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नगरीय निकाय सीमा के बाहर फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस सेवाओं की दरें हुई तय भोपाल। मध्य प्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों की सीमा के बाहर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की उपलब्धता और उनके उपयोग पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों में बताया गया है कि 74वां संविधान संशोधन के तहत जोड़े गए अनुच्छेद 243 (डब्लू ) एवं अनुसूची-12 के क्रमांक 7 के अनुसार अग्निशमन सेवाओं की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। साथ ही मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 एवं मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत भी आग से बचाव एवं नियंत्रण का कार्य नगरीय निकायों द्वारा ही किया जाता है। राज्य शासन के दृष्टि पत्र 2018 के अनुसार ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में, जो नगरीय निकाय सीमा से बाहर आते हैं, वहां भी फायर सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थागत व्यवस्था का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में अब यह तय किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिले के कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (SDO) नगरीय निकायों के वाहनों का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए निम्न दरें निर्धारित की गई हैं— फायर ब्रिगेड: ₹150 प्रति घंटा + ₹23 प्रति किलोमीटर आग बुझाने में उपयोग सामग्री (फोम/ड्राई केमिकल पाउडर): वास्तविक लागत के अनुसार एंबुलेंस: ₹6 प्रति किलोमीटर अन्य (रेस्क्यू) वाहन: ₹6 प्रति किलोमीटर निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त निर्धारित दरों के अनुसार संबंधित जिले द्वारा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह आदेश विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी किया गया है। इस फैसले से नगरी निकायों के बाहर के क्षेत्रों में भी आपातकालीन सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में सहूलियत हो सके।

8 hrs ago
user_M. Afsar khan
M. Afsar khan
Local News Reporter मुलताई, बैतूल, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago
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नगरीय निकाय सीमा के बाहर फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस सेवाओं की दरें हुई तय भोपाल। मध्य प्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों की सीमा के बाहर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की उपलब्धता और उनके उपयोग पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों में बताया गया है कि 74वां संविधान संशोधन के तहत जोड़े गए अनुच्छेद 243 (डब्लू ) एवं अनुसूची-12 के क्रमांक 7 के अनुसार अग्निशमन सेवाओं की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। साथ ही

मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 एवं मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत भी आग से बचाव एवं नियंत्रण का कार्य नगरीय निकायों द्वारा ही किया जाता है। राज्य शासन के दृष्टि पत्र 2018 के अनुसार ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में, जो नगरीय निकाय सीमा से बाहर आते हैं, वहां भी फायर सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थागत व्यवस्था का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में अब यह तय किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिले के कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (SDO) नगरीय निकायों के वाहनों

का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए निम्न दरें निर्धारित की गई हैं— फायर ब्रिगेड: ₹150 प्रति घंटा + ₹23 प्रति किलोमीटर आग बुझाने में उपयोग सामग्री (फोम/ड्राई केमिकल पाउडर): वास्तविक लागत के अनुसार एंबुलेंस: ₹6 प्रति किलोमीटर अन्य (रेस्क्यू) वाहन: ₹6 प्रति किलोमीटर निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त निर्धारित दरों के अनुसार संबंधित जिले द्वारा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह आदेश विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी किया गया है। इस फैसले से नगरी निकायों के बाहर के क्षेत्रों में भी आपातकालीन सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में सहूलियत हो सके।

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  • मुलताई में दोपहर मौसम में बदलाव देखने को मिला,अचनाक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, वही मुलताई के समीप परमंडल में बारिश के साथ जमकर ओले गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। परमंडल में हुई ओलावृष्टि इतनी ज्यादा थी कि सड़क सहित खेतों में बर्फ जम गई, बताया जा रहा है कि मौसम विभाग ने पहले ही आगामी पांच दिनों तक बारिश की संभावना जताई थी। पिछले तीन दिनों से रात के समय रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, वहीं शनिवार दोपहर अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को चौंका दिया। परमंडल में हुई बारिश और ओलावृष्टि से कश्मीर जैसा नज़ारा दिखाई दिया।
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    मुलताई में दोपहर मौसम में बदलाव देखने को मिला,अचनाक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई,
वही मुलताई के समीप परमंडल में बारिश के साथ जमकर ओले गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
परमंडल में हुई ओलावृष्टि इतनी ज्यादा थी कि सड़क सहित खेतों में बर्फ जम गई,
बताया जा रहा है कि मौसम विभाग ने पहले ही आगामी पांच दिनों तक बारिश की संभावना जताई थी। 
पिछले तीन दिनों से रात के समय रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, वहीं शनिवार दोपहर अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को चौंका दिया।
परमंडल में हुई बारिश और ओलावृष्टि से कश्मीर जैसा नज़ारा दिखाई दिया।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter मुलताई, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नासिक के 'कैप्टन' और ज्योतिषी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, जानें स्वयंभू भगवान अशोक खरात की कहां कितनी प्रॉपर्टी ? क्या ज्योतिषी बदनाम हुई? देश विदेश के जाने माने ज्योतिषाचार्य- डॉ.जीएस ढिल्लों, डॉ.पुनीत भोला और डॉ पुष्पलता जायसवाल से जानिए राजपथ न्यूज़ पर....
