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दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार रात यहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसा रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि भारी टोल शुल्क वसूलने के बावजूद टोल की कई लेन अक्सर बंद रहती हैं, जिसके कारण रोजाना हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि पीक ऑवर के दौरान भी पर्याप्त संख्या में टोल लेन चालू नहीं रहतीं, जिसके परिणामस्वरूप निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन एक ही कतार में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। कई यात्रियों ने टोल पार करने के लिए 20 से 40 मिनट तक इंतजार करने की बात कही। इस लगातार लगने वाले जाम से यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, ऐसे में शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर यह बार-बार लगने वाला जाम टोल प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि लगभग रोज की कहानी है। जनता यह सवाल कर रही है कि जब पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है तो सभी लेन चालू क्यों नहीं रखी जातीं और रोजाना लगने वाले इस जाम की जिम्मेदारी कौन लेगा। खैरथल तिजारा लाइव ने मांग की है कि सभी टोल लेन 24 घंटे संचालित की जाएं, पीक ऑवर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, और जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि इस टोल प्लाजा को राजस्थान के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में गिना जाता है, फिर भी यहां सुविधाएं पूरी तरह से फेल हैं। उन्होंने टोल संचालन की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आम यात्रियों को निर्बाध, सुरक्षित और समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित करने की भी मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह और गंभीर रूप ले सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासन, NHAI और टोल प्रबंधन यात्रियों की इस गंभीर परेशानी पर कब संज्ञान लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।

2 hrs ago
user_पत्रकार संदीप यादव
पत्रकार संदीप यादव
Computer Shop Mandawar, Alwar•
2 hrs ago

दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार रात यहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसा रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि भारी टोल शुल्क वसूलने के बावजूद टोल की कई लेन अक्सर बंद रहती हैं, जिसके कारण रोजाना हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि पीक ऑवर के दौरान भी पर्याप्त संख्या में टोल लेन चालू नहीं रहतीं, जिसके परिणामस्वरूप निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन एक ही कतार में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। कई यात्रियों ने टोल पार करने के लिए 20 से 40 मिनट तक इंतजार करने की बात कही। इस लगातार लगने वाले जाम से यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, ऐसे में शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर यह बार-बार लगने वाला जाम टोल प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि लगभग रोज की कहानी है। जनता यह सवाल कर रही है कि जब पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है तो सभी लेन चालू क्यों नहीं रखी जातीं और रोजाना लगने वाले इस जाम की जिम्मेदारी कौन लेगा। खैरथल तिजारा लाइव ने मांग की है कि सभी टोल लेन 24 घंटे संचालित की जाएं, पीक ऑवर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, और जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि इस टोल प्लाजा को राजस्थान के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में गिना जाता है, फिर भी यहां सुविधाएं पूरी तरह से फेल हैं। उन्होंने टोल संचालन की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आम यात्रियों को निर्बाध, सुरक्षित और समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित करने की भी मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह और गंभीर रूप ले सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासन, NHAI और टोल प्रबंधन यात्रियों की इस गंभीर परेशानी पर कब संज्ञान लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।

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  • राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय प्रयासों के कारण यह पूरा कार्यक्रम सकुशल और बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
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    राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय प्रयासों के कारण यह पूरा कार्यक्रम सकुशल और बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • अलवर में गायत्री परिवार ट्रस्ट करौली कुण्ड के तत्वावधान में शुक्रवार को स्कीम नंबर-8 स्थित श्याम बाबा मंदिर परिसर में एक भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सजे इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया और विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति तथा परिवारों की सुख-समृद्धि के लिए दीप प्रज्ज्वलित किए। दीपदान के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि दीपदान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में सद्भावना का संदेश देने का माध्यम है। दीपदान कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद श्रद्धालुओं में आगामी 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है, और उन्होंने समाज में शांति, सद्भावना, नैतिक जागरण तथा मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 से प्रारंभ हुए इस आध्यात्मिक आयोजन के अंतर्गत, शनिवार 27 जून 2026 को प्रातः 8 बजे से श्याम बाबा मंदिर परिसर में 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएँगी, जिसका उद्देश्य मानव जीवन में नैतिकता, संस्कार, आत्मिक उन्नति तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ में पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, परिवार निर्माण, युवा जागरण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष संदेश दिए जाएँगे। यज्ञ के माध्यम से लोगों को वैदिक संस्कृति से जोड़ने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गायत्री परिवार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है, क्योंकि उनका मानना है कि सामूहिक यज्ञ और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।
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    अलवर में गायत्री परिवार ट्रस्ट करौली कुण्ड के तत्वावधान में शुक्रवार को स्कीम नंबर-8 स्थित श्याम बाबा मंदिर परिसर में एक भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सजे इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया और विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति तथा परिवारों की सुख-समृद्धि के लिए दीप प्रज्ज्वलित किए।

