संभल जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और उनके अकाउंटेंट पर गंभीर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। यह आरोप ग्राम प्रधानों और विभाग के कर्मचारियों को धमकाकर पैसे वसूलने से संबंधित है। इस पूरे मामले में अकाउंटेंट का कार्यालय के भीतर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह को एक गाड़ी में पैसे दिए जाने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, DPRO पर करोड़ों की संपत्ति बनाने और लग्जरी गाड़ी खरीदने के भी इल्जाम लगाए गए हैं। जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ा यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल साइट्स पर खासा घमासान मचा हुआ है। आरोपों के अनुसार, होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर भी अवैध वसूली की जाती थी। इन आरोपों और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिलाधिकारी (DM) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं।
संभल जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और उनके अकाउंटेंट पर गंभीर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। यह आरोप ग्राम प्रधानों और विभाग के कर्मचारियों को धमकाकर पैसे वसूलने से संबंधित है। इस पूरे मामले में अकाउंटेंट का कार्यालय के भीतर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह को एक गाड़ी में पैसे दिए जाने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, DPRO पर करोड़ों की संपत्ति बनाने और लग्जरी गाड़ी खरीदने के भी इल्जाम लगाए गए हैं। जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ा यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल साइट्स पर खासा घमासान मचा हुआ है। आरोपों के अनुसार, होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर भी अवैध वसूली की जाती थी। इन आरोपों और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिलाधिकारी (DM) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं।
- संभल में डी.पी.आर.ओ. (DPRO) कार्यालय में रिश्वतखोरी के चौंकाने वाले वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इन वीडियो में डी.पी.आर.ओ. और एकाउंटेंट पर ग्राम प्रधानों और कर्मचारियों को डरा-धमकाकर रिश्वत वसूलने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी (DM) ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। बीते दिनों वायरल हुए इन वीडियो में डी.पी.आर.ओ. पर कार और कार्यालय के भीतर अलग-अलग जगहों पर रिश्वत लेने का आरोप है। इसके साथ ही, डी.पी.आर.ओ. पर रिश्वत की इसी रकम से करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी गाड़ियां खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (ADM) की अध्यक्षता में यह जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। गौरतलब है कि संभल का डी.पी.आर.ओ. कार्यालय पिछले कई सालों से 'लूट का अड्डा' बना हुआ है। इससे पहले, निवर्तमान डी.पी.आर.ओ. उपेंद्र कुमार पांडेय को भी शासन द्वारा निलंबित किया गया था। मौजूदा डी.पी.आर.ओ. चेतेंद्र पाल सिंह के कार्यकाल में सामने आए ये वायरल वीडियो उनकी 'विकास की आड़' में हो रही गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।2
- बदायूं जनपद के जारीफनागर थाना क्षेत्र में चुनावी रंजिश के चलते एक खूनी संघर्ष हुआ है।1
- बदायूँ के अम्बियापुर ब्लॉक स्थित ग्राम दुधौनी की गौशाला में गौवंशों की दयनीय स्थिति सामने आई है, जिस पर ग्रामीणों ने संचालन में भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों और संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस गौशाला में गायों की देखभाल के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जहाँ कई गायें भूख, प्यास और बीमारी से जूझ रही हैं, जबकि कुछ की मौत भी हो चुकी है। उनका आरोप है कि मौके पर कोई जिम्मेदार केयरटेकर मौजूद नहीं रहता, जिससे गौवंशों की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। ग्राम दुधौनी निवासी विपिन ठाकुर ने बताया कि गुरुवार सुबह गौशाला परिसर में तीन मृत गायों को जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर दफनाया गया, वहीं दो अन्य गायें मृत अवस्था में मिलीं। इसके अतिरिक्त, दो गायें गंभीर हालत में तड़प रही थीं, जिनका उपचार तक नहीं कराया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि एक मृत बछड़ा पिछले दिन से गौशाला में पड़ा हुआ था, जिसके कारण भीषण गर्मी में दुर्गंध फैल रही थी। