात्रियों ने HRTC प्रबंधन से तत्काल मांग की है कि भटेड पंचायत और आसपास के सभी रूटों पर बेहतर और सुरक्षित बसों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके और यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे।
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    सुजानपुर की ग्राम पंचायत भटेड में HRTC की बसों की बदहाल स्थिति यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आज सुबह शिमला जा रही HRTC की एक बस का प्रेशर पाइप अचानक फट गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गनीमत रही कि बस चालक की सूझबूझ से समय रहते बस को सुरक्षित रोक लिया गया, जिसके कारण सभी यात्री सुरक्षित रहे।

स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि क्षेत्र में अक्सर पुरानी और जर्जर बसें भेजी जाती हैं, जिनमें आए दिन तकनीकी खराबी सामने आती रहती है। यह स्थिति यात्रियों के लिए भारी परेशानी के साथ-साथ जान-माल का भी खतरा बनी हुई है। इस घटना से प्रभावित यात्रियों में सुभाष, अभय, सुनीता, गौरव, सुमन, विधि चंद, हुक्म चंद, मीना, अक्षिता, मनीषा, कपिल, सुदेश, सुरेंद्र ठाकुर, राकेश आदि शामिल थे, जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

इलाका वासियों और यात्रियों ने HRTC प्रबंधन से तत्काल मांग की है कि भटेड पंचायत और आसपास के सभी रूटों पर बेहतर और सुरक्षित बसों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके और यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Mdakbar
    1
    Post by Mdakbar
    user_Mdakbar
    Mdakbar
    Insurance Agent रामनगर, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    16 hrs ago
  • Post by Mdakbar
    1
    Post by Mdakbar
    user_Mdakbar
    Mdakbar
    Insurance Agent रामनगर, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    16 hrs ago
  • चंबा जिले के बाज़ार रोड पर रेहड़ियों के अतिक्रमण से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर एक नागरिक ने डीसी महोदय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाज़ार रोड पर आधे से ज़्यादा जगह पर, लगभग 22 स्थानों पर, रेहड़ियां लगाई गई हैं, जिसके कारण यह सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इन रेहड़ियों की वजह से रोज़ाना दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिनमें लोगों की टांगें टूट रही हैं या हाथ-पैर फ्रैक्चर हो रहे हैं। इस स्थिति से आम जनता को भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है। जनता का मार्ग होने के बावजूद रेहड़ियों के कारण हो रही इन समस्याओं को देखते हुए डीसी महोदय से जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की विनम्र विनती की गई है।
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    चंबा जिले के बाज़ार रोड पर रेहड़ियों के अतिक्रमण से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर एक नागरिक ने डीसी महोदय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाज़ार रोड पर आधे से ज़्यादा जगह पर, लगभग 22 स्थानों पर, रेहड़ियां लगाई गई हैं, जिसके कारण यह सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इन रेहड़ियों की वजह से रोज़ाना दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिनमें लोगों की टांगें टूट रही हैं या हाथ-पैर फ्रैक्चर हो रहे हैं। इस स्थिति से आम जनता को भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है। जनता का मार्ग होने के बावजूद रेहड़ियों के कारण हो रही इन समस्याओं को देखते हुए डीसी महोदय से जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की विनम्र विनती की गई है।
    user_🇮🇳manmeet singh 🇮🇳
    🇮🇳manmeet singh 🇮🇳
    Artist चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
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