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    नासिक के 'कैप्टन' और ज्योतिषी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, जानें स्वयंभू भगवान अशोक खरात की कहां कितनी प्रॉपर्टी ? क्या ज्योतिषी बदनाम हुई? देश विदेश के जाने माने ज्योतिषाचार्य- डॉ.जीएस ढिल्लों, डॉ.पुनीत भोला और डॉ पुष्पलता जायसवाल से जानिए राजपथ न्यूज़ पर....
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    Prabhatpattan, Betul•
    8 hrs ago
  • बैतूल। जिले के मुलताई, आठनेर सहित अन्य क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व अमले को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देश के बाद मुलताई एवं आठनेर में राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और प्रभावित फसलों एवं नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा यह सर्वे इस उद्देश्य से कराया जा रहा है कि वास्तविक नुकसान का आकलन कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रभावित क्षेत्रों में शुरू हुआ फसल सर्वे जानकारी के अनुसार, ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व अमला फील्ड पर पहुंचकर किसानों की फसलों का निरीक्षण कर रहा है। टीम द्वारा यह देखा जा रहा है कि किन क्षेत्रों में कितनी फसल प्रभावित हुई है और किसानों को कितना नुकसान पहुंचा है। एसडीएम मुलताई एवं भैंसदेही ने बताया कि राजस्व टीम द्वारा फसल नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है, ताकि इसकी रिपोर्ट तैयार कर आगे शासन को भेजी जा सके। किसानों को राहत दिलाने की दिशा में प्रशासन सक्रिय प्रशासन की इस त्वरित पहल से प्रभावित किसानों को उम्मीद जगी है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर राहत एवं सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ओलावृष्टि के बाद किसानों की चिंता को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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    बैतूल। जिले के मुलताई, आठनेर सहित अन्य क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व अमले को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर के निर्देश के बाद मुलताई एवं आठनेर में राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और प्रभावित फसलों एवं नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा यह सर्वे इस उद्देश्य से कराया जा रहा है कि वास्तविक नुकसान का आकलन कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रभावित क्षेत्रों में शुरू हुआ फसल सर्वे
जानकारी के अनुसार, ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व अमला फील्ड पर पहुंचकर किसानों की फसलों का निरीक्षण कर रहा है। टीम द्वारा यह देखा जा रहा है कि किन क्षेत्रों में कितनी फसल प्रभावित हुई है और किसानों को कितना नुकसान पहुंचा है।
एसडीएम मुलताई एवं भैंसदेही ने बताया कि राजस्व टीम द्वारा फसल नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है, ताकि इसकी रिपोर्ट तैयार कर आगे शासन को भेजी जा सके।
किसानों को राहत दिलाने की दिशा में प्रशासन सक्रिय
प्रशासन की इस त्वरित पहल से प्रभावित किसानों को उम्मीद जगी है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर राहत एवं सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ओलावृष्टि के बाद किसानों की चिंता को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बैतूल जिले के उप तहसील बोरदेही मे लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने किया बिजली ऑफिस का गहराव स्थिति में सुधार नहीं होने पर ग्रामीण करेंगे बड़ा आंदोलन खबर मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से विकासखंड आमला की उप तहसील बोरदेही मे बिजली विभाग के ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया और चेतावनी देते हुए कहा जल्द से जल्द बिजली विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए जिससे होने वाली परेशानियों को सामना ग्रामीणों को नहीं करना पड़े लगातार बिजली विभाग के द्वारा बिजली कटौती की जा रही है जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है उप तहसील बोरदेही व्यापारिक बस्ती होने के कारण व्यापारिक ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा सकता है
