पालोदा की कीर्ति ने रचा इतिहास, 10 वी बोर्ड में बनाए 99.33% पालोदा एमजीजीएस की कीर्ति पारवानी ने बनाए 99.38 प्रतिशत, गुरुजनों ने दिया सम्मान मां को थायराइड माइग्रेन और स्टोन की शिकायत, भाई भी छोटा, काम करते हुए लगातार 6 घंटे की पढ़ाई भास्कर न्यूज | गनोड़ा। कहते हैं मुश्किलों को पार करके ही सफलता हाथ लगती है। कड़ी मेहनत लगन और दिल में कामयाब होने की तमन्ना हो तो हर सफर आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है पालोदा की कीर्ति पारवानी के साथ जिसने कक्षा दसवीं के परिणाम में जिले में टॉप रहकर न केवल अपना नाम रोशन किया बल्कि विद्यालय परिवार एवं गांव का नाम भी रोशन किया है। कीर्ति पालोदा के एमजीजीएस विद्यालय की छात्रा है तथा पढ़ाई में काफी तेज भी है। विद्यालय के गुरुजनों जिनमें सोविला माथुर, नवीन चंद्र त्रिवेदी, ईश्वर भट्ट आदि ने बताया कि कीर्ति विद्यालय में अनुशासित बालिका रही है तथा पढ़ाई के समय एकाग्रता के साथ पढ़ाई किया करती थी। कीर्ति को विश्वास था कि वह अच्छे प्रतिशत लाएगी। अपने आत्मविश्वास एवं कड़ी मेहनत के कारण कीर्ति ने सफलता हासिल की तथा 99.38% अंक हासिल करके पूरे गांव का नाम रोशन किया है। अपने विद्यालय की छात्रा की सफलता पर विद्यालय के गुरुजनों, पालोदा के पीइईओ हितेश सुथार, जिला परिषद सदस्य देवेंद्र भाई त्रिवेदी,सरपंच शंकर लाल खराड़ी, उप सरपंच राजेंद्र पंचाल आदि ने कीर्ति के घर पर जाकर उसे मिठाई खिलाकर तथा फूलमाला पहनकर बधाई दी। कीर्ति ने विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा संस्कृत जैसे विषय में 100 में से 100 नंबर लाकर सभी को चौंकाया। मां की तबीयत और भाई की जिम्मेदारी, फिर भी नहीं हारी कीर्ति पालोदा की रहने वाली कीर्ति पारवानी के परिवार में चार सदस्य हैं जिनमें पिता रूपेश पारवानी विदेश में नौकरी करते हैं जबकि मां हिना व्यास घर पर रहती है। कीर्ति का 2 साल का छोटा भाई माहिर पारवानी भी मां एवं बहन के साथ घर पर ही। मां हिना ने बताया कि कीर्ति पर कई जिम्मेदारियों का बोझ था लेकिन फिर भी कीर्ति ने हिम्मत नहीं हारी। मां हिना ने बताया कि उसे थायराइड, स्टोन तथा माइग्रेन जैसी बीमारियां है जिसकी वजह से घर का काम भी ठीक ढंग से नहीं कर पाती थी। ऐसे में घर के काम में भी कीर्ति हाथ बटाया करती थी। घर के कामों को निपटकर कीर्ति लगातार घर पर 6 घंटे पढ़ाई करती थी।इस बीच अपने छोटे भाई माहिर को भी संभालने की जिम्मेदारी कीर्ति पर ही थी। अपनी सफलता में कीर्ति को कई बाधाओं को पार करना पड़ा लेकिन कीर्ति ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार कठिन परिश्रम के कारण पहले पायदान पर रहकर इतिहास रचा है। कीर्ति बड़ी होकर यूपीएससी की परीक्षा देना चाहती है तथा प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती है।
पालोदा की कीर्ति ने रचा इतिहास, 10 वी बोर्ड में बनाए 99.33% पालोदा एमजीजीएस की कीर्ति पारवानी ने बनाए 99.38 प्रतिशत, गुरुजनों ने दिया सम्मान मां को थायराइड माइग्रेन और स्टोन की शिकायत, भाई भी छोटा, काम करते हुए लगातार 6 घंटे की पढ़ाई भास्कर न्यूज | गनोड़ा। कहते हैं मुश्किलों को पार करके ही सफलता हाथ लगती है। कड़ी मेहनत लगन और दिल में कामयाब होने की तमन्ना हो तो हर सफर आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है पालोदा की कीर्ति पारवानी के साथ जिसने कक्षा दसवीं के परिणाम में जिले में टॉप रहकर न केवल अपना नाम रोशन किया बल्कि विद्यालय परिवार एवं गांव का नाम भी रोशन किया
