स्वस्ति मेहुल जी के लिए बनाई गई रंगोली, प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद निभाई कला और श्रद्धा पुजा चौहान के लिए वह बेहद सौभाग्य का क्षण था, जब हमें जामसांवली हनुमान मंदिर में स्वस्ति मेहुल जी के लिए रंगोली बनाने का अवसर मिला। हमारी यह यात्रा सुबह 9:00 बजे शुरू हुई। सूरज की तेज़ तपिश और गर्मी के बावजूद हमारा उत्साह कम नहीं हुआ। हमने एक छोटा सा टेंट लगाया और अगले 10 घंटों तक अपना पूरा दिल उस रंगोली की हर लकीर और हर रंग में पिरो दिया। दोपहर तक आसमान में अंधेरा छा गया और हवा बोझिल हो गई। जो शुरुआत धीमी बूंदों से हुई थी, वह देखते ही देखते एक भयानक तूफान में बदल गई। समय और प्राकृतिक चुनौतियों से मुकाबला करते हुए हमने तय समय से पहले ही रंगोली पूरी कर ली। लेकिन टेंट की ऊंचाई कम होने के कारण हम अपनी 10 घंटे की मेहनत की तस्वीर तक नहीं ले पाए। जैसे-जैसे तूफान बढ़ा और हवाएं गरजने लगीं, हमने अपनी पूरी ताकत झोंक दी ताकि उन रंगों को बारिश से बचा सकें। अंततः बारिश ने हमारी रचना को मिटा दिया। भले ही रंगोली वहां स्थायी रूप से नहीं रह सकी, लेकिन उन 10 घंटों की भक्ति और समर्पण की यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी। मेरे दिल की बस एक ही तमन्ना है कि काश स्वस्ति जी उस सुंदरता को देख पातीं जिसे हमने इतने प्यार से सजाया था। शायद, रूहानी तौर पर हमारे वो रंग उन तक पहुंच ही गए होंगे।
स्वस्ति मेहुल जी के लिए बनाई गई रंगोली, प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद निभाई कला और श्रद्धा पुजा चौहान के लिए वह बेहद सौभाग्य का क्षण था, जब हमें जामसांवली हनुमान मंदिर में स्वस्ति मेहुल जी के लिए रंगोली बनाने का अवसर मिला। हमारी यह यात्रा सुबह 9:00 बजे शुरू हुई। सूरज की तेज़ तपिश और गर्मी के बावजूद हमारा उत्साह कम नहीं हुआ। हमने एक छोटा सा टेंट लगाया और अगले 10 घंटों तक अपना पूरा दिल उस रंगोली की हर लकीर और हर रंग में पिरो दिया। दोपहर तक आसमान में अंधेरा छा गया और हवा बोझिल हो गई। जो शुरुआत धीमी बूंदों से हुई थी, वह देखते ही देखते एक भयानक तूफान में बदल गई। समय और प्राकृतिक चुनौतियों से मुकाबला करते हुए हमने तय समय से पहले ही रंगोली पूरी कर ली। लेकिन टेंट की ऊंचाई कम होने के कारण हम अपनी 10 घंटे की मेहनत की तस्वीर तक नहीं ले पाए। जैसे-जैसे तूफान बढ़ा और हवाएं गरजने लगीं, हमने अपनी पूरी ताकत झोंक दी ताकि उन रंगों को बारिश से बचा सकें। अंततः बारिश ने हमारी रचना को मिटा दिया। भले ही रंगोली वहां स्थायी रूप से नहीं रह सकी, लेकिन उन 10 घंटों की भक्ति और समर्पण की यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी। मेरे दिल की बस एक ही तमन्ना है कि काश स्वस्ति जी उस सुंदरता को देख पातीं जिसे हमने इतने प्यार से सजाया था। शायद, रूहानी तौर पर हमारे वो रंग उन तक पहुंच ही गए होंगे।
- भोपाल। मध्य प्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों की सीमा के बाहर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की उपलब्धता और उनके उपयोग पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों में बताया गया है कि 74वां संविधान संशोधन के तहत जोड़े गए अनुच्छेद 243 (डब्लू ) एवं अनुसूची-12 के क्रमांक 7 के अनुसार अग्निशमन सेवाओं की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। साथ ही मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 एवं मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत भी आग से बचाव एवं नियंत्रण का कार्य नगरीय निकायों द्वारा ही किया जाता है। राज्य शासन के दृष्टि पत्र 2018 के अनुसार ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में, जो नगरीय निकाय सीमा से बाहर आते हैं, वहां भी फायर सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थागत व्यवस्था का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में अब यह तय किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिले के कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (SDO) नगरीय निकायों के वाहनों का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए निम्न दरें निर्धारित की गई हैं— फायर ब्रिगेड: ₹150 प्रति घंटा + ₹23 प्रति किलोमीटर आग बुझाने में उपयोग सामग्री (फोम/ड्राई केमिकल पाउडर): वास्तविक लागत के अनुसार एंबुलेंस: ₹6 प्रति किलोमीटर अन्य (रेस्क्यू) वाहन: ₹6 प्रति किलोमीटर निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त निर्धारित दरों के अनुसार संबंधित जिले द्वारा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह आदेश विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी किया गया है। इस फैसले से नगरी निकायों के बाहर के क्षेत्रों में भी आपातकालीन सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में सहूलियत हो सके।3
