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राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय प्रयासों के कारण यह पूरा कार्यक्रम सकुशल और बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
Voice of Labour
राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय प्रयासों के कारण यह पूरा कार्यक्रम सकुशल और बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
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- दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार रात यहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसा रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि भारी टोल शुल्क वसूलने के बावजूद टोल की कई लेन अक्सर बंद रहती हैं, जिसके कारण रोजाना हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि पीक ऑवर के दौरान भी पर्याप्त संख्या में टोल लेन चालू नहीं रहतीं, जिसके परिणामस्वरूप निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन एक ही कतार में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। कई यात्रियों ने टोल पार करने के लिए 20 से 40 मिनट तक इंतजार करने की बात कही। इस लगातार लगने वाले जाम से यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, ऐसे में शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर यह बार-बार लगने वाला जाम टोल प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि लगभग रोज की कहानी है। जनता यह सवाल कर रही है कि जब पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है तो सभी लेन चालू क्यों नहीं रखी जातीं और रोजाना लगने वाले इस जाम की जिम्मेदारी कौन लेगा। खैरथल तिजारा लाइव ने मांग की है कि सभी टोल लेन 24 घंटे संचालित की जाएं, पीक ऑवर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, और जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि इस टोल प्लाजा को राजस्थान के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में गिना जाता है, फिर भी यहां सुविधाएं पूरी तरह से फेल हैं। उन्होंने टोल संचालन की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आम यात्रियों को निर्बाध, सुरक्षित और समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित करने की भी मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह और गंभीर रूप ले सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासन, NHAI और टोल प्रबंधन यात्रियों की इस गंभीर परेशानी पर कब संज्ञान लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।1
- कस्बे के लाखोड़ा की ढाणी स्थित 132 केवी जीएसएस ग्रिड पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते शुक्रवार को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। इस दौरान नारायणपुर उपखंड के अंतर्गत आने वाले अनेक गांवों और ढाणियों में करीब तीन घंटे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से इस असुविधा के लिए सहयोग की अपील करते हुए आवश्यक कार्य पहले से ही निपटाने का आग्रह किया है। कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि 132 केवी जीएसएस नारायणपुर के 132 केवी मैन बस पर आवश्यक मेंटेनेंस और तकनीकी रखरखाव कार्य किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इस कार्य के दौरान जीएसएस से निकलने वाले सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इससे नारायणपुर, अजबपुरा, चांदपुरी, कराणा, चतरपुरा सहित अन्य संबंधित फीडरों से जुड़े गांवों और ढाणियों में सुबह 6 बजे से 9 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। विभाग के अनुसार, यह रखरखाव कार्य विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने, तकनीकी खामियों को दूर करने और भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ऐसे कार्य समय-समय पर आवश्यक होते हैं, जो विद्युत उपकरणों की कार्यक्षमता बनाए रखते हैं और आकस्मिक खराबी की संभावना को कम करते हैं। इस अवधि में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कृषि, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, पेयजल आपूर्ति और छोटे उद्योगों पर भी अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है। विद्युत विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में बिजली से जुड़े आवश्यक कार्य पहले ही पूरे कर लें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि रखरखाव कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्य पूर्ण होते ही संबंधित सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द सामान्य बिजली सेवा मिल सके।1
- अलवर ज़िले के किशनगढ़ बास में मोहर्रम का पर्व इस वर्ष अत्यंत अकीदत, शांति और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर, हुसैन की शहादत की याद में आकर्षक ताजियों का जुलूस निकाला गया, जो बाँस, लकड़ी और रंगीन कागज़ से बने हुए थे।1
- एक सामाजिक टिप्पणी में लोगों के बदलते व्यवहार पर निराशा व्यक्त की गई है। इसमें कहा गया है कि जहाँ एक व्यक्ति को बुलावा मिलने पर उसके साथ चार लोग दावतों में पहुँच जाते हैं, वहीं जब कोई सामाजिक कार्य करना होता है, तो लोग अकेले ही आगे बढ़ते हैं। इस स्थिति पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि 'कैसे हो गये लोग!' यह सच्चाई जानने का आह्वान करता है कि कैसे लोगों की प्राथमिकताएँ बदल गई हैं।1
- पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर अपनी बात रखी है।1
- आज अलवर जिले के राजगढ़ रेलवे स्टेशन पर आदिवासी मीना महिला विकास संघ और राजगढ़ जल सेवा टीम (RJST) के सदस्यों ने निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर राहगीरों और स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों के यात्रियों को ठंडा शरबत और जल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। यह सेवा कार्य आदिवासी मीना महिला विकास संघ की अलवर जिलाध्यक्ष श्रीमती सीमा सेहरा और अलवर जिला महासचिव मिथलेश मीना के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस पहल में आदिवासी मीना महिला विकास संघ की प्रदेशाध्यक्ष मंजू जेफ और प्रदेश कार्यकारिणी की अन्य पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। राजगढ़ जल सेवा टीम (RJST) के सदस्यों, जिनमें श्रीमती सुमित्रा भगोट, श्रीमती निधि मीना, श्रीमती अर्चना, हीरा लाल, रामसिंह टहटड़ा, विश्राम सैन, दिनेश गुरुजी और ओमप्रकाश सैनी शामिल थे, ने पूरे दिन बिना रुके इस जल सेवा को जारी रखा। इन सभी सदस्यों ने एकजुट होकर यात्रियों को शरबत और जल पिलाते हुए निर्जला एकादशी का पर्व मनाया।4
- राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सोडावास कस्बे में जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ख्याली पटेल सरस डेरी के सामने वाले मुख्य रास्ते और मैन तिराहे की कॉलोनी में लगातार पानी भरा रहने के कारण विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनका दैनिक आवागमन बाधित हो गया है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, कॉलोनी के लोगों ने सोडावास के ग्राम प्रशासक से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सीमेंट की टाइल वाली सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।1
- अलवर जिले के टपूकड़ा में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है, जहाँ अवैध कब्जों पर 'पीला पंजा' चलाया गया। इस दौरान तहसीलदार शैतान सिंह और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने अतिक्रमण हटाने की पूरी प्रक्रिया का पर्यवेक्षण किया।1
- अलवर जिले की टहला थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इस आरोपी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को शरण देने वाले उसके एक सहयोगी को भी दबोच लिया है। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में मुख्य आरोपी गिर गया, जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार, 24 जून को टहला थाने में नाबालिग बालिका के पिता की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) डॉ. दीपक कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. प्रियंका के निर्देशन में राजगढ़ वृताधिकारी कुलदीप देशराज तथा ग्रामीण वृताधिकारी इंदु लोदी के नेतृत्व में डीएसटी, MATSYA तकनीकी टीम और विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र की सहायता से मुख्य आरोपी की पहचान राहुल कुमार मीना निवासी करनावर, थाना बसवा, जिला दौसा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शरण देने के आरोप में रिंकू मीना निवासी करनावर, थाना बसवा, जिला दौसा को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल के चोरी की होने की बात स्वीकार की है। पुलिस चोरी की बाइक और मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी राहुल मीना के खिलाफ पहले से पोक्सो, चोरी और एनडीपीएस एक्ट सहित चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि रिंकू मीना के खिलाफ चोरी के चार मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी संबंधित थानों से जुटाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में डीएसटी के कांस्टेबल मुरारीलाल मीणा की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, और पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की तत्परता और समन्वित कार्रवाई की सराहना की है।2