है। कीर्ति पालोदा के एमजीजीएस विद्यालय की छात्रा है तथा पढ़ाई में काफी तेज भी है। विद्यालय के गुरुजनों जिनमें सोविला माथुर, नवीन चंद्र त्रिवेदी, ईश्वर भट्ट आदि ने बताया कि कीर्ति विद्यालय में अनुशासित बालिका रही है तथा पढ़ाई के समय एकाग्रता के साथ पढ़ाई किया करती थी। कीर्ति को विश्वास था कि वह अच्छे प्रतिशत लाएगी। अपने आत्मविश्वास एवं कड़ी मेहनत के कारण कीर्ति ने सफलता हासिल की तथा 99.38% अंक हासिल करके पूरे गांव का नाम रोशन किया है। अपने विद्यालय की छात्रा की सफलता पर विद्यालय के गुरुजनों, पालोदा के पीइईओ हितेश सुथार, जिला परिषद सदस्य देवेंद्र भाई त्रिवेदी,सरपंच शंकर लाल खराड़ी, उप सरपंच राजेंद्र पंचाल आदि ने
कीर्ति के घर पर जाकर उसे मिठाई खिलाकर तथा फूलमाला पहनकर बधाई दी। कीर्ति ने विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा संस्कृत जैसे विषय में 100 में से 100 नंबर लाकर सभी को चौंकाया। मां की तबीयत और भाई की जिम्मेदारी, फिर भी नहीं हारी कीर्ति पालोदा की रहने वाली कीर्ति पारवानी के परिवार में चार सदस्य हैं जिनमें पिता रूपेश पारवानी विदेश में नौकरी करते हैं जबकि मां हिना व्यास घर पर रहती है। कीर्ति का 2 साल का छोटा भाई माहिर पारवानी भी मां एवं बहन के साथ घर पर ही। मां हिना ने बताया कि कीर्ति पर कई जिम्मेदारियों का बोझ था लेकिन फिर भी कीर्ति ने हिम्मत नहीं हारी। मां हिना
ने बताया कि उसे थायराइड, स्टोन तथा माइग्रेन जैसी बीमारियां है जिसकी वजह से घर का काम भी ठीक ढंग से नहीं कर पाती थी। ऐसे में घर के काम में भी कीर्ति हाथ बटाया करती थी। घर के कामों को निपटकर कीर्ति लगातार घर पर 6 घंटे पढ़ाई करती थी।इस बीच अपने छोटे भाई माहिर को भी संभालने की जिम्मेदारी कीर्ति पर ही थी। अपनी सफलता में कीर्ति को कई बाधाओं को पार करना पड़ा लेकिन कीर्ति ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार कठिन परिश्रम के कारण पहले पायदान पर रहकर इतिहास रचा है। कीर्ति बड़ी होकर यूपीएससी की परीक्षा देना चाहती है तथा प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती है।
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ की सबसे बड़ी खबर। देश की ख्याति नाम भविष्य वक्ता जिनकी भविष्यवाणी 95% सही निकलती है। एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने जो भविष्यवाणी की है। सुनेगा हमारे चैनल के माध्यम से।1
- डूंगरपुर जिले के भाटपुर निवासी किसान बाबूलाल कटारा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद द्वारा पकड़ी गई अपनी 11 गायों को मुक्त कराने की मांग की है। किसान का कहना है कि परिषद उससे 22,000 रुपये जुर्माना मांग रही है, जिसे चुकाने में वह पूरी तरह असमर्थ है। पीड़ित के अनुसार, घर पर गायों के छोटे बछड़े दूध के अभाव में तड़प रहे हैं और उनकी जान को खतरा बना हुआ है। गरीब काश्तकार होने के नाते उसने मानवीय आधार पर जुर्माना माफ कर गायें तुरंत सुपुर्द करने के आदेश जारी करने की गुहार लगाई है।1
- डूंगरपुर। शहर में आवारा पशुओं की धरपकड़ के दौरान नगर परिषद द्वारा पकड़ी गई गायों को मुक्त कराने के लिए एक गरीब किसान ने जिला कलेक्टर के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है। भाटपुर निवासी बाबूलाल कटारा ने ज्ञापन सौंपकर बताया कि नगर परिषद के कर्मचारियों ने सोमवार को उनकी 11 गायों को जनरल अस्पताल के पास से पकड़कर भंडारीया गौशाला में जमा कर दिया है। पीड़ित किसान ने बताया कि पकड़ी गई 11 गायों में से 5 गायें दुधारू हैं, जिनके छोटे-छोटे बछड़े घर पर दूध के अभाव में तड़प रहे हैं। किसान का कहना है कि वह एक गरीब काश्तकार है और नगर परिषद द्वारा मांगी जा रही 2000 रुपये प्रति गाय के हिसाब से 22 हजार रुपये की जुर्माना राशि भरने में पूरी तरह असमर्थ है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि दूध के अभाव में बछड़ों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी। प्रार्थी ने मानवीय आधार पर जुर्माना माफ कर गायों को तुरंत सुपुर्द करने के आदेश जारी करने की मांग की है।1
