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बाबा खाटू श्याम जी महाराज के परम श्रद्धालु निशान (झंडा) लेकर आस्था, विश्वास और भक्ति के साथ पैदल यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। माना जाता है कि बाबा श्याम के चरणों में निशान अर्पित करना भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। बल्लू टी स्टॉल, जो श्योपुर (मध्य प्रदेश) में प्रसिद्ध है, ने सभी श्याम भक्तों का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया है। बल्लू टी स्टॉल की ओर से सभी पदयात्रियों के लिए प्रेमपूर्वक चाय सेवा समर्पित की गई है। बाबा श्याम जी से प्रार्थना की गई है कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय, सुरक्षित और सफल हो तथा सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण हों। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!
बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
बाबा खाटू श्याम जी महाराज के परम श्रद्धालु निशान (झंडा) लेकर आस्था, विश्वास और भक्ति के साथ पैदल यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। माना जाता है कि बाबा श्याम के चरणों में निशान अर्पित करना भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। बल्लू टी स्टॉल, जो श्योपुर (मध्य प्रदेश) में प्रसिद्ध है, ने सभी श्याम भक्तों का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया है। बल्लू टी स्टॉल की ओर से सभी पदयात्रियों के लिए प्रेमपूर्वक चाय सेवा समर्पित की गई है। बाबा श्याम जी से प्रार्थना की गई है कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय, सुरक्षित और सफल हो तथा सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण हों। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!
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- बाबा खाटू श्याम जी महाराज के परम श्रद्धालु निशान (झंडा) लेकर आस्था, विश्वास और भक्ति के साथ पैदल यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। माना जाता है कि बाबा श्याम के चरणों में निशान अर्पित करना भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। बल्लू टी स्टॉल, जो श्योपुर (मध्य प्रदेश) में प्रसिद्ध है, ने सभी श्याम भक्तों का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया है। बल्लू टी स्टॉल की ओर से सभी पदयात्रियों के लिए प्रेमपूर्वक चाय सेवा समर्पित की गई है। बाबा श्याम जी से प्रार्थना की गई है कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय, सुरक्षित और सफल हो तथा सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण हों। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!1
- श्योपुर जिले के विजयपुर में सोमवार को पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार की खुशियां वापस लौटा दीं। मंडी क्षेत्र से खेलते-खेलते गुम हुई ढाई वर्षीय मासूम बच्ची को विजयपुर थाना पुलिस ने सुरक्षित ढूंढकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जानकारी के अनुसार, पिपरवास गांव निवासी अंकेश धाकड़ की ढाई वर्षीय पुत्री परी धाकड़ अपने परिवार के साथ विजयपुर के मंडी क्षेत्र स्थित मकान पर रह रही थी। सोमवार दोपहर वह घर के बाहर खेलते-खेलते अनजाने में काफी दूर निकल गई और बाड़खेड़ा रोड तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों को बच्ची को अकेला भटकते देख अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने बिना देर किए डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही विजयपुर थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर के निर्देशन में पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। डायल-112 टीम और थाना स्टाफ मौके पर पहुंचा तथा बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर विजयपुर थाने लाया गया। पुलिस ने बच्ची की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों के बाद पता चला कि बच्ची पिपरवास गांव निवासी अंकेश धाकड़ की पुत्री है, जो मंडी क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रही थी। सूचना मिलने पर बच्ची के परिजन थाने पहुंचे। अपनी लाडली को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर, आरक्षक होकम धाकड़, आरक्षक आलोक रावत, आरक्षक जंगजीत कुशवाह और डायल-112 टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बच्ची के परिजनों ने विजयपुर पुलिस और सूचना देने वाले जागरूक नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस मदद नहीं करती, तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। उन्होंने पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की खुलकर प्रशंसा की। यह घटना केवल पुलिस की सक्रियता ही नहीं, बल्कि समाज और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का भी उदाहरण है। समय पर सूचना देने वाले नागरिकों और तत्काल कार्रवाई करने वाली पुलिस की वजह से एक मासूम सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी। विजयपुर पुलिस की यह मानवीय पहल लोगों में विश्वास और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करती है।2