दीपदान के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि दीपदान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में सद्भावना का संदेश देने का माध्यम है। दीपदान कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद श्रद्धालुओं में आगामी 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है, और उन्होंने समाज में शांति, सद्भावना, नैतिक जागरण तथा मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 से प्रारंभ हुए इस आध्यात्मिक आयोजन के अंतर्गत, शनिवार 27 जून 2026 को प्रातः 8 बजे से श्याम बाबा मंदिर परिसर में 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएँगी, जिसका उद्देश्य मानव जीवन में नैतिकता, संस्कार, आत्मिक उन्नति तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ में पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, परिवार निर्माण, युवा जागरण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष संदेश दिए जाएँगे। यज्ञ के माध्यम से लोगों को वैदिक संस्कृति से जोड़ने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गायत्री परिवार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है, क्योंकि उनका मानना है कि सामूहिक यज्ञ और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।
    user_जितेन्द्र कुमार यादव
    जितेन्द्र कुमार यादव
    अलवर, अलवर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • हरियाणा के रेवाड़ी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ प्रेमी के लिए अपने ही माता-पिता और छोटी बहन की हत्या कर दी गई।
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    हरियाणा के रेवाड़ी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ प्रेमी के लिए अपने ही माता-पिता और छोटी बहन की हत्या कर दी गई।
    user_Rajbala
    Rajbala
    Local News Reporter रेवाड़ी, रेवाड़ी, हरियाणा•
    15 hrs ago
  • भरत तिवारी जी के साथ हुए वाकये को 'निंदनीय' बताते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि उनके साथ 'गलत' किया गया है। जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस ने कथित तौर पर उनका एनकाउंटर किया और उन्हें गलत तरीके से फंसाया। कहा गया है कि भरत तिवारी सभी जातियों, वर्गों और भाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की गई है, और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की बात कही गई है। इस बीच, अलवर में भरत तिवारी के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है।
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    भरत तिवारी जी के साथ हुए वाकये को 'निंदनीय' बताते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि उनके साथ 'गलत' किया गया है। जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस ने कथित तौर पर उनका एनकाउंटर किया और उन्हें गलत तरीके से फंसाया।