- धंबोला. द्वारिकाधीश हवेली मंदिर सीमलवाड़ा में यमुना महारानीजी का छठ उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में वैष्णव श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रातःकालीन बेला में यमुना महारानी के पालना दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से दर्शन कर मंगलकामनाएं कीं और पूरे वातावरण में “जय यमुना महारानी” के जयकारे गूंजते रहे। शाम के समय महिला मंडल द्वारा यमुना महारानी के पदों का गान किया गया। रात्रि में महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।1
- डूंगरपुर जिले में शादी समारोह के दौरान हथियार लहराकर व तेज आवाज में डीजे बजाकर आमजन में भय फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने डीजे जब्त करने के साथ वाहन सीज किए और एक युवक को डिटेन किया है। चौरासी थानाधिकारी भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि दिनांक 22 मार्च 2026 को पातली ग्राम पंचायत निवासी प्रवीण मीणा की बारात गजपुर ग्राम पंचायत पोहरी खातुरात पहुंची। बारात में सैकड़ों युवक बाइक व अन्य वाहनों से शामिल हुए। इस दौरान कई वाहनों में तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था, जिससे ध्वनि प्रदूषण के साथ आमजन को असुविधा हुई। बारात के दौरान कुछ युवकों द्वारा तलवार व चाकू लहराते हुए सड़क पर हुड़दंग किया गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और आमजन में भय का माहौल बना। इतना ही नहीं, इन हरकतों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वायरल किए गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सांखला व सीमलवाड़ा वृताधिकारी मदनलाल विश्नोई के सुपरविजन में चौरासी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने जिला परिवहन विभाग के सहयोग से 2 डीजे जब्त कराए, जबकि एक डीजे को थाना स्तर पर जब्त कर ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। एक डीजे मालिक द्वारा स्पीकर छिपाने पर संबंधित पिकअप वाहन को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किया गया। इसके अलावा, तलवार लहराकर वीडियो वायरल करने वाले एक युवक को डिटेन कर कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं, एक थार चालक द्वारा वाहन को स्टाइल में चलाकर लोगों को भयभीत करने पर थार कार को भी जब्त किया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम: इस पूरी कार्रवाई में चौरासी थाना प्रभारी भंवर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में ईश्वरलाल डोडा, दिनेशचंद्र, कालूराम, अनिल कुमार व कमलेश की टीम शामिल1