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    बैतूल जिले के उप तहसील बोरदेही मे लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने किया बिजली ऑफिस का गहराव  
स्थिति में सुधार नहीं होने पर ग्रामीण करेंगे बड़ा आंदोलन 
खबर मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से विकासखंड आमला की उप तहसील बोरदेही  मे बिजली विभाग के ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया और चेतावनी देते हुए कहा जल्द से जल्द  बिजली विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्थिति में सुधार  किया जाना चाहिए जिससे होने वाली परेशानियों को सामना ग्रामीणों को नहीं करना पड़े लगातार बिजली विभाग के द्वारा बिजली कटौती की जा रही है जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है उप तहसील बोरदेही व्यापारिक बस्ती होने के कारण व्यापारिक ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा सकता है
    user_Sandeep waiker
    Sandeep waiker
    Mobile Phone Shop आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *प्रधानमंत्री का सपना, पूरा कर रहे बैतूल का लाल* (नेमप्लेट से बढ़ रहा बेटियों का सम्मान हो रही उनकी पहचान) अनिल यादव एक ऐसा नाम जो आज हर किसी के जुबान पर सहज ही आ जाता है "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ " हो या बेटियों के नाम से हो घर की पहचान या हो बेटियों के आत्मसम्मान ,बेटियों का जन्मोत्सव एवं उनका ग्रह प्रवेश हो बेटियों के कल्याण एवं आत्मसम्मान से निहित यह अभियान है!बैतूल के लाल अनिल नारायण यादव(पान की दुकान वाले )पूरी तन्मयता से अपने राष्ट्रव्यापी अभियान को सफलता के उल्कर्ष पर पहुंचाना चाहते हैं 22 जनवरी 2015 हरियाणा के पानीपत से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गई थी जिसको 10 वर्ष होने पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी को लाडो फाउंडेशन टीम की ओर से बहुत-बहुत बधाइयां बैतूल के युवा समाजसेवी अनिल यादव ने 8 नवंबर 2015 से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को बैतूल के अनिल यादव ने तन मन धन लगाकर इस अभियान को देश के 28 राज्यों और इतना ही नहीं बल्कि विदेशों में भी यह अभियान पहुंच चुका है ।अभी हाल ही में लंदन के अलावा अब अमेरिका के, शिकागो में भी बेटी के नाम की नेम प्लेट लगाई गई है इस अभियान ने अपनी सफलता की एक लंबी छलांग लगाई है "सात समुंदर पार ,बेटियों को दुलार "अभियान आज हर गांव गली मोहल्ला शहर देश अब तो विदेशों में भी इस अभियान ने अपनी सफलता लोकप्रियता के झंडे गाड़ दिए है बैतूल बाजार निवासी अनूप वर्मा एवं अजय पवार के माध्यम से यह नेम प्लेट अमेरिका पहुंचाई गई है। अनिल नारायण यादव जिनकी मुहिम से देश में बेटीयों के नाम से घर की हो पहचान एक अनुपम पहल है। आज सुभाष वार्ड हमलापुर निवासी पिता अशोक निरापुरे माता पुष्प निरापुरे की बेटी अंशिका के नाम के नेम प्लेट लगाई गई अब घर बेटी अंशिका के नाम से जाना जाएगा लाडो अभिज्ञा के प्रथम जन्मदिन के अवसर पर नेम प्लेट की गई ( इस मौके पर डॉक्टर अंकिता निरापुरे ने कहा बहुत अच्छी पहल है समझ में बेटियों को सम्मान और पहचान देने का काम कर रही है जरूर इस अभियान से बेटियों के माता-पिता को जुड़ना चाहिए ) डिजिटल इंडिया विद लाडो अभियान की शुरुआत 8 नवंबर 2015 से बेटी आयुषी यादव के जन्मदिन से अनिल नारायण यादव के द्वारा यह पहल शुरू की गई इस पहल से घर की पहचान बेटियों के नाम से हो रही है इतना ही नहीं यह अभियान के माध्यम से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी की तीन तीन महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, का संदेश नेम प्लेट के माध्यम से घर-घर तक पहुंचा जा रहा है अनिल यादव निम्न परिवार के है और ये छोटी सी पान की दुकान के संचालक है इन्होंने बेटियों के सम्मान के लिए यह पहल शुरू की और आज धीरे-धीरे देश के 28 राज्यों तक पहुंच गए हैं इन 28 राज्यों में अब तक 3 हजार900 से अधिक घरों में बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाई गई है।इस राष्ट्रव्यापी अभियान से जहां बेटियों के मान सम्मान प्रतिष्ठा में परिवर्तन आया है वहीं दूसरी ओर एक सकारात्मक सोच का संदेश प्रेरणा समाज को मिल रहा ऐसे लाडो फाऊंडेशन के सजग प्रहरी अनिल यादव का हम अभिनन्दन करते हैं जो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के सपनों को पूरा करने में कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र को समृद्धशाली विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने में विकास के पथ पर अग्रसर हो रहे है।
