नेहरू चौक पर कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। बारिश के बीच उठ रही बदबू से दुकानदारों नेहरू चौक पर कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। बारिश के बीच उठ रही बदबू से दुकानदारों और राहगीरों का गुजरना मुश्किल हो गया है। एक सफाई कर्मी का दावा है कि तीन महीने से वेतन नहीं मिला, इसलिए नगर के अलग-अलग हिस्सों से उठाया गया कचरा नेहरू चौक पर जमा कर दिया गया। लेकिन नगर पंचायत के स्वच्छता पदाधिकारी उज्जवल कुमार का कहना है कि तीन महीने का वेतन बकाया नहीं है। सिर्फ अगस्त महीने का भुगतान बाकी है और उसे मंगलवार तक क्लियर कर दिया जाएगा। यानी... दावा अलग-अलग, लेकिन परेशानी एक—आम जनता की! अब सबसे बड़ा सवाल— नेहरू चौक पर जमा कचरे का अंबार आखिर कब हटेगा? क्या मंगलवार तक भुगतान के साथ सफाई व्यवस्था भी पटरी पर आएगी? या तब तक लोगों को इसी गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ेगा? 📍 पकड़ीदयाल, पूर्वी चंपारण Khabar Of Point | पत्रकार राजू मुखिया
नेहरू चौक पर कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। बारिश के बीच उठ रही बदबू से दुकानदारों नेहरू चौक पर कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। बारिश के बीच उठ रही बदबू से दुकानदारों और राहगीरों का गुजरना मुश्किल हो गया है। एक सफाई कर्मी का दावा है कि तीन महीने से वेतन नहीं मिला, इसलिए नगर के अलग-अलग हिस्सों से उठाया गया कचरा नेहरू चौक पर जमा कर दिया गया। लेकिन नगर पंचायत के स्वच्छता पदाधिकारी उज्जवल कुमार का कहना है कि तीन महीने का वेतन बकाया नहीं है। सिर्फ अगस्त महीने का भुगतान बाकी है और उसे मंगलवार तक क्लियर कर दिया जाएगा। यानी... दावा अलग-अलग, लेकिन परेशानी एक—आम जनता की! अब सबसे बड़ा सवाल— नेहरू चौक पर जमा कचरे का अंबार आखिर कब हटेगा? क्या मंगलवार तक भुगतान के साथ सफाई व्यवस्था भी पटरी पर आएगी? या तब तक लोगों को इसी गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ेगा? 📍 पकड़ीदयाल, पूर्वी चंपारण Khabar Of Point | पत्रकार राजू मुखिया
- नेहरू चौक पर कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। बारिश के बीच उठ रही बदबू से दुकानदारों नेहरू चौक पर कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। बारिश के बीच उठ रही बदबू से दुकानदारों और राहगीरों का गुजरना मुश्किल हो गया है। एक सफाई कर्मी का दावा है कि तीन महीने से वेतन नहीं मिला, इसलिए नगर के अलग-अलग हिस्सों से उठाया गया कचरा नेहरू चौक पर जमा कर दिया गया। लेकिन नगर पंचायत के स्वच्छता पदाधिकारी उज्जवल कुमार का कहना है कि तीन महीने का वेतन बकाया नहीं है। सिर्फ अगस्त महीने का भुगतान बाकी है और उसे मंगलवार तक क्लियर कर दिया जाएगा। यानी... दावा अलग-अलग, लेकिन परेशानी एक—आम जनता की! अब सबसे बड़ा सवाल— नेहरू चौक पर जमा कचरे का अंबार आखिर कब हटेगा? क्या मंगलवार तक भुगतान के साथ सफाई व्यवस्था भी पटरी पर आएगी? या तब तक लोगों को इसी गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ेगा? 📍 पकड़ीदयाल, पूर्वी चंपारण Khabar Of Point | पत्रकार राजू मुखिया1
- 29 दिनों से जेल में बंद महिला SDM को मिली 10 दिन की जमानत घूस लेने वाली SDM को जज से हुआ प्यार , जमानत मिली, अब रचाएंगी शादी। जबलपुर विशेष संवाददाता, रिपोर्ट 29 दिनों से जेल में बंद महिला, SDM को अदालत ने बड़ी राहत देते हुए 10 दिन की जमानत दे दी है। मामला तब चर्चा में आया जब कहते हैं। कि कथित रूप से घूस लेने के मामले में गिरफ्तार हुई। इस महिला SDM कि जेल में तैनाती के दौरान ही एक जज से मुलाकात हुई और धीरे धीरे दोनो के बीच प्यार हों गया अब दोनों के रिश्ते को लेकर खूब चर्चा है। और ख़बर है कि जमानत मिलने के बाद महिला, SDM जल्द शादी करने जा रही है।1
