राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ कस्बे से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-44 पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहाँ नालों का निर्माण पूरा हो चुका है, वहाँ अब तक ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे खुले नाले राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही, नाला निर्माण के कारण सड़क के दोनों ओर की जगह चौड़ी हो गई है, लेकिन बिजली के खंभे अपने पुराने स्थान पर ही खड़े हैं। कई खंभे अब सड़क के बीचों-बीच आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने कुछ खंभों के झुके होने का भी जिक्र किया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका और विद्युत विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सभी खुले नालों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत ढक्कन लगाने और झुके व जर्जर खंभों को बदलने या सीधा करने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई भी राहगीर या वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है, जिसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।
राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ कस्बे से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-44 पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहाँ नालों का निर्माण पूरा हो चुका है, वहाँ अब तक ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे खुले नाले राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही, नाला निर्माण के कारण सड़क के दोनों ओर की जगह चौड़ी हो गई है, लेकिन बिजली के खंभे अपने पुराने स्थान पर ही खड़े हैं। कई खंभे अब सड़क के बीचों-बीच आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने कुछ खंभों के झुके होने का भी जिक्र किया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका और विद्युत विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सभी खुले नालों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत ढक्कन लगाने और झुके व जर्जर खंभों को बदलने या सीधा करने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई भी राहगीर या वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है, जिसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।
- राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एक उत्कृष्ट मिसाल कायम की, जो सौहार्दपूर्ण माहौल को दर्शाता है। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय व्यवस्था के कारण ही यह पूरा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सकुशल संपन्न हो सका।1
- अलवर में गायत्री परिवार ट्रस्ट करौली कुण्ड के तत्वावधान में शुक्रवार को स्कीम नंबर-8 स्थित श्याम बाबा मंदिर परिसर में एक भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सजे इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया और विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति तथा परिवारों की सुख-समृद्धि के लिए दीप प्रज्ज्वलित किए। दीपदान के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि दीपदान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में सद्भावना का संदेश देने का माध्यम है। दीपदान कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद श्रद्धालुओं में आगामी 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है, और उन्होंने समाज में शांति, सद्भावना, नैतिक जागरण तथा मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 से प्रारंभ हुए इस आध्यात्मिक आयोजन के अंतर्गत, शनिवार 27 जून 2026 को प्रातः 8 बजे से श्याम बाबा मंदिर परिसर में 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएँगी, जिसका उद्देश्य मानव जीवन में नैतिकता, संस्कार, आत्मिक उन्नति तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ में पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, परिवार निर्माण, युवा जागरण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष संदेश दिए जाएँगे। यज्ञ के माध्यम से लोगों को वैदिक संस्कृति से जोड़ने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गायत्री परिवार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है, क्योंकि उनका मानना है कि सामूहिक यज्ञ और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।4
- भरत तिवारी जी के साथ हुए वाकये को 'निंदनीय' बताते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि उनके साथ 'गलत' किया गया है। जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस ने कथित तौर पर उनका एनकाउंटर किया और उन्हें गलत तरीके से फंसाया। कहा गया है कि भरत तिवारी सभी जातियों, वर्गों और भाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की गई है, और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की बात कही गई है। इस बीच, अलवर में भरत तिवारी के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है।4
- एक व्यक्ति ने हरिद्वार में वस्तुओं की कीमत को लेकर अपनी शिकायत व्यक्त की है। उनके कथन अनुसार, जिस वस्तु की कीमत ₹40 होनी चाहिए, उसे ₹50 में बेचा जा रहा है, जिससे वे कीमतों में अंतर को लेकर असंतुष्ट दिखे।1
- राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय प्रयासों के कारण यह पूरा कार्यक्रम सकुशल और बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।1
- राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ कस्बे से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-44 पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहाँ नालों का निर्माण पूरा हो चुका है, वहाँ अब तक ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे खुले नाले राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही, नाला निर्माण के कारण सड़क के दोनों ओर की जगह चौड़ी हो गई है, लेकिन बिजली के खंभे अपने पुराने स्थान पर ही खड़े हैं। कई खंभे अब सड़क के बीचों-बीच आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने कुछ खंभों के झुके होने का भी जिक्र किया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका और विद्युत विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सभी खुले नालों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत ढक्कन लगाने और झुके व जर्जर खंभों को बदलने या सीधा करने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई भी राहगीर या वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है, जिसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।1