कहा गया है कि भरत तिवारी सभी जातियों, वर्गों और भाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की गई है, और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की बात कही गई है। इस बीच, अलवर में भरत तिवारी के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है।
    user_Sagar Pradeep
    Sagar Pradeep
    Advertising Photographer अलवर, अलवर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • कस्बे के लाखोड़ा की ढाणी स्थित 132 केवी जीएसएस ग्रिड पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते शुक्रवार को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। इस दौरान नारायणपुर उपखंड के अंतर्गत आने वाले अनेक गांवों और ढाणियों में करीब तीन घंटे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से इस असुविधा के लिए सहयोग की अपील करते हुए आवश्यक कार्य पहले से ही निपटाने का आग्रह किया है। कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि 132 केवी जीएसएस नारायणपुर के 132 केवी मैन बस पर आवश्यक मेंटेनेंस और तकनीकी रखरखाव कार्य किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इस कार्य के दौरान जीएसएस से निकलने वाले सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इससे नारायणपुर, अजबपुरा, चांदपुरी, कराणा, चतरपुरा सहित अन्य संबंधित फीडरों से जुड़े गांवों और ढाणियों में सुबह 6 बजे से 9 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। विभाग के अनुसार, यह रखरखाव कार्य विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने, तकनीकी खामियों को दूर करने और भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ऐसे कार्य समय-समय पर आवश्यक होते हैं, जो विद्युत उपकरणों की कार्यक्षमता बनाए रखते हैं और आकस्मिक खराबी की संभावना को कम करते हैं। इस अवधि में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कृषि, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, पेयजल आपूर्ति और छोटे उद्योगों पर भी अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है। विद्युत विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में बिजली से जुड़े आवश्यक कार्य पहले ही पूरे कर लें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि रखरखाव कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्य पूर्ण होते ही संबंधित सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द सामान्य बिजली सेवा मिल सके।
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    कस्बे के लाखोड़ा की ढाणी स्थित 132 केवी जीएसएस ग्रिड पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते शुक्रवार को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। इस दौरान नारायणपुर उपखंड के अंतर्गत आने वाले अनेक गांवों और ढाणियों में करीब तीन घंटे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से इस असुविधा के लिए सहयोग की अपील करते हुए आवश्यक कार्य पहले से ही निपटाने का आग्रह किया है।

कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि 132 केवी जीएसएस नारायणपुर के 132 केवी मैन बस पर आवश्यक मेंटेनेंस और तकनीकी रखरखाव कार्य किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इस कार्य के दौरान जीएसएस से निकलने वाले सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इससे नारायणपुर, अजबपुरा, चांदपुरी, कराणा, चतरपुरा सहित अन्य संबंधित फीडरों से जुड़े गांवों और ढाणियों में सुबह 6 बजे से 9 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी।

विभाग के अनुसार, यह रखरखाव कार्य विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने, तकनीकी खामियों को दूर करने और भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ऐसे कार्य समय-समय पर आवश्यक होते हैं, जो विद्युत उपकरणों की कार्यक्षमता बनाए रखते हैं और आकस्मिक खराबी की संभावना को कम करते हैं। इस अवधि में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कृषि, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, पेयजल आपूर्ति और छोटे उद्योगों पर भी अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है।

विद्युत विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में बिजली से जुड़े आवश्यक कार्य पहले ही पूरे कर लें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि रखरखाव कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्य पूर्ण होते ही संबंधित सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द सामान्य बिजली सेवा मिल सके।
    user_Suresh Kumar Meena
    Suresh Kumar Meena
    Newspaper publisher नारायणपुर, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार रात यहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसा रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि भारी टोल शुल्क वसूलने के बावजूद टोल की कई लेन अक्सर बंद रहती हैं, जिसके कारण रोजाना हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि पीक ऑवर के दौरान भी पर्याप्त संख्या में टोल लेन चालू नहीं रहतीं, जिसके परिणामस्वरूप निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन एक ही कतार में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। कई यात्रियों ने टोल पार करने के लिए 20 से 40 मिनट तक इंतजार करने की बात कही। इस लगातार लगने वाले जाम से यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, ऐसे में शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर यह बार-बार लगने वाला जाम टोल प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि लगभग रोज की कहानी है। जनता यह सवाल कर रही है कि जब पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है तो सभी लेन चालू क्यों नहीं रखी जातीं और रोजाना लगने वाले इस जाम की जिम्मेदारी कौन लेगा। खैरथल तिजारा लाइव ने मांग की है कि सभी टोल लेन 24 घंटे संचालित की जाएं, पीक ऑवर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, और जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि इस टोल प्लाजा को राजस्थान के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में गिना जाता है, फिर भी यहां सुविधाएं पूरी तरह से फेल हैं। उन्होंने टोल संचालन की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आम यात्रियों को निर्बाध, सुरक्षित और समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित करने की भी मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह और गंभीर रूप ले सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासन, NHAI और टोल प्रबंधन यात्रियों की इस गंभीर परेशानी पर कब संज्ञान लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।
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    दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार रात यहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसा रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि भारी टोल शुल्क वसूलने के बावजूद टोल की कई लेन अक्सर बंद रहती हैं, जिसके कारण रोजाना हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि पीक ऑवर के दौरान भी पर्याप्त संख्या में टोल लेन चालू नहीं रहतीं, जिसके परिणामस्वरूप निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन एक ही कतार में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। कई यात्रियों ने टोल पार करने के लिए 20 से 40 मिनट तक इंतजार करने की बात कही। इस लगातार लगने वाले जाम से यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, ऐसे में शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर यह बार-बार लगने वाला जाम टोल प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि लगभग रोज की कहानी है।