- शेओपुर के विजयपुर थाना क्षेत्र में एक बच्ची मिली है, जिसका नाम परी है। बच्ची ने बताया कि उसकी माता का नाम शशि और पिता का नाम अनिल है। पुलिस ने बच्ची को बाड़खेड़ा रोड से बरामद किया और उसे सुरक्षित विजयपुर थाना लाई। फिलहाल, बच्ची विजयपुर थाने में है। यदि कोई व्यक्ति इस बच्ची को पहचानता है या उसके परिवार, रिश्तेदारी या परिचित का है, तो उसे तत्काल विजयपुर थाना पहुंचकर आवश्यक पहचान और औपचारिकताओं के बाद बच्ची को अपने साथ ले जाने की अनुमति दी जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि बच्ची जल्द से जल्द अपने परिजनों से मिल सके। #सूचना2
- विजयपुर के बाड़खेड़ा रोड पर पुलिस को एक बच्ची मिली है, जिसका नाम परी है। परी ने बताया कि उसकी माता का नाम शशि और पिता का नाम अनिल है। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित विजयपुर थाना लेकर आई है, जहां वह अभी मौजूद है। यदि यह बच्ची आपके परिवार, रिश्तेदारी या परिचित की है, तो कृपया विजयपुर थाना पहुंचकर आवश्यक पहचान एवं औपचारिकताओं के बाद उसे अपने साथ ले जाएं। अधिक से अधिक लोगों तक यह सूचना पहुंचाने में मदद करें, ताकि परी जल्द से जल्द अपने परिजनों से मिल सके। यह अपील बलवीर धाकड़ पत्रकार ने की है, जिनका संपर्क नंबर 8305257787 है।2
- मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कर्ण सिंह वर्मा ने सबलगढ़ में नवनिर्मित शासकीय संदीपनी विद्यालय का लोकार्पण किया। इस भव्य कार्यक्रम में मुरैना-श्योपुर लोकसभा के सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री कमलेश कुशवाह, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ), नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष, थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह विद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ शिक्षा प्राप्त कर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। लोकार्पण के बाद अतिथियों ने विद्यालय भवन का अवलोकन कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल रहा तथा क्षेत्रवासियों ने इसे सबलगढ़ के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।3
- हिंडौन शहर के पत्रकार राजेंद्र कुंभकार की सुपुत्री खुशबू कुंभकार का चयन प्रतिष्ठित एमबीबीएस पाठ्यक्रम में हुआ है। इस उपलब्धि से स्थानीय मीडिया जगत और आसपास के लोगों में खुशी की लहर है। खुशबू की सफलता पर साथी पत्रकारों ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर उनका जोरदार स्वागत व अभिनंदन किया। पत्रकार राजेंद्र ने सोमवार सुबह 9 बजे बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने होनहार बेटी को मिठाई खिलाकर, सफा बंधवाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्रकार कलमुद्दीन खांन ने कहा कि राजेंद्र की बेटी की यह सफलता केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समुदाय के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और लगन के बल पर खुशबू ने यह मुकाम हासिल किया है, जो अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर पत्रकार राजेंद्र कुंभकार ने सभी मीडिया साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपनों के स्नेह और आशीर्वाद से बच्चों का मनोबल बढ़ता है। उन्होंने बेटी के कड़े परिश्रम को इस सफलता का मुख्य श्रेय दिया। समारोह में होनहार बेटी के दादा सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा कर्मचारी पृथ्वी लाल, छोटे दादा हरिचरण प्रजापति, मां हेमलता प्रजापति सहित शहर के वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण मुरारी राजौरा, चरण सिंह डागुर, कलीमुद्दीन खान, मनोज तिवाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता राम लखन सिंह गुर्जर आदि गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने खुशबू कुंभकार को डॉक्टर बनकर समाज और देश की सेवा करने के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- आईएसएसएफ शूटिंग विश्व कप में महिला 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर ईशा सिंह तथा कांस्य पदक जीतने पर मनु भाकर को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। आपके समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने विश्व मंच पर भारत का मान बढ़ाया है। आपकी यह गौरवपूर्ण सफलता भारत की बढ़ती खेल शक्ति और सशक्त नारी शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। यह उपलब्धि देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर हमारी बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास प्रदान करेगी। ईश्वर से आपके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता की मंगलकामना करता हूँ।1
- सेवा भाव के साथ, श्योपुर (मध्य प्रदेश) के बल्लू टी स्टॉल ने एक ट्रॉली की मदद की, जिसके दोनों टायर रास्ते में पंचर हो गए थे। यह घटना बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर की ओर से की गई सेवा का उदाहरण है। मुसाफिरों और किसानों की सहायता करना उनके लिए गर्व की बात है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि सभी की यात्रा सुरक्षित और मंगलमय रहे। बल्लू टी स्टॉल का मानना है कि आपका स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर सेवा, सम्मान और अपनापन के लिए जाना जाता है।1