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    *प्रधानमंत्री का सपना, पूरा कर रहे बैतूल का लाल*
(नेमप्लेट से बढ़ रहा बेटियों का सम्मान हो रही उनकी पहचान)
अनिल यादव एक ऐसा नाम जो आज हर किसी के जुबान पर सहज ही आ जाता है "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ " हो या बेटियों के नाम से हो घर की पहचान या हो बेटियों के आत्मसम्मान ,बेटियों का जन्मोत्सव एवं उनका  ग्रह प्रवेश हो बेटियों के कल्याण एवं आत्मसम्मान से निहित यह अभियान है!बैतूल के लाल अनिल नारायण यादव(पान की दुकान वाले )पूरी तन्मयता से अपने राष्ट्रव्यापी अभियान को सफलता के उल्कर्ष  पर पहुंचाना चाहते हैं 22 जनवरी 2015 हरियाणा के पानीपत से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गई थी जिसको 10 वर्ष होने पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी को लाडो फाउंडेशन टीम की ओर से बहुत-बहुत बधाइयां बैतूल के  युवा समाजसेवी अनिल यादव  ने 8 नवंबर 2015 से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को बैतूल के अनिल यादव ने तन मन धन लगाकर  इस अभियान को देश के 28 राज्यों और इतना ही नहीं बल्कि विदेशों में भी यह अभियान पहुंच चुका है ।अभी हाल ही में लंदन के अलावा अब अमेरिका के, शिकागो में भी बेटी के नाम की नेम प्लेट लगाई गई है इस अभियान ने अपनी सफलता की एक लंबी छलांग लगाई है "सात समुंदर पार ,बेटियों को दुलार "अभियान  आज हर गांव गली मोहल्ला शहर देश अब तो विदेशों में भी इस अभियान ने अपनी सफलता लोकप्रियता के झंडे गाड़ दिए है  बैतूल बाजार निवासी अनूप वर्मा एवं अजय पवार के माध्यम से यह नेम प्लेट अमेरिका पहुंचाई गई है। अनिल नारायण यादव जिनकी मुहिम से देश में बेटीयों के नाम से घर की हो पहचान एक अनुपम पहल है।
आज सुभाष वार्ड हमलापुर निवासी पिता अशोक निरापुरे माता पुष्प निरापुरे की बेटी अंशिका के नाम के नेम प्लेट लगाई गई अब  घर बेटी अंशिका के नाम से जाना जाएगा लाडो अभिज्ञा  के प्रथम जन्मदिन के अवसर पर नेम प्लेट की गई ( इस मौके पर डॉक्टर अंकिता निरापुरे ने कहा बहुत अच्छी पहल है समझ में बेटियों को सम्मान और पहचान देने का काम कर रही है जरूर इस अभियान से बेटियों के माता-पिता को जुड़ना चाहिए )
डिजिटल इंडिया विद लाडो अभियान की शुरुआत 8 नवंबर 2015 से बेटी आयुषी यादव के जन्मदिन से अनिल नारायण यादव के द्वारा यह पहल शुरू की गई इस पहल से घर की पहचान बेटियों के नाम से हो रही है इतना ही नहीं यह अभियान के माध्यम से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी की तीन तीन महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, का संदेश नेम प्लेट के माध्यम से घर-घर तक पहुंचा जा रहा है  अनिल यादव निम्न परिवार के है और ये छोटी सी पान की दुकान के संचालक है इन्होंने बेटियों के सम्मान के लिए यह पहल शुरू की और आज धीरे-धीरे  देश के 28 राज्यों तक पहुंच गए हैं इन 28 राज्यों में अब तक 3 हजार900 से अधिक घरों में बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाई गई है।इस राष्ट्रव्यापी अभियान से जहां बेटियों के मान सम्मान प्रतिष्ठा में परिवर्तन आया है वहीं दूसरी ओर एक सकारात्मक सोच का संदेश प्रेरणा समाज को मिल रहा ऐसे लाडो फाऊंडेशन के सजग प्रहरी अनिल यादव का हम अभिनन्दन करते हैं जो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष  रूप से हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के सपनों को पूरा  करने में कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र को समृद्धशाली विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने में विकास के पथ पर अग्रसर हो रहे है।