- चकिया-मधुबन सड़क किनारे अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी, सीमा विवाद में अटकी कार्रवाई; SP के निर्देश पर चकिया पुलिस ने संभाला मोर्चा। मोतिहारी, पूर्वी चंपारण से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां चकिया से मधुबन जाने वाली सड़क पर बारा गोविंद गांव के समीप स्विस बांध के बगल में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वहीं, मामले की सूचना पुलिस को दी गई।बताया जा रहा है कि घटनास्थल चकिया और गरहिया थाना क्षेत्र की सीमा पर होने के कारण शव को लेकर दोनों थाना क्षेत्रों के बीच अधिकार क्षेत्र का मामला सामने आया, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई में देरी हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर चकिया थाना पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी संभाली। मौके पर पहुंचे चकिया डीएसपी संतोष कुमार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और चकिया थाना पुलिस को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।इसके बाद चकिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दियाफिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस युवक की पहचान करने और उसकी मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस अज्ञात युवक की मौत कैसे हुई? क्या यह हत्या का मामला है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं? इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में इस मामले का खुलासा कब तक हो पाता है और मृतक युवक की पहचान कब तक हो पाती है।1
- मोतिहारी के मिस्कौट स्थित डाॅ. गोपाल कुमार के क्लिनिक में नस रोगों के बेहतर एवं सफल की सुविधा उपलब्ध1
- पूर्वी चम्पारण : कोटवा पुलिस के छापेमारी में 134 लीटर शराब बरामद पांच गिरफ्तार1
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- पितृपक्ष 2026 आज से ; पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान का महाअभियान आरंभ *पितृपक्ष 2026 आज से ; पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान का महाअभियान आरंभ* ------------------------------- शिवहर ---- भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को ऋषि तर्पण से आरंभ होकर आसीन कृष्ण अमावस्या यानी महालय तक के समय पितृपक्ष माना गया है।इस बार 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पितृपक्ष में अपने पूर्वजों को तर्पण और पिंडदान महा अभियान का आरंभ हो चुका है। पितृपक्ष का मुख्य उद्देश्य अपने दिवंगत पूर्वजों (पितरों) के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना, उनका स्मरण करना और उनकी आत्मा की शांति व मुक्ति के लिए प्रार्थना करना है।हिन्दू सनातन परंपरा में पितृ पक्ष क्या है? अर्थ, अनुष्ठान और महत्व के प्रमुख उद्देश्य और महत्व निम्नलिखित हैं। हमें जीवन, संस्कार और वंश परंपरा देने वाले पूर्वजों के प्रति आभार प्रकट करना। इन 15-16 दिनों में जल, काले तिल और भोजन के माध्यम से पितरों को तृप्त करना। नियमित श्राद्ध और दान-पुण्य से परिवार के पितृ दोष और बाधाओं का निवारण करना। संतुष्ट होकर पितृगण अपने वंशजों को सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। बताते चले की धर्म सिंधु ग्रंथ के अनुसार वर्ष में श्राद्ध के कुल 96 अवसर बताए गए हैं। रामायण काल में भगवती सीता द्वारा महाराज दशरथ के पिंडदान के उपरांत महाभारत काल में श्रद्धा प्रथा की व्यापक शुरुआत मानी जाती है।इस काल में सबसे पहले महर्षि अत्रि ने महर्षि मिनी को श्रद्धा का उपदेश दिया व श्रद्धा आरंभ किया तब उन सभी महर्षियों के साथ चारों वर्णों के लोग अपने-अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध करने लगे।2
- Jamui Viral Video Case पर CM Samrat का बयान Viral, विपक्ष ने घेरा #bihar news samratchaudhary tejashwi yadav prasantkishor1