- डूंगरपुर। राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत नर्सिंग ऑफिसर्स एवं अन्य संवर्ग के कुल 1267 नियमित पदों को विलोपित करने की प्रक्रिया के खिलाफ कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारियों ने इस निर्णय को कर्मचारी विरोधी एवं जनहित के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। राजस्थान नर्सेज एसोशिएशन डूंगरपुर की महामंत्री कोकिला डामोर ने मंगलवार दोपहर जानकारी देकर बताया कि वर्तमान में इन पदों पर नियमित, प्रतिनियुक्ति एवं प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्मिक कार्यरत हैं। ऐसे में इन पदों को समाप्त कर राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग सिविल पोस्ट नियम 2022 के तहत संविदा पद सृजित करना न केवल कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य के साथ अन्याय है, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।1
- डूंगरपुर में आगामी रामनवमी के पावन अवसर पर शहर में निकलने वाली भव्य शोभायात्रा में इस बार नारी शक्ति का अदम्य साहस और शौर्य देखने को मिलेगा। मन की उड़ान संस्थान की संस्थापिका एवं जिला संचालिका कामना चौबीसा के नेतृत्व में आर्य वीरांगना दल की सदस्य दोपहिया वाहनों पर सवार होकर तलवारबाजी का कलात्मक प्रदर्शन करेंगी। भारतीय सांस्कृतिक वेशभूषा में सजी ये बेटियाँ और माताएं अपनी वीरता से शहरवासियों को मंत्रमुग्ध करेंगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं में आत्मरक्षा, साहस और निडरता का भाव पैदा करना है। कामना चौबीसा ने बताया कि इस प्रदर्शन के माध्यम से समाज की अन्य महिलाओं को भी विषम परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने और राष्ट्र रक्षा के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलेगी। इस विशिष्ट प्रदर्शन की तैयारियाँ पिछले कई दिनों से युद्ध स्तर पर जारी हैं। प्रशिक्षण सत्रों में निधि दवे, श्रेया शर्मा, माधुरी कटारा, अदिति बरंडा, सोनल सेवक, मानसी और काव्यांजलि सहित कई प्रशिक्षणार्थी पूरे जोश और उत्साह के साथ अभ्यास कर रहे हैं। शोभायात्रा के दौरान यह प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो महिला सशक्तिकरण का जीवंत संदेश देगा।1
- डूंगरपुर में जीव दया और सेवा के संकल्प के साथ एमएमबी ग्रुप द्वारा चलाया जा रहा 'परिंडा अभियान' निरंतर जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को कोतवाली पुलिस थाना परिसर में थानाधिकारी अजय सिंह राव के सानिध्य में पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर दाना-पानी की व्यवस्था की गई। थानाधिकारी ने ग्रुप के इन प्रयासों को भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए वरदान बताते हुए इसे कौमी एकता की मिसाल कहा। ग्रुप के सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि मस्तान बाबा की स्मृति में वर्ष 2007 से संचालित यह ग्रुप भामाशाहों के सहयोग से रक्तदान, राशन वितरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे जनहित के कार्य कर रहा है।1
- डूंगरपुर। जिले में पेट्रोल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह ने अचानक अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। अफवाह के चलते शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और उपभोक्ताओं में ईंधन खत्म होने का डर बैठ गया। पेट्रोल पंप संचालक भुवनेश ननोमा ने बताया कि जिले में पेट्रोल की कोई वास्तविक कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि, कि रविवार और ईद की छुट्टियों के कारण कुछ चुनिंदा पंपों तक समय पर स्टॉक नहीं पहुँच पाया था, जिसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रचारित कर दिया गया। साथ ही, डिपो से अब एडवांस पेमेंट पर ही सप्लाई मिलने के कारण कुछ छोटे पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म हुआ था।1