    user_जिला ब्यूरो बैतूल
    जिला ब्यूरो बैतूल
    Salesperson बैतूल नगर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अचानक बदले मौसम के बाद आठनेर नगर सहित क्षेत्र में आंधी तूफान के साथ तेज बारिश हो गई इसी के साथ बेर आकार के जमकर ओले गिरे एक घंटे तक हुई इस बारिश के कहर और आसमान से गिरे ओलों ने सभी की धड़कनें बढ़ा दी सातनेर बाकुड आठनेर गुनखेड में वर्तमान में किसानों का गेहूं खेतों में खड़ा और कुछ कटकर पड़ा है ऐसे में हुई ओलावृष्टि से किसानों को जबरदस्त नुक्सान होने कि सम्भावना है। वहीं मिली जानकारी अनुसार आंधी तुफान में घरों के टीन सेट और झपफर उड़ने की जानकारी है।
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    अचानक बदले मौसम के बाद आठनेर नगर सहित क्षेत्र में आंधी तूफान के साथ तेज बारिश हो गई इसी के साथ बेर आकार के जमकर ओले गिरे एक घंटे तक हुई इस बारिश के कहर और आसमान से गिरे ओलों ने सभी की धड़कनें बढ़ा दी सातनेर बाकुड आठनेर गुनखेड में वर्तमान में किसानों का गेहूं खेतों में खड़ा और कुछ कटकर पड़ा है ऐसे में हुई ओलावृष्टि से किसानों को जबरदस्त नुक्सान होने कि सम्भावना है। वहीं मिली जानकारी अनुसार आंधी तुफान में घरों के टीन सेट और झपफर उड़ने की जानकारी है।
    user_आठनेर रिपोर्टर
    आठनेर रिपोर्टर
    पत्रकारिता आठनेर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पुजा चौहान के लिए वह बेहद सौभाग्य का क्षण था, जब हमें जामसांवली हनुमान मंदिर में स्वस्ति मेहुल जी के लिए रंगोली बनाने का अवसर मिला। हमारी यह यात्रा सुबह 9:00 बजे शुरू हुई। सूरज की तेज़ तपिश और गर्मी के बावजूद हमारा उत्साह कम नहीं हुआ। हमने एक छोटा सा टेंट लगाया और अगले 10 घंटों तक अपना पूरा दिल उस रंगोली की हर लकीर और हर रंग में पिरो दिया। दोपहर तक आसमान में अंधेरा छा गया और हवा बोझिल हो गई। जो शुरुआत धीमी बूंदों से हुई थी, वह देखते ही देखते एक भयानक तूफान में बदल गई। समय और प्राकृतिक चुनौतियों से मुकाबला करते हुए हमने तय समय से पहले ही रंगोली पूरी कर ली। लेकिन टेंट की ऊंचाई कम होने के कारण हम अपनी 10 घंटे की मेहनत की तस्वीर तक नहीं ले पाए। जैसे-जैसे तूफान बढ़ा और हवाएं गरजने लगीं, हमने अपनी पूरी ताकत झोंक दी ताकि उन रंगों को बारिश से बचा सकें। अंततः बारिश ने हमारी रचना को मिटा दिया। भले ही रंगोली वहां स्थायी रूप से नहीं रह सकी, लेकिन उन 10 घंटों की भक्ति और समर्पण की यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी। मेरे दिल की बस एक ही तमन्ना है कि काश स्वस्ति जी उस सुंदरता को देख पातीं जिसे हमने इतने प्यार से सजाया था। शायद, रूहानी तौर पर हमारे वो रंग उन तक पहुंच ही गए होंगे।
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    पुजा चौहान के लिए वह बेहद सौभाग्य का क्षण था, जब हमें जामसांवली हनुमान मंदिर में स्वस्ति मेहुल जी के लिए रंगोली बनाने का अवसर मिला।
हमारी यह यात्रा सुबह 9:00 बजे शुरू हुई। सूरज की तेज़ तपिश और गर्मी के बावजूद हमारा उत्साह कम नहीं हुआ। हमने एक छोटा सा टेंट लगाया और अगले 10 घंटों तक अपना पूरा दिल उस रंगोली की हर लकीर और हर रंग में पिरो दिया।
दोपहर तक आसमान में अंधेरा छा गया और हवा बोझिल हो गई। जो शुरुआत धीमी बूंदों से हुई थी, वह देखते ही देखते एक भयानक तूफान में बदल गई। समय और प्राकृतिक चुनौतियों से मुकाबला करते हुए हमने तय समय से पहले ही रंगोली पूरी कर ली।
लेकिन टेंट की ऊंचाई कम होने के कारण हम अपनी 10 घंटे की मेहनत की तस्वीर तक नहीं ले पाए। जैसे-जैसे तूफान बढ़ा और हवाएं गरजने लगीं, हमने अपनी पूरी ताकत झोंक दी ताकि उन रंगों को बारिश से बचा सकें।
अंततः बारिश ने हमारी रचना को मिटा दिया। भले ही रंगोली वहां स्थायी रूप से नहीं रह सकी, लेकिन उन 10 घंटों की भक्ति और समर्पण की यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी।
मेरे दिल की बस एक ही तमन्ना है कि काश स्वस्ति जी उस सुंदरता को देख पातीं जिसे हमने इतने प्यार से सजाया था। शायद, रूहानी तौर पर हमारे वो रंग उन तक पहुंच ही गए होंगे।