जनता यह सवाल कर रही है कि जब पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है तो सभी लेन चालू क्यों नहीं रखी जातीं और रोजाना लगने वाले इस जाम की जिम्मेदारी कौन लेगा। खैरथल तिजारा लाइव ने मांग की है कि सभी टोल लेन 24 घंटे संचालित की जाएं, पीक ऑवर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, और जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि इस टोल प्लाजा को राजस्थान के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में गिना जाता है, फिर भी यहां सुविधाएं पूरी तरह से फेल हैं। उन्होंने टोल संचालन की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आम यात्रियों को निर्बाध, सुरक्षित और समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

चेतावनी दी गई है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह और गंभीर रूप ले सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासन, NHAI और टोल प्रबंधन यात्रियों की इस गंभीर परेशानी पर कब संज्ञान लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop Mandawar, Alwar•
    2 hrs ago
  • पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर अपनी बात रखी है।
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    पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर अपनी बात रखी है।
    user_Khabar Of Point
    Khabar Of Point
    प्रेस रिर्पोटर Pahari, Bharatpur•
    3 hrs ago
  • गुरुग्राम के वार्ड नंबर 2 में ₹10 करोड़ की लागत से कुल 19 विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इन महत्वपूर्ण विकास कार्यों का शिलान्यास गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा और वार्ड नंबर 2 की पार्षद ज्योत्स्ना विपिन यादव ने मिलकर किया। इस समारोह में मेयर राजरानी मल्होत्रा के साथ तिलक राज मल्होत्रा भी उपस्थित रहे।
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    गुरुग्राम के वार्ड नंबर 2 में ₹10 करोड़ की लागत से कुल 19 विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इन महत्वपूर्ण विकास कार्यों का शिलान्यास गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा और वार्ड नंबर 2 की पार्षद ज्योत्स्ना विपिन यादव ने मिलकर किया। इस समारोह में मेयर राजरानी मल्होत्रा के साथ तिलक राज मल्होत्रा भी उपस्थित रहे।
    user_Gaurav kumar
    Gaurav kumar
    Advertising Photographer मानेसर, गुरुग्राम, हरियाणा•
    1 hr ago
  • राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ कस्बे से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-44 पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहाँ नालों का निर्माण पूरा हो चुका है, वहाँ अब तक ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे खुले नाले राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही, नाला निर्माण के कारण सड़क के दोनों ओर की जगह चौड़ी हो गई है, लेकिन बिजली के खंभे अपने पुराने स्थान पर ही खड़े हैं। कई खंभे अब सड़क के बीचों-बीच आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने कुछ खंभों के झुके होने का भी जिक्र किया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका और विद्युत विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सभी खुले नालों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत ढक्कन लगाने और झुके व जर्जर खंभों को बदलने या सीधा करने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई भी राहगीर या वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है, जिसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।
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    राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ कस्बे से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-44 पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहाँ नालों का निर्माण पूरा हो चुका है, वहाँ अब तक ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे खुले नाले राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।

इसके साथ ही, नाला निर्माण के कारण सड़क के दोनों ओर की जगह चौड़ी हो गई है, लेकिन बिजली के खंभे अपने पुराने स्थान पर ही खड़े हैं। कई खंभे अब सड़क के बीचों-बीच आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने कुछ खंभों के झुके होने का भी जिक्र किया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका और विद्युत विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सभी खुले नालों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत ढक्कन लगाने और झुके व जर्जर खंभों को बदलने या सीधा करने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई भी राहगीर या वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है, जिसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।
    user_Ram Mishra
    Ram Mishra
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    21 hrs ago
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