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गौशाला पर तैनात कर्मचारी शिकायत करने वालों को धमकाते हैं, और अधिकारियों या मीडिया को जानकारी देने पर झूठे आरोप लगाने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने पूर्व में जिले की रिसौली और सूरजपुर गौशालाओं में भी गायों की मौत और कुप्रबंधन की खबरें आने का उल्लेख किया, लेकिन उनका कहना है कि तब भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका मानना है कि अगर पहले ही सख्त कदम उठाए गए होते तो दुधौनी गौशाला में आज यह स्थिति नहीं होती। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी गौशाला संचालकों, कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि सरकार गौवंश संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के चलते उसकी मंशा विफल होती दिख रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी अन्य की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।4
- घर के पास कूड़ा मौजूद है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की बिल्सी तहसील के अम्बियापुर ब्लॉक की पुसगवां ग्राम पंचायत में सरकारी हैंडपंप पिछले चार महीने से खराब पड़े हैं और उन्हें रिबोर करने की आवश्यकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित लोगों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन इसके बावजूद हैंडपंपों को अभी तक ठीक नहीं किया गया है। गर्मी के इस मौसम में पानी की किल्लत के कारण सभी ग्रामीण बेहद परेशान हैं। जल निगम विभाग से आग्रह किया गया है कि वे इन खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करें।1
- मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा तहसील में सड़क सफाई का कार्य चल रहा है। यह अभियान दिलाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत फरीदपुर कसम नामक स्थान पर केंद्रित है।1
- संभल जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और उनके अकाउंटेंट पर गंभीर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। यह आरोप ग्राम प्रधानों और विभाग के कर्मचारियों को धमकाकर पैसे वसूलने से संबंधित है। इस पूरे मामले में अकाउंटेंट का कार्यालय के भीतर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह को एक गाड़ी में पैसे दिए जाने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, DPRO पर करोड़ों की संपत्ति बनाने और लग्जरी गाड़ी खरीदने के भी इल्जाम लगाए गए हैं। जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ा यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल साइट्स पर खासा घमासान मचा हुआ है। आरोपों के अनुसार, होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर भी अवैध वसूली की जाती थी। इन आरोपों और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिलाधिकारी (DM) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं।1
- संभल में हसीना बेगम अस्पताल से जुड़ा एक लंबा विवाद अब समाप्त हो गया है। अस्पताल के निदेशक सेठ कासिम और डॉक्टर तौसीफ अहमद के बीच चल रहा यह मामला आखिरकार सुलझ गया है। यह विवाद कई दिनों से चल रहा था और इसकी गंभीरता इस कदर थी कि यह मामला थाने से लेकर कचहरी तक जा पहुँचा था। दोनों पक्षों के बीच अस्पताल के हिसाब-किताब को लेकर गंभीर मतभेद थे, जिसके परिणामस्वरूप डॉक्टर तौसीफ के खिलाफ एक मुकदमा भी दर्ज किया गया था। हालांकि, अब इस पूरे विवाद का सुखद अंत हो गया है। डॉक्टर तौसीफ अहमद अकेले सेठ कासिम के निवास पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। दोनों ने बैठकर बातचीत की और सभी गलतफहमियों को दूर कर लिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी लिखित रूप में किया गया, जिसमें भविष्य में ऐसे किसी विवाद से बचने पर सहमति बनी। सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर भाईचारे का संदेश दिया। सेठ कासिम ने डॉक्टर तौसीफ को अपने छोटे भाई की तरह माफ कर दिया, जिसके बाद उनके रिश्ते फिर से सामान्य हो गए। डॉक्टर तौसीफ अहमद ने मीडिया के सामने आकर इस पूरे विवाद के खत्म होने और सेठ कासिम के निवास पर अपनी गलती का एहसास करने की बात भी बताई।1
- बदायूं के सिविल लाइन थाने में एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने पुलिसकर्मियों को सकते में डाल दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है और मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इस आत्महत्या प्रकरण की गहन जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें घटना के हर पहलू को बारीकी से खंगालने के निर्देश शामिल हैं। हालांकि, सब-इंस्पेक्टर की आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट रूप से खुलासा नहीं हो सका है।1