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भोपाल। मध्य प्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों की सीमा के बाहर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की उपलब्धता और उनके उपयोग पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों में बताया गया है कि 74वां संविधान संशोधन के तहत जोड़े गए अनुच्छेद 243 (डब्लू ) एवं अनुसूची-12 के क्रमांक 7 के अनुसार अग्निशमन सेवाओं की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। साथ ही मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 एवं मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत भी आग से बचाव एवं नियंत्रण का कार्य नगरीय निकायों द्वारा ही किया जाता है। राज्य शासन के दृष्टि पत्र 2018 के अनुसार ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में, जो नगरीय निकाय सीमा से बाहर आते हैं, वहां भी फायर सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थागत व्यवस्था का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में अब यह तय किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिले के कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (SDO) नगरीय निकायों के वाहनों का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए निम्न दरें निर्धारित की गई हैं— फायर ब्रिगेड: ₹150 प्रति घंटा + ₹23 प्रति किलोमीटर आग बुझाने में उपयोग सामग्री (फोम/ड्राई केमिकल पाउडर): वास्तविक लागत के अनुसार एंबुलेंस: ₹6 प्रति किलोमीटर अन्य (रेस्क्यू) वाहन: ₹6 प्रति किलोमीटर निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त निर्धारित दरों के अनुसार संबंधित जिले द्वारा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह आदेश विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी किया गया है। इस फैसले से नगरी निकायों के बाहर के क्षेत्रों में भी आपातकालीन सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में सहूलियत हो सके।
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    भोपाल। मध्य प्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों की सीमा के बाहर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की उपलब्धता और उनके उपयोग पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों में बताया गया है कि 74वां संविधान संशोधन के तहत जोड़े गए अनुच्छेद 243 (डब्लू ) एवं अनुसूची-12 के क्रमांक 7 के अनुसार अग्निशमन सेवाओं की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। 
साथ ही मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 एवं मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत भी आग से बचाव एवं नियंत्रण का कार्य नगरीय निकायों द्वारा ही किया जाता है।
राज्य शासन के दृष्टि पत्र 2018 के अनुसार ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में, जो नगरीय निकाय सीमा से बाहर आते हैं, वहां भी फायर सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थागत व्यवस्था का निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में अब यह तय किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिले के कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (SDO) नगरीय निकायों के वाहनों का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए निम्न दरें निर्धारित की गई हैं—
फायर ब्रिगेड: ₹150 प्रति घंटा + ₹23 प्रति किलोमीटर
आग बुझाने में उपयोग सामग्री (फोम/ड्राई केमिकल पाउडर): वास्तविक लागत के अनुसार
एंबुलेंस: ₹6 प्रति किलोमीटर
अन्य (रेस्क्यू) वाहन: ₹6 प्रति किलोमीटर
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त निर्धारित दरों के अनुसार संबंधित जिले द्वारा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। 
यह आदेश विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी किया गया है।
इस फैसले से नगरी निकायों के बाहर के क्षेत्रों में भी आपातकालीन सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में सहूलियत हो सके।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter मुलताई, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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