- आमला।हनुमान जयंती के पावन अवसर पर बोरदेही बस स्टैंड परिसर में भक्ति, सेवा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां पूरे विधि-विधान और श्रद्धा भाव के साथ भगवान हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर जयंती मनाई गई तथा इस शुभ अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था और पूरे दिन परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा। कार्यक्रम में स्थानीय समाजसेवियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। आयोजन की जिम्मेदारी समाजसेवी रमाकांत साहू, आनंद वाईकर, यशवंत कन्हाटे, राकेश साहू, रुपेश साहू, शुभम साहू एवं उनके सभी मित्रगण ने मिलकर संभाली। सभी ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पूजा-पाठ से लेकर भंडारे तक की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित कीं, जिससे कार्यक्रम सफल और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, दिनभर चलता रहा प्रसाद वितरण हनुमान जयंती के इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, राहगीर और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सभी ने भगवान हनुमान जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर अपनी आस्था प्रकट की। दिनभर चले इस भंडारे में सेवा भाव और श्रद्धा का विशेष माहौल बना रहा। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उल्लास, भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का सुंदर दृश्य देखने को मिला। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकजुटता और सेवा भावना का भी प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। सेवा और समर्पण का बना प्रेरक उदाहरण आयोजकों ने बताया कि हनुमान जयंती जैसे पावन पर्व पर सामूहिक पूजा और भंडारे के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। आयोजन में शामिल सभी युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भूमिका से कार्यक्रम को विशेष सफलता मिली।2
- बैतूल जिले के उप तहसील बोरदेही मे लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने किया बिजली ऑफिस का गहराव स्थिति में सुधार नहीं होने पर ग्रामीण करेंगे बड़ा आंदोलन खबर मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से विकासखंड आमला की उप तहसील बोरदेही मे बिजली विभाग के ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया और चेतावनी देते हुए कहा जल्द से जल्द बिजली विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए जिससे होने वाली परेशानियों को सामना ग्रामीणों को नहीं करना पड़े लगातार बिजली विभाग के द्वारा बिजली कटौती की जा रही है जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है उप तहसील बोरदेही व्यापारिक बस्ती होने के कारण व्यापारिक ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा सकता है बाइट ---- ग्रामीण मोंटी जैन संवाददाता संदीप वाईकर बैतूल3
- देहात थाना पुलिस की बड़ी कार्यवाही लूट के आरोपियों का निकाला जुलूस पुलिस ने कब्जे से 5,25,000 रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए घटना1
- अचानक बदले मौसम के बाद आठनेर नगर सहित क्षेत्र में आंधी तूफान के साथ तेज बारिश हो गई इसी के साथ बेर आकार के जमकर ओले गिरे एक घंटे तक हुई इस बारिश के कहर और आसमान से गिरे ओलों ने सभी की धड़कनें बढ़ा दी सातनेर बाकुड आठनेर गुनखेड में वर्तमान में किसानों का गेहूं खेतों में खड़ा और कुछ कटकर पड़ा है ऐसे में हुई ओलावृष्टि से किसानों को जबरदस्त नुक्सान होने कि सम्भावना है। वहीं मिली जानकारी अनुसार आंधी तुफान में घरों के टीन सेट और झपफर उड़ने की जानकारी है।1
- छिन्दवाड़ा में "reel" के लिए छिन्दवाड़ा-नागपुर हाइवे में बाइक पर युवक युवती का असभ्य और जोखिमपूर्ण स्टंट viral होते ही उनको भारी पड़ गया...कोतवाली पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार..युवक की माफी,चालानी कार्यवाही और सख्त हिदायत के बाद दोबारा ऐसी हरकत नही करने की चेतावनी के बाद पुलिस ने छोड़ा #chhindwara #bike #stunt #reelviral #police1
- आमला। शहर में मानवता को झकझोर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पिछले लगभग एक महीने से एक गौ माता गंभीर रूप से घायल अवस्था में शहर की सड़कों पर भटक रही थीं। उनके शरीर पर बने गहरे घाव देखकर हर संवेदनशील व्यक्ति का मन द्रवित हो जाए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी निर्दयी व्यक्ति द्वारा उनके ऊपर खौलता हुआ तेल डाल दिया गया, जिससे वे लंबे समय से असहनीय पीड़ा झेल रही थीं। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि कई लोगों ने घायल गौ माता को देखा, लेकिन सहायता के लिए आगे नहीं आए। इसी बीच जैसे ही इस घटना की सूचना विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर गौ माता का रेस्क्यू किया और उन्हें सुरक्षित रूप से गौशाला पहुंचाया। गौशाला में शुरू हुआ उपचार, हालत में धीरे-धीरे सुधार गौशाला पहुंचाने के बाद जब उनका प्राथमिक उपचार किया गया, तब घावों की गंभीरता स्पष्ट रूप से सामने आई। इसके बाद गौ माता का नियमित उपचार प्रारंभ किया गया। वर्तमान में उन्हें दवाइयां दी जा रही हैं और लगातार देखभाल की जा रही है। संगठन से जुड़े लोगों के अनुसार, उपचार के बाद अब उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। विहिप-बजरंग दल ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग इस अमानवीय घटना को लेकर विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि शहर में इस प्रकार की क्रूर और अमानवीय घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो वे इसके विरोध में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। आमजन से की संवेदनशील बनने की अपील संगठन के पदाधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे बेज़ुबान पशुओं के प्रति संवेदनशील बनें और यदि कहीं कोई घायल, बीमार या पीड़ित पशु दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित संस्था, गौसेवकों या प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते उसका उपचार हो सके। “मानवता तभी पूर्ण होती है, जब हम बेज़ुबानों का दर्द भी समझें।”3
- उत्तर प्रदेश बाराबंकी आज शिवराम एजुकेशनल एकेडमी बेहड पुरवा कुर्सी बाराबंकी में बड़ी धूमधाम से1
- छिंदवाड़ा पूर्व सीएम कमलनाथ ने केस को लेकर क्या कहा देखे खबर1