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देखें जिला में बिजली को लेकर सांसद अरुण भारती ने क्या कहा शेखपुरा पहुँचे सांसद अरुण भारती ने जिला सभागार में किया विधुत विभाग के समीक्षा बैठक.बैठक में जिला जिलाधिकारी के कई आला अधिकारी मौजूद थे. वहीं बिजली विभाग के जिला के कार्यपालक अभियंता एवं जमुई से आये अधीक्षण अभियंता सहित कई वरिये अधिकारी मौजूद थे.
कुमार सुबिद
देखें जिला में बिजली को लेकर सांसद अरुण भारती ने क्या कहा शेखपुरा पहुँचे सांसद अरुण भारती ने जिला सभागार में किया विधुत विभाग के समीक्षा बैठक.बैठक में जिला जिलाधिकारी के कई आला अधिकारी मौजूद थे. वहीं बिजली विभाग के जिला के कार्यपालक अभियंता एवं जमुई से आये अधीक्षण अभियंता सहित कई वरिये अधिकारी मौजूद थे.
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- चेवाड़ा प्रखंड में पैक्स चुनाव की मतगणना सोमवार की रात्रि शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपिन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि लहना समिति के तहत हुए इस चुनाव में कुल 1046 मत डाले गए। इनमें से 981 मत वैध पाए गए, जबकि 65 मत अमान्य घोषित किए गए। मतगणना के दौरान प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। मतगणना के दौरान प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शंभु कुमार को 603 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंदी राजेश कुमार को 378 मत मिले। इस प्रकार शंभु कुमार ने 225 मतों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं चारी गांव निवासी संभोग सिंह को भी एक अन्य पद के लिए विजयी घोषित किया गया। परिणाम घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया और लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों एवं समर्थकों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे चुनाव एवं मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया है। मतगणना का कार्यक्रम सोमवार की रात्रि 11:00 बजे संपन्न हुआ।3
- शेखपुरा ज़िला के सात प्राथमिक कृषक सहयोग समिति (पैक्स) का मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।सात पैक्सो के 19 मतदान केंद्रों पर सुबह सात से शाम चार बजे तक ग्यारह हजार मतदान अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।इसी कड़ी में शेखपुरा सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय औधे मतदान केंद्र पर महिला और पुरुष मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने कतार में लगे हैं ।सात पैक्स में जारी मतदान को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा का पुख्ता के पुख्ता प्रबंध को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस जवान को लगाया गया है।इस मौके पर सदर प्रखंड के बीडीओ पैक्स चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की बात कही है। जबकि डीएम सहित अन्य अधिकारी विभिन्न बूथों पर घूम घूम कर शांति व्यवस्था की निगरानी कर रहे है।आपको बता दें कि जिले के 10 पैक्स का चुनाव होना है जिसमें तीन पैक्स गगरी,पैन और चकंद्रा पहले निर्विरोध हो चुके है। वाईट - शिव शंकर राय - प्रखंड विकास पदाधिकारी, शेखपुरा3
- धानुक,समाज का बैठक, में, नालंदा जिला, के, आमोद कुमार जी, ने समाज को एक करने के लिए,,,,,1
- सिंथेटिक ड्रग्स वर्तमान समय में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर रहे हैं। ये ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं जिन्हें प्रयोगशालाओं में कृत्रिम रूप से संश्लेषित (Chemical Synthesis) किया जाता है। प्राकृतिक नशीले पदार्थों के विपरीत, इनकी संरचना और प्रभाव अधिक तीव्र एवं अनिश्चित होते हैं। मेथामफेटामिन, एमडीएमए तथा सिंथेटिक कैनाबिनॉइड्स इसके प्रमुख उदाहरण हैं, जो विशेष रूप से युवा वर्ग में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। जैविक दृष्टिकोण से, सिंथेटिक ड्रग्स मानव शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को प्रभावित करते हैं। ये डोपामिन, सेरोटोनिन और नॉरएड्रेनालिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को असामान्य रूप से बढ़ा देते हैं, जिससे व्यक्ति को अस्थायी आनंद (Euphoria) की अनुभूति होती है। हालांकि, यह प्रभाव अल्पकालिक होता है और इसके बाद गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं। शारीरिक रूप से यह हृदय गति (Tachycardia), उच्च रक्तचाप (Hypertension), शरीर के तापमान में वृद्धि (Hyperthermia) और अनिद्रा (Insomnia) जैसी स्थितियों को जन्म देता है। मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी अत्यंत गंभीर होते हैं। नियमित उपयोग से व्यक्ति में अवसाद (Depression), चिंता (Anxiety), भ्रम (Hallucinations) तथा आक्रामक व्यवहार विकसित हो सकता है। लंबे समय तक सेवन करने पर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे निर्णय क्षमता (Decision-making ability) और स्मरण शक्ति (Memory) में गिरावट आती है। यह लत (Addiction) की स्थिति को जन्म देता है, जो एक क्रॉनिक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के रूप में विकसित हो सकता है। सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी सिंथेटिक ड्रग्स का प्रभाव व्यापक है। इसके कारण अपराध दर में वृद्धि, कार्यक्षमता में कमी तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ देखने को मिलता है। परिवारों में विघटन, बेरोजगारी और सामाजिक अस्थिरता जैसी समस्याएं भी इससे जुड़ी होती हैं। विशेष रूप से युवा वर्ग में इसका बढ़ता प्रचलन समाज के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि यह उनकी शिक्षा, करियर और मानसिक विकास को प्रभावित करता है। इस समस्या के नियंत्रण के लिए बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है। जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को इसके दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित करना आवश्यक है। साथ ही, सरकार द्वारा कठोर नीतियों और कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है, ताकि अवैध उत्पादन और तस्करी पर रोक लगाई जा सके। स्वास्थ्य क्षेत्र में डिटॉक्सिफिकेशन, पुनर्वास केंद्रों और मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करना चाहिए, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को पुनः सामान्य जीवन में लाया जा सके। सिंथेटिक ड्रग्स केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक बहुआयामी सामाजिक, आर्थिक और चिकित्सा चुनौती है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नीतिगत हस्तक्षेप और सामाजिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। #होलसेल_रिटेल_ड्रगलाइसेंसआपफार्मासिस्टk_केवल_फार्मासिस्ट_के_नाम_जारी_हो #फार्मेसीएक्ट #PharmacyProfession #DCGI #Dtab #PharmacistUnity #healthcare #pharmacist #SafeWomen #PostViral सरकारी फार्मासिस्ट Bijendra Singh Poonia Pharmacist Shailendra Yaduvanshi Vaidya Acharya Vidhayak Giri MP Pharmacist Association MPPA Bhupendra Kumar Prem Choudhary Surendra Bera Krishna Nayak Vijay Dwivedi1
- यह अद्भुत काम हर कोई कर नहीं सकता और हर किसी के बस की बात नहीं है जब समय मिले जरूर तैयार रहे कब किसका वक्त आज है1
- BJP सरकार बिहार के युवाओं को भेड़-बकरी समझती है क्या?1
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- Post by कुमार सुबिद1
- धानुक समाज का बैठक में, शेखपुरा जिला, के, PAPPU RAJ MANDAL JI, ने बताए, समाज पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ हमने,,1