प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की पर हुए हमले की घटना का खुलासा करते हुए, पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। फाफामऊ थाना और एसओजी/सर्विलांस सेल गंगानगर की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और घटना में प्रयुक्त एक कार बरामद की है। पुलिस को 22 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे फाफामऊ क्षेत्रांतर्गत बेला कछार के पास एक युवती पर हमले की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस उपायुक्त गंगानगर और सहायक पुलिस आयुक्त थरवई ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहाँ अब उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। युवती की माँ की तहरीर के आधार पर फाफामऊ थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर घटना के अनावरण के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त थरवई के कुशल नेतृत्व में, फाफामऊ थाने में पंजीकृत मु0अ0सं0-131/2026 से संबंधित दो वांछित अभियुक्तों – मो0 अरबाज उर्फ डैनी (उम्र करीब 19 वर्ष) पुत्र पप्पू और सुहेल अहमद (उम्र करीब 20 वर्ष) पुत्र स्व0 इम्तियाज अहमद – को 24 जून 2026 को रात करीब 8:30 बजे मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 0.315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और वाहन संख्या UP 70 DQ 8726 वाली कार बरामद हुई। साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में धारा-352/3(5) भारतीय न्याय संहिता और 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई, तथा धारा-109 भारतीय न्याय संहिता को धारा-109(1) भारतीय न्याय संहिता में संशोधित कर आगे की कानूनी कार्यवाही की गई है। पूछताछ में पता चला कि पीड़िता और अभियुक्त मो0 अरबाज उर्फ डैनी एक-दूसरे को एक साल से जानते थे और आपस में बातचीत करते थे। 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे पीड़िता अपनी बुआ के साथ फाफामऊ बाजार गई थी, जहाँ उसने डैनी को फोन करके बुलाया। डैनी अपने दोस्त सुहेल अहमद की कार से उसके साथ पहुँचा। पीड़िता और उसकी बुआ गाड़ी में बैठ गईं। डैनी और सुहेल, पीड़िता और उसकी बुआ को पानी टंकी की ओर ले गए, जहाँ कुछ दूर आगे चलकर बुआ को घर के पास उतार दिया। पीड़िता ने घूमने जाने को कहा, जिसके बाद कुछ देर घूमने के पश्चात डैनी ने उसे उसके घर के पास छोड़ दिया। शाम करीब 5:30 बजे, पीड़िता ने फिर से डैनी को फोन करके बुलाया और सुलभ शौचालय के पास से उसके साथ गाड़ी में बैठकर बेला कछार की तरफ चली गई। कछार में टहलते समय पीड़िता ने डैनी के पास तमंचा देखकर उसे चलाकर दिखाने का आग्रह किया। डैनी ने हवा में एक फायर किया, जिसमें गोली नहीं चली, और अगला फायर पीड़िता की तरफ करके चला दिया, जिससे निकली गोली पीड़िता के पैर में जा लगी। गोली लगने के बाद पीड़िता ने अपनी माँ को फोन करके बुलाया और उन्हें झूठी कहानी बताई कि अज्ञात 2-3 लड़कों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया है। डैनी ने अपने परिचय का हवाला देकर लड़की पर परिजनों को झूठी सूचना देने का दबाव बनाया, जिसके चलते लड़की ने शुरू से ही पुलिस को गुमराह किया। अनावरण के लिए गठित टीम ने सर्विलांस के माध्यम से घटना के समय डैनी और पीड़िता के बीच बातचीत पाई। इसके अतिरिक्त, लड़की की बुआ से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से संदिग्ध गाड़ी दिखी, जिससे घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। पीड़िता की माँ ने अपनी तहरीर में धारदार हथियार से हमले की बात कही थी और प्रारंभिक जांच में भी डॉक्टरों ने धारदार हथियार से चोट बताई थी, लेकिन गहन मेडिकल जांच में पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई। अथक प्रयासों और सीसीटीवी, सीडीआर तथा बुआ के बयान की गहन जांच के बाद सत्य घटना सामने आई, जिसकी बाद में आरोपी और पीड़िता दोनों ने पुष्टि की। अभियुक्त सुहेल अहमद भी घटना में मौजूद था और सहयोगी रहा था।
प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की पर हुए हमले की घटना का खुलासा करते हुए, पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। फाफामऊ थाना और एसओजी/सर्विलांस सेल गंगानगर की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और घटना में प्रयुक्त एक कार बरामद की है। पुलिस को 22 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे फाफामऊ क्षेत्रांतर्गत बेला कछार के पास एक युवती पर हमले की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस उपायुक्त गंगानगर और सहायक पुलिस आयुक्त थरवई ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहाँ अब उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। युवती की माँ की तहरीर के आधार पर फाफामऊ थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर घटना के अनावरण के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त थरवई के कुशल नेतृत्व में, फाफामऊ थाने में पंजीकृत मु0अ0सं0-131/2026 से संबंधित दो वांछित अभियुक्तों – मो0 अरबाज उर्फ डैनी (उम्र करीब 19 वर्ष) पुत्र पप्पू और सुहेल अहमद (उम्र करीब 20 वर्ष) पुत्र स्व0 इम्तियाज अहमद – को 24 जून 2026 को रात करीब 8:30 बजे मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 0.315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और वाहन संख्या UP 70 DQ 8726 वाली कार बरामद हुई। साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में धारा-352/3(5) भारतीय न्याय संहिता और 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई, तथा धारा-109 भारतीय न्याय संहिता को धारा-109(1) भारतीय न्याय संहिता में संशोधित कर आगे की कानूनी कार्यवाही की गई है। पूछताछ में पता चला कि पीड़िता और अभियुक्त मो0 अरबाज उर्फ डैनी एक-दूसरे को एक साल से जानते थे और आपस में बातचीत करते थे। 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे पीड़िता अपनी बुआ के साथ फाफामऊ बाजार गई थी, जहाँ उसने डैनी को फोन करके बुलाया। डैनी अपने दोस्त सुहेल अहमद की कार से उसके साथ पहुँचा। पीड़िता और उसकी बुआ गाड़ी में बैठ गईं। डैनी और सुहेल, पीड़िता और उसकी बुआ को पानी टंकी की ओर ले गए, जहाँ कुछ दूर आगे चलकर बुआ को घर के पास उतार दिया। पीड़िता ने घूमने जाने को कहा, जिसके बाद कुछ देर घूमने के पश्चात डैनी ने उसे उसके घर के पास छोड़ दिया। शाम करीब 5:30 बजे, पीड़िता ने फिर से डैनी को फोन करके बुलाया और सुलभ शौचालय के पास से उसके साथ गाड़ी में बैठकर बेला कछार की तरफ चली गई। कछार में टहलते समय पीड़िता ने डैनी के पास तमंचा देखकर उसे चलाकर दिखाने का आग्रह किया। डैनी ने हवा में एक फायर किया, जिसमें गोली नहीं चली, और अगला फायर पीड़िता की तरफ करके चला दिया, जिससे निकली गोली पीड़िता के पैर में जा लगी। गोली लगने के बाद पीड़िता ने अपनी माँ को फोन करके बुलाया और उन्हें झूठी कहानी बताई कि अज्ञात 2-3 लड़कों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया है। डैनी ने अपने परिचय का हवाला देकर लड़की पर परिजनों को झूठी सूचना देने का दबाव बनाया, जिसके चलते लड़की ने शुरू से ही पुलिस को गुमराह किया। अनावरण के लिए गठित टीम ने सर्विलांस के माध्यम से घटना के समय डैनी और पीड़िता के बीच बातचीत पाई। इसके अतिरिक्त, लड़की की बुआ से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से संदिग्ध गाड़ी दिखी, जिससे घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। पीड़िता की माँ ने अपनी तहरीर में धारदार हथियार से हमले की बात कही थी और प्रारंभिक जांच में भी डॉक्टरों ने धारदार हथियार से चोट बताई थी, लेकिन गहन मेडिकल जांच में पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई। अथक प्रयासों और सीसीटीवी, सीडीआर तथा बुआ के बयान की गहन जांच के बाद सत्य घटना सामने आई, जिसकी बाद में आरोपी और पीड़िता दोनों ने पुष्टि की। अभियुक्त सुहेल अहमद भी घटना में मौजूद था और सहयोगी रहा था।
- प्रयागराज के करछना क्षेत्र में ओवरलोड बालू से लदे डंपरों की खेप को पास करवाने में 'पासर गैंग' सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आरोप है कि इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे उनकी कार्रवाई शून्य प्रतीत होती है।1
- प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की पर हुए हमले की घटना का खुलासा करते हुए, पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। फाफामऊ थाना और एसओजी/सर्विलांस सेल गंगानगर की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और घटना में प्रयुक्त एक कार बरामद की है। पुलिस को 22 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे फाफामऊ क्षेत्रांतर्गत बेला कछार के पास एक युवती पर हमले की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस उपायुक्त गंगानगर और सहायक पुलिस आयुक्त थरवई ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहाँ अब उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। युवती की माँ की तहरीर के आधार पर फाफामऊ थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर घटना के अनावरण के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त थरवई के कुशल नेतृत्व में, फाफामऊ थाने में पंजीकृत मु0अ0सं0-131/2026 से संबंधित दो वांछित अभियुक्तों – मो0 अरबाज उर्फ डैनी (उम्र करीब 19 वर्ष) पुत्र पप्पू और सुहेल अहमद (उम्र करीब 20 वर्ष) पुत्र स्व0 इम्तियाज अहमद – को 24 जून 2026 को रात करीब 8:30 बजे मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 0.315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और वाहन संख्या UP 70 DQ 8726 वाली कार बरामद हुई। साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में धारा-352/3(5) भारतीय न्याय संहिता और 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई, तथा धारा-109 भारतीय न्याय संहिता को धारा-109(1) भारतीय न्याय संहिता में संशोधित कर आगे की कानूनी कार्यवाही की गई है। पूछताछ में पता चला कि पीड़िता और अभियुक्त मो0 अरबाज उर्फ डैनी एक-दूसरे को एक साल से जानते थे और आपस में बातचीत करते थे। 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे पीड़िता अपनी बुआ के साथ फाफामऊ बाजार गई थी, जहाँ उसने डैनी को फोन करके बुलाया। डैनी अपने दोस्त सुहेल अहमद की कार से उसके साथ पहुँचा। पीड़िता और उसकी बुआ गाड़ी में बैठ गईं। डैनी और सुहेल, पीड़िता और उसकी बुआ को पानी टंकी की ओर ले गए, जहाँ कुछ दूर आगे चलकर बुआ को घर के पास उतार दिया। पीड़िता ने घूमने जाने को कहा, जिसके बाद कुछ देर घूमने के पश्चात डैनी ने उसे उसके घर के पास छोड़ दिया। शाम करीब 5:30 बजे, पीड़िता ने फिर से डैनी को फोन करके बुलाया और सुलभ शौचालय के पास से उसके साथ गाड़ी में बैठकर बेला कछार की तरफ चली गई। कछार में टहलते समय पीड़िता ने डैनी के पास तमंचा देखकर उसे चलाकर दिखाने का आग्रह किया। डैनी ने हवा में एक फायर किया, जिसमें गोली नहीं चली, और अगला फायर पीड़िता की तरफ करके चला दिया, जिससे निकली गोली पीड़िता के पैर में जा लगी। गोली लगने के बाद पीड़िता ने अपनी माँ को फोन करके बुलाया और उन्हें झूठी कहानी बताई कि अज्ञात 2-3 लड़कों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया है। डैनी ने अपने परिचय का हवाला देकर लड़की पर परिजनों को झूठी सूचना देने का दबाव बनाया, जिसके चलते लड़की ने शुरू से ही पुलिस को गुमराह किया। अनावरण के लिए गठित टीम ने सर्विलांस के माध्यम से घटना के समय डैनी और पीड़िता के बीच बातचीत पाई। इसके अतिरिक्त, लड़की की बुआ से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से संदिग्ध गाड़ी दिखी, जिससे घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। पीड़िता की माँ ने अपनी तहरीर में धारदार हथियार से हमले की बात कही थी और प्रारंभिक जांच में भी डॉक्टरों ने धारदार हथियार से चोट बताई थी, लेकिन गहन मेडिकल जांच में पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई। अथक प्रयासों और सीसीटीवी, सीडीआर तथा बुआ के बयान की गहन जांच के बाद सत्य घटना सामने आई, जिसकी बाद में आरोपी और पीड़िता दोनों ने पुष्टि की। अभियुक्त सुहेल अहमद भी घटना में मौजूद था और सहयोगी रहा था।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े जमीन खरीद विवाद को लेकर ओवैसी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने मोहन यादव का समर्थन सिर्फ इसलिए किया, क्योंकि वे दोनों यादव समुदाय से आते हैं।1
- प्रयागराज में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी क्रम में, श्री राजा उदय प्रताप सिंह सहित कुल 13 व्यक्तियों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 25 जून की सुबह 05 बजे से लेकर 26 जून की रात 09 बजे तक प्रभावी रहेगा। मौके पर स्थानीय पुलिस बल मौजूद है, और आमजन से शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री बृजनन्दन राय ने भी जानकारी दी है।1
- उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री राकेश राठौर गुरुवार शाम प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव पहुंचे, जहाँ हाल ही में एक तिहरे हत्याकांड की घटना हुई थी। उन्होंने पीड़ित परिवार से बंद कमरे में मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री राठौर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मज़बूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अपनी पहचान साहू समाज के बेटे के रूप में बताते हुए समाज के सम्मान के लिए हमेशा खड़े रहने की बात भी कही। इस मुलाकात के दौरान, मंत्री राकेश राठौर ने अपने निजी कोष से पीड़ित परिवार को ₹2 लाख का चेक प्रदान किया। वहीं, साहू समाज की ओर से भी परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी गई।1
- इस बार मोहर्रम का त्योहार गांव और पूरे क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।1
- प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के बरहा कला गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मंदिर में तोड़फोड़ और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां चोरी होने के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस के सामने ही दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। गुरुवार शाम 6:30 बजे हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह घटना 24 जून, 2026 को सुबह करीब 05:30 बजे हुई थी, जिसकी शिकायत गांव के निवासी बसंत लाल उर्फ राजेश ने पुलिस में दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ लोगों ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की और कीमती मूर्तियां चुरा ली थीं। उन्होंने बताया कि तौलन प्रसाद, गीता देवी, आंचल और रीता देवी फावड़ा लेकर मंदिर के सामने पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मंदिर के सामने के खड़ंजा मार्ग और फर्श को तोड़ना शुरू कर दिया। जब बसंत लाल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और गाली-गलौज की गई, जिसके डर से वह अपने घर में घुस गए। इसके बाद आरोपियों ने मंदिर के अंदर रखी लक्ष्मी और गणेश भगवान की मूर्तियां जबरन चुरा लीं। बसंत लाल ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और पुलिस के कुछ समझ पाने से पहले ही उनकी मौजूदगी में जमकर मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर भी चले, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बसंत लाल ने अपने मोबाइल से